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	<title>Mohammad zubair Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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	<description>Hindi Khabar: Latest News Breaking News, हिंदी खबर चैनल, Hindi Khabar Live,Hindi News</description>
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	<title>Mohammad zubair Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>क्रिकेटर अर्शदीप सिंह पर कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर ने शेयर कर डाले पाकिस्तान प्रोपेगेंडा वाले ट्वीट्स, FIR दर्ज</title>
		<link>https://hindikhabar.com/alleged-fact-checker-mohammad-zubair-shared-tweets-containing-pakistan-propaganda-on-cricketer-arshdeep-singh-fir-registered/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 Sep 2022 09:33:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
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					<description><![CDATA[सिरसा ने आरोप लगाया कि जुबैर यह चित्रित करने की कोशिश कर रहे थे कि इस तरह के अपमानजनक और दुर्भावनापूर्ण ट्वीट भारतीय क्रिकटर अर्शदीप सिंह के ट्विटर हैंडल द्वारा पोस्ट किए गए थे,]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कथित फैक्ट चेकर और ऑल्ट न्यूज़ वेबसाइट के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) के खिलाफ एक पुलिस शिकायत दर्ज की है, जिसमें उन्होंने क्रिकेटर अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) और सिख समुदाय के खिलाफ अपने ट्वीट से &#8216;नफरत फैलाने&#8217; का आरोप लगाया है।</p>
<p>रविवार को दुबई में एशिया कप के सुपर फोर मैच में भारत की चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से पांच विकेट से हार के दौरान एक कैच छोड़ने के बाद खिलाड़ी सोशल मीडिया पर शातिर ट्रोलिंग का शिकार हो गया।</p>
<p>पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज अपनी शिकायत में, सिरसा ने जुबैर के एक ट्वीट का हवाला दिया जिसमें उन्होंने क्रिकेटर अर्शदीप सिंह के खिलाफ विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किए गए ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट साझा किए थे।</p>
<p>भाजपा नेता ने दावा किया कि इनमें से अधिकतर ट्वीट पाकिस्तानी एकाउंट्स से थे और आरोप लगाया कि मोहम्मद जुबैर ने राष्ट्र-विरोधी तत्वों के इशारे पर ऐसा काम किया था।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr">I have filed a police complaint against <a href="https://twitter.com/zoo_bear?ref_src=twsrc%5Etfw">@zoo_bear</a> as he was a part of Pak’s conspiracy to defame Sikhs and fuel hate campaign against Sikhs in India. His screenshots are used by Pak handles. I have demanded enquiry into who supported Zubair in creating this “Khalistani” agenda <a href="https://t.co/xtc5U5yEsj">pic.twitter.com/xtc5U5yEsj</a></p>
<p>&mdash; Manjinder Singh Sirsa (@mssirsa) <a href="https://twitter.com/mssirsa/status/1566774849594609664?ref_src=twsrc%5Etfw">September 5, 2022</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>उन्होंने मांग की कि ज़ुबैर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए और साजिश का पता लगाने के लिए जांच शुरू की जाए।</p>
<p>सिरसा ने ट्वीट के जरिये आरोप लगाते हुए कहा, &#8220;मोहम्मद जुबैर ने सीमा पार राष्ट्र विरोधी तत्वों के साथ मिलकर काम करते हुए खालिस्तानी शब्द के साथ खोज करने के बाद विभिन्न ट्विटर हैंडल के ट्विटर से स्क्रीनशॉट लिया और फिर 5 सितंबर, 2022 को 00:05 बजे इन सभी को मिलाकर एक ट्वीट पोस्ट किया।</p>
<p>सिरसा ने आरोप लगाया कि जुबैर यह चित्रित करने की कोशिश कर रहे थे कि इस तरह के अपमानजनक और दुर्भावनापूर्ण ट्वीट भारतीय क्रिकटर अर्शदीप सिंह के ट्विटर हैंडल द्वारा पोस्ट किए गए थे, जबकि वास्तविकता यह है कि इनमें से अधिकांश ट्विटर अकाउंट पाकिस्तानी हैं&#8221;।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि कुछ अकाउंट तो इस ट्वीट के उद्देश्य से बनाए गए थे जिसके पीछे एकमात्र इरादा एक राष्ट्रवादी और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के खिलाफ नफरत फैलाना था, जिसने अपना दिल और आत्मा देश के लिए खेलते हुए लगा दी।</p>
<p>याद दिला दें कि जुबैर को 27 जून को 2018 में एक हिंदू देवता के खिलाफ एक ट्वीट के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह अभद्र भाषा के आरोप में 24 दिनों के लिए हिरासत में था और अब जमानत पर बाहर है।</p>
<p>उत्तर प्रदेश में मोहम्मद जुबैर के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गईं – हाथरस में दो और सीतापुर, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और चंदौली में एक-एक। कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर अपने नफरती ट्वीट्स और फेक न्यूज़ फैलाने के चलते विवादों में कई बार आ चुका है।</p>
<p>इससे पहले विकिपीडिया पर किसी शख्स ने अर्शदीप सिंह को खालिस्तानी बता डाला था जिसके बाद भारत सरकार विकिपीडिया से जवाब तलब किया था। हालांकि कुछ ही देर बाद एडिटर्स ने अर्शदीप सिंह का पेज फिर से एडिट कर दिया था।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>Supreme Court से मोहम्मद जुबैर को मिली बड़ी राहत, UP में दर्ज सभी 6 मामलों में बेल</title>
		<link>https://hindikhabar.com/big-relief-to-mohammad-zubair-from-supreme-court-bail-in-all-6-cases-registered-in-up/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 20 Jul 2022 11:24:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi NCR]]></category>
		<category><![CDATA[Alt News Founder Mohammad Zubair]]></category>
		<category><![CDATA[Mohammad zubair]]></category>
		<category><![CDATA[Mohammad Zubair News]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
		<category><![CDATA[supreme court news]]></category>
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					<description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट में ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। बता दें सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए मोहम्मद जुबैर को तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया है। हालांकि बता दें फैक्ट-चेकर वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>सुप्रीम कोर्ट में <strong>ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर</strong> की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। बता दें सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए मोहम्मद जुबैर को तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया है। हालांकि बता दें फैक्ट-चेकर वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। लेकिन कुछ दिन पूर्व ही पटियाला कोर्ट से जुबैर को 50 हजार के निजी मुचलके पर जमानत मिली गई  है। </p>



