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	<title>Navratri Puja Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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	<description>Hindi Khabar: Latest News Breaking News, हिंदी खबर चैनल, Hindi Khabar Live,Hindi News</description>
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	<title>Navratri Puja Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>Shardiya Navratri 2023: शारदीय नवरात्रि इस वर्ष है बहेद खास योग 9 दिन बरसेगी मां की कृपा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Oct 2023 16:17:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[Durga puja 2023]]></category>
		<category><![CDATA[navratri 2023]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Puja]]></category>
		<category><![CDATA[shardiya navratri 2023]]></category>
		<category><![CDATA[Shardiya Navratri 2023 shubh yoga]]></category>
		<category><![CDATA[शारदीय नवरात्रि 2023]]></category>
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					<description><![CDATA[Shardiya Navratri 2023: शारदीय नवरात्रि अश्विन महीने में होती है। 15 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि घटस्थापना से शुरू होगी और 23 अक्टूबर 2023 को महानवमी पर नवरात्रि का समापन होगा। विजयदशमी पर मां दुर्गा को विदाई देकर प्रतिमा को विसर्जन किया जाएगा। शारदीय नवरात्र या छोटी नवरात्र भी कहलाता है। ये नौ दिन मां दुर्गा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Shardiya Navratri 2023: </strong>शारदीय नवरात्रि अश्विन महीने में होती है। 15 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि घटस्थापना से शुरू होगी और 23 अक्टूबर 2023 को महानवमी पर नवरात्रि का समापन होगा। विजयदशमी पर मां दुर्गा को विदाई देकर प्रतिमा को विसर्जन किया जाएगा।</p>



<p>शारदीय नवरात्र या छोटी नवरात्र भी कहलाता है। ये नौ दिन मां दुर्गा की पूजा करने के लिए सर्वश्रेष्ठ हैं। इस वर्ष नवरात्रि नौ दिन की है और इस बार नौ दिन बहुत महत्वपूर्ण संयोग बन रहे हैं जिसमें व्रती माता की पूजा कर सकेगें। जानें शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों के शुभ योग:-</p>



<p><strong>नवरात्रि 2023 नौ दिन के शुभ योग (Shardiya Navratri 2023 Shubh Yoga)</strong></p>



