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Haryana Violence: फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट, गलत सूचना से गुरुग्राम, नूंह में हुई झड़प?

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Haryana violence: हरियाणा के जिलों -नूंह, गुरुग्राम, फ़रीदाबाद – में सांप्रदायिक हिंसा ने देश को हिलाकर रख दिया है, जिसमें मरने वालों की संख्या छह हो गई है। जिनमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। कड़े सुरक्षा उपायों के बीच हरियाणा सरकार ने इंटरनेट पर रोक दो दिन और बढ़ाने का फैसला किया है।

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अब, सीएम  मनोहर लाल खट्टर द्वारा संचालित हरियाणा सरकार गलत सूचनाओं और फर्जी सोशल मीडिया पोस्टों में वृद्धि को रिकॉर्ड करने वाला एक दस्तावेज़ तैयार करने के बीच में है, जिसने अंततः इस सप्ताह के शुरू में नूंह में सांप्रदायिक झड़पों को जन्म दिया।

रिपोट्स के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने हरियाणा में सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित सामग्री में असामान्य वृद्धि दर्ज की, जो प्रकृति में घृणित और हिंसा भड़काने वाली थी।

बाद में, केंद्र और राज्य सरकार ने कई सोशल मीडिया खातों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की, जिन्होंने ऑनलाइन हेट कटेंन्ट पोस्ट की थी। 31 जुलाई को नूंह में हिंसा हुई, जो गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और अन्य जिलों में फैल गई।

100 सोशल मीडिया फैला रहे गलत सूचना

अधिकारियों के अनुसार, 100 सोशल मीडिया अकाउंट लगातार गलत सूचना फैला रहे हैं और धर्म-आधारित नफरत फैलाने वाले भाषण दे रहे हैं। जिसके कारण भीड़ ने नूंह जिले से गुजर रहे एक धार्मिक जुलूस पर हमला कर दिया। जिससे सांप्रदायिक हिंसा की लहर फैल गई।

सोशल मीडिया पर फैली गलत सूचना के कारण हिंसा हुई, जिसमें दावा किया गया कि हत्या का आरोपी और बजरंग दल नेता मोनू मानेसर हिंदू धार्मिक समूह के नेतृत्व वाले जुलूस का हिस्सा था। हालांकि, मानेसर ने कहा कि वह जुलूस का हिस्सा नहीं थे।

मोनू मानेसर के धार्मिक जुलूसों का हिस्सा होने की खबर से दूसरे धार्मिक समूह में आक्रोश फैल गया। जिसके कारण पथराव हुआ और अंततः हिंसा हुई।

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