<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong> <a href="https://hindikhabar.com/world-news/ranil-wickremesinghe-wins-presidential-election-amid-protests-in-sri-lanka-gets-134-votes-out-of-225/">श्रीलंका में विरोध के बीच रानिल विक्रमसिंघे ने जीता राष्ट्रपति चुनाव, 225 में से 134 वोट मिले</a></p>



<p>हालांकि कोर्ट के तरफ से जुबैर को एक ओर बढ़ी राहत मिल गई है। बता दें जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने यह फैसला सुनाया है कि जुबैर को उत्तर प्रदेश में दर्ज सभी 6 मामलों में अंतरिम जमानत मिल गई है। इसके साथ ही <strong>मोहम्मद जुबैर</strong> के खिलाफ उत्तर प्रदेश में दर्ज सभी एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। इसके अलावा सभी केसों को दिल्ली में दर्ज एफआईआर के साथ ही क्लब करने का फैसला लिया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">SC से मोहम्मद जुबैर को मिली बड़ी राहत</h3>



<p>बता दें जुबैर पर कुल 7 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें से 6 उत्तर प्रदेश में दर्ज हैं। वह सभी दिल्ली, सीतापुर, हाथरस और लखीमपुर में दर्ज केस में कस्टडी में है। बता दें ​​​​​​जुबैर 2018 के ट्वीट केस में बेल के लिए दिल्ली की अदालत पहुंचा था। लेकिन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में उत्तर प्रदेश की हाथरस कोर्ट ने 14 जुलाई को उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके मुताबिक <strong>मोहम्मद जुबैर</strong> को 27 जुलाई तक जेल में ही रहना था।</p>



<p>इसके अलावा अदालत ने कहा कि लगातार हिरासत में रखना सही नहीं है। अदालत ने कहा कि जुबैर के खिलाफ दर्ज केसों में एक ठोस जांच होनी चाहिए और सभी केसों को यूपी से दिल्ली ट्रांसफर किया जाना चाहिए। इसके अलावा एफआईआर को खारिज कराने की <strong>मोहम्मद जुबैर</strong> की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट जाने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि यूपी में दर्ज सभी एफआईआर में 20,000 रुपये के मुचलके पर मोहम्मद जुबैर को बेल मिल जाएगी।</p>



<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong>  <a href="https://hindikhabar.com/big-news/the-date-and-time-of-demolition-of-supertech-twins-towers-has-been-fixed-noida-authority-has-approved/">Supertech Twins Towers गिराने की तारीख और वक्त हुआ तय, नोएडा अथॉरिटी ने लगाई मुहर</a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>मोहम्मद जुबैर को पटियाला कोर्ट से मिली बड़ी राहत, धार्मिक भावना भड़काने का था आरोप</title>
		<link>https://hindikhabar.com/mohammad-zubair-got-a-big-relief-from-patiala-court-was-accused-of-inciting-religious-sentiments/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Jul 2022 10:05:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi NCR]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[alt news]]></category>
		<category><![CDATA[breaking news]]></category>
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		<category><![CDATA[Mohammad zubair]]></category>
		<category><![CDATA[ऑल्ट न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जमानत]]></category>
		<category><![CDATA[पटियाला हाउस कोर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[मोहम्मद ज़ुबैर]]></category>
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					<description><![CDATA[Breaking News:फैक्ट-चेकर वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। बता दें स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ट्विटर हैंडल से जून महीने में शिकायत मिलने के बाद मोहम्मद जुबैर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जिसके बाद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Breaking News:</strong>फैक्ट-चेकर वेबसाइट <strong>ऑल्ट न्यूज</strong> के सह संस्थापक <strong>मोहम्मद जुबैर</strong> को दिल्ली पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। बता दें स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ट्विटर हैंडल से जून महीने में शिकायत मिलने के बाद मोहम्मद जुबैर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जिसके बाद आज ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर जुबैर को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से आज बड़ी राहत मिली है।</p>



