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कर्नाटक में फिर टीपू सुल्तान की एंट्री, मैसूरु हवाईअड्डे का नाम बदलने को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

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Karnataka : राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस के एक विधायक ने मंदकल्ली हवाई अड्डा का नाम 18 वीं सदी के शासक टीपू सुल्तान के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया। विधानसभा से यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया। जिसको लेकर राज्य में कांग्रेस और भाजपा एकबार फिर आमने-सामने आ गई हैं। प्रस्ताव में कहा गया है कि हुबली हवाई अड्डे का नाम क्रांतिवीरा संगोल्ली रायन्ना, बेलगावी हवाई अड्डे का नाम कित्तूर रानी चेनम्मा, शिवमोगा हवाई अड्डे का नाम राष्ट्रकवि डॉ के. वी. पुट्टप्पा और विजयपुरा हवाई अड्डे का नाम श्री जगज्योति बसवेश्वर होनी चाहिए।

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हुबली-धारवाड़ के विधायक ने रखा प्रस्ताव

हुबली-धारवाड़ विधानसभा के विधायक प्रसाद अब्बय्या ने हवाईअड्डे के नाम बदलने पर चर्चा के दौरान कहा कि मैं मैसूरु हवाईअड्डे का नाम टीपू सुल्तान हवाईअड्डा करने का प्रस्ताव करता हूं। कांग्रेस नेता के इस बयान के बाद विपक्षी दल भाजपा ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

टीपू सुल्तान पर विवाद नया नहीं  

कर्नाटक में टीपू सुल्तान को लेकर हुआ विवाद नया नहीं है। इसकी शुरुआत 10 नवंबर 2016 को उस समय हुई थी, जब सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उनका जन्मदिन मनाना शुरू किया था। तब से वोटर्स का ध्रुवीकरण करने के लिए कर्नाटक और पड़ोसी महाराष्ट्र दोनों में बीजेपी और दक्षिणपंथी संगठन बार-बार टीपू सुल्तान का उल्लेख करते रहे हैं।

बीजेपी ने साधा निशाना

इससे पहले इस साल जून में भी कुछ हिंदू संगठनों ने मैसूर के शासक और मुगल सम्राट औरंगजेब को लेकर वायरल हुई एक सोशल मीडिया पोस्ट पर हिंसक विरोध प्रदर्शन किया था। इस साल हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान भी बीजेपी के राज्य प्रमुख नलिन कतील ने इस विषय पर वोटर्स के बीच विभाजन पैदा करने के लिए हर कोशिश की थी।

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