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	<title>ganesh Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>1.1 करोड़ रुपए के इनामी नक्सली गणेश का एनकाउंटर, मुठभेड़ में दो महिला माओवादी भी ढेर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Ajay Yadav]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Dec 2025 09:55:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Orissa Naxali Encounter : ओडिशा पुलिस और सुरक्षा बलों ने क्रिसमस के दिन एक बड़े ऑपरेशन में CPI (माओइस्ट) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और ओडिशा में माओवादी गतिविधियों के प्रमुख कमांडर गणेश उइके को मार गिराया है. 69 वर्षी गणेश उइके पर 1.1 करोड़ रुपए का इनाम था. इस मुठभेड़ में कुल चार माओवादी मारे &#8230;]]></description>
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<p><strong>Orissa Naxali Encounter :</strong> ओडिशा पुलिस और सुरक्षा बलों ने क्रिसमस के दिन एक बड़े ऑपरेशन में CPI (माओइस्ट) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और ओडिशा में माओवादी गतिविधियों के प्रमुख कमांडर गणेश उइके को मार गिराया है. 69 वर्षी गणेश उइके पर 1.1 करोड़ रुपए का इनाम था. इस मुठभेड़ में कुल चार माओवादी मारे गए, जिनमें दो महिला कैडर भी शामिल हैं.</p>



<p>उड़ीसा पुलिस के नक्सल ऑपरेशन के DIG अखिलेश्वर सिंह ने बताया कि उड़ीसा की स्पेशल फोर्स SOG के साथ CRPF और BSF की संयुक्त टीमों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. उन्होंने कहा कि गणेश उइके का एनकाउंटर उड़ीसा के कंधमाल जिले और गंजम जिले की सीमा पर स्थित राम्पा जंगल में हुआ.</p>



<h3 class="wp-block-heading">इंटेलिजेंस पर ऑपरेशन शुरू</h3>



<p>स्पेशल इंटेलिजेंस विंग से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया था. जवानों को जंगल में देखकर नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, इसके बाद जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया. भारी मुठभेड़ के बाद चार नक्सली मारे गए. मुठभेड़ वाली जगह से दो INSAS राइफल और एक .303 राइफल बरामद की गई.</p>



<h3 class="wp-block-heading">गणेश उइके माओवादी गतिविधियों में सक्रिय</h3>



<p>बता दें कि गणेश उइके काफी समय से ओडिशा में सक्रिय था और माओवादी संगठन में अहम भूमिका निभा रहा था. उसे ओडिशा राज्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और वह छत्तीसगढ़ में भी सक्रिय था. रिपोर्ट्स के अनुसार, गणेश उइके साउथ सब जोनल का इंचार्ज था और सात राज्यों में उसकी तलाश की जा रही थी. अब उसे एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया है.</p>



<h3 class="wp-block-heading">जंगल में कंबिंग ऑपरेशन जारी</h3>



<p>वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इसे ओडिशा में माओवादी गतिविधियों के लिए बड़ा झटका बताया है. केंद्र सरकार ने मार्च 2026 तक पूरे देश से लेफ्ट-विंग एक्सट्रीमिज्म को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है और इसी उद्देश्य के तहत ओडिसा में ऑपरेशन तेज किए गए हैं. पुलिस ने कहा कि जंगल में कंबिंग ऑपरेशन जारी है, ताकि बचे हुए माओवादी कैडरों को पकड़ा जा सके.</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong>&nbsp;<a href="https://hindikhabar.com/sikhs-religious-procession-was-stopped-in-new-zealand-slogans-of-jesus-jesus-were-chanted/">न्यूजीलैंड में सिखों का धार्मिक जुलूस रोका गया, जीसस-जीसस के लगाए नारे</a></p>