<figure class="wp-block-table"><table><tbody><tr><td><strong>दिनांक</strong></td><td><strong>तिथि</strong></td><td><strong>शुभ योग</strong></td><td><strong>मां दुर्गा का स्वरूप</strong></td></tr><tr><td><strong>15 </strong><strong>अक्टूबर </strong><strong>2023</strong></td><td>प्रतिपदा</td><td>शश राजयोग, भद्र योग, बुधादित्य योगसुनफा, वेशी योग, लक्ष्मी योग</td><td>मां शैलपुत्री</td></tr><tr><td><strong>16 </strong><strong>अक्टूबर </strong><strong>2023</strong></td><td>द्वितीया</td><td>बुधादित्य योग</td><td>मां ब्रह्मचारिणी</td></tr><tr><td><strong>17 </strong><strong>अक्टूबर </strong><strong>2023</strong></td><td>तृतीया</td><td><strong>प्रीति &#8211;</strong> 16 अक्टूबर, 10.4 AM &#8211; 17 अक्टूबर, 9.22 AM <strong>रवि योग &#8211; </strong>08.31 PM &#8211; 18 अक्टूबर, 6.23 AM</td><td>मां चंद्रघंटा</td></tr><tr><td><strong>18 </strong><strong>अक्टूबर </strong><strong>2023</strong></td><td>चतुर्थी</td><td><strong>आयुष्मान योग</strong> &#8211; 18 अक्टूबर, 9.22 AM &#8211; 19 अक्टूबर, 8.19 AM <strong>सर्वार्थ सिद्धि &#8211;</strong> 6.23 AM &#8211; 9.01 PM <strong>रवि योग-</strong> 6.23 AM &#8211; 9.01 PM <strong>अमृत सिद्धि योग &#8211;</strong> 6.23 AM &#8211; 9.01 PM</td><td>मां कूष्मांडा</td></tr><tr><td><strong>19 </strong><strong>अक्टूबर </strong><strong>2023</strong></td><td>पंचमी</td><td><strong>रवि योग &#8211;</strong> 19 अक्टूबर, 9.04 PM- 20 अक्टूबर, 6.25 AM <strong>शोभन &#8211;</strong> 19 अक्टूबर, 6.54 AM &#8211; 20 अक्टूबर, 5.09 AM <strong>सौभाग्य &#8211;</strong> 18 अक्टूबर, 8.19 AM &#8211; 19 अक्टूबर, 6.54 AM</td><td>मां स्कंदमाता</td></tr><tr><td><strong>20 </strong><strong>अक्टूबर </strong><strong>2023</strong></td><td>षष्ठी</td><td><strong>रवि योग &#8211;</strong>&nbsp;6.25 AM &#8211; 8.41 PM</td><td>मां कात्यायनी</td></tr><tr><td><strong>21 </strong><strong>अक्टूबर </strong><strong>2023</strong></td><td>सप्तमी</td><td><strong>सुकर्मा &#8211;</strong> 21 अक्टूबर, 3.03 AM &#8211; 22 अक्टूबर, 12.37 AM <strong>त्रिपुष्कर योग &#8211;</strong> 7.54 PM &#8211; 9.53 PM</td><td>मां कालरात्रि</td></tr><tr><td><strong>22 </strong><strong>अक्टूबर </strong><strong>2023</strong></td><td>महाष्टमी</td><td><strong>धृति</strong> &#8211; 21 अक्टूबर, 12.37 AM &#8211; 22 अक्टूबर, 9.53 PM <strong>रवि योग &#8211;</strong> 22 अक्टूबर, 06.44 &#8211; 23 अक्टूबर, 6.27 <strong>सर्वार्थ सिद्धि &#8211;</strong> 6.26 AM &#8211; 6.44 PM</td><td>मां महागौरी</td></tr><tr><td><strong>23 </strong><strong>अक्टूबर </strong><strong>2023</strong></td><td>महानवमी</td><td><strong>पराक्रम, बुधादित्यशूल योग &#8211;</strong> 22 अक्टूबर, 9.53 PM &#8211; 23 अक्टूबर, 6.53 PM <strong>सर्वार्थ सिद्धि &#8211;</strong> 6.27 AM- 5.14 PM <strong>रवि योग &#8211;</strong> पूरे दिन</td><td>मां सिद्धिदात्रि</td></tr></tbody></table></figure>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आषाढ़ गुप्त नवरात्रि कल से शुरू, भूलकर भी न करें ये गलतियां</title>
		<link>https://hindikhabar.com/when-will-ashadh-gupta-navratri-start-do-not-make-these-mistakes-even-by-mistake/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 18 Jun 2023 11:51:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[Ashadh]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Puja]]></category>
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					<description><![CDATA[नवरात्रि हिंदू धर्म का सबसे खास त्योहार माना जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रुपों की पूजा की जाती है। मां दुर्गा के शक्ति का दूसरा रुप माना जाता है। साल में चार नवरात्रि आती है। पौष, चैत्र, आषाढ़ और अश्विन। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 19 जून यानी कल से हो रही &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>नवरात्रि हिंदू धर्म का सबसे खास त्योहार माना जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रुपों की पूजा की जाती है। मां दुर्गा के शक्ति का दूसरा रुप माना जाता है। साल में चार नवरात्रि आती है। पौष, चैत्र, आषाढ़ और अश्विन। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 19 जून यानी कल से हो रही है। आषाढ़ की इस गुप्त नवरात्रि में मां काली, मां तारा, देवी त्रिपुर सुंदरी, देवी भुवनेश्वरी, देवी छिन्नमस्ता, देवी धूमवाती, देवी बागलमुखी, माता मतंगी और देवी लक्ष्मी का पूजन किया जाता है।</p>



<p><strong>आइए जानते हैं कि आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में किन गलतियों से सावधान रहना चाहिए।</strong></p>



<p>आपको बता दें कि गुप्त नवरात्रि में तामसिक भोजन का सेवन न करें। साथ ही प्याज और लहसुन का सेवन भी न करें। नवरात्रि के दौरान चमड़े से बने किसी भी चीज का प्रयोग न करें। चमड़े का प्रयोग बेहद अशुभ माना जाता है। इसके अलावा गुप्त नवरात्रि के दौरान काले या नीले रंग के वस्त्र का इस्तेमाल न करें वरना मां दुर्गा नाराज हो जाती है।</p>



<p>गुप्त नवरात्रि में देर तक सोने की मनाही होती है। विशेष रूप से उनके लिए जिन्होंने नौ दिनों का व्रत रखा हो। साथ ही इन नौ दिनों तक ब्रह्मचर्य का पालन करें। इन दिनों मदिरा का सेवन करना पाप माना जाता है। साथ ही मां दुर्गा रुष्ट हो जाती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Kanjak Pooja: कन्या पूजन के लिए यूं बनाएं प्रसाद, देवी मां होंगी प्रसन्न</title>
		<link>https://hindikhabar.com/kanjak-pooja-make-prasad-like-this-for-worshiping-the-girl-goddess-will-be-happy/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Mar 2023 04:10:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफ़स्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[kanya pujan]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Puja]]></category>
		<category><![CDATA[navratri special]]></category>
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					<description><![CDATA[Kanjak Pooja Prasad: राम नवमी हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। नवरात्रि के आठवे और नौवे दिन कई घरों में कंजक खिलाई जाती है। । ऐसे में आपको कंजक के लिए प्रसाद बनाने की विधि बताएंगे। आइए जानें। सूजी का हलवा सामग्री सूजी &#8211; 100 ग्राम, घी &#8211; ¼ कप, चीनी &#8211; ½ कप , इलायची &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Kanjak Pooja Prasad</strong>: <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE_%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%AE%E0%A5%80" target="_blank" rel="noreferrer noopener">राम नवमी</a> हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है। नवरात्रि के आठवे और नौवे दिन कई घरों में कंजक खिलाई जाती है। । ऐसे में आपको कंजक के लिए प्रसाद बनाने की विधि बताएंगे। आइए जानें।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सूजी का हलवा</h3>



