परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी बोले- जो बेटा नहीं कर सकता वो बेटियों ने किया

Pariksha Pe Charcha 2022

Pariksha Pe Charcha 2022

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज परीक्षा पे चर्चा के 5वें संस्करण में देश भर के छात्र और छात्राओं को संबोधित कर रहे हैं। आपको बता दें कि शिक्षकों और अभिभावकों से बात करने तालकटोरा स्टेडियम पहुंचे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह मेरा बहुत पसंदीदा कार्यक्रम है, लेकिन कोरोना के कारण बीच में मैं आप जैसे साथियों से मिल नहीं पाया।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज का कार्यक्रम मेरे लिए विशेष खुशी की बात है, क्योंकि लंबे अंतराल के बाद मुझे आप सभी से मिलने का मौका मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि मैं नहीं मानता कि हमें परीक्षा के लिए पढ़ना चाहिए, गलती वहीं हो जाती है। मैं इस परीक्षा के लिए पढूंगा, फिर मैं उस परीक्षा के लिए पढूंगा। इसका मतलब हुआ कि आप पढ़ नहीं रहे हैं, आप उन जड़ी-बूटियों को खोज रहे हैं जो आपका काम आसान कर दें।

प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से संवाद (Pariksha Pe Charcha 2022) करते हुए कहा कि अगर आपने अपनी शिक्षा को पूर्ण रूप से आत्मसात किया है तो परीक्षा का रूप रूकावट नहीं बनता है। इसलिए अपने आप को परीक्षा के लिए तैयार करने में दिमाग खपाने की बजाए, खुद को योग्य, शिक्षित व्यक्ति बनाने के लिए, विषय का मास्टर बनने के लिए हमें मेहनत करनी चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि समाज बेटियों के सामर्थ्य को जानने में अगर पीछे रह गया, तो वो समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता। मैंने ऐसी कई बेटियां देखीं, जिन्होंने मां-बाप के सुख और उनके बुढ़ापे की चिंता के लिए खुद ने शादी नहीं की और मां-बाप की सेवा में जिंदगी खपा दी। जो बेटा नहीं कर सकता वो बेटियों ने किया है।

पीएम मोदी ने सुनाई फिल्मर की कहानी

छात्रों ने सवाल पूछा कि सुबह पढ़ना है या शाम को? खेलने से पहले या बाद में पढ़ें? खाली पेट पढ़ें या पिएं? इन सवालों के जवाब में पीएम मोदी ने बताया कि मुझे एक फिल्म याद आती है जिसमें रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले शख्स को बंगले में रहने का मौका मिलता है। वहां उसे नींद नहीं आती, फिर रेलवे स्टेशन जाता है और ट्रेनों की आवाज रिकॉर्ड करता है और वापस आकर टेप रिकॉर्डर की आवाज सुनकर फिर से सो जाता है। इसका अर्थ यह है कि हमें कंफर्टेबल होने की आवश्यकता है। इसके लिए सेल्फ असेसमेंट करें और देखें कि आप कब और कैसे पढ़ाई के लिए कंफर्टेबल होते हैं।

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