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		<title>Temple in Jodhpur: जहां 500 साल पहले चट्टान से प्रकट हुई थी प्रतिमा,विदेशों से आता है शादी का पहला न्योता</title>
		<link>https://hindikhabar.com/temple-in-jodhpur-where-the-statue-appeared-from-the-rock-500-years-ago-the/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aditya Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Nov 2023 09:11:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[ganesh]]></category>
		<category><![CDATA[Hindustan]]></category>
		<category><![CDATA[HISTORICAL FACT]]></category>
		<category><![CDATA[jhodpur]]></category>
		<category><![CDATA[RAJSHTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[ratanada ganesh tenple]]></category>
		<category><![CDATA[temple history]]></category>
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					<description><![CDATA[Temple in Jodhpur: राजस्थान की सांस्कृतिक और न्यायिक राजधानी के साथ-साथ जोधपुर की एक ओर पहचान है और वह है धार्मिक नगरी…यहां ऐसे कई ऐतिहासिक मंदिर है जिनपर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है. ऐसा ही एक मंदिर है जोधपुर का रातानाडा गणेश मंदिर जहां ऐसी मान्यता बरसों से चली आ रही है कि कोई भी &#8230;]]></description>
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<p>Temple in Jodhpur: राजस्थान की सांस्कृतिक और न्यायिक राजधानी के साथ-साथ जोधपुर की एक ओर पहचान है और वह है धार्मिक नगरी…यहां ऐसे कई ऐतिहासिक मंदिर है जिनपर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था है. ऐसा ही एक मंदिर है जोधपुर का रातानाडा गणेश मंदिर जहां ऐसी मान्यता बरसों से चली आ रही है कि कोई भी शुभ या फिर मांगलिक कार्य क्यों न हो रातानाडा गजानंद मंदिर में पहला निमंत्रण दिया जाता है उसी के बाद किसी शुभ कार्य की शुरूआत की जाती है.</p>



<p>वर्तमान की बात करें तो शादियों का सीजन है कि पूरे राजस्थान में 23 नवम्बर के दिन 50 हजार से अधिक शादियां है. ऐसे में रातानाडा गणेश मंदिर में शादी के निमंत्रण पत्रों का ढेर लगना शुरू हो चुका है. जोधपुर ही नही बल्कि राजस्थान और विदेशो तक में बैठे प्रवासी राजस्थानियों तक भी शादी पहला निमंत्रण इसी मंदिर में देते है.</p>



<h3 class="wp-block-heading">Temple in Jodhpur: <strong>यह है मान्यता इस मन्दिर की</strong></h3>



<p>मान्यता है कि विवाह कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व रातानाडा मंदिर से प्रतीकात्मक मिट्टी के विनायक लाकर जो व्यक्ति विवाह स्थल परिसर में विराजित करता है तो विवाह समारोह निर्विघ्न रूप से संपन्न होता है. श्रद्धालु भक्तजन घर में होने वाले प्रत्येक वैवाहिक कार्य का प्रथम निमंत्रण प्रथम पूज्य रातानाडा गणेशजी को देने पहुंचते हैं.</p>



<p>शुभ दिन व मुहूर्त में मंदिर में विधिवत मिट्टी के मांडणेयुक्त एक पात्र में गणेशजी को प्रतीकात्मक मूर्ति के रूप में स्थापित कर गाजे-बाजों के साथ विवाह होने वाले व्यक्ति के घर पर लाया जाता है और विवाह कार्य पूर्ण होने के बाद पुन: आभार सहित गणपति की प्रतीकात्मक मूर्ति को मंदिर पहुंचाया जाता है.</p>



<h3 class="wp-block-heading">Temple in Jodhpur: <strong>500 साल पहले प्रकट हुई थी मूर्ति</strong></h3>



<p>ऐसा कहा जाता है कि करीब पांच सौ साल पहले प्राकृतिक चट्टान में गणेश मूर्ति का प्राकट्य हुआ था. बाद में विक्रम संवत 1857 में पहाड़ी पर एक छोटा मंदिर बनाया गया. हर तीर्थ यात्रा के सफर का आगाज रातानाडा गणेश मंदिर दर्शन से ही करने की परम्परा है. जोधपुर में प्रत्येक तीसरे साल पुरुषोत्तम मास में होने वाली भोगिशैल परिक्रमा में मारवाड़ के विभिन्न क्षेत्रों से दर्शनार्थी पहुंचते है. मारवाड़ के प्रमुख मेलों में रातानाडा गणेश मेला भी अपना विशिष्ट स्थान रखता है.</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>लंदन हो या अमेरिका वहां से भी पहुंचे शादी के निमंत्रण</strong></h3>



<p>चाहे लंदन हो, अमेरिका हो या फिर राजस्थान के अलावा अन्य राज्य जहां पर भी राजस्थानी रहते है वह इस मंदिर के चमत्कार के भलीभाती परिचित है और उनका भी विश्वास आज भी उतना ही है कि कोई भी शादी समारोह हो पहला निमंत्रण रातानाडा गजानंद मंदिर में भेजते है.</p>



