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	<title>chine Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>भारत की शरण में यूं ही नहीं आए पुतिन, अरबों डॉलर के रूसी खजाने पर चीन की गिद्ध नजर</title>
		<link>https://hindikhabar.com/putin-did-not-come-to-india-without-any-reason-chinas-vulture-eye-on-russian-treasure-worth-billions-of-dollars/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 03 Apr 2023 11:58:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[chine]]></category>
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		<category><![CDATA[Putin]]></category>
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					<description><![CDATA[Russia India Vs China: चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग यूक्रेन युद्ध के बीच पिछले दिनों रूस की यात्रा पर गए थे जहां उन्‍होंने राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। पुतिन के खिलाफ वारंट जारी है, इसके बाद भी जिनपिंग ने रूसी राष्‍ट्रपति से मिलकर पश्चिमी देशों पर निशाना साधा। दोनों देशों ने आर्थिक संबंधों को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Russia India Vs China: </strong><a href="https://en.wikipedia.org/wiki/China" target="_blank" rel="noreferrer noopener">चीन</a> के राष्&#x200d;ट्रपति शी जिनपिंग यूक्रेन युद्ध के बीच पिछले दिनों रूस की यात्रा पर गए थे जहां उन्&#x200d;होंने राष्&#x200d;ट्रपति व्&#x200d;लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। पुतिन के खिलाफ वारंट जारी है, इसके बाद भी जिनपिंग ने रूसी राष्&#x200d;ट्रपति से मिलकर पश्चिमी देशों पर निशाना साधा। दोनों देशों ने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने का ऐलान किया। जिनपिंग भले ही पुतिन के साथ दोस्&#x200d;ती को बढ़ाने का दावा करें लेकिन वह रूस के कम विकसित सुदूरपूर्व इलाके में निवेश से कतरा रहे हैं। यह इलाका चीन से सटा हुआ है और अरबों डॉलर के तेल और गैस के भंडार से भरा हुआ है। रूसी राष्&#x200d;ट्रपति के गुहार लगाने के बाद अब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्&#x200d;लादिवोस्&#x200d;तोक इलाके में एक सैटलाइट शहर बसाने जा रहे हैं। आइए जानते हैं क्&#x200d;यों रूस के इस इलाके को लेकर बीजिंग और मास्&#x200d;को में विवाद है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>79 परियोजनाओं में 165 अरब डॉलर का निवेश</strong><strong></strong></h3>



<p>एशिया टाइम्&#x200d;स की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन पर हमले के बाद साल 2022 के मध्&#x200d;य में रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्&#x200d;टीन ने कहा था कि चीन देश के ऊर्जा, खनन और कृषि सेक्&#x200d;टर में 79 परियोजनाओं में 165 अरब डॉलर का निवेश कर सकता है। रूस को उम्&#x200d;मीद थी कि चीन यूरोपीय देशों की जगह ले लेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। रूस की सरकारी मीडिया ने जहां चीन के सुदूर पूर्व इलाके में निवेश को दुनिया के सामने पेश किया लेकिन चीन के विश्&#x200d;लेषकों ने इस पर पानी फेर दिया।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>चीन की क्विंग सरकार को रूस से मिली थी हार</strong></h3>



<p>चीन के विश्&#x200d;लेषकों ने सरकार से मांग की है कि वे रूस में नियामक और निवेश रिस्&#x200d;क है। उन्&#x200d;होंने मांग की है कि रूस के इस इलाके में निवेश से पहले चीन सरकार संप्रभुता के विवाद को सुलझाए। 5 दिसंबर को चीन और रूस के प्रधानमंत्रियों के बीच बातचीत हुई थी जिसके बाद मास्&#x200d;को ने कहा था कि 79 प्रॉजेक्&#x200d;ट को दोनों ही पक्षों ने मंजूरी दी है लेकिन बीजिंग ने अपने आधिकारिक बयान में इसका जिक्र नहीं किया था। रूस चीन के निवेश के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाना चाहता है लेकिन चीन की ओर से ठोस जवाब नहीं मिल रहा है।</p>



