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जिसे दिखाकर मनाते हैं लोकतंत्र का उत्सव… वो दाग सच में अच्छे हैं… आखिर छूटते क्यों नहीं? जानिए…

Voter ink

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Voter ink: आप वोट देने जाते हैं तो वोटिंग से पहले एक मतदान कर्मी आपकी अंगुली पर स्याही लगाता है. यह स्याही काफी लंबे समय तक आपकी अंगुली पर लगी रहती है. आप लाख धोएं पर ये छूटती नहीं. हम सेल्फी प्वाइंट पर, दोस्तों या अपने प्रियजनों के साथ अंगुली पर लगी स्याही को दिखाते हुए लोकतंत्र के उत्सव में भागीदार होने की पहचान दिखाते हैं. फोटो खिंचवाते हैं.

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ऐसे में कई बार आपके मन में यह सवाल आता होगा कि यह स्याही हमारी अंगुली से छूटती क्यों नहीं है. आखिर इसमें ऐसा क्या होता है कि यह हमारी अंगुली पर लंबे वक्त तक रहती है. हम आपको बता दें कि दरअसल इस स्याही में सिल्वर नाइट्रेट होता है. जो पराबैगनी प्रकाश के संपर्क में आते ही त्वचा पर एक दाग छोड़ता है. पराबैगनी प्रकाश सूर्य की रोशनी का ही एक कंपोनेंट है.

इस स्याही को ऐसा इसलिए बनाया जाता है कि कोई भी एक से अधिक बार मतदान कर धोखाधड़ी न कर सके. यह स्याही सबूत होती है कि आप अपने पसंदीदा कैंडिटेट को मतदान कर चुके हैं. इस स्याही में सिल्वर नाइट्रेट की सांद्रता 7 से 25 प्रतिशत तक होती है. धीरे धीरे यह स्याही खुद हट जाती है क्योंकि त्वचा के मृत सेल्स की जगह नए सेल्स ले लेते हैं.

अब आपके मन में एक और सवाल आ सकता है कि आखिर यह स्याही बनती कहां है. बता दें कि इस स्याही का निर्माण कर्नाटक सरकार के उपक्रम ‘मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिडेट’ में किया जाता है. इस कंपनी का मतदाता स्याही निर्माण और सप्लाई में स्पेशलाइजेशन है. MPVL भारत में एक मात्र अधिकृत आपूर्तिकर्ता है. इसके पास 1962 से राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम द्वारा प्राप्त विशेष लाइसेंस है.

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