सिरसा सत्याग्रह में विजयी रहा किसान आंदोलन, एसकेएम नेता बलदेव सिंह सिरसा का आमरण अनशन समाप्त

नई दिल्ली: जंतर मंतर पर आयोजित किसान संसद में संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े 200 किसानों ने भाग लिया। जैसा कि पहले घोषित किया गया था, सब कुछ व्यवस्थित, अनुशासित और शांतिपूर्ण रहा। आज की कार्यवाही में एक प्रश्नकाल भी शामिल था, और कल की बहस की निरंतरता में, आज की बहस एपीएमसी बाईपास अधिनियम पर केंद्रित थी। आज किसान संसद में कृषि मंत्री के इस्तीफे की भी घोषणा हुई।

किसान संसद में संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े 200 किसानों ने भाग लिया

दो दिनों की कार्यवाही के दौरान, प्रदर्शनकारी किसानों ने किसान संसद की बहस में भाग लेने और अपने कार्यों से उन पर महीनों से लगाए जा रहे कई झूठे आरोपों – कि उन्हें कानूनों के बारे में शिक्षित होने की आवश्यकता है, कि वे हिंसा के लिए इसमें शामिल हैं, इत्यादि – का खंडन किया है। किसान संसद की दो दिवसीय कार्यवाही ने एक बार फिर किसानों को बदनाम करने की भाजपा-आरएसएस की साजिश का पर्दाफाश किया। एसकेएम ने यह भी बताया कि सरकार हर मौके पर किसानों को बदनाम करती रही है। कल, एक मीडियाकर्मी के शरीर पर चोट के बाद भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने किसानों को हिंसक और दोषी ठहराया गया था, जबकि यह पता चला है कि यह दो मीडियाकर्मियों के बीच का विवाद था, जिसके कारण दुर्भाग्यपूर्ण चोट लगी।

सिरसा सत्याग्रह में विजयी रहा किसान आंदोलन

संयुक्त किसान मोर्चा सरकार द्वारा इस सत्र में बिजली संशोधन विधेयक 2021 को कार्य के लिए सूचीबद्ध किया जाने को संज्ञान में लेता है। एसकेएम ने सरकार को किसान प्रतिनिधियों के साथ औपचारिक बातचीत के दौरान किए गए  वायदे से किसी भी तरह की मुकरने के खिलाफ चेतावनी दी। रिपोर्ट- स्वाति

Share This News

Leave a Reply

Your email address will not be published.