अब भारतीयों के लिए आसान होगी अमेरिका में बसने की राह, ग्रीन कार्ड पाने के लिए बस पूरी करनी होगी ये शर्तें, जानिए पूरी बात

नई दिल्ली। हाल ही में अमेरिका की ज्यूडिशियरी कमेटी की ओर से जारी किए गए नए प्रस्तावित इमिग्रेशन नियमों में एक रीकॉन्सिलेशन बिल को भी शामिल किया गया है। जो वैध और कानूनी कागजातों के साथ अमेरिका में ग्रीन कार्ड होल्डर बनने का ख़्वाब देखने वालों के लिए  अच्छी खबर है।

इस बिल के अनुसार 1500 डॉलर की सप्लीमेंट्री फीस देकर, निदेशालय की तय प्रक्रिया और मेडिकल परीक्षा पास करके अमेरिका में बसने का सपना देखने वाले प्रवासी ग्रीन कार्ड को लेकर अपनी दावेदारी और मजबूत कर सकता है।

इसके लिए दो जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी।

 पहला– ऐसे प्रवासियों को अपनी 18 साल की उम्र से पहले अमेरिका में आना होगा और यहां लगातार रहना होगा।

 दूसरा– 1 जनवरी 2021 से उसे लगातार स्वयं  अमेरिका में रहना होगा।

इसके अलावा आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए और दूसरी चार शर्तें भी पूरी करनी होंगी-

1) अभ्यर्थी ने अमेरिकी सशस्त्र बलों में सेवा की हो

2) यूएस की किसी यूनिवर्सिटी या इंस्टिट्यूट से डिग्री प्रोग्राम या पोस्ट-सेकेंडरी क्रेडेंशियल प्रोग्राम में कम से कम 2 साल की पढ़ाई पूरी कर चुका हो या कर रहा हो।

3) या आवेदन करने से पहले तीन साल की अवधि के भीतर उसके पास यूएस में अर्जित इनकम का एक डिटेल रिकॉर्ड होना चाहिए।

4) इंटर्नशिप, या इसी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल लोग भी इसके लिए आवेदन करने के पात्र हैं।

अमेरिका में रहने वाले युवा प्रवासियों के समूह एडवोकेसी एसोसिएशन ‘इंप्रूव द ड्रीम’ के अध्यक्ष दीप पटेल बताते  हैं कि  ‘यह   सपना देखने वालों के लिए सबसे अहम पॉइंट है, क्योंकि यह सभी युवा इमिग्रेंट्स को आवेदन की अनुमति देता है।

 उन्होंने एक सुझाव भी दिया है कि हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी को उचित रूप से संशोधन या स्पष्ट करना चाहिए कि निरंतर शारीरिक मौजूदगी के संबंध में  विशिष्ट यात्रा की अनुमति दी जाए वरना कुछ व्यक्ति इसमें इसमें अयोग्य साबित हो सकते हैं।

इमिग्रेंट्स के ऊपर  रिसर्च कर रहे डेविड बीयर की शुरुआती स्टडी रिपोर्ट के अनुसार , अप्रैल 2020 तक भारतीय परिवारों के 1.36 मिलियन बच्चे  EB2 और EB3 रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड श्रेणी के बैकलॉग में उलझकर रह गए थे, क्योंकि वेटिंग टाइम बहुत है । दीप पटेल का कहना है कि 62% बच्चे बिना ग्रीन कार्ड प्राप्त किए ही बड़े हो जाते हैं।

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