<p>रातानाडा गणेश मंदिर के पुजारी महेश अबोटी ने बताया कि देश विदेशो में जो राजस्थान के लोग रहते है उनके भी शादी के निमंत्रण पहुंचे है. अमेरिका और लंदन के अलावा दूसरे राज्य एमपी व महाराष्ट्र से भी निमंत्रण पत्र पहुंचे है. विदेशों से जो कार्ड आए है उसमें हम उन्हें लाल कपडे में गणेश जी बनाकर देते हैं और बाद में जब विवाह सकुशल सम्पन्न होता है तो वह इस मंदिर में गणेशजी के वापस पहुंचाते हैं.</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>भगवान गणेश के पास हजारों की संख्या में पहुंचे शादी के निमंत्रण</strong><strong></strong></h3>



<p>23 नवंबर की बात करें तो राजस्थान भर में 50 हजार से भी अधिक शादियां इस बार बताई जा रही है क्योंकि देवउठनी एकादशी के अगले दिन यानी द्वादशी तिथि के दिन शालिग्राम और तुलसी जी का विवाह किया जाता. इसको देखते हुए लोगों में गजब का उत्साह है और इस तारीख को देखते हुए अब तक हजारो की संख्या में निमंत्रण रातानाडा गणेश मंदिर पहुंच चुके है. रातानाडा गणेश मंदिर के महंत की मानें तो हजारों की संख्या में कार्ड पहुंच चुके है. </p>



<p>ये भी पढ़ें-<a href="https://hindikhabar.com/state/madhepura-dm-car-accident-dms-car-went-out-of-control-three-people-lost-their-lives/">Madhepura: डीएम की अनियंत्रित कार बनी काल, तीन लोगों की गई जान</a></p>
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		<item>
		<title>MP: गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, गहरे पानी में जाने से शख्स की मौत</title>
		<link>https://hindikhabar.com/mp-major-accident-during-ganesh-immersion-person-dies-after-going-into-deep-water/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anukampa]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Sep 2023 07:47:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[ganesh]]></category>
		<category><![CDATA[ganesh chaturthi2023]]></category>
		<category><![CDATA[madhya pradesh bhopal]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh bjp]]></category>
		<category><![CDATA[madhya pradesh cm shivraj singh chouhan]]></category>
		<category><![CDATA[madhya pradesh cm shivraj singh chouhan के आज के कार्यक्रम]]></category>
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					<description><![CDATA[ MP: बीते दिन पूरे देश में गणपति विसर्जन किया गया। मध्य प्रदेश में भी ‘अगले बरस जल्दी आना’ के जयकारों के साथ   बप्पा को विदाई दी गई। ऐसे में मध्य प्रदेश  के ओरछा से एक दुखद ख़बर सामने आई। वसर्जन करने के दौरान एक शख्स के गहरे पानी में जाने से मौत हो गई। हालांकि &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong> MP:</strong>  बीते दिन पूरे देश में गणपति विसर्जन किया गया। मध्य प्रदेश में भी ‘अगले बरस जल्दी आना’ के जयकारों के साथ   बप्पा को विदाई दी गई। ऐसे में मध्य प्रदेश  के ओरछा से एक दुखद ख़बर सामने आई। वसर्जन करने के दौरान एक शख्स के गहरे पानी में जाने से मौत हो गई। हालांकि उसके एक साथी को डूबने से बचा लिया गया।</p>



<p> बीते तीन दिनों से लगातार ओरछा की बेतवा नदी में लोग मूर्ति विसर्जन करने आ रहे हैं। ऐसे में घाटों पर काफी भीड़ हो रही है। पुलिस ज्यादा लोगों को पानी में जाने से मना भी करती है, लेकिन कुछ लोग इन बातों को नज़र अदांज कर देते हैं। गुरुवार को ग्वालियर से मूर्ति विसर्जन करने आए कुछ लोग मूर्ति विसर्जित कर बेतबा नदी के कंचना घाट पर नहाने चले गए।</p>



<p> नहाते हुए दो लोग गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। वहीं, घाट पर मौजूद लोगों ने डूबते हुए लोगों को देखा तो शोर मचाने लगे। घाट पर मौजूद वोट क्लब के लोग तत्परता दिखाते हुए डूब रहे लोगों के पास वोट ले गए, जहां पर एक युवक को बचा लिया गया लेकिन दूसरा युवक गहरे पानी में चले जाने से नज़र नहीं आया। इस घटना से लोगों को ये सीख लेनी चाहिए यदि गहरे पानी में जाने से मना क्या गया है तो भलाई के लिए लेकिन कुछ लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं। </p>



