छापेमारी के खिलाफ लालू समर्थकों का हंगामा, CBI पर कसा तंज कहा ‘तोते हैं’

पटना में CBI की 8 सदस्यीय टीम 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पर पहुंची। टीम में महिला और पुरुष अधिकारी दोनों ही शामिल हैं। इस दौरान आवास में किसी को भी आने-जाने से रोक दिया गया है।

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लालू समर्थकों हंगामा

पटना से गोपालगंज तक लालू प्रसाद यादव के 17 ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी चल रही है। सीबीआई छापेमारी के खिलाफ आरजेडी के समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के पटना, गोपालगंज और दिल्ली स्थित जगहों पर ये छापेमारी की जा रही है। सीबीआई छापेमारी के खिलाफ आरजेडी के समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया है। RJD कार्यकर्ता केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लेने के कथित घोटाले में पूर्व रेलमंत्री लालू यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लालू यादव के समर्थक अपने नेता को नई मुसीबत में फंसते हुए देख आक्रोशित हो गए हैं। पटना में आरजेडी के समर्थकों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वहीं, आरजेडी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से सीबीआई को ‘तोता’ कहकर तंज कसा गया है।

राबड़ी आवास पर CBI की 8 सदस्यीय टीम
बता दें पटना में CBI की 8 सदस्यीय टीम 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पर पहुंची। टीम में महिला और पुरुष अधिकारी दोनों ही शामिल हैं। इस दौरान आवास में किसी को भी आने-जाने से रोक दिया गया है। टीम दस्तावेजों को खंगाल रही है। पूर्व CM और लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी से पूछताछ की भी खबर है।

बताया जा रहा है कि चारा घोटाला मामले में जमानत मिलने के कुछ हफ्ते बाद, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर भ्रष्टाचार का मामला है। 2004 से 2009 के बीच रेलमंत्री थे. जब वे रेल मंत्री थे, जब ऐसे कई मामले सामने आए थे कि जॉब के बदले जमीन दी गई थी। इसके बाद सीबीआई ने कार्रवाई शुरू की है।

बता दें सीबीआई की ये कार्रवाई ऐसे वक्त पर हुई, जब कुछ ही हफ्तों पहले लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले से जुड़े डोरंडा ट्रेजरी मामले में जमानत मिली थी। यह मामला डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की निकासी का था। 1990 से 1995 के बीच डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ रुपये की निकासी की गई थी। करीब 27 साल बाद कोर्ट ने इसी साल फरवरी में इस घोटाले पर फैसला सुनाया था, जिसमें लालू यादव को दोषी पाया गया था। इस मामले में लालू यादव को पांच साल की सजा हुई है।

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