<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Supreme Court Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
	<atom:link href="https://hindikhabar.com/topic/supreme-court/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://hindikhabar.com/topic/supreme-court/</link>
	<description>Hindi Khabar: Latest News Breaking News, हिंदी खबर चैनल, Hindi Khabar Live,Hindi News</description>
	<lastBuildDate>Thu, 11 Jun 2026 05:12:37 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.1</generator>

<image>
	<url>https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2024/03/cropped-cropped-digital-logo-png-32x32.png</url>
	<title>Supreme Court Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
	<link>https://hindikhabar.com/topic/supreme-court/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन खारिज मामला SC पहुंचा, देर रात याचिका दाखिल</title>
		<link>https://hindikhabar.com/meenakshi-natarajans-rajya-sabha-nomination-rejected-case-reaches-sc-petition-filed-late-night/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ajay Yadav]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Jun 2026 05:01:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[election dispute]]></category>
		<category><![CDATA[HindiKhabar]]></category>
		<category><![CDATA[Meenakshi Natarajan]]></category>
		<category><![CDATA[Nomination Rejection]]></category>
		<category><![CDATA[Rajya Sabha Nomination]]></category>
		<category><![CDATA[SC Petition]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006417575</guid>

					<description><![CDATA[Meenakshi Natarajan : कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र खारिज किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस संबंध में बुधवार (10 जून, 2026) देर रात एक याचिका दायर की गई. बताया जा रहा है कि उनके वकील गुरुवार सुबह 10:30 बजे अदालत के समक्ष मामले &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Meenakshi Natarajan : </strong>कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र खारिज किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस संबंध में बुधवार (10 जून, 2026) देर रात एक याचिका दायर की गई. बताया जा रहा है कि उनके वकील गुरुवार सुबह 10:30 बजे अदालत के समक्ष मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर सकते हैं.</p>



<p>मध्य प्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया गया. रिटर्निंग ऑफिसर ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की आपत्ति को स्वीकार करते हुए यह फैसला लिया. आपत्ति में कहा गया था कि नटराजन ने तेलंगाना में उनके खिलाफ लंबित एक आपराधिक मामले का उल्लेख अपने नामांकन पत्र में नहीं किया.</p>



<h3 class="wp-block-heading">हैदराबाद कोर्ट नोटिस का जिक्र नहीं किया गया</h3>



<p>नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है. पार्टी का कहना है कि यह निर्णय नियमों के अनुरूप नहीं है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद तीसरी राज्यसभा सीट हासिल करने के लिए बीजेपी ने यह रणनीति अपनाई है.</p>



<p>रिटर्निंग ऑफिसर के अनुसार, वर्ष 2025 में हैदराबाद की एक अदालत से जारी नोटिस के संबंध में मीनाक्षी नटराजन अपना जवाब दाखिल कर चुकी थीं. हालांकि, उन्होंने नामांकन के साथ जमा किए गए फॉर्म-26 में इस मामले का कोई उल्लेख नहीं किया. इसी आधार पर उनके नामांकन को अधूरा मानते हुए खारिज कर दिया गया.</p>



<h3 class="wp-block-heading">केवल नोटिस जारी होना लंबित मामला नहीं</h3>



<p>वहीं कांग्रेस का तर्क है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है, जिसे नामांकन में अनिवार्य रूप से घोषित किया जाना चाहिए था. पार्टी का कहना है कि अब तक किसी निजी मामले में उनके खिलाफ किसी अदालत द्वारा संज्ञान लिए जाने की स्थिति सामने नहीं आई है और केवल नोटिस जारी होने को लंबित आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता.</p>



<p>दूसरी ओर, बीजेपी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार उम्मीदवारों को अपने खिलाफ लंबित मामलों की पूरी जानकारी देना अनिवार्य है. पार्टी के अनुसार, जानकारी का खुलासा न करके मीनाक्षी नटराजन ने निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया.</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें –&nbsp;</strong><a href="http://xn--%20%20%20%20%20%20,%20%20%20%20%20%20%20%20%20-jk8fpan71aib88a6a8h4cdhi3ad1fpv7jj8hvebd2a5job5qa4aj0m6bzdix84afynoflf3c3atpge96d3an6kotsa63260dlda/">‘सरकारी राशन’ ने ली पत्नी की जान, प्रेम विवाह के छह साल बाद पति बना हैवान</a></p>



<p><strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">Hindi Khabar App:</a>&nbsp;देश,&nbsp;राजनीति,&nbsp;टेक,&nbsp;बॉलीवुड,&nbsp;राष्ट्र,&nbsp;&nbsp;बिज़नेस,&nbsp;ज्योतिष,&nbsp;धर्म-कर्म,&nbsp;खेल,&nbsp;ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए.<a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">&nbsp;हिन्दी ख़बर ऐप</a></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>NEET-UG Paper Leak : सुप्रीम कोर्ट ने लगाई NTA को फटकार, कहा- UPSC और IIT जैसे विशेषज्ञों से सीखना चाहिए</title>
		<link>https://hindikhabar.com/neet-ug-paper-leak-sc-warns-nta-learn-from-upsc-iit/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 14:27:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[education news]]></category>
		<category><![CDATA[Exam Safety]]></category>
		<category><![CDATA[NEET Exam 2026]]></category>
		<category><![CDATA[NEET leak]]></category>
		<category><![CDATA[NEET-UG Paper Leak]]></category>
		<category><![CDATA[NTA]]></category>
		<category><![CDATA[Re Exam]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006416568</guid>

