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सलूम्बर जिले में पांच दिन में पांच नाबालिग बच्चों की मौत, इलाके में भय का माहौल

Rajasthan News : राजस्थान के सलूम्बर जिले के लसाड़िया ब्लॉक में हाल ही में पांच नाबालिग बच्चों की मौत ने पूरे क्षेत्र में चिंता और भय फैलाया है। मृत बच्चों की उम्र केवल दो से चार साल के बीच थी। परिवारों ने बताया कि बच्चों में अचानक तेज बुखार, उल्टी-दस्त और ऐंठन जैसे लक्षण उभरे, और इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।

प्रभावित क्षेत्र और बच्चों की स्थिति

मृतक बच्चे घाटा और लालपुरा गांव के निवासी थे। परिवारों ने शुरुआत में स्थानीय उपचार करवाया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उन्हें क्रमशः धरियावद अस्पताल, जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़, सलूम्बर जिला अस्पताल और अंत में एमबी अस्पताल उदयपुर ले जाया गया। रास्ते में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि तीन अस्पताल में दम तोड़ बैठे। मृत बच्चों में दीपक मीणा, सीमा, लक्ष्मण मीणा, काजल मीणा और राहुल मीणा शामिल हैं।

जिला प्रशासन ने लिया कड़ा कदम

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पीपी और एसडीएम दिनेश आचार्य मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। कलेक्टर ने मेडिकल टीम को पूरे ब्लॉक का व्यापक सर्वे कर जल्द रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। बीसीएमओ डॉ. सिंटू कुमावत की अगुवाई में विशेष टीम घर-घर जाकर बच्चों की जांच कर रही है और रक्त के नमूने ले रही है। ग्रामीणों को साफ-सफाई बनाए रखने और पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है।

मौतों के कारणों की जांच जारी

अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्चों की मौत का कारण क्या है। चिकित्सा विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि यह किसी वायरल संक्रमण या मौसमी बीमारी का प्रभाव है। प्रशासन ने अफवाहों से बचने और किसी भी लक्षण पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने दिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को प्रभावित गांवों का दौरा करने, मौत के कारण का पता लगाने और बीमारी रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर की विशेषज्ञ टीम को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पूरा ब्योरा लिया और अधिकारियों को सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य और सुरक्षा उपाय

प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की टीम लसाड़िया ब्लॉक और आसपास के गांवों में बुखार के लक्षण वाले बच्चों की गहन स्क्रीनिंग कर रही है। किसी भी बच्चे की स्थिति गंभीर पाए जाने पर उसे जिला चिकित्सालय या मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में तत्काल रेफर किया जाएगा। साथ ही, मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए एंटीलार्वा, फोगिंग और सोर्स रिडक्शन जैसी गतिविधियां शुरू की गई हैं।

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