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बेगुसराय बवालः गिरिराज के बयान पर जेडीयू के अशोक का पलटवार

Begusaray Bawal

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Begusaray Bawal: बेगुसराय में दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच झड़प हो गई। इस बवाल का ठींकरा बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सीएम नीतीश कुमार पर फोड़ा है। उन्होंने कहा कि सीएम इस तरह के बवाल कराने के लिए जिम्मेदार हैं। वहीं गिरिराज सिंह के इस बायन पर जेडीयू मंत्री अशोक चौधरी ने उन्हें आड़े हाथों लिया है।

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Begusaray Bawal: ये लोग निकृष्ट, हिंदू-मुस्लिम कराते हैं- अशोक चौधरी

अशोक चौधरी ने कहा, ये निकृष्ट लोग हैं, ये लोग हिंदू-मुस्लिम करते हैं। जो घटना घटी उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। इस तरह की घटना का राजनीतिक लाभ किस पार्टी को मिलता है यह सभी जानते हैं।

Begusaray Bawal: ‘ऐसी घटना से पार्टी को क्या लाभ’

उन्होंने कहा कि हम लोग ज़िंदगी भर प्यार बांटने का काम करते हैं। गिरिराज सिंह को पॉलिटिक्स का P भी पता होता तो वो इस तरह का बयान नहीं देते। वह ऐसे मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हैं, जो प्रदेश को आगे बढ़ा रहा है। हम तो चाहते हैं कि आपस में भाईचारा कायम रहे, सब एक रहें। ऐसी घटना में पार्टी का क्या हाथ होगा।

Begusaray Bawal: ‘विरोधियों को नहीं पच रही प्रदेश की प्रगति’

उन्होंने कहा कि ये लोगों को नहीं पच रहा कि प्रदेश तेज रफ्तार से तरक्की कर रहा है। विकास दर अच्छी है। ऐसे लोग हिंदुओं की भावनाओं को भड़का कर उसका राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं।

एनसीईआरटी के भारत वाले मुद्दे पर बोले, ये बैक डोर से केंद्र का काम

वहीं एनसीईआरटी की किताबों में भारत नाम के प्रयोग के आदेश पर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी को क्या अधिकार है। आरोप लगाया कि यह सारे काम केंद्र सरकार बैक डोर से करा रही है। उन्होंने कहा इसके लिए प्रधानमंत्री संसद में बिल क्यों नहीं लाते। हम अंग्रेजी में इंडिया और हिंदी में हमेशा से भारत बोलते आ रहे हैं। इंडिया नाम से एक गठबंधन बन गया तो अब वह देश का नाम बदल देंगे क्या।

Begusaray Bawal: प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन, महंगाई, रोजगार के मुद्दे पर भी करें कार्य

वहीं 22 जनवरी को राममंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उन्होंने कहा कि बेहतर है कि इस दिन महंगाई भी घटाई जाए। अरहर की दाल 100 प्रति किलो से कम कीमत में मिले। रसोई गैस सिलिंडर 500 रुपये या इससे कम में मिले। वहीं एससी-एसटी के बैकलॉग को सरकार क्लीयर करे। रोजगार मेले का आयोजन किया जाए। आखिर सरकार ऐसा क्यों नहीं कर रही। वह बस धर्म की राजनीति करती है।

रिपोर्टः सुजीत श्रीवास्तव, ब्यूरोचीफ, बिहार

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