<p>ये भी पढ़े: <a href="https://hindikhabar.com/international/india-will-not-tolerate-disrespect-to-its-national-flag-foreign-minister-s-jaishankars-stern-warning-to-separatists/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">भारत अपने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान सहन नहीं करेगा, अलगाववादियों को विदेश मंत्री एस जयशंकर की कड़ी चेतावनी</a></p>
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		<item>
		<title>सिर्फ इन 13 देशों के साथ हैं ताइवान के राजनयिक संबंध, जानें कौन-कौन से नाम है शामिल</title>
		<link>https://hindikhabar.com/taiwan-has-diplomatic-relations-only-with-these-13-countries-know-which-names-are-included/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Mar 2023 07:09:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[chine]]></category>
		<category><![CDATA[countries]]></category>
		<category><![CDATA[diplomatic]]></category>
		<category><![CDATA[International News]]></category>
		<category><![CDATA[relations]]></category>
		<category><![CDATA[Taiwan]]></category>
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					<description><![CDATA[बीजिंग: चीन के विरोध के कारण मध्य अमेरिकी देश होंडुरास ने ताइवान के साथ राजनयिक संबंध समाप्त कर दिए हैं। इसी के साथ होंडुरास के चीन के साथ औपचारिक संबंध स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। चीन उन देशों के साथ राजनयिक संबंध नहीं रखता, जिन्होंने ताइवान को एक देश के तौर पर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>बीजिंग:</strong> चीन के विरोध के कारण मध्य अमेरिकी देश होंडुरास ने <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Taiwan" target="_blank" rel="noreferrer noopener">ताइवान </a>के साथ राजनयिक संबंध समाप्त कर दिए हैं। इसी के साथ होंडुरास के चीन के साथ औपचारिक संबंध स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। चीन उन देशों के साथ राजनयिक संबंध नहीं रखता, जिन्होंने ताइवान को एक देश के तौर पर मान्यता दी है या ताइपे में दूतावास स्थापित किया है। चीन शुरू से ही ताइवान को अपना हिस्सा बताता है और दुनियाभर से वन चाइना पॉलिसी का पालन करने की अपील भी करता है। इसके बावजूद दुनियाभर के कई देशों ने ताइवान के साथ अनौपचारिक संबंध स्थापित कर रखे हैं, हालांकि इनमें से अधिकतर देशों ने ताइवान को अलग देश के तौर पर मान्यता नहीं दी है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>7 साल में 9 देशों ने छोड़ा ताइवान का साथ</strong></h3>



<p>चीन के सरकारी मीडिया सीसीटीवी ने बताया कि होंडुरास के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इस संबंध में घोषणा की। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब स्वशासित ताइवान को लेकर चीन के बढ़ते आक्रामक रुख समेत कई मामलों पर चीन एवं अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है। इस कदम के बाद ताइवान को संप्रभु देश मानने वाले देशों की संख्या कम होकर केवल 13 रह गई है। त्साई इंग वेन के मई 2016 में राष्ट्रपति बनने के बाद से ताइपे ने अपना नौवां राजनयिक सहयोगी गंवाया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>कभी चीन का प्रतिनिधित्व करता था ताइवान</strong></h3>



<p>ताइवान को औपचारिक रूप से चीन गणराज्य (आरओसी) के रूप में जाना जाता है। 1949 में चीनी गृह युद्ध के अंत में चांग काई शेक के नेतृत्व में चीन की मुख्य भूमि से दूर इस देश की स्थापना की गई थी। आरओसी सरकार की स्थापना 1912 में चीन में किंग राजवंश के खात्मे के बाद की गई थी। आरओसी सरकार ने जापानी आक्रमण के खिलाफ द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ काम किया, लेकिन बाद में वे एक दूसरे के खिलाफ हो गए। ताइवान ने संयुक्त राष्ट्र में चीन का प्रतिनिधित्व भी किया है, लेकिन 1971 में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना को चीन के तौर पर मान्यता देते हुए ताइवान को निष्कासित कर दिया गया।</p>



