T-Shirt पहनने को तरसने वाला लड़का बनेगा भारतीय क्रिकेट टीम का नया कप्तान

 कहतें हैं कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती इसी कहावत को सच कर दिखाया है भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने। उनके बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत उन्हें 1 जुलाई को होने वाले इंग्लैंड के खिलाफ (IND vs ENG) एजबेस्टन टेस्ट में बतौर कप्तान टीम की कमान संभालने का मौका मिल गया है। हालांकि उन्हें ये मौका इसी श्रृंखला के लिए ही मिल सकता है। आपको बता दें कि भारतीय टीम के मौजूदा कप्टान रोहित शर्मा कोरोना की चपेट में आ गए हैं। डॉक्टर्स के कहने पर रोहित शर्मा का आइसोलेशन का समय बढ़ा दिया गया है। इसी को देखते हुए सेलेक्टर्स ने ये मौका जसप्रीत बुमराह को दिया गया है।

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क्रिक्रेट इतिहास में ये दूसरी बार हो रहा है जब कोई तेज गेंदबाज भारतीय टीम का कप्तान बनेगा। इससे पहले पूर्व कप्तान  कपिल देव सबसे पहले एक गेंदबाज के तौर पर कप्तान बने थे। आपको बता दें कि  बुमराह ने अपना डेब्यू  मैच 2016 में खेला था।

जानिए बुमराह और उनके संघर्षों की कहानी

 उनके कांटों भरे सफर की कहानी की दासतान बयां कि है उनकी मां ने एक इंटरव्यू के दौरान। उन्होंने मीडिया को बताया कि उनका परिवार इतना गरीब था कि जब दोपहर के समय वो गेंद के लिए पैसे मांगता था तब उसको मैं 10 रुपए भी नहीं दे पाती थी। इसी सिलसिले में बुमराह ने बताया कि उनके पास पहनने के लिए जूते भी नहीं होते थे, तो उस समय वो स्कूल के जूते पहनकर ही क्रिकेट खेलने निकल जाते थे।

बुमराह ये भी कहते हैं कि आर्थिक तंगी के शिकार बुमराह एक ही  T-Shirt को बार-बार धोकर अपना काम चलाते थे। इसी के साथ डेब्यू मैच में बुमराह की मां भावुक भी हो गई है। उन्होंने कहा 2016 में जब बुमराह पहली बार मैदान में उतरे तो उनकी मां ने जैसे ही अपने बेटे को गेंदबाजी करते हुए देखा बुमराह की मां अपने आप को रोक नहीं पाई और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलकने लगे।

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रिपोर्ट: निशांत

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