					<description><![CDATA[NEET-UG Paper Leak : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक मामले में कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, इस तरह की घटनाओं को रोका नहीं जा सकता। कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से सवाल किया कि UPSC जैसी बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक नहीं होता, ऐसे में NTA &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>NEET-UG Paper Leak :</strong> सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक मामले में कहा कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, इस तरह की घटनाओं को रोका नहीं जा सकता। कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से सवाल किया कि UPSC जैसी बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक नहीं होता, ऐसे में NTA को उनसे सीखने की जरूरत है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">शिक्षा मंत्रालय से मांगा जांच प्रक्रिया का ब्यौरा</h3>



<p>सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद NEET-UG पेपर लीक की जांच पर नजर रख रहे हैं ताकि कोई चूक न हो। जस्टिस नरसिम्हा की पीठ ने शिक्षा मंत्रालय से जांच प्रक्रिया का विस्तृत ब्यौरा मांगा। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि पेपर लीक के बाद बड़े स्तर पर सुधार किए गए हैं और री-टेस्ट के लिए नए सुरक्षा उपाय अपनाए गए हैं।</p>



<p>देशभर में 3 मई को NEET-UG परीक्षा हुई थी, लेकिन 7 मई को पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। री-एग्जाम अब 21 जून को आयोजित किया जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कमियों को री-टेस्ट से पहले किया जाएगा दूर</h3>



<p>सुप्रीम कोर्ट ने NTA को भंग करने वाली याचिकाओं की सुनवाई के दौरान 2024 में बनाए गए हाई-पावर मॉनिटरिंग कमेटी के प्रमुख और पूर्व ISRO प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन से पूछा कि सिफारिशों के बावजूद इस बार यह विफल क्यों हुई। राधाकृष्णन ने कहा कि अधिकांश सिफारिशें लागू की जा चुकी हैं, NEET-PG 2025 सफल रहा और इस साल सामने आई कमियों को री-टेस्ट से पहले दूर किया जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछे सवाल</h3>



<p>कोर्ट ने कहा कि NTA अभी स्थायी और मजबूत संस्था की तरह काम नहीं कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि NTA को मजबूत बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे और सुझाव दिया कि IIT और अन्य विशेषज्ञों की मदद ली जाए ताकि भविष्य में परीक्षाओं को सुरक्षित ढंग से आयोजित किया जा सके।</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/vande-bharat-vs-hydrogen-train-speed-design-technology-comparison/">वंदे भारत vs हाइड्रोजन ट्रेन, जानें स्पीड, डिजाइन और टेक्नोलॉजी में कौन है सबसे बेस्ट</a></p>



<p><strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">Hindi Khabar App:</a> देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए.<a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar"> हिन्दी ख़बर ऐप</a></strong> </p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- यह चुनाव आयोग का अधिकार, एसआईआर प्रक्रिया कानूनी तौर पर सही</title>
		<link>https://hindikhabar.com/supreme-court-big-decision-on-sir-says-it-is-election-commissions-right-sir-process-legally-valid/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 May 2026 06:33:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar Elections]]></category>
		<category><![CDATA[Election Commission]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[SIR process]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<category><![CDATA[Voter List Reform]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006416365</guid>

					<description><![CDATA[Supreme Court on SIR : सुप्रीम कोर्ट ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर बड़ा फैसला दिया है। SC ने कहा कि यह चुनाव आयोग (ECI) का अधिकार और उनकी शक्तियों के तहत सही फैसला है। बता दें कि बिहार में यह प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसे चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Supreme Court on SIR :</strong> सुप्रीम कोर्ट ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर बड़ा फैसला दिया है। SC ने कहा कि यह चुनाव आयोग (ECI) का अधिकार और उनकी शक्तियों के तहत सही फैसला है। बता दें कि बिहार में यह प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसे चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यह सामान्य संशोधन प्रक्रिया से अलग है और मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मतदाता सूची को शुद्ध और निष्पक्ष बनाना लक्ष्य</h3>



<p>सुप्रीम कोर्ट ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वैध और संवैधानिक करार दिया था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची को शुद्ध और निष्पक्ष बनाने के लिए विशेष प्रक्रिया अपनाने का पूरा अधिकार है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">संविधान या कानून के खिलाफ नहीं</h3>



<p>कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर अलग प्रक्रिया अपनाना संविधान या कानून के खिलाफ नहीं माना जा सकता।</p>



<h3 class="wp-block-heading">शक्तियों के दायरे में रहकर प्रक्रिया</h3>



<p>सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि SIR का उद्देश्य सीधे तौर पर लोकतांत्रिक और निष्पक्ष चुनाव के संवैधानिक लक्ष्य से जुड़ा हुआ है। अदालत के अनुसार आयोग अपनी वैधानिक शक्तियों के दायरे में रहकर ही यह प्रक्रिया चला रहा है और इसे “अल्ट्रा वायर्स” नहीं कहा जा सकता।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पात्रता को लेकर संदेह होता है तो…</h3>



<p>फैसले में यह भी कहा गया कि SIR के दौरान 11 दस्तावेजों पर विचार किया गया है और आधार कार्ड को भी शामिल किया गया है, इसलिए यह दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता कि दस्तावेजों की सूची मनमानी है। मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि यदि किसी व्यक्ति की पात्रता को लेकर संदेह होता है, तो चुनाव आयोग उसे कानून के अनुसार संबंधित सक्षम प्राधिकारी के पास भेज सकता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">चुनाव आयोग की शक्तियां बरकरार रहेंगी</h3>