<p><strong>सामग्री</strong></p>



<p>सूजी &#8211; 100 ग्राम, घी &#8211; ¼ कप, चीनी &#8211; ½ कप , इलायची पाउडर &#8211; ½ छोटा चम्मच, बारीक कटा हुआ काजू &#8211; 1 टेबल स्पून, बादाम के गुच्छे &#8211; 1 बड़ा चम्मच, किशमिश &#8211; 1 बड़ा चम्मच</p>



<p><strong>बनाने की विधि</strong></p>



<p>&#8211; पैन गरम कीजिए, अब 3 से 4 टेबल स्पून घी डाल दीजिए, पिघलने तक इंतजार करें।</p>



<p>&#8211; अब इसमें सूजी डाल दें और अच्छी तरह भून लें ।</p>



<p>&#8211; काजू, बादाम को भी सूजी के साथ भून लीजिये, अब इसमें पानी मिलाएं।</p>



<p>&#8211; ½ कप चीनी डालें और धीमी आंच पर सूजी के फूलने तक पकाएं।</p>



<p>&#8211; इसे तब तक पकाएं जब तक यह गाढ़ा न हो जाए।</p>



<h3 class="wp-block-heading">2. काला चना</h3>



<p><strong>सामग्री</strong></p>



<p>चना &#8211; 1 कप , हरा धनिया &#8211; 1 से 2 टेबल स्पून, तेल &#8211; 1 से 2 टेबल स्पून, हरी मिर्च &#8211; 2 से 3, अदरक &#8211; 1 इंच, जीरा &#8211; ½ छोटी चम्मच, हल्दी पाउडर &#8211; ¼ छोटा चम्मच, धनिया पाउडर &#8211; 1 छोटा चम्मच, , लाल मिर्च पाउडर &#8211; ¼ छोटी चम्मच, गरम मसाला &#8211; ¼ छोटा चम्मच, नमक &#8211; 1 छोटा चम्मच</p>



<p><strong>बनाने का तरीका</strong></p>



<p>&#8211; एक कप भीगे हुए काले चने को 7 से 8 घंटे के लिए भिगो दें। &#8211; भीगने के बाद इसे कुकर में एक चम्मच नमक और एक कप पानी के साथ उबाल लें।</p>



<p>&#8211; अब पैन गरम करें, इसमें 1 से 2 टेबल स्पून तेल डालें , अब ½ छोटी चम्मच जीरा का तड़का लगाएं।</p>



<p>&#8211; इसमें 4 बारीक कटी हुई हरी मिर्च और मसाले को हल्का सा भून लीजिए।</p>



<p>&#8211; फिर इसमें पके हुए चने मिलाकर कुछ देर तक भून लें।</p>



<p>&#8211; चाहें तो ग्रेवी के लिए इसमें पानी भी मिला सकते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">3. चावल की खीर</h2>



<p>बासमती चावल 1/2 कप, बादाम 6-8, पिस्ता 6-8, किशमिश 8-10, दूध 1 लीटर, चीनी 3/4 कप, हरी इलायची का पाउडर 1/4 छोटा चम्मच</p>



<p><strong>बनाने की विधि</strong></p>



<p>&#8211; चावल को धोकर एक कप पानी में कुछ देर के लिए भिगो दें।</p>



<p>&#8211; अब इसे मलमल के कपड़े से थपथपा कर सुखा लें, फिर इसे दरदरा पीस लें।</p>



<p>&#8211; बादाम और पिस्ते को एक कप गर्म पानी में पांच मिनट के लिए ब्लांच कर लें। नाली, छीलकर उन्हें स्लाइस में काट लें।</p>



<p>&#8211; फिर पैन में दूध उबालें।</p>



<p>&#8211; अब इसमें चावल का पाउडर और चीनी डालें और धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि चावल आधा न हो जाए।</p>



<p>&#8211; हरी इलायची पाउडर, केसर, मेवे डालें और चावल के पकने तक धीमी आंच पर पकने दें और मिश्रण गाढ़ा हो जाए, आंच से उतार लें।</p>



<h3 class="wp-block-heading">4. पूड़ी</h3>



<p><strong>सामग्री</strong></p>



<p>गेहूं का आटा &#8211; 2 कप, नमक &#8211; ½ छोटा चम्मच</p>



<p><strong>बनाने की विधि</strong></p>



<p>&#8211; एक बर्तन में 2 कप गेहूं का आटा लीजिए, इसमें ½ छोटी चम्मच नमक डाल दीजिए. इसमें एक छोटी चम्मच तेल डालें और बीच-बीच में पानी की सहायता से सख्त आटा गूंथ लें।</p>



<p>&#8211; आटा गूंथने के बाद इसे ढककर 20 मिनट के लिए सेट होने के लिए रख दें।</p>



<p>&#8211; अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां से पूड़ी तैयार कर लीजिए।</p>



