पाकिस्तान हुआ कंगाल, आवाम हुई बेहाल, लोगों की थाली से रोटी गायब

पाकिस्तान में नित नये बखेड़े खड़े हो रहे हैं। लोगों की थाली से रोटी गायब है तो बिजली संकट के चलते वहां के 30 शहर अंधेरे में डूब गए हैं। आटा और दूसरी रोज खपत वाली चीजों को लेकर आवाम पहले से ही परेशान है। एक आकलन के मुताबिक इस साल के अंत तक करीब 65 लाख पाकिस्तानियों की नौकरी चली जाएगी। वहां रोजमर्रा की चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं।

बंद होते उद्योग धंधे

पाकिस्तान की न्यूज वेबसाइट द डॉन के मुताबिक बंद हो रहे उद्योग धंधों के कारण करीब 62 लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे। लोग काम करना चाहेंगे मगर उनके पास रोजगार नहीं होगा। यह पाकिस्तान के कुल वर्कफोर्स का 8.5 फीसदी है।

IMF की टैक्स बढ़ाने की कड़ी शर्त

कटोरा लेकर देश-देश घूमने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अब जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोश यानी आईएमएफ के आगे हाथ फैलाएंगे। आईएमएफ जो शर्त रख सकता है उससे पाकिस्तान में महंगाई और बढ़ सकती है। आईएमएफ तेल और खाद्य पदार्थों के रेट पर टैक्स बढ़ाने की शर्त रख सकता है जिससे पहले से ही चरम पर पहुंच चुकी महंगाई और विकराल रूप ले लेगी। आईएमएफ से लोन लेने के बाद पाकिस्तान टैक्स बढ़ाने के लिए मिनी बजट ला सकता है। गैस, बिजली, पेट्रोलियम उत्पादों पर ऊपर से टैक्स लगाया जा सकता है। इससे महंगाई और बेरोजगारी दर और बढ़ेगी।

1 महीने भर का आयात विदेशी मुद्रा भंडार

फिलहाल पाकिस्तान के पास सिर्फ एक महीने भर आयात के लायक विदेशी मुद्रा भंडार बचा है। जरूरी सामान का आयात भी वह फूंक-फूंक कर कर रहा है।

बाढ़ ने स्थिति बदतर की

पिछले साल आई बाढ़ ने पाकिस्तान की स्थिति बद से बदतर कर दी। बाढ़ ने पूरे पाकिस्तान को गरीबी और भूखमरी के दलदल में धकेल दिया। सेना के दबाव में सरकार की कर्ज लेने की आदत ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर तगड़ी चोट की है। पैसे वहां की सेना के बड़े जनरल खा गए और विदेश भेज दिया, जबकी अंजाम आवाम भुगत रही है।

नोटबंदी की भी भूमिका

कहा जा रहा है कि इसमें भारत की नोटबंदी ने भी बड़ी भूमिका निभाई है। माना जा रहा है कि पहले पाकिस्तान भारतीय नोट छाप कर भरपाई कर लेता था मगर आज वह ऐसा नहीं कर पा रहा है।

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