<p>कोर्ट ने कहा कि पूरी SIR प्रक्रिया कानून के अनुरूप है और इसमें किसी प्रकार की खामी नहीं पाई गई है। साथ ही चुनाव आयोग की शक्तियां बरकरार रहेंगी और उसने अपने अधिकारों का दुरुपयोग नहीं किया है। इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि चुनाव आयोग के पास इतने बड़े स्तर पर SIR कराने का अधिकार नहीं है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज कर दिया।</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/rcb-thumping-win-patidar-joins-captains-like-dhoni-rohit-sharma-beats-gujarat-by-92-runs/">RCB की धमाकेदार जीत, पाटीदार- धोनी, रोहित शर्मा जैसे दिग्गज कप्तानों में हुए शामिल, गुजरात को 92 रन से हराया</a></p>



<p><strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">Hindi Khabar App:</a> देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए.<a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar"> हिन्दी ख़बर ऐप</a></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Twisha Sharma Last Rites : पंचतत्व में विलीन हुई एक्ट्रेस Twisha Sharma, भाई ने दी मुखाग्नि</title>
		<link>https://hindikhabar.com/twisha-sharma-last-rites-actress-laid-to-rest-brother-performed-last-rites/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 13:20:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[क्राइम]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Bhopal news]]></category>
		<category><![CDATA[breaking news]]></category>
		<category><![CDATA[CBI Inquiry]]></category>
		<category><![CDATA[Justice For Twisha]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<category><![CDATA[Twisha Sharma]]></category>
		<category><![CDATA[Twisha Sharma Last Rites]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006416171</guid>

					<description><![CDATA[Twisha Sharma Last Rites : टीवी और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी अभिनेत्री ट्विशा शर्मा का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। भोपाल के भदभदा श्मशान घाट में उनके भाई मेजर हर्षित ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य भावुक नजर आए और गमगीन रहे। #WATCH मध्य प्रदेश &#124; भोपाल के श्मशान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Twisha Sharma Last Rites :</strong> टीवी और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी अभिनेत्री ट्विशा शर्मा का रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। भोपाल के भदभदा श्मशान घाट में उनके भाई मेजर हर्षित ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य भावुक नजर आए और गमगीन रहे।</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> मध्य प्रदेश | भोपाल के श्मशान घाट पर ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। <a href="https://t.co/G9K6Cq1m2p">pic.twitter.com/G9K6Cq1m2p</a></p>&mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href="https://twitter.com/AHindinews/status/2058511810878419004?ref_src=twsrc%5Etfw">May 24, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<h3 class="wp-block-heading">जांच से जुड़े सैंपल रखे गए सुरक्षित</h3>



<p>अंतिम संस्कार से पहले दिल्ली AIIMS की मेडिकल टीम ने भोपाल AIIMS में ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया। करीब तीन घंटे चली इस प्रक्रिया के बाद टीम वापस दिल्ली रवाना हो गई। जांच से जुड़े सैंपल और विसरा भोपाल AIIMS में सुरक्षित रखे गए हैं। बताया जा रहा है कि मेडिकल रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में संबंधित एजेंसियों को सौंपी जाएगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत</h3>



<p>गौरतलब है कि 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके वालों ने पति और अन्य ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है।</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr">VIDEO | Twisha Sharma death: Brother performs last rites at Bhadbhada cremation ground in Bhopal.<br><br>(Full video available on PTI Videos &#8211; <a href="https://t.co/n147TvrpG7">https://t.co/n147TvrpG7</a>) <a href="https://t.co/NYciI1rliK">pic.twitter.com/NYciI1rliK</a></p>&mdash; Press Trust of India (@PTI_News) <a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2058517199665713229?ref_src=twsrc%5Etfw">May 24, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<h3 class="wp-block-heading">सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: लिया संज्ञान</h3>



<p>मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस केस का स्वत: संज्ञान लिया है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को चीफ जस्टिस की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर सकती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ट्विशा के पति को सात दिन की पुलिस रिमांड</h3>



<p>इधर, ट्विशा के पति समर्थ को शनिवार को भोपाल जिला अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अदालत ने उसका पासपोर्ट जब्त करने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं, सास गिरिबाला की जमानत रद्द करने को लेकर भी अदालत में आवेदन दायर किया गया है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। इस बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की जांच CBI से कराने पर सहमति जताई है।</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/lucknow-upsc-aspirant-gangrape-case-police-investigation-continues/">Lucknow : UPSC की तैयारी कर रही युवती से लखनऊ में गैंगरेप, जांच में जुटी पुलिस</a></p>



<p><strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">Hindi Khabar App:</a> देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए.<a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar"> हिन्दी ख़बर ऐप</a></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आवारा कुत्तों संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को पंजाब सरकार पूरे राज्य में पूरी तरह लागू करेगी- सीएम मान</title>
		<link>https://hindikhabar.com/punjab-government-implement-supreme-court-orders-stray-dogs-cm-mann/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 22 May 2026 14:26:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Animal welfare]]></category>
		<category><![CDATA[cm mann]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab Government]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab News]]></category>
		<category><![CDATA[Stray dogs]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006416022</guid>

