
West Bengal Elections : पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल 2026 को विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। गृहमंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि वे 15 दिनों तक बंगाल में रहेंगे। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने उन्हें बंगाल के मांसाहारी व्यंजनों का स्वाद लेने का आमंत्रण दिया है, जिससे सियासी माहौल गरमाया है।
टीएमसी का अमित शाह को स्वादिष्ट व्यंजनों का न्योता
टीएमसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि अमित शाह बंगाल में खुले दिल से स्वागत किए जाएंगे और वे यहां जितने दिन चाहें रह सकते हैं। साथ ही पार्टी ने बंगाल की खास लजीज डिशेज जैसे मुड़ी घोंटो, पाबदा माछेर झाल, इलिश भापा, चिंगरी मलाई करी, भेटकी पतुरी और कोशा मंगशो का स्वाद लेने की सलाह दी।
ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला
टीएमसी सुप्रीमो और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा के एक कदम की कड़ी आलोचना की, जिसे उन्होंने मांसाहारी खाने पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश बताया। उन्होंने बिहार के उपमुख्यमंत्री के उस बयान को जनविरोधी और निंदनीय करार दिया जिसमें खुले बाजार में मांस और मछली की बिक्री पर रोक की बात कही गई थी। ममता ने कहा कि इस कदम से सड़कों पर मांस और मछली बेचने वाले छोटे विक्रेताओं की आजीविका प्रभावित होगी।
भाजपा का जवाब: बंगाल के लोग अपनी पसंद से खाएंगे
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी केवल गोमांस की खुली बिक्री का विरोध करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंगाल के लोग मछली और मांस अपने तरीके से खाने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने टीएमसी के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया और कहा कि बंगाल में मछली और मांस की बिक्री जारी रहेगी।
सियासी विवाद के बीच चुनावी लड़ाई जारी
पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले मांसाहारी खाने को लेकर यह विवाद सियासी तूल पकड़ रहा है। दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं और यह मुद्दा आगामी चुनाव में भी गरमाई सियासत का हिस्सा बना हुआ है।
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