कैप्टन का रावत को जवाब- ‘अगर वो अपमान नहीं था तो फिर क्या था’

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चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के पंजाब प्रभारी हरीश रावत के आरोपों को खारिज कर दिया है। आरोपों का जवाब देते हुए कैप्टन ने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें कई बार अपमानित किया और वो “रावत के बर्ताव को समझ नहीं पा रहे हैं।”

सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने उनका बयान ट्वीट करते हुए बताया, “सीएम पद छोड़ने से तीन हफ़्ते पहले मैंने सोनिया गांधी को अपना इस्तीफ़ा सौंपा था लेकिन उन्होंने मुझे पद पर बरकरार रहने के लिए कहा।”

उन्होंने आगे कहा है कि सीएलपी की मीटिंग से कुछ घंटों पहले उन्हें अपमानित कर इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर किया गया। वो मीटिंग उन्हें हटाने के लिए ही बुलाई गई थी।

“दुनिया ने मेरा अपमान होते देखा है, फिर भी रावत आज उलटे दावे कर रहे हैं।”

“अगर वो अपमान नहीं था तो फिर क्या था?”

खुद को मेरी जगह रखें

कैप्टन ने कहा कि रावत को खुद को मेरी जगह पर रखकर देखना चाहिए तब शायद उन्हें एहसास होगा कि पूरी प्रक्रिया जिस तरह से हुई वो कितनी अपमानित थी।

रावत जी ये कह रहे हैं कि गृहमंत्री अमित शाह से मिलने के बाद वो कांग्रेस द्वारा अपमानित किए जाने की बात कर रहे हैं जबकि मैने इस्तीफा देने के तुरन्त बाद ही कहा थी कि मुझे अपमानित महसूस हुआ कि आलाकमान को मुझ पर संदेह है। और यही कारण था जो मैने इस्तीफा दिया।


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पूर्व सीएम ने आगे लिखा है कि रावत ने खुद कई दफा सार्वजनिक तौर पर ये कई दफा माना है कि 2017 विधानसभा चुनाव में किए वादों के मुताबिक सरकार सही रास्ते पर है। इसके बाद 1 सितंबर को उन्होंने ये भी साफ किया था कि अगला चुनाव सिंह के ही नेतृत्व में लड़ा जाएगा।

ऐसी बातों के बाद ये कैसे दावा कर सकते हैं कि नेतृत्व खुश नहीं था और अगर सच में ही नेतृत्व नाखुश था तो मुझे अंधेरे में क्यों रखा गया?

रावत ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि सिंह दबाव में है और वो प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा में शामिल न हों। इसके जवाब में सिंह ने कहा मैं दबाव में पिछले कुछ महीनों से था, और वो दबाव मुझे खुद अपनी पार्टी कांग्रेस से मिल रहा था। इसलिए वो अपमान के बाद लगातार अपमान सहते रहे।

सिद्धू को क्यों दी गई छूट

अगर पार्टी मुझे अपमानित नहीं करना चाहती थी तो फिर क्यों नवजोत सिद्धू को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेरे खिलाफ गलत बाते बोलने की छूट क्यों दी गई। साथ ही पार्टी ने सिद्धू की अगुवाई में विरोधियों को मुझ पर सवाल उठाने की इजाजत क्यों दी।

सिद्धू पर अमरिंदर ने आगे कहा, नवजोत ने पार्टी नेतृत्व पर ऐसा दबाव डाला है कि पार्टी उन्हें रोक नहीं रहा है। पार्टी उन्हें उनके हिसाब से काम करने दे रही है वो भी पंजाब के भविष्य को दांव पर लगाकर ऐसा करने दिया जा रहा है।

रावत पर साधा निशाना

उन्होंने रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे अब आश्चर्य नहीं हो रहा है कि रावत जैसे बड़े कांग्रेसी नेता को मेरी धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठाना पड़ रहा है। यह वाज़े है कि मेरी उस पार्टी में कोई इज्जत नहीं रही, जिस पार्टी के साथ में वर्षों से था।

अमरिंदर ने हरीश रावत के उन आरोपों को भी खारिज किया जहां वो कह रहे हैं कि वो उनका फोन नहीं उठाते थे।

उन्होंने कहा, “मुझे कभी किसी से कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन मैं रावत के बर्ताव को नहीं समझ पा रहा।”

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