					<description><![CDATA[Stray Dogs Issue : पंजाब के कई हिस्सों में आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब सरकार लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ पशुओं की देखभाल सुनिश्चित करते हुए आवारा कुत्तों संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को पूरी तरह लागू करेगी। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Stray Dogs Issue :</strong> पंजाब के कई हिस्सों में आवारा कुत्तों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब सरकार लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ पशुओं की देखभाल सुनिश्चित करते हुए आवारा कुत्तों संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को पूरी तरह लागू करेगी।</p>



<p>बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों को सार्वजनिक स्थानों पर बिना किसी डर के घूमने-फिरने योग्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आवारा कुत्तों को अधिक भीड़भाड़ वाली जगहों से हटाया जाएगा और उनकी उचित देखभाल के लिए आवश्यक शेल्टर होम बनाए और संचालित किए जाएंगे। उन्होंने मानव जीवन और पशु कल्याण दोनों की सुरक्षा के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।</p>



<h3 class="wp-block-heading">भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों से हटाया जाएगा</h3>



<p>सुप्रीम कोर्ट द्वारा 19 मई 2026 को जारी निर्देशों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए पहले ही आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने आगे कहा, “सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आवारा कुत्तों को सभी अधिक भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों से हटाया जाएगा ताकि बच्चे, बुजुर्ग और परिवार बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से घूम सकें।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">सरकार कानूनी समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध</h3>



<p>मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार आवश्यक संख्या में डॉग शेल्टर (आश्रय गृह) बनाएगी और उनकी देखभाल करेगी, जहां आवारा कुत्तों की उचित तरीके से देखभाल की जा सकेगी। उन्होंने पुष्टि की कि सरकार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ इस मुद्दे का मानवीय और कानूनी समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">नियमों का सख्ती से किया जाएगा पालन</h3>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा, “रेबीज और लाइलाज बीमारी से पीड़ित या ऐसे कुत्ते जो अत्यधिक खतरनाक हैं और मानव जीवन के लिए खतरा बने हुए हैं, के मामलों में कानूनी रूप से स्वीकृत कदम, जिनमें दर्दरहित मृत्यु भी शामिल है, के संबंध में पशुओं पर क्रूरता निवारण अधिनियम और एबीसी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई करना जरूरी</h3>



<p>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस कदम से पूरे पंजाब के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाओं ने नागरिकों में व्यापक चिंता पैदा की है, जिसके कारण पंजाब सरकार के लिए इस मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई करना जरूरी हो गया था।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">जन सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को दी जाएगी प्राथमिकता</h3>



<p>जनकल्याण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार के हर फैसले का उद्देश्य आम आदमी की भलाई और पंजाब की प्रगति सुनिश्चित करना है। उन्होंने आगे कहा, “जन सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण मामलों को पंजाब सरकार द्वारा हमेशा प्राथमिकता दी जाती है।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">आवश्यक संख्या में बनाए जाएंगे आश्रय गृह</h3>



<p>एक्स पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “पंजाब सरकार 19 मई] 2026 को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का यथावत पालन करेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार, हम सभी अधिक भीड़भाड़ वाली सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाएंगे ताकि बच्चे, बुजुर्ग नागरिक और परिवार अपनी सुरक्षा के डर के बिना स्वतंत्र रूप से घूम-फिर सकें। हम कुत्तों के लिए आवश्यक संख्या में आश्रय गृह बनाएंगे और उनकी देखभाल करेंगे, जहां इन आवारा कुत्तों की उचित तरीके से देखभाल की जा सके।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">एबीसी नियमों का किया जाएगा पालन</h3>



<p>उन्होंने लिखा, “रेबीज़ और लाइलाज बीमारी से पीड़ित या खतरनाक कुत्तों, जो मानव जीवन के लिए खतरा हैं, के मामलों में कानूनी रूप से स्वीकृत कदम उठाए जाएंगे, जिनमें दर्दरहित मृत्यु भी शामिल है। इसके लिए पशुओं पर क्रूरता निवारण अधिनियम और एबीसी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा।”</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/twisha-sharma-husband-samarth-singh-surrender-interrogation-postmortem/">Twisha Sharma के पति समर्थ स&#x200d;िंह ने किया सरेंडर, अब पूछताछ में खुलेंगे राज़, दूसरा पोस्टमॉर्टम तय</a></p>



<p><strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">Hindi Khabar App:</a> देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए.<a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar"> हिन्दी ख़बर ऐप</a></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आवारा कुत्तों को लेकर SC का बड़ा फैसला, डॉग लवर्स की याचिका खारिज, खतरनाक कुत्तों को लेकर सख्त आदेश</title>
		<link>https://hindikhabar.com/supreme-court-big-decision-on-stray-dogs-dog-lovers-petition-rejected/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 May 2026 07:07:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi NCR]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Animals]]></category>
		<category><![CDATA[Dog Bite]]></category>
		<category><![CDATA[Stray dogs]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court On Stray Dogs]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court Stray Dogs]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006415679</guid>

					<description><![CDATA[Supreme Court On Stray Dogs : आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उन सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिनमें सार्वजनिक स्थानों से कुत्तों को हटाने संबंधी दिशा-निर्देशों में बदलाव की मांग की गई थी। अदालत ने साफ कहा कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Supreme Court On Stray Dogs :</strong> आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उन सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिनमें सार्वजनिक स्थानों से कुत्तों को हटाने संबंधी दिशा-निर्देशों में बदलाव की मांग की गई थी। अदालत ने साफ कहा कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे संवेदनशील इलाकों में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">बढ़ती घटनाओं को नहीं किया जा सकता नज़रअंदाज़</h3>



