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	<title>धर्म News, धर्म की ताजा खबर, धर्म ब्रेकिंग और लेटेस्ट न्यूज - Hindi Khabar</title>
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		<title>जन्माष्टमी पर नन्हे कान्हा का अनोखा अवतार वायरल, क्रिएटिव ड्रेस ने जीता लाखों लोगों का दिल</title>
		<link>https://hindikhabar.com/janmashtami-nanha-kanha-viral-video-creative-dress-wins-hearts/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Sep 2026 14:22:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
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					<description><![CDATA[Janmashtami 2026 : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर सोशल मीडिया पर एक प्यारा वीडियो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। वीडियो में एक छोटा बच्चा भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप में नजर आ रहा है। उसकी खास ड्रेस में भगवान कृष्ण के जन्म से जुड़ी कहानी को बेहद रचनात्मक तरीके से दिखाया गया &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Janmashtami 2026 :</strong> श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर सोशल मीडिया पर एक प्यारा वीडियो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। वीडियो में एक छोटा बच्चा भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप में नजर आ रहा है। उसकी खास ड्रेस में भगवान कृष्ण के जन्म से जुड़ी कहानी को बेहद रचनात्मक तरीके से दिखाया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">वासुदेव और श्रीकृष्ण की झलक ने खींचा ध्यान</h3>



<p class="wp-block-paragraph">वायरल वीडियो में बच्चा धोती, मोर मुकुट और पारंपरिक आभूषणों से सजा हुआ दिखाई दे रहा है। ड्रेस में वासुदेव द्वारा टोकरी में बाल कृष्ण को यमुना नदी पार ले जाने का दृश्य बनाया गया है। खास बात यह है कि डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि टोकरी में मौजूद श्रीकृष्ण के स्थान पर बच्चे का चेहरा दिखाई देता है। इसके पीछे शेषनाग की आकृति भी बनाई गई है, जिससे पूरा लुक और आकर्षक बन गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सोशल मीडिया पर हो रही जमकर तारीफ</h3>



<p class="wp-block-paragraph">यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। वीडियो देखने के बाद यूजर्स बच्चे के लुक और ड्रेस तैयार करने वाले की क्रिएटिविटी की तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे बेहद सुंदर प्रयास बताया और कहा कि इतनी छोटी उम्र में बच्चे का यह रूप सभी का दिल जीत रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">जन्माष्टमी पर बच्चों को कृष्ण रूप में सजाने की परंपरा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">जन्माष्टमी के त्योहार पर बच्चों को राधा-कृष्ण के रूप में सजाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। माता-पिता अपने बच्चों को बाल गोपाल के रूप में तैयार कर उत्सव को खास बनाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप हमेशा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा है। माखन चोर, बांसुरी वाले कान्हा और गोकुल के नंदलाल के रूप में बच्चे सभी को पसंद आते हैं।</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-x wp-block-embed-x"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr">What a unique creativity! <br>The best dress ever!<br><br>Such a beautiful and mesmerizing<br>expression of Krishna devotion! <br><br>Jay Shri Krishna <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f6a9.png" alt="🚩" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f64f.png" alt="🙏" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> <a href="https://t.co/R3VYOfSbGg">pic.twitter.com/R3VYOfSbGg</a></p>&mdash; Amrendra Bahubali <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f1ee-1f1f3.png" alt="🇮🇳" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> (@TheBahubali_IND) <a href="https://x.com/TheBahubali_IND/status/2095683261968130554?ref_src=twsrc%5Etfw">September 4, 2026</a></blockquote><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
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<h3 class="wp-block-heading">लाखों लोगों ने देखा वीडियो</h3>



<p class="wp-block-paragraph">वीडियो वायरल होने के बाद कमेंट सेक्शन में लोग बच्चे की मासूमियत और ड्रेस की तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे बाल कृष्ण का सुंदर रूप बताया, जबकि कुछ लोगों ने इस शानदार सोच और मेहनत को सलाम किया। जन्माष्टमी के उत्सव के बीच यह वीडियो लोगों के बीच खुशी और उत्साह बढ़ाने वाला बन गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>डिस्क्लेमर-</strong> इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। हिंदी ख़बर किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/iaf-17-day-war-exercise-pakistan-emergency-meeting-border-alert/">IAF का 17 दिन का युद्धाभ्यास, सीमा पर बढ़ी हलचल, पाकिस्तान ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग</a></p>



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		<title>आज मनाई जाएगी जन्माष्टमी, जानें किस समय होगी