<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong> <a href="https://hindikhabar.com/world-news/ranil-wickremesinghe-sworn-in-as-caretaker-president-after-sri-lankan-president-gotabaya-resigns/">श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया के इस्तीफे के बाद, रानिल विक्रमसिंघे ने कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में ली शपथ</a></p>



<p>पटियाला हाउस कोर्ट की सेशन कोर्ट से <strong>मोहम्मद ज़ुबैर</strong> को जमानत मिल गई है। बता दें जुबैर को 50 हजार के निजी मुचलके पर <strong>जमानत मिली</strong> है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने जुबैर की जमानत का विरोध किया था। लेकिन कोर्ट ने जुबैर को जमानत देते हुए कहा कि वो बिना इजाजत देश छोड़कर नहीं जायेंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख सुनाया फैसला</h3>



<p>बता दें कि <strong>मोहम्मद जुबैर</strong> की जमानत याचिका पर दिल्ली की <strong>पटियाला हाउस कोर्ट</strong> में गुरुवार बहस पूरी हो गई थी। इसी के साथ कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि आज कोर्ट ने इस याचिका पर फैसला सुना दिया है। इसी के साथ कोर्ट में मोहम्मद जुबैर की तरफ से उनकी वकील वृंदा ग्रोवर और दिल्ली पुलिस की तरफ से स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर अतुल श्रीवास्तव ने पक्ष रखा था। हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से उस ट्वीट की तारीख पूछी थी जिसपर मामला दर्ज किया गया है। हालांकि जुबेर के ऊपर कई आरोप भी लगे है जिसमें ये भी कहा गया है कि साल 2022 में विदेशी फंड भी मिला था।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कौन है मोहम्मद जुबैर?</h3>



<p><strong>मोहम्मद जुबैर </strong>बेंगलुरु के रहने वाले हैं। इसी के साथ उन्होंने सुब्रमण्यम स्वामी का पैरोडी फेसबुक पेज चलाकर प्रसिद्धि हासिल करने वाला एक बेहद ही फेमस ब्लॉगर है। बता दें साल 2017 में जुबैर ने प्रतीक सिन्हा के साथ मिलकर एक <strong>ऑल्ट न्यूज फैक्ट चेक</strong> वेबसाइट को भी लॉन्च किया था। हालांकि, कुछ ही दिनों के बाद दोनों को अपने कथित पक्षपात को लेकर काफी आलोचनाओं के घेरे में आ गए थे।</p>



<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong>  <a href="https://hindikhabar.com/lifestyle/health-news/health-departments-guideline-on-monkeypox-released-said-testing-of-suspects-will-be-intensified/">मंकीपॉक्स पर स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन जारी, कहा-‘संदिग्धों की टेस्टिंग होगी तेज’</a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Mohammad Zubair की जमानत याचिका पर कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई￼</title>
		<link>https://hindikhabar.com/hearing-in-supreme-court-tomorrow-on-mohammad-zubairs-bail-plea/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 Jul 2022 10:14:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[alt news co-founder mohammad zubair]]></category>
		<category><![CDATA[India News In Hindi]]></category>
		<category><![CDATA[Latest India News Updates]]></category>
		<category><![CDATA[Mohammad zubair]]></category>
		<category><![CDATA[Supreme Court]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने के लिए राजी हो गया है। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि मामले को सीजेआई की मंजूरी के बाद शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। जुबैर की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>नई दिल्ली।</strong>   उच्चतम न्यायालय ने ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने के लिए राजी हो गया है। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि मामले को सीजेआई की मंजूरी के बाद शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।</p>



<p>जुबैर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोन्जाल्विस ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी और इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्होंने मामले पर तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध करते हुए कहा कि उनकी जान को खतरा है क्योंकि वहां लोग उन्हें धमकी दे रहे हैं।</p>



<p>हिंदू शेर सेना के सीतापुर के जिलाध्यक्ष भगवान शरण द्वारा एक जून को भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा-67 के तहत जुबैर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।</p>



<p>दिल्ली पुलिस ने जुबैर को अपने एक ट्वीट के जरिए धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में 27 जून को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने जुबैर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120 बी (आपराधिक साजिश) और 201 (सबूत नष्ट करना) तथा विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम की धारा 35 के प्रावधान भी लगाए हैं।</p>
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