<p>ये भी पढ़े: <a href="https://hindikhabar.com/international/hindenburg-released-another-report-now-accuses-this-company/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">हिंडनबर्ग ने की एक और रिपोर्ट जारी, अब इस कंपनी पर लगाए आरोप</a></p>
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		<item>
		<title>पाकिस्तान ने एक दिन पहले लिया चीन से 4 हजार करोड़ का कर्ज, PAK विदेश मंत्री ने कहा- हम नहीं हैं कंगाल</title>
		<link>https://hindikhabar.com/pak-foreign-minister-said-we-are-not-paupers-a-day-ago-took-a-loan-of-4-thousand-crores-from-china/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Mar 2023 12:48:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[chine]]></category>
		<category><![CDATA[IMF]]></category>
		<category><![CDATA[International News]]></category>
		<category><![CDATA[Pakistan]]></category>
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		<category><![CDATA[pakistan videsh mantri]]></category>
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					<description><![CDATA[कंगाली की कगार पर खड़े पाकिस्तान(PAK) को चीन एक बार फिर 1.3 अरब डॉलर का कर्ज दे रहा है। पाकिस्तान (PAK ) के वित्त मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। डार ने कहा- इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (ICBC) ने ये लोन अप्रूव किया है, जिससे पाकिस्तान को अपने घटते विदेशी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>कंगाली की कगार पर खड़े पाकिस्तान(<a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Pakistan" target="_blank" rel="noreferrer noopener">PAK</a>) को चीन एक बार फिर 1.3 अरब डॉलर का कर्ज दे रहा है। पाकिस्तान (<a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Pakistan" target="_blank" rel="noreferrer noopener">PAK </a>) के वित्त मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। डार ने कहा- इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (ICBC) ने ये लोन अप्रूव किया है, जिससे पाकिस्तान को अपने घटते विदेशी मुद्रा भंडार को फिर से बढ़ाने में मदद मिलेगी। ये पैसे 3 किश्तों में दिए जाएंगे। इसमें से 0.5 अरब डॉर की पहली किश्त पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक में आ चुकी है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>हम न कभी कंगाल हुए हैं और न होंगे- इशाक</strong><strong> </strong><strong>डार</strong><strong></strong></h3>



<p>डार ने कहा कि हम न कभी कंगाल हुए हैं और न होंगे। हमने चीन का कर्ज चुकाने के लिए उन्हें 1.3 अरब डॉलर लौटाए थे। चीन हमारी आर्थिक स्थिति को देखते हुए ये पैसे हमें वापस दे रहा है। पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक में सिर्फ 3 हफ्ते के इम्पोर्ट के लिए ही विदेशी मुद्रा भंडार बचा है। इससे पहले भी चीन विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने के लिए हमें 0.7 अरब डॉलर का कर्ज दे चुका है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>पाकिस्तान को 5 अरब डॉलर की जरूरत</strong><strong></strong></h3>



<p>डार ने बताया कि पाकिस्तान को जून में खत्म होने वाले वित्त वर्ष में अपने फाइनेंशियल गैप को खत्म करने के लिए 5 अरब डॉलर की विदेशी फंडिंग की जरूरत है। IMF के साथ डील साइन होने के बाद ही उसे और फंडिंग मिल पाएगी। डार के मुताबिक ये डील अगले हफ्ते तक साइन होने की उम्मीद है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>2019 में </strong><strong>IMF </strong><strong>के साथ साइन हुआ था बेलआउट पैकेज</strong><strong></strong></h3>



<p>पाकिस्तान पिछले महीने की शुरुआत से ही IMF के साथ कर्ज को लेकर चर्चा कर रहा है। अगर दोनों के बीच में डील साइन होती है तो IMF पाकिस्तान के लिए 2019 में तय हुए 6.5 अरब डॉलर के बेलआउट के तहत करीब 1 अरब डॉलर की किश्त जारी करेगा। दरअसल, 2019 में इमरान खान की सरकार के रहते IMF ने पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज के तहत 6 बिलियन डॉलर से ज्यादा की मदद देने का वादा किया था। अब इसी वादे के तहत पाकिस्तान IMF से 1.1 बिलियन डॉलर की एक और किश्त मांग रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>IMF </strong><strong>के साथ बेनतीजा रही बातचीत</strong><strong></strong></h3>



<p>31 जनवरी 2023 को नाथन पोर्टर के नेतृत्व में IMF की एक टीम पाकिस्तान पहुंची थी। वित्त मंत्री इशाक डार के साथ इस टीम की दो चरणों में बैठक होती हुई थी। इस दौरान पाकिस्तान ने बेलआउट पैकेज के तहत IMF से कर्ज की मांग की थी। हालांकि 10 दिन तक चली ये बैठक बेनतीजा रही थी।</p>