<p>ये भी पढ़ें: <a href="https://hindikhabar.com/religious/budhvaar-pooja-remover-of-obstacles-is-pleased-with-these-measures-makes-you-rich/">Budhvaar Pooja: इन उपायों से प्रसन्न होते हैं विघ्नहर्ता, बना देते हैं धनवान</a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महामाया मंदिर में 25 हजार मनोकामना ज्योत प्रज्वलित, मंदिर का हुआ शुद्धिकरण</title>
		<link>https://hindikhabar.com/25-thousand-wishes-lighted-in-mahamaya-temple-purification-of-the-temple/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Mar 2023 06:00:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Chhattisgarh]]></category>
		<category><![CDATA[Mahamaya]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Puja]]></category>
		<category><![CDATA[navratri special]]></category>
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					<description><![CDATA[छत्तीसगढ़ के नपुर स्थित महामाया देवी की पूजा देश के 51वीं शक्तिपीठ के रूप में होती है। यहां पूरे नौ दिनों तक नवरात्र पर्व की धूम रहेगी। इस बार देवी मंदिर में 25 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित की गई है। वहीं, लखनी देवी मंदिर में जवारा कलश का विशेष महत्व है। यहां इनकी पूजा मां &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>छत्तीसगढ़ के नपुर स्थित महामाया देवी की पूजा देश के 51वीं शक्तिपीठ के रूप में होती है। यहां पूरे नौ दिनों तक नवरात्र पर्व की धूम रहेगी। इस बार देवी मंदिर में 25 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित की गई है। वहीं, लखनी देवी मंदिर में जवारा कलश का विशेष महत्व है। यहां इनकी पूजा मां अन्नपूर्णा के रूप में की जाती है। यही वजह है कि 28 साल से मंदिर में ज्वारा कलश स्थापित किए जा रहे हैं।</p>



<p>चैत्र नवरात्रि पर्व पर इस बार रतनपुर स्थित प्रसिद्ध महामाया देवी मंदिर में पूरे नौ दिनों तक यहां शतचंडी यज्ञ के साथ ही जसगीत का आयोजन भी होगा। वहीं, सप्तमी पर्व की रात पदयात्री हजारों की संख्या में देवी दर्शन करने पहुंचेंगे। यहां नौ दिनों तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहेगी। यहां 31 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित करने का विश्व रिकॉर्ड भी है। पूरे नौ दिनों तक मंदिर में श्रद्धालु सुबह पांच बजे से रात 12 बजे तक दर्शन कर सकेंगे।</p>



<p>मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सतीश शर्मा ने बताया कि मंगलवार को महामाया मंदिर में नवरात्रि पर्व की तैयारी पूरी कर ली गई थी। शाम 4 बजे तक भक्तों ने माता के दर्शन किए। इसके बाद मंदिर का पट बंद कर दिया गया। शाम 4 से लेकर रात 10 बजे तक माता का शुद्धिकरण किया गया। गर्भ गृह का शुद्धिकरण मुख्य पुजारी शशि मिश्रा व उनके परिवार ने किया।</p>



<p>बुधवार की सुबह 5 बजे माता का नव श्रृंगार किया गया। उन्हें अभिषेक कराया गया। नए वस्त्र धारण कराए गए। स्वर्ण मुकुट व नथिया पहनाई गई। सुबह 7 बजे से घट स्थापना शुरू हुई। इसके बाद माता 9 दिन व रात पूजा की मुद्रा में रहेंगी। भक्त माता का दर्शन करेंगे। 9वें दिन माता का श्रृंगार होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नवरात्रि में इन बातों का रखें खास ध्यान, माँ दुर्गा होंगी प्रसन्न</title>
		<link>https://hindikhabar.com/take-special-care-of-these-things-in-navratri-maa-durga-will-be-happy/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Mar 2023 04:25:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[Chaitra Navratri]]></category>
		<category><![CDATA[Chaitra navratri 2023]]></category>
		<category><![CDATA[Maa Durga]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Puja]]></category>
		<category><![CDATA[navratri special]]></category>
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					<description><![CDATA[नवरात्रि का त्योहार काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दौरान घरों में एक अलग तरह की राैनक रहती है।साल में चार तरह के नवरात्रि चैत्र नवरात्रि, माघ गुप्त नवरात्रि, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि मनाए जाते हैं। शारदीय नवरात्रि जहां आमतौर पर सितंबर और अक्टूबर में तो चैत्र नवरात्रि मार्च व अप्रैल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>नवरात्रि का त्योहार काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दौरान घरों में एक अलग तरह की राैनक रहती है।साल में चार तरह के नवरात्रि चैत्र नवरात्रि, माघ गुप्त नवरात्रि, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि मनाए जाते हैं। शारदीय नवरात्रि जहां आमतौर पर सितंबर और अक्टूबर में तो चैत्र नवरात्रि मार्च व अप्रैल में मनाए जाते हैं। इस बार चैत्र नवरात्रि 22 मार्च से शुरू हो रहे हैं। देवी दुर्गा को समर्पित इस उत्सव में भक्त उनका आशीर्वाद पाने के लिए विशेष प्रयास करते हैं। इस दाैरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। मान्यता है कि मां दुर्गा भक्तों से प्रसन्न होती है और उनको आशीर्वाद देते हुए उनकी हर मनोकामना पूरी करती हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">क्या करें</h3>



