
Artemis II Mission : नासा के आर्टेमिस II मिशन ने 1 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक उड़ान भरी, और इस बार मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों के साथ चार iPhone 17 Pro Max भी भेजे गए हैं। इन फोन का मुख्य उद्देश्य केवल फोटो और वीडियो कैप्चर करना है, जबकि इंटरनेट और ब्लूटूथ फीचर्स बंद रहेंगे।
सुरक्षा जांच और अप्रूवल प्रक्रिया
नासा ने फोन को अंतरिक्ष में भेजने से पहले पूरी सुरक्षा जांच की। स्क्रीन क्रैक, जीरो ग्रैविटी में मटीरियल का व्यवहार, बैटरी सुरक्षा और स्पेसक्राफ्ट में स्टोरेज की पूरी प्रक्रिया टेस्ट की गई। छोटे टूटे हुए कांच के टुकड़े जैसे रिस्क भी ध्यान में रखे गए, ताकि मिशन में कोई खतरा न हो।
स्पेसक्राफ्ट में हैंडलिंग और इस्तेमाल
फोन को स्पेसक्राफ्ट में कुछ वेल्क्रो से जोड़े गए हैं और कुछ एस्ट्रोनॉट्स के सूट में रखे जाएंगे। यह फोन मुख्य कैमरा नहीं है; प्रमुख फोटो और वीडियो प्रोफेशनल उपकरण जैसे GoPro और अन्य कैमरों से लिए जाएंगे। फोन सिर्फ सेकेंडरी टूल के रूप में इस्तेमाल होगा।
तकनीकी बदलाव और भविष्य के प्रयोग
यह कदम दिखाता है कि अंतरिक्ष में रोजमर्रा के गैजेट्स को सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। इस प्रयोग से टेक्नोलॉजी के नए प्रयोगों की दिशा खुली है और भविष्य में स्मार्टफोन और अन्य डिवाइसों का अंतरिक्ष मिशन में इस्तेमाल बढ़ सकता है।
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