फंदे से लटका शव ‘साजिश या आत्महत्या’…आखिर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत का जिम्मेदार कौन?

प्रयागराज:  सोमवार की दोपहर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि का फंदे से लटका शव मिला। आपको बता दें उनका शव प्रयागराज के बाघंबरी मठ में मिला। साथ ही इस ख़बर को सुनते ही यूपी सीएम, पीएम मोदी ने दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को प्रयागराज में उनके बाघंबरी मठ स्थित आवास पर श्रद्धांजलि दी।

पीएम मोदी ने दुख व्यक्त किया

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में उनके शिष्य आनंद गिरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत एफआईआर दर्ज़ की गई है। ये एफआईआर एक अन्य शिष्य अमर गिरी पवन महाराज द्वारा दर्ज़ कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज़ की गई है।

फंदे से लटका शव ‘साजिश या आत्महत्या’

पुलिस का दावा है कि नरेंद्र गिरि ने आत्महत्या की है। उनके कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है। उन्होंने एक तरह से मठ और आश्रम को लेकर वसीयत भी लिख दी है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट में उन्होंने आत्महत्या करने की बात लिखी है। हालांकि सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच होगी। सीएम योगी ने प्रयागराज पहुंचकर नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि दी। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि के कुछ पुराने फ़ोटो भी मिले है। महँगे शौक़ को लेकर हमेशा से चर्चा में रहे हैं आनंद गिरि। फ़िलहाल महंत नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट में नाम आने के बाद से हवालात में हैं।

आखिर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत का जिम्मेदार कौन?

नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी को हरिद्वार में हिरासत में लिया गया। पुलिस का दावा कि सुसाइड नोट में आनंद गिरी का नाम लिखा है। एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि मठ और आश्रम को लेकर आगे क्या करना है। किस तरह से व्यवस्था होगी। क्या करना है। एक तरह से सुसाइड नोट में उनका वसीयतनामा है। इसमें विस्तार से लिखा है कि किसे क्या देना है और किसके साथ क्या करना है। पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि वह अपने एक शिष्य से दुखी थे। पुलिस ने शिष्य का नाम तो नहीं बताया लेकिन सूत्रों  के अनुसार उन्होंने आनंद गिरी का नाम लिखा है।

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