<p>ये भी पढ़े: <strong><a href="https://hindikhabar.com/international/jaishankar-taunted-former-pm-tony-blair-on-the-pretext-of-rrr-said-your-image-in-the-movie-was-not-good/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">जयशंकर ने&nbsp;RRR&nbsp;के बहाने पूर्व पीएम टोनी ब्लेयर पर कसा तंज, कहा- मूवी में आपकी छवि कुछ अच्छी नहीं थी</a></strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>Artificial Intelligence: तकनीक की दौड़ में अमेरिका को मात दे रहा है यह एशियाई देश, पढ़े पूरी खबर</title>
		<link>https://hindikhabar.com/china-is-ahead-in-development-of-critical-future-technologies/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Mar 2023 13:43:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[टेक]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[America]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[chine]]></category>
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		<category><![CDATA[technology]]></category>
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					<description><![CDATA[Artificial Intelligence: उन्नत तकनीकों को विकसित करने की बात हो। या फिर प्रतिभा को बनाए रखने की बात हो। सब में अमेरिका एवं अन्य पश्चिमी देशों का नाम पहले आता है। लेकिन आपको यह जान कर आश्चर्य होगा कि ये देश अब चीन के साथ दौड़ में हार रहे हैं। बीजिंग संभावित रूप से कुछ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Artificial Intelligence: </strong>उन्नत तकनीकों को विकसित करने की बात हो। या फिर प्रतिभा को बनाए रखने की बात हो। सब में <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/United_States" target="_blank" rel="noreferrer noopener">अमेरिका</a> एवं अन्य पश्चिमी देशों का नाम पहले आता है। लेकिन आपको यह जान कर आश्चर्य होगा कि ये देश अब चीन के साथ दौड़ में हार रहे हैं। बीजिंग संभावित रूप से कुछ क्षेत्रों में एकाधिकार स्थापित कर रहा है। इसका खुलासा एक नई रिपोर्ट में हुआ है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>37 क्षेत्रों में चीन पड़ा है भारी</strong></h3>



<p>थिंक टैंक द ऑस्ट्रेलियन स्ट्रैटेजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट ने गुरुवार को एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि टेक्नोलोजी, डिफेंस, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (Artificial Intelligence) जैसे क्षेत्रों में चीन सबसे आगे चल रहा है। यहां तक कि अमेरिका से भी। इंस्टीच्यूट के &#8220;Critical Tech Tracker&#8221; नामक एक रिपोर्ट के मुताबिक एक साल की लंबी परियोजना में ट्रैक की गई 44 तकनीकों में से 37 के साथ चीन सबसे आगे है। गार्जियन ने बताया कि इन क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बैटरी, हाइपरसोनिक्स और 5जी और 6जी जैसे उन्नत रेडियो-फ्रीक्वेंसी संचार शामिल हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>अमेरिका अभी भी कुछ क्षेत्रों में आगे</strong></h3>



<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि टीके, क्वांटम कंप्यूटिंग और स्पेस लॉन्च सिस्टम जैसी शेष सात तकनीकों में अमेरिका अग्रणी था। इसमें बताया गया है कि यह निष्कर्ष महत्वपूर्ण और उभरते तकनीकी क्षेत्रों में हाई इम्पैक्ट रिसर्च पर आधारित थे। यह शीर्ष स्तरीय पत्रिकाओं में प्रकाशित किए गए पेपर्स पर केंद्रित थे और बाद के रिसर्च द्वारा अत्यधिक उद्धृत किए गए थे। रिपोर्ट में कहा गया है, हमारे शोध से पता चलता है कि चीन ने खुद को दुनिया की अग्रणी विज्ञान और प्रौद्योगिकी महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए नींव का निर्माण किया है, जो कि महत्वपूर्ण और उभरते प्रौद्योगिकी डोमेन में उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान में कभी-कभी आश्चर्यजनक नेतृत्व स्थापित करता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>अधिकांश में पहले या दूसरे स्थान पर</strong></h3>



<p>गार्जियन की रिपोर्ट में कहा गया है कि चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज ट्रैकर में शामिल 44 तकनीकों में से अधिकांश में पहले या दूसरे स्थान पर है। इसने यूएस, कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खुफिया-साझाकरण समूह का जिक्र करते हुए कहा, हम यह भी देख रहे हैं कि प्रतिभा और ज्ञान के आयात के माध्यम से चीन के प्रयासों को बल मिल रहा है। इसके उच्च-प्रभाव वाले पत्रों का पांचवां हिस्सा पांच विकसित देशों में स्नातकोत्तर प्रशिक्षण वाले शोधकर्ताओं द्वारा लिखा जा रहा है। चीन का नेतृत्व जानबूझकर डिजाइन और लॉन्ग-टर्म पॉलिसी नियोजन का उत्पाद है, जैसा कि (राष्ट्रपति) शी जिनपिंग और उनके पूर्ववर्तियों द्वारा बार-बार रेखांकित किया गया है।</p>



<p>ये भी पढ़े: <strong><a href="https://hindikhabar.com/sports/gadgets-news-make-1-lakh-rupees-per-month-money-game-testing/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">ये Game खेलकर लोग कमा रहे हैं महीने का 1 लाख, मिल रहा ये धमाकेदार ऑफर</a></strong></p>
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