<p>ये भी पढ़ें:<a href="https://hindikhabar.com/state/madhya-pradesh/madhya-pradesh-12-year-old-girl-brutally-assaulted-in-ujjain-cctv-footage-surfaced/">Madhya Pradesh: उज्जैन में 12 साल की बच्ची से हैवानियत, सामने आया CCTV Footage</a></p>
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		<item>
		<title>Madhya Pradesh: 500 साल पुरानी गोबर के गणेश, पूरी होती है भक्तों की मनोकामना</title>
		<link>https://hindikhabar.com/madhya-pradesh-500-years-old-ganesh-made-of-cow-dung-wishes-of-devotees-are-fulfilled/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Sep 2023 11:16:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Madhya Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[ganesh]]></category>
		<category><![CDATA[madhhya pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[madhya pradesh news]]></category>
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					<description><![CDATA[एमपी के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा के मुख्य चौराहे पर एक अति प्राचीन भगवान गणेश का मंदिर है। इस मंदिर की प्रमुख खासियत ये है की भगवान गणेश की जो प्रतिमा है। वह गोबर से बनी हुई है। इसलिए प्रतिमा को गोबर के गणेश कहा जाता है। पुराने समय से ही यह मंदिर भक्तों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>एमपी के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा के मुख्य चौराहे पर एक अति प्राचीन भगवान गणेश का मंदिर है। इस मंदिर की प्रमुख खासियत ये है की भगवान गणेश की जो प्रतिमा है। वह गोबर से बनी हुई है। इसलिए प्रतिमा को गोबर के गणेश कहा जाता है। पुराने समय से ही यह मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। इस अति प्राचीन मंदिर में भगवान गणेश के साथ रिद्धि-सिद्धि भी विराजित हैं। गोबर के यह श्री गणेश अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।</p>



<p>वहीं, इस चौराहे को गणेश दरवाजे का भी नाम दिया गया है। गणेश उत्सव पर्व के दौरान गणेश दरवाजा स्थित इस गणेश मंदिर में रिद्धि-सिद्धि के साथ भगवान गणेश की विशेष पूजन अर्चन की जाती है। बड़ी संख्या में भक्तगण भी दर्शन हेतु यहां पहुंचते हैं।</p>



<p>बताया जाता है की भगवान श्री गणेश की यह प्रतिमा पांच सौ साल से अधिक पुराने गोबर से बनी है। भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने वाले भगवान श्री गणेश के मनोहारी श्रृंगार के दर्शन का लाभ लेने नगर सहित आसपास के कई स्थानों से बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचते हैं।</p>



<p>बता दें कि नलखेड़ा नगर की स्थापना राजा नल के द्वारा की गई थी। राजा नल के नाम से पहले इस नगर को नल नगर कहा जाता था. बाद में समय के साथ नगर का नाम नलखेड़ा हो गया। जिस जगह पर श्री गणेश की स्थापना है. वहां पहले नगर का मुख्य द्वारा हुआ करता था। इसी द्वारा से नगर में प्रवेश होता था। नगर के चारों ओर एक बड़ी दिवाल थी, जिसे नगर कोट कहा जाता था।</p>



<p>प्राचीन समय में नगर के मुख्य द्वारा पर 10 फीट ऊंची गोबर से बनी प्रतिमा की स्थापना यहां की गई थी। जो पुराने समय से ही भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। इस प्रतिमा की स्थापना किसके द्वारा की गई इस बात का इतिहास कहीं नहीं मिलता है, लेकिन पुरातत्व के जानकारों के अनुसार 500 से अधिक साल पहले इसकी स्थापना के प्रमाण जरूर उपलब्ध हैं।</p>



<p>नलखेड़ा में पीतांबरा माता का सिद्धपीठ स्थल मां बगलामुखी मंदिर भी है, जो अति प्राचीन मंदिर है। इसकी स्थापना भगवान कृष्ण के कहने पर पांडवो के द्वारा युद्ध में विजय श्री प्राप्त करने के लिये की गई थी। इसलिए देश के साथ ही बड़ी संख्या में विदेशों से भी भक्त यहां आते हैं।</p>



<p>भगवान श्री गणेश रिद्धि सिद्धि के साथ यहां विराजित हैं। प्रतिमा के पास मुषक वाहन भी विराजित हैं। कहा जाता है की भक्त दूर-दूर से अपनी मनोकामनाएं लेकर मंगलमूर्ति गोबर के गणेश के पास पहुंचते हैं। भगवान गणेश सभी की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।</p>



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