
Viral News : कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाली बड़ी मशीनें जैसे JCB या बैकहो लोडर अक्सर पीले रंग में ही नजर आती हैं। पहली नजर में यह सिर्फ एक डिजाइन या स्टाइल का हिस्सा लगता है, लेकिन असल में इसके पीछे एक बेहद महत्वपूर्ण कारण छिपा है ‘सुरक्षा’।
दूर से दिखने वाला रंग
निर्माण स्थलों पर धूल, मिट्टी, शोर और भारी मशीनों की लगातार आवाजाही होती रहती है। कई बार मौसम खराब होता है या रोशनी कम होती है। ऐसे माहौल में पीला रंग सबसे ज्यादा विज़िबल होता है। यह रंग दूर से भी आसानी से नजर आ जाता है, जिससे मशीनों की पहचान जल्दी हो जाती है।
दुर्घटनाएं कम करने में मददगार
पीले रंग की खासियत यह है कि यह दिन के उजाले में ही नहीं, बल्कि रात में हेडलाइट की रोशनी में भी साफ दिखाई देता है। इससे वहां काम कर रहे मजदूर, ड्राइवर और अन्य लोग सतर्क हो जाते हैं और दुर्घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
पहले लाल और नीले रंग में बनती थीं मशीनें
शुरुआत में ऐसा नहीं था। 1950 के दशक में JCB की मशीनें लाल और नीले रंग में बनाई जाती थीं। लेकिन समय के साथ यह महसूस किया गया कि इन रंगों की तुलना में पीला रंग ज्यादा सुरक्षित और स्पष्ट दिखाई देता है।
कंपनी के संस्थापक का बड़ा फैसला
JCB के संस्थापक Joseph Cyril Bamford ने सुरक्षा और अनुभव के आधार पर यह फैसला लिया कि मशीनों का रंग ऐसा होना चाहिए जो सबसे ज्यादा नजर आए। इसी सोच के साथ पीले रंग को अपनाया गया, जो आगे चलकर कंपनी की पहचान बन गया।
ब्रांडिंग का भी बन गया हिस्सा
1960 तक पीला रंग JCB की पहचान बन चुका था। आज स्थिति यह है कि लोग किसी भी पीली खुदाई मशीन को “JCB” कह देते हैं, चाहे वह किसी भी कंपनी की क्यों न हो।
अब बन चुका है इंडस्ट्री स्टैंडर्ड
आज के समय में पीला रंग सिर्फ JCB तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया में कंस्ट्रक्शन मशीनों के लिए एक तरह का स्टैंडर्ड बन चुका है।
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