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एक करोड़ के इनामी माओवादी नेता प्रशांत बोस का रांची में निधन, जेल में ली अंतिम सांस

Jharkhand News : रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद कुख्यात माओवादी नेता प्रशांत बोस उर्फ किशन दा का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। करीब 80 वर्षीय बोस एक करोड़ रुपये के इनामी रहे थे और लंबे समय से जेल में बंद थे।

गिरफ्तारी से लेकर जेल तक का सफर

झारखंड पुलिस ने प्रशांत बोस को 12 नवंबर 2021 को सरायकेला-खरसांवा जिले के गिद्दिबेड़ा टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया था। उनके साथ उनकी पत्नी शीला मरांडी भी पकड़ी गई थीं। गिरफ्तारी के बाद से ही वह रांची जेल में बंद थे।

माओवादी नेटवर्क का बड़ा चेहरा

प्रशांत बोस देश के सबसे बड़े माओवादी नेताओं में गिने जाते थे। बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और महाराष्ट्र में उनकी सक्रियता रही। वह भाकपा माओवादी संगठन के गुरिल्ला ऑपरेशनों का नेतृत्व करते थे और कई बड़ी घटनाओं में उनकी भूमिका बताई जाती रही है।

तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में मौत

जेल प्रशासन के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी। पहले उन्हें जेल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर किया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान सुबह करीब 10 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की तैयारी

प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और 72 घंटे तक शीतगृह में रखने का निर्णय लिया गया है। यदि इस दौरान कोई परिजन शव लेने नहीं पहुंचता है, तो प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार कराया जाएगा।

परिवार से संपर्क की कोशिश

जेल प्रशासन के मुताबिक, प्रशांत बोस के परिवार में कोई करीबी सदस्य मौजूद नहीं है। उनका एक भाई अमेरिका में बताया जा रहा है, जिसे सूचना देने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने इस संबंध में रांची जिला प्रशासन से भी संपर्क किया है।

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