<ul class="wp-block-list">
<li>दुर्गा सप्तशती पढें-</li>



<li>नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तशती के श्लोकों का पाठ करने से मां प्रसन्न होती हैं।</li>



<li>मां आरती करें</li>



<li>पूरे नौ दिनों तक विधिपूर्वक पूजन करें। सुबह और संध्या मां की आरती करें।</li>



<li>लाल रंग भेंट करें</li>



<li>मां दुर्गा को लाल रंग बेहद प्रिय है उनकी पसंद के फूल व वस्त्र उन्हें समर्पित करें।</li>



<li>ब्रह्मचर्य का पालन</li>



<li>नवरात्रि के दिनों में व्रत रखने वाले भक्त ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करें।</li>



<li>महिलाओं का सम्मान</li>



<li>मां दुर्गा की दिव्य कृपा प्राप्त करने के लिए हमेशा महिलाओं का सम्मान करें।</li>



<li><br><strong>क्या न करें</strong></li>



<li>लड़ाई-झगड़ा न करें</li>



<li>नाै दिनों के दौरान किसी भी तरह की कलह या लड़ाई-झगड़ा न करें।</li>



<li>तंबाकू न खाएं</li>



<li>नवरात्रि के दाैरान सिगरेट, तंबाकू-गुटखा आदि से परहेज करें।</li>



<li>मदिरापान से बचें</li>



<li>नवरात्रि के दौरान मांस-मदिरा, लहसुन-प्&#x200d;याज का प्रयोग न करें।</li>



<li>बाल न कटवाएं</li>



<li>नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान बाल कटवाने और शेविंग करने से बचें।</li>



<li>गलत न करें</li>



<li>नवरात्रि में किसी के विषय में गलत न सोचें व किसी का बुरा न करें।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Chaitra navratri 2023: नवरात्रि पर घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और नियम जानें</title>
		<link>https://hindikhabar.com/chaitra-navratri-2023-know-the-auspicious-time-and-rules-of-ghatasthapana-on-navratri/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Mar 2023 10:38:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[Chaitra Navratri]]></category>
		<category><![CDATA[Chaitra navratri 2023]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Puja]]></category>
		<category><![CDATA[navratri special]]></category>
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					<description><![CDATA[नवरात्रि का महापर्व साल में दो बार आता है। पहले चैत्र नवरात्रि और फिर शारदीय नवरात्रि। चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ हो जाता है। इस बार चैत्र नवरात्रि 22 मार्च यानि कल से लेकर 30 मार्च दिन गुरुवार तक रहने वाले हैं। नवरात्रि के इस पवित्र दिनों में मां दुर्गा &#8230;]]></description>
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<p>नवरात्रि का महापर्व साल में दो बार आता है। पहले चैत्र नवरात्रि और फिर शारदीय नवरात्रि। चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ हो जाता है। इस बार चैत्र नवरात्रि 22 मार्च यानि कल से लेकर 30 मार्च दिन गुरुवार तक रहने वाले हैं। नवरात्रि के इस पवित्र दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना का विशेष महत्व बताया है।</p>



<p>आपको बता दें कि चैत्र नवरात्रि की घटस्थापना चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को होती है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 21 मार्च को रात 10 बजकर 52 मिनट से लेकर 22 मार्च को रात 08 बजकर 20 मिनट तक रहेगी। घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 22 मार्च को सुबह 06 बजकर 23 मिनट को लेकर सुबह 07 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। यानी घटस्थापना के लिए आपको कुल 01 घंटा 09 मिनट की अवधि मिलेगी।</p>



<p>घटस्थापना या कलश स्थापना के दौरान कुछ विशेष नियमों को ध्यान में रखना चाहिए। सबसे पहले देवी मां की चौकी सजाने के लिए उत्तर पूर्व दिशा का स्थान चुनें। इस स्थान को साफ कर लें और गंगाजल से शुध्द करें। एक लड़की की चौकी रखकर उस पर लाल रंग का साफ कपड़ा बिछाकर देवी मां की मूर्ति की स्थापना करें। इसके बाद प्रथम पूज्य गणेश जी का ध्यान केरं और कलश स्थापना करें।</p>