<p>याचिकाकर्ताओं की मांग थी कि एनिमल वेलफेयर बोर्ड द्वारा जारी SOPs में संशोधन किया जाए, ताकि आवारा कुत्तों को इन जगहों से हटाने के निर्देश वापस लिए जा सकें। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और कहा कि कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।</p>



<h3 class="wp-block-heading">बढ़ती संख्या के लिए बनाएं मजबूत व्यवस्था</h3>



<p>कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी फटकार लगाते हुए कहा कि अगर Animal Birth Control नियमों का सही तरीके से पालन किया गया होता, तो हालात इतने गंभीर नहीं होते। अदालत ने निर्देश दिया कि सभी राज्य मिलकर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट मामलों से निपटने के लिए मजबूत व्यवस्था तैयार करें।</p>



<h3 class="wp-block-heading">चार महीनों में दो लाख डॉग बाइट केस</h3>



<p>सुनवाई के दौरान अदालत के सामने कई चिंताजनक आंकड़े भी रखे गए। बताया गया कि राजस्थान के श्रीगंगानगर में सिर्फ एक महीने के भीतर 1,084 लोगों को कुत्तों ने काटा, जबकि तमिलनाडु में पिछले चार महीनों में करीब दो लाख डॉग बाइट के मामले सामने आए।</p>



<h3 class="wp-block-heading">लोगों की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी</h3>



<p>सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और संस्थागत क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/malerkotla-jali-currency-module-busted-5-50-lakh-nakli-notes-char-giraftar/">मलेरकोटला में जाली करेंसी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 5.50 लाख रुपये की नकली करेंसी सहित चार काबू</a></p>



<p><strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">Hindi Khabar App:</a> देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए.<a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar"> हिन्दी ख़बर ऐप</a></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महिलाओं के धार्मिक अधिकारों पर SC में समीक्षा सुनवाई शुरू, इन मुद्दों पर रहेगा फोकस</title>
		<link>https://hindikhabar.com/sc-review-hearing-women-religious-rights-focus-issues/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanti Kumari]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 07:12:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[constitutional rights]]></category>
		<category><![CDATA[Court ruling]]></category>
		<category><![CDATA[fast verdict]]></category>
		<category><![CDATA[gender equality]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[Judiciary]]></category>
		<category><![CDATA[landmark case]]></category>
		<category><![CDATA[legal news]]></category>
		<category><![CDATA[Religious Freedom]]></category>
		<category><![CDATA[Religious Places]]></category>
		<category><![CDATA[review hearing]]></category>
		<category><![CDATA[Sabarimala]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<category><![CDATA[women entry]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006411598</guid>

					<description><![CDATA[Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार से केरल के सबरीमाला मंदिर समेत विभिन्न धर्मों में और धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश अधिकार और धार्मिक समानता से जुड़े मामलों की सुनवाई शुरू कर दी है। इस सुनवाई में मुख्य फोकस केरल के सबरीमाला मंदिर पर 2018 के फैसले की समीक्षा याचिकाओं पर है। 9 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Supreme Court : </strong>सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार से  केरल के सबरीमाला मंदिर समेत विभिन्न धर्मों में और धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश अधिकार और धार्मिक समानता से जुड़े मामलों की सुनवाई शुरू कर दी है। इस सुनवाई में मुख्य फोकस केरल के सबरीमाला मंदिर पर 2018 के फैसले की समीक्षा याचिकाओं पर है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>9 </strong><strong>जजों की संविधान पीठ करेगी सुनवाई</strong><strong></strong></h3>



<p>मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में गठित नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सभी पक्षों से कहा कि वे तय समयसीमा का पालन करें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि संवेदनशील मामलों की संख्या अधिक है, इसलिए कोई अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा।</p>



<p>बता दें कि न्यायाधीश: बी.वी. नागरथना, एम.एम. सुंदरश, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, अरविंद कुमार, ए.जी. मसिह, प्रसन्न बी. वराले, आर. महादेवन और जोयमलया बागची पीठ में शामिल हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>सबरीमाला पर केंद्रित समीक्षा</strong><strong></strong></h3>



<p>2018 में सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को सभी आयु वर्ग में भगवान अयप्पा मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी थी। अब इस फैसले के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर चर्चा होगी और संबंधित संवैधानिक सवालों को भी देखा जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>धार्मिक स्वतंत्रता के अन्य मुद्दे</strong><strong></strong></h3>



<p>सुनवाई में सबरीमाला के अलावा कई अन्य मामलों पर भी विचार होगा, जैसे:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>मस्जिद और दरगाह में महिलाओं का प्रवेश</li>



<li>पारसी महिलाओं का अग्नि मंदिरों में प्रवेश अधिकार</li>



<li>बहिष्कृत करने की प्रथाओं की वैधता</li>



<li>दाऊदी बोहरा समुदाय में महिला जननांग विकृति की कानूनी वैधता</li>
</ul>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>सुनवाई का शेड्यूल</strong><strong></strong></h3>



<p>सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए समय-सारणी तय की है:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>7-9 अप्रैल: समीक्षा याचिकाओं का समर्थन</li>



