पार्थ और अर्पिता की बढ़ी अवधि रिमांड, 14 दिन के लिए दोनों भेजे गए जेल

नई दिल्ली। शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी महिला मित्र अर्पिता मुखर्जी की आज कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट में ईडी की विशेष अदालत में पेशी हुई. न्यायाधीश ने दोनों को 14 दिन की जेल हिरासत में भेजने का निर्देश दिया. ईडी की रिमांड की अवधि आज ही समाप्त हो गई थी. वहीं सुनवाई के दौरान पार्थ चटर्जी के वकील ने जमानत की अर्जी देते हुए कोर्ट के समक्ष कहा कि इस घोटाले में पूर्व मंत्री को बलि का बकरा बनाया गया है।


पार्थ चटर्जी के वकील ने कहा की अगर पार्थ को जमानत दे दी जाती है तो वह विधायक पद से इस्तीफा देने पर भी विचार कर सकते हैं. सुनवाई के दौरान पार्थ के वकील ने कहा कि पार्थ चटर्जी एक साधारण व्यक्ति हैं, उन्होंने कोई रिश्वत नहीं ली है. यहां तक कि वह इस घोटाले में गिरफ्तार अर्पिता मुखर्जी को भी अच्छी तरह से नहीं जानते हैं. पार्थ के घर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ और उनके खिलाफ रिश्वत लेने के भी कोई सबूत नहीं है. इसलिए उन्हें जमानत दे दी जाए. तो वहीं, दूसरी ओर ED के अधिवक्ता ने कहा कि पार्थ चटर्जी एक पावरफुल व्यक्ति हैं. शिक्षक घोटाले में अब भी उनसे लंबी पूछताछ करनी है. इसलिए उनकी हिरासत की अवधि बढ़ाई जाए. वहीं दोनों दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी की रिमांड अवधि बढ़ा दी और दोनों को 14 दिन की जेल हिरासत में भेजने का निर्देश दिया।

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