<p>अब कलश स्थापना या घटस्थापना के लिए नारियल में चुनरी लपेट दें और कलश के मुख पर मौली बांधे। कलश में जल भरकर उसमें एक लौंग का जोड़ा, सुपारी हल्दी की गांठ, दूर्वा और रुपए का सिक्का डालें। अब कलश में आम के पत्ते लगाकर उस पर नारियल रखें और फिर इस कलश को दुर्गा की प्रतिमा की दाईं ओर स्थापित करें।</p>
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		<title>Chaitra Navratri 2023: सज गया माता का दरबार, कल से लगेगी भक्तों की कतार</title>
		<link>https://hindikhabar.com/chaitra-navratri-2023-matas-court-decorated-devotees-will-queue-from-tomorrow/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Mar 2023 10:11:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[Chaitra Navratri]]></category>
		<category><![CDATA[Chaitra navratri 2023]]></category>
		<category><![CDATA[decorated]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Puja]]></category>
		<category><![CDATA[navratri special]]></category>
		<category><![CDATA[Sharda Navratri]]></category>
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					<description><![CDATA[चैत्र नवरात्र सर्वार्थ सिद्धि योग में बुधवार यानि कल से प्रारंभ होंगीं। नवरात्र में आदिशक्ति की आराधना के लिए शहर के देवी के दरबार सज गया है। ऐसे मंदिरों पर सुरक्षा के दृ​ष्टिकोण से विशेष तैयारियां की जा रही हैं, जहां खासी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। इनमें मांढरे की माता, नहर वाली माता, पहाड्या &#8230;]]></description>
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<p>चैत्र नवरात्र सर्वार्थ सिद्धि योग में बुधवार यानि कल से प्रारंभ होंगीं। नवरात्र में आदिशक्ति की आराधना के लिए शहर के देवी के दरबार सज गया है। ऐसे मंदिरों पर सुरक्षा के दृ​ष्टिकोण से विशेष तैयारियां की जा रही हैं, जहां खासी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। इनमें मांढरे की माता, नहर वाली माता, पहाड्या वाली माता, आमखो व हाइकोर्ट वाली काली माता, झांसी रोड स्थित वैष्णो देवी, महलगांव स्थित करौली माता मंदिर सहित अन्य मंदिर शामिल हैं।</p>



<p>देवी के भक्तों ने घरों में भी कलश स्थापना, दुर्गासप्ती पाठ सहित नौ दिन माता की आराधना में रमे रहने की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। मंगलवार की रात से शीतला माता मंदिर सातऊ पर भक्तों का पैदल दर्शन करने के लिए जाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। नगर में नवरात्र व नवसंत्सर को लेकर उत्साह और उमंग का वातावरण है। मंदिरों में जागरण शुरू हो जाएंगे। कुछ देवी भक्त कठोर संकल्प के साथ नौ दिन का व्रत भी रखेंगे।</p>



<p>सिंधिया राजवंश की कुलदेवी मांढरे की माता पर नवरात्र की तैयारियां पूर्ण कर लीं गईं हैं। यहां नौ दिन तक मेला जैसा माहौल रहता है। मंदिर के नीचे प्रसाद व खेल-खिलौने की दुकानें सज गईं हैं। यहां बड़ी संख्या में देवी भक्त दर्शनों के लिए जाते हैं। मांढरे की माता के नीचे ही आमखो वाली कालीमाता का मंदिर हैं। यहां श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>नवरात्रि छठवां दिन: ऐसे करें माँ कात्यायनी की पूजा, जानें माँ के प्रिय पुष्प</title>
		<link>https://hindikhabar.com/navratri-sixth-day-worship-mother-katyayani-like-this-know-mothers-favorite-flower/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Apr 2022 03:23:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[katyayani mantra]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Puja]]></category>
		<category><![CDATA[कात्यायनी मंत्र]]></category>
		<category><![CDATA[चैत्र नवरात्र]]></category>
		<category><![CDATA[चैत्र नवरात्रि 2022]]></category>
		<category><![CDATA[नवरात्रि का छठा दिन]]></category>
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					<description><![CDATA[Chaitra Navratri 2022: आज चैत्र नवरात्रि का छठवां दिन है। नवरात्रि के छठवें दिन माँ दुर्गा के छठे स्वरूप माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस दिन माँ कात्यायनी की विधिवत पूजा करने से भक्त की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती है। विवाह में आ रही बाधाएँ दूर होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महिषासुर &#8230;]]></description>
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<p>Chaitra Navratri 2022: आज चैत्र नवरात्रि का छठवां दिन है। नवरात्रि के छठवें दिन माँ दुर्गा के छठे स्वरूप माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस दिन माँ कात्यायनी की विधिवत पूजा करने से भक्त की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती है। विवाह में आ रही बाधाएँ दूर होती है।</p>



<p>पौराणिक कथाओं के अनुसार, महिषासुर का वध माँ कात्यायनी ने किया था। असुर महिसासुर का वध करने के कारण माँ को दानवों, पापियों और असुरों का नाश करने वाली देवी कहा गया। आइए जानते हैं माँ कात्यायनी की पूजा विधि, मंत्र और आरती के बारे में-</p>



<h4 class="wp-block-heading">कैसा है माता का स्वरूप</h4>



<p>माँ कात्यायनी का स्वरूप बहुत ही आकर्षक है। माँ की चार भुजाएं हैं। माँ की सवारी शेर है और एक हाथ में तलवार तथा दूसरे हाथ में कमल का पुष्प है। माँ के दूसरे दोनों हाथ वर और अभयमुद्रा में हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading">माँ कात्यायनी का भोग</h4>



<p>नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी को पूजा के बाद भोग अर्पित करना चाहिए। भोग में माँ को शहद अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि माँ को शहद अतिप्रिय है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">माँ के प्रिय पुष्प और रंग</h4>



<p>माँ कात्यायनी को लाल रंग के पुष्प प्रिय हैं। माता को हमेशा लाल रंग के पुष्प अर्पित करें। लाल गुलाब फूल माँ को अर्पित करें।</p>



<h4 class="wp-block-heading">माँ कात्यायनी की पूजा विधि</h4>



<p>माँ कात्यायनी की पूजा करने के लिए सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद साफ वस्त्र धारण करें और माँ की प्रतिमा को शुद्ध जल या गंगाजल से स्नान कराएं।<br>अब माँ को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें।<br>माँ को पु्ष्प अर्पित करें।<br>माँ को रोली कुमकुम लगाएं।<br>माँ को पांच प्रकार के फल और मिष्ठान का भोग दें।<br>माँ कात्यायनी को शहद का भोग अति प्रिय है। शहद का भोग अवश्य दें।<br>माँ कात्यायनी का ध्यान करें और आरती करें।</p>



<h4 class="wp-block-heading">मां कात्यायनी मंत्र</h4>



<p>या देवी सर्वभूतेषु मा कात्यायनी रूपेण संस्थिता।<br>नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥</p>



<p>पढ़ें- <a href="https://hindikhabar.com/dharma/navratri-5-day-maa-skandmata-pujan/">संतान प्राप्ति के लिए करें मां स्कंदमाता का पूजन</a></p>



<p>पढ़ें &#8211; <a href="https://hindikhabar.com/dharma/in-navratri-just-do-this-work-prosperity-will-come-in-the-house/">नवरात्रि में माँ का आशीर्वाद पाने के लिए बस करें यह काम, घर में समृद्धि आएगी</a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>Chaitra Navratri 2022: नवरात्र पर सज गया माता वैष्णो देवी का दरबार, विदेशी फूलों से महका भवन परिसर</title>
		<link>https://hindikhabar.com/chaitra-navratri-2022-the-court-of-mata-vaishno-devi-decorated-on-navratri-the-building-complex-decorated-with-exotic-flowers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Apr 2022 06:35:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[chaitra navratri 2022]]></category>
		<category><![CDATA[Jammu and Kashmir]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Puja]]></category>
		<category><![CDATA[Shri Mata Vaishno Devi]]></category>
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					<description><![CDATA[Chaitra Navratri 2022: आज से चैत्र नवरात्र 2022 की शुरुआत हो चुकी है। इन शुभ दिनों में लोग माता रानी को प्रसन्न करने का हर संभव प्रयास करते हैं। वहीं, चैत्र नवरात्रों के लिए माता वैष्णो देवी का दरबार भी विदेशी फूलों से महक रहा है। इतना ही नहीं, रात के समय बिजली की रंग-बिरंगी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Chaitra Navratri 2022:</strong> आज से चैत्र नवरात्र 2022 की शुरुआत हो चुकी है। इन शुभ दिनों में लोग माता रानी को प्रसन्न करने का हर संभव प्रयास करते हैं। वहीं, चैत्र नवरात्रों के लिए माता वैष्णो देवी का दरबार भी विदेशी फूलों से महक रहा है। इतना ही नहीं, रात के समय बिजली की रंग-बिरंगी झालरें अलग ही छटा बिखेर रही हैं। नवरात्रों में माता रानी के दरबार का नजारा देखकर लोगों की आंखें दंग रह जाती हैं।</p>



<p>ज्ञात हो कि श्री माता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड (Shri Mata Vaishnodevi Shrine Board) द्वारा शनिवार से भवन प्रांगण में शुरू होने वाले भव्य चंडी महायज्ञ की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। इस भव्य चंडी महायज्ञ में पद्मश्री प्रोफेसर विश्वमूर्ति शास्त्री के नेतृत्व में 51 पंडित नवरात्र में हवन पूजा करेंगे। इसके साथ ही इस महायज्ञ में देश भर से आने वाले तमाम भक्त अंतिम नवरात्र के दिन पूर्ण आहुति में भाग लेते हैं।</p>



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<h4 class="wp-block-heading">करीब 200 कारीगरों ने सजाया माता रानी का दरबार</h4>



<p>मालूम हो कि मां वैष्णो देवी (Maa Vaishno Devi) के दरबार की सजावट के लिए पिछले कई दिनों से लगभग 200 कारीगर लगे हुए हैं। आपको बता दें कि दरबार की सजावट के लिए लिए श्रीलंका, कनाडा, इंग्लैड, आस्ट्रेलिया, नेपाल, म्यांमार आदि से फल व फूल मंगाए गए हैं। इस बीच, कटड़ा शहर, वैष्णो देवी भवन व रोड मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सादे कपड़ों में भी पुलिस कर्मी स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading">जांच के बाद ही लोगों को धर्मनगरी में प्रवेश की अनुमति</h4>



<p>जानकारी के मुताबिक वैष्णो देवी भवन (Vaishno Devi Bhawan) के साथ कटड़ा को जुड़ने वाले सभी मार्गों पर बने चेक पोस्टों (check posts) पर कड़ी जांच के बाद ही धर्मनगरी में लोगों को प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। इतना ही नहीं, जवान 24 घंटे गश्त कर रहे हैं। जबकि त्रिकुटा पर्वत के साथ-साथ आसपास की पहाड़ियों पर भी जवानों को तैनात किया गया है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">भीड़ को लेकर भी किए गए इंतजाम</h4>



<p>वहीं एसपी अमित भसीन का कहना है कि हर कदम पर बड़ी संख्या में जवानों को तैनात किया गया है। दर्शनी ड्योढ़ी के साथ ही मां वैष्णो देवी रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर स्कैन मशीन से भी सामान आदि की जांच लगातार की जा रही है। दरअसल इस वर्ष पहली जनवरी को हुई भगदड़ जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए प्रशासन व श्राइन बोर्ड दोनों सतर्क हैं। एक जगह भीड़ न जमा हो इसके लिए भी इंतजाम किए गए हैं।</p>
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		<title>Chaitra Navratri: झांसी का यह महाकाली मंदिर है कुछ खास, इस रूप में होती है देवी की पूजा</title>
		<link>https://hindikhabar.com/chaitra-navratri-this-mahakali-temple-of-jhansi-is-something-special-the-goddess-is-worshiped-in-this-form/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Apr 2022 05:38:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[chaitra navratri 2022]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Puja]]></category>
		<category><![CDATA[चैत्र नवरात्रि 2022]]></category>
		<category><![CDATA[झांसी का महाकाली मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[नवरात्रि 2022]]></category>
		<category><![CDATA[नवरात्रि पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[झांसी का महाकाली मंदिर में चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के अवसर पर 2 अप्रैल 2022, शनिवार से कई तरह के कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है। भक्त माता के मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना कर रहे हैं। इस मौके पर देवी के कई मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन भी हो रहा है। कई जगहों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>झांसी का महाकाली मंदिर में चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के अवसर पर 2 अप्रैल 2022, शनिवार से कई तरह के कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है। भक्त माता के मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना कर रहे हैं। इस मौके पर देवी के कई मंदिरों में विशेष पूजा का आयोजन भी हो रहा है। कई जगहों पर अखंड ज्योति जलाई जा रही है तो कहीं पर 9 दिनों का मंत्र जाप भी शुरू हो चुका है।</p>



<p>चैत्र नवरात्रि के दौरान बुंदेलखंड के झांसी स्थित लक्ष्मी तालाब स्थित प्रसिद्ध देवी मंदिर महाकाली विद्यापीठ (Mahakali Temple Bundelkhand) में भी विशाल आयोजन किया जा रहा है। मंदिर के प्रधान पुजारी के अनुसार, नवरात्रि के दौरान मंदिर में माँ महाकाली के सवा करोड़ मंत्रों का जाप होगा। इसके बाद नवमी तिथि को देवी मंत्रों से अभिमंत्रित चांदी का मंडप अर्पण किया जाएगा।</p>



<h4 class="wp-block-heading">क्या-क्या आयोजन होगा</h4>



<p>चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन यानी 2 अप्रैल को 5100 दीएं जलाए जाएंगे। नवरात्रि के 9 दिनों में विश्व शांति के लिए मां महाकाली के मंत्रों का जाप और अनुष्ठान होगा। इसके साथ ही विशाल भंडारा भी किया जाएगा। इसके साथ-साथ भक्त माता का प्रसाद भी पाएँगे।</p>



<h4 class="wp-block-heading">देवी की कन्या रूप में होती है पूजा</h4>



<p>महाकाली की ज्यादातर प्रतिमाएं आमतौर पर रौद्र रूप में देखने को मिलती हैं। लेकिन झांसी की इस मंदिर में मां कन्या रूप में पूजी जाती हैं। यहां पर किसी भी प्रकार की तामसिक पूजा नहीं की जाती है। जानकारों का कहना है कि इस मंदिर का निर्माण 1687 में ओरछा के महाराज वीर सिंह जूदेव ने करवाया था। 1977 में चुनाव हारने के बाद इंदिरा गांधी ने 1978 में यहां पर एक धार्मिक अनुष्ठान भी करवाया था। इसके बाद 1980 में इंदिरा गांधी दोबारा जीतीं तो फिर से मंदिर में पूजा करने के लिए आई थीं।</p>



<p>यह भी पढ़ें- <a href="https://hindikhabar.com/dharma/chaitra-navratri-2022-people-of-these-5-zodiac-signs-should-worship-maa-durga-in-chaitra-navratri/">Chaitra Navratri 2022: चैत्र नवरात्रि में इन 5 राशियों वाले लोग करें माँ दुर्गा की पूजा, कष्ट होंगे दूर</a></p>
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