<li>14-16 अप्रैल: विरोध करने वाले पक्ष</li>



<li>21 अप्रैल: जवाबी दलीलें</li>



<li>22 अप्रैल: अंतिम दलीलें (एमिकस क्यूरी)</li>
</ul>



<p>सभी पक्षों को लिखित दलीलें पहले से जमा करने का निर्देश दिया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>पक्षों के तर्क</strong><strong></strong></h3>



<p>त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने अदालत से कहा कि धार्मिक मामलों में समुदाय की मान्यताओं का सम्मान किया जाना चाहिए और आस्था-आधारित प्रथाओं की व्याख्या करते समय सतर्कता बरती जाए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार समीक्षा याचिकाओं का समर्थन करती है।</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें &#8211; </strong><a href="http://पंजाब के परिवहन क्षेत्र के विकास में तेजी, CM मान ने PRTC फ्लीट में 250 नई बसों को दिखाई हरी झंडी">पंजाब के परिवहन क्षेत्र के विकास में तेजी, CM मान ने PRTC फ्लीट में 250 नई बसों को दिखाई हरी झंडी</a></p>



<p><strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">Hindi Khabar App:</a>&nbsp;देश,&nbsp;राजनीति,&nbsp;टेक,&nbsp;बॉलीवुड,&nbsp;राष्ट्र,&nbsp;&nbsp;बिज़नेस,&nbsp;ज्योतिष,&nbsp;धर्म-कर्म,&nbsp;खेल,&nbsp;ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए.<a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">&nbsp;हिन्दी ख़बर ऐप</a></strong></p>



<p><a href="https://www.facebook.com/sharer.php?u=https://hindikhabar.com/uproar-in-dumka-court-premises-first-wives-lash-out-at-second-marriage/" rel="noreferrer noopener" target="_blank"></a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत में पहली बार इच्छामृत्यु की प्रक्रिया शुरू, एम्स लाए गए हरीश राणा, हटाया जाएगा लाइफ सपोर्ट</title>
		<link>https://hindikhabar.com/india-first-passive-euthanasia-process-harish-rana-aiims-life-support-withdrawal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 14 Mar 2026 14:20:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi NCR]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[delhi aiims]]></category>
		<category><![CDATA[Euthanasia]]></category>
		<category><![CDATA[Ghaziabad]]></category>
		<category><![CDATA[Harish Rana]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006408610</guid>

					<description><![CDATA[Harish Rana : गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एंपायर सोसाइटी के रहने वाले 32 वर्षीय हरीश राणा को सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्हें एम्स के पैलिएटिव केयर विभाग में गोपनीय तरीके से भर्ती कराया गया है। यह पूरा काम स्वास्थ्य विभाग और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Harish Rana :</strong> गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एंपायर सोसाइटी के रहने वाले 32 वर्षीय हरीश राणा को सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्हें एम्स के पैलिएटिव केयर विभाग में गोपनीय तरीके से भर्ती कराया गया है। यह पूरा काम स्वास्थ्य विभाग और सीएमओ की निगरानी में किया गया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">चौथी मंजिल से गिरे थे हरीश राणा</h3>



<p>हरीश राणा साल 2013 में चंडीगढ़ में एक हादसे के दौरान चौथी मंजिल से गिर गए थे। इस दुर्घटना के बाद से वह स्थायी वेजिटेटिव स्टेट में हैं। पिछले लगभग 13 साल से वे अचेत अवस्था में बिस्तर पर हैं और जीवन बनाए रखने के लिए चिकित्सा सहायता पर निर्भर हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ठीक होने की कोई संभावना नहीं</h3>



<p>उनके माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बेटे को पैसिव यूथेनेशिया यानी परोक्ष इच्छामृत्यु की अनुमति देने की मांग की थी। एम्स की मेडिकल रिपोर्ट में भी उनके ठीक होने की कोई संभावना नहीं बताई गई थी। इसके बाद अदालत ने परिवार की याचिका को मंजूरी दे दी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">धीरे-धीरे लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाया जाएगा</h3>



<p>अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, अब एम्स में पैलिएटिव केयर के तहत धीरे-धीरे लाइफ सपोर्ट सिस्टम, जैसे फूड पाइप आदि हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य मरीज को प्राकृतिक और गरिमापूर्ण तरीके से अंतिम समय तक आराम देना है।</p>



<p>बताया जा रहा है कि हरीश को गाजियाबाद से एम्स तक एक ऐसे वाहन में लाया गया, जिसमें एंबुलेंस जैसी चिकित्सा सुविधाएं मौजूद थीं, लेकिन बाहर से उसे सामान्य वाहन की तरह रखा गया था। ऐसा इसलिए किया गया ताकि इस प्रक्रिया को बिना किसी प्रचार और भीड़ के पूरा किया जा सके।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से मना</h3>



<p>एम्स के डॉक्टरों को इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से मना किया गया है। इस संबंध में कोई भी आधिकारिक जानकारी अस्पताल के निदेशक कार्यालय की ओर से ही जारी की जाएगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">अंतिम समय तक अधिकतम आराम और सम्मान</h3>



<p>पैलिएटिव केयर ऐसे मरीजों के लिए दी जाने वाली चिकित्सा सेवा है, जो गंभीर या लाइलाज बीमारी से जूझ रहे होते हैं। इसमें बीमारी को ठीक करने के बजाय मरीज के दर्द, घबराहट, सांस की तकलीफ और अन्य समस्याओं को कम करने पर ध्यान दिया जाता है, ताकि उन्हें जीवन के अंतिम समय तक अधिकतम आराम और सम्मान मिल सके।</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/sonam-wangchuk-to-be-released-soon-governments-effort-to-maintain-peace-in-ladakh/">Sonam Wangchuk : सोनम वांगचुक जल्द होंगे रिहा, लद्दाख में शांति बनाए रखने का सरकार का प्रयास</a></p>



<p><strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">Hindi Khabar App:</a> देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए.<a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar"> हिन्दी ख़बर ऐप</a></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Supreme Court ने 31 वर्षीय कोमा के मरीज की निष्क्रिय इच्छामृत्यु की दी अनुमति, एम्स को  मिले ये निर्देश   </title>
		<link>https://hindikhabar.com/supreme-court-allows-passive-euthanasia-for-coma-patient-aiims-directives/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanti Kumari]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Mar 2026 07:19:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[AIIMS DELHI]]></category>
		<category><![CDATA[Coma Patient]]></category>
		<category><![CDATA[End-of-Life Care]]></category>
		<category><![CDATA[Harish Rana]]></category>
		<category><![CDATA[Judicial Directive]]></category>
		<category><![CDATA[Life Support Withdrawal]]></category>
		<category><![CDATA[Medical Board]]></category>
		<category><![CDATA[Passive Euthanasia]]></category>
		<category><![CDATA[Patient Dignity]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006408306</guid>

					<description><![CDATA[Supreme Court : दिल्ली की सर्वोच्च न्यायालय ने 12 वर्षों से अधिक समय से कोमा में रह रहे एक 31 वर्षीय व्यक्ति हरीश राणा के लिए निष्क्रिय इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दी है। जिसके बाद उस व्यक्ति की कृत्रिम जीवन रक्षक प्रणाली को हटा दिया गया। बता दें कि निष्क्रिय इच्छामृत्यु वो होता है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Supreme Court : </strong>दिल्ली की सर्वोच्च न्यायालय ने 12 वर्षों से अधिक समय से कोमा में रह रहे एक 31 वर्षीय व्यक्ति हरीश राणा के लिए निष्क्रिय इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दी है। जिसके बाद उस व्यक्ति की कृत्रिम जीवन रक्षक प्रणाली को हटा दिया गया। बता दें कि निष्क्रिय इच्छामृत्यु वो होता है जब किसी मरीज को जीवीत रखने के लिए आवश्यक जीवन रक्षक उपकरणों या उपचार को रोक दिया जाता है और जानबूझकर उसे मरने देने के लिए छोड़ दिया जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कोर्ट का एम्स को निर्देश</h3>



<p>दरअसल, हरीश राणा 2013 में एक इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के बाद सिर में गंभीर चोटों का शिकार हो गए थे और एक दशक से अधिक समय से कोमा में हैं। अब सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति जेबी परदीवाला और केवी विश्वनाथन की पीठ ने एम्स को निर्देश दिया है कि राणा को उपशामक देखभाल इकाई में भर्ती किया जाए, ताकि उसके लिए चिकित्सा उपचार को व्यवस्थित रूप से बंद किया जा सके। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया सुनियोजित योजना के तहत होनी चाहिए, ताकि राणा की गरिमा और सम्मान बनी रहे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">एससी ने राणा के माता-पिता से मिलने की जताई इच्छा</h3>



<p>इससे पहले, कोर्ट ने 31 वर्षीय राणा के माता-पिता से मिलने की इच्छा व्यक्त की थी। अदालत ने एम्स-दिल्ली के द्वितीयक मेडिकल बोर्ड द्वारा तैयार की गई राणा की मेडिकल हिस्ट्री रिपोर्ट का अध्ययन किया और इसे दुखद बताया।</p>



<p>प्राथमिक चिकित्सा समिति ने जांच के बाद राणा के ठीक होने की संभावना को नगण्य बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने 11 दिसंबर को यह भी कहा था कि प्राथमिक चिकित्सा बोर्ड की रिपोर्ट अनुसार राणा की स्थिति अत्यंत नाजुक और दयनीय है।</p>



<p>उल्लेखनीय है कि साल 2023 में जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, कोमा में पड़े किसी मरीज के लिए कृत्रिम जीवन रक्षक प्रणाली को हटाने से पहले विशेषज्ञ की राय लेना अनिवार्य है। इसके लिए प्राथमिक और द्वितीयक मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाता है, जो मरीज की स्थिति का पूरी तरह मूल्यांकन करता है।</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें &#8211; </strong><a href="http://11 मार्च 2026 का राशिफल: अपनी राशि के अनुसार जानिए कैसा रहेगा आपका दिन?">11 मार्च 2026 का राशिफल: अपनी राशि के अनुसार जानिए कैसा रहेगा आपका दिन?</a></p>



<p><strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">Hindi Khabar App:</a>&nbsp;देश,&nbsp;राजनीति,&nbsp;टेक,&nbsp;बॉलीवुड,&nbsp;राष्ट्र,&nbsp;&nbsp;बिज़नेस,&nbsp;ज्योतिष,&nbsp;धर्म-कर्म,&nbsp;खेल,&nbsp;ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए.<a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">&nbsp;हिन्दी ख़बर ऐप</a></strong></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/#whatsapp" rel="noreferrer noopener" target="_blank"></a></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/#whatsapp" rel="noreferrer noopener" target="_blank"></a></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/#whatsapp" rel="noreferrer noopener" target="_blank"></a></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/#whatsapp" rel="noreferrer noopener" target="_blank"></a></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/#whatsapp" rel="noreferrer noopener" target="_blank"></a></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/#whatsapp" rel="noreferrer noopener" target="_blank"></a></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/#whatsapp" rel="noreferrer noopener" target="_blank"></a></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/#whatsapp" rel="noreferrer noopener" target="_blank"></a></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/#whatsapp" rel="noreferrer noopener" target="_blank"></a></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/#whatsapp" rel="noreferrer noopener" target="_blank"></a></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/wp-admin/post.php?post=213006408057&amp;action=edit"></a></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/wp-admin/post.php?post=213006408118&amp;action=edit"></a></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/wp-admin/post.php?post=213006408150&amp;action=edit"></a></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/wp-admin/post.php?post=213006408242&amp;action=edit"></a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पटना हाईकोर्ट में ऐतिहासिक न्यायिक बदलाव, अब 46 न्यायाधीशों के साथ कार्य करेगा हाईकोर्ट</title>
		<link>https://hindikhabar.com/historic-judicial-changes-patna-high-court-to-function-with-46-judges/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanti Kumari]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Feb 2026 09:35:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[46 judges in Patna High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[Bihar News]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[patna high court]]></category>
		<category><![CDATA[Patna High Court judges]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006407275</guid>

					<description><![CDATA[Patna High Court : भारत में न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है, जब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 26 फरवरी 2026 को हुई बैठक में पटना हाईकोर्ट के लिए नौ नए न्यायाधीशों के नियुक्ति प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके बाद पटना हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 46 हो जाएगी, जो अब &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Patna High Court : </strong>भारत में न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है, जब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 26 फरवरी 2026 को हुई बैठक में पटना हाईकोर्ट के लिए नौ नए न्यायाधीशों के नियुक्ति प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके बाद पटना हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 46 हो जाएगी, जो अब तक का सबसे बड़ा कार्यरत न्यायिक बल होगा। इससे हाईकोर्ट की कुल स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या 53 में से लगभग 87 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी, जो संस्थान के इतिहास का अभूतपूर्व क्षण माना जा रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">क्या हैं ये ऐतिहासिक नियुक्तियाँ?</h3>



<p>बता दें कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा जिन नौ अधिवक्ताओं को न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति दी गई है, उसमें मो. नदीम सिराज, रंजन कुमार झा, कुमार मनीष, संजीव कुमार, गिरिजिश कुमार, आलोक कुमार, राज कुमार, राणा विक्रम सिंह, और विकास कुमार का नाम शामिल है। यह नियुक्तियां पटना हाईकोर्ट में एक साथ की गईं अब तक की सबसे बड़ी संख्या हैं, और यह संस्थान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">न्यायिक निरंतरता और सेवानिवृत्ति से पहले की तैयारियाँ</h3>



<p>दरअसल, 2026 में पटना हाईकोर्ट के तीन न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति होनी है। जिसमें मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू (4 जून 2026), न्यायाधीश नवनीत कुमार पांडेय (28 फरवरी 2026), और न्यायाधीश बिबेक चौधरी (31 अक्टूबर 2026) शामिल हैं। इस समय पर नई नियुक्तियों की शुरुआत पटना हाईकोर्ट के कामकाज को निरंतर बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन नियुक्तियों के साथ ही सेवानिवृत्त होने वाले न्यायाधीशों का कार्यभार सुचारू रूप से हस्तांतरित हो सकेगा, और अदालत की कार्यप्रणाली पर सेवानिवृत्ति का प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">बार और विधि जगत की प्रतिक्रियाएँ</h3>



<p>बार और विधि जगत में इन नियुक्तियों को लेकर खुशी का माहौल है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा, बिहार स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा, और महाधिवक्ता पी.के. शाही जैसे वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने इस कदम को सकारात्मक बताया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अब पटना हाईकोर्ट अपनी लगभग पूरी क्षमता के साथ कार्य करेगा, जिससे लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">प्रभावी न्यायिक प्रक्रिया की उम्मीद</h3>



<p>यह कदम न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। लंबे समय से लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन और जनता को समयबद्ध न्याय की उम्मीद को मजबूत करेगा। इसके साथ ही, न्यायपालिका की स्थिति को मजबूत बनाने और न्यायिक प्रणाली में पारदर्शिता लाने में भी मदद मिलेगी।</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें &#8211; </strong><a href="http://कौन हैं सचिन तेंदुलकर की होने वाली बहू? यहां मिलेगा आपके कई सवालों के जवाब">कौन हैं सचिन तेंदुलकर की होने वाली बहू? यहां मिलेगा आपके कई सवालों के जवाब</a></p>



<p><strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">Hindi Khabar App:</a>&nbsp;देश,&nbsp;राजनीति,&nbsp;टेक,&nbsp;बॉलीवुड,&nbsp;राष्ट्र,&nbsp;&nbsp;बिज़नेस,&nbsp;ज्योतिष,&nbsp;धर्म-कर्म,&nbsp;खेल,&nbsp;ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए.<a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.hindikhabar">&nbsp;हिन्दी ख़बर ऐप</a></strong></p>



<p><a href="https://hindikhabar.com/#whatsapp" rel="noreferrer noopener" target="_blank"></a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: hindikhabar.com @ 2026-06-12 08:13:00 by W3 Total Cache
-->