स्वामी प्रसाद मौर्य ने खोले योगी के कई राज, योगी आदित्यनाथ को कर दिया नंगा!

स्वामी प्रसाद मौर्य लेटेस्ट इंटरव्यू

यूपी में बड़ा उलटफेर करते हुए योगी कैबिनेट के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने बीजेपी को अलविदा कह दिया है। स्वामी प्रसाद के इस्तीफे के बाद यूपी की राजनीति (UP Politics) में नया मोड़ आने का संकेत भी मिल रहा है। बता दें कि स्वामी प्रसाद के इस्तीफे के बाद बीजेपी (Bhartiya Janta Party) महकमे के अंदरखाने में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। भले ही बीजेपी इसपर खुलकर कुछ भी नहीं कह रही है लेकिन स्वामी के इस्तीफे से बीजेपी को तगड़ा झटका जरूर लगा है।

इस बीच हिंदी खबर (Hindi Khabar) के प्रधान संपादक अतुल अग्रवाल ने बीजेपी से अलग हुए स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ Exclusive बातचीत की। इस बातचीत में स्वामी प्रसाद मौर्य ने कई खुलासे किए। बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या अब उनके नंबर प्लेट पर उपमुख्यमंत्री लिखवाया जाएगा तो उन्होंने सहज अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि यह तो आने वाले वक्त में पता चलेगा।

जब उनसे पूछा गया कि क्या पद लेगें समाजवादी पार्टी में? इसपर जवाब देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि राजनीति हमेशा नीतियों पर चलती है। कुर्सी उसके इर्दगिर्द घूमती है। उन्होंने कहा कि जो अंतिम पायदान के लोग थे, वह राजनीति से कटने लगे। जब मायावती को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मायावती का मैं बहुत सम्मान करता हूं। हमारा बहन जी से कोई विरोध नहीं है। बहन जी ने जब थैलियों के पीछे भागना शुरू किया, तब हमने उसका विरोध किया।

इस्तीफे के बाद उन्होंने केशव प्रसाद मौर्य के बारे में भी अपना विचार रखा। उन्होंने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य उनके छोटे भाई की तरह हैं लेकिन वे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी थे और बीजेपी में पहले से थे। वे अघोषित रूप से मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी थे। उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि राजनीतिक अनुभव और राजनीतिक हैसियत के रूप में वे खुद भी मुख्यमंत्री की रेस में खड़े थे।

उन्होंने कहा कि यूपी में बीजेपी की सरकार बनाने में दलितों और पिछड़ों का बड़ा योगदान था। पिछड़ों के नाम पर बीजेपी ने सरकार बनाई और पिछड़ों को ही बाहर का रास्ता दिखा दिया। योगी आदित्यनाथ पर जोरदार हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री पद के लिए दूर-दूर तक दावेदार नहीं था। अगर केशव प्रसाद मौर्य और मेरे बाद यदि मुख्यमंत्री पद के लिए किसी का नाम चलता था कभी महेश शर्मा तो कभी दिनेश शर्मा का नाम आता था। उन्होंने कहा कि जिनका कहीं दूर-दूर तक चर्चा नहीं था वो सीधे गोरखपुर से आकर लखनऊ टपक गया।

बीजेपी पर हमला बोलते हुए उन्होंने बीजेपी के नारे को मात्र चुनावी नारा बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी का नारा है सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास। दूसरा नारा है बीजेपी का हिंदू कार्ड। जिन पिछड़े लोगों को आरक्षण की सुविधा नहीं मिली है, उसको बीजेपी ने निगल लिया है। उन्होंने कहा कि 19 हजार पदों पर जो पिछड़ों के लिए आरक्षित था, उसपर सामान्य वर्गों के लोगों को बैठा दिया।

बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने उस नियुक्ति को रोकने का आदेश नहीं दिया जिनपर सामान्य वर्ग के लोगों को भरा गया था। यह पिछड़ों के साथ अन्याय नहीं है तो क्या है? जितनी भी नियुक्तियाँ भाजपा सरकार में हुई हैं, सभी सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की भर्ती हुई है। एक भी पिछड़ा वर्ग उस 19 हजार की वैकेंसी में नहीं है। इसके अलावा भी स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरी वीडियो देखें – Watch Now

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