शिवपाल यादव के पत्र से सियासत का बाजार हुआ गर्म, जानिए इस पत्र में क्या लिखा था

यूपी की राजनीति में एक बार फिर से नया रंग घुलने लगा है। फिर एक बार पत्रों और बयानों का राजनीतिक कलेश देखने को मिल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार जन्माष्टमी के पर्व पर शिवपाल सिंह यादव ने एक पत्र लिखकर अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया है। इस पत्र को अलग-अलग  नजरिए से देखा जा रहा है।

इस पत्र के कई मायने निकाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि जब कोई भी कंस अपने पूज्य पिता को छल बल से अपमानित कर पद से हटाकर पद पाना चाहता है। तो धर्म की रक्षा के लिए मां यशोदा के लाल योगेश्वर श्रीकृष्ण अवश्य अवतार लेते हैं और अपने योग माया से अत्याचारों को दंड देकर धर्म की स्थापना करते हैं। कई राजनीतिक पंडित इस पत्र को अखिलेश यादव से जोड़कर देख रहें हैं।

पत्र में क्या लिखा था

उन्होंने  इस पत्र में लिखा कि पूज्यजन और श्रेष्ठ यदुवंशी वीरों निसंदेह प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया भी ईश्वर द्वारा रचित किसी विराट नियति और विधान का परिणाम है। मेरे यदुवंशी भाइयों और बहनों आप सभी धरा पर धर्म रक्षक श्री कृष्ण विराट व्यक्तित्व की प्रति छाया है। स्वभाविक तौर पर ऐसे में धर्म की रक्षा में आपका दायित्व भी महत्वपूर्ण और शाश्वत है। इसलिए हे श्रेष्ठ वीरों समाज में धर्म की स्थापना शांति सुरक्षा सद्भाव समरसता समन्वय एकता और लोक कल्याण हेतु मैं आप सभी का आह्वान करता हूं।

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