2008 वैश्विक मंदी की सटीक भविष्वाणी करने वाले ‘डॉ डूम’ अर्थशास्त्री नूरील रुबिनी ने 2023 के लिए दिए भयानक संकेत

2008 के वैश्विक वित्तीय संकट की सही भविष्यवाणी करने वाले अर्थशास्त्री नूरील रूबिनी ने वैश्विक मंदी की चेतावनी दी है। रुबिनी 2022 के अंत तक अमेरिका सहित पूरी दुनिया में एक लंबी और बदसूरत”वैश्विक मंदी को देखते है। और यह 2023 तक रह सकता है।

मैक्रो एसोसिएट्स के चेयरमैन और सीईओ 54 वर्षीय रूबिनी ने इस सप्ताह की शुरुआत में ब्लूमबर्ग के साथ एक साक्षात्कार में कहा, “यहां तक ​​​​कि एक नॉर्मल वेनिला मंदी में भी, एस एंड पी (S&P) 500 30% तक गिर सकता है।” हालाँकि एक वास्तविक कठिन अनुमान में उन्हें उम्मीद है कि शेयर बाजार सूचकांक 40% गिर सकता है।

स्टैंडर्ड एंड पूअर्स 500, या केवल एस एंड पी 500, एक स्टॉक मार्केट इंडेक्स है जो अमेरिका में एक्सचेंजों पर लिस्टेड 500 बड़ी कंपनियों के स्टॉक प्रदर्शन को ट्रैक करता है।

2007 से 2008 के हाउसिंग बबल क्रैश पर उनकी सटीक भविष्यवाणी ने उन्हें ‘डॉ डूम’ उपनाम दिया था, यह कहते हुए कि उथली अमेरिकी मंदी की उम्मीद करने वालों को निगमों और सरकारों के बड़े ऋण अनुपात को देखना चाहिए। जैसे-जैसे दरें बढ़ती हैं और कर्ज चुकाने की लागत बढ़ती है, “कई ज़ोंबी संस्थान, ज़ोंबी घराने, कॉरपोरेट, बैंक, शैडो बैंक और ज़ोंबी देश मरने वाले हैं।

रूबिनी को उम्मीद है कि आपूर्ति के झटके और वित्तीय संकट कितने गंभीर होंगे, इस पर निर्भर करते हुए अमेरिका और वैश्विक मंदी पूरे 2023 तक चलेगी। 2008 के संकट के दौरान, घरों और बैंकों ने सबसे कठिन वित्तीय मार झेली थी। इस बार, उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेशंस और छाया बैंक, जैसे हेज फंड, निजी इक्विटी और क्रेडिट फंड एक्सप्लोड करने वाले हैं।

रूबिनी ने यह भी चेतावनी दी है कि वैश्विक ऋण स्तर बाजारों को नीचे खींचेंगे जिसके चलते वैश्विक मंदी का ये दौर लम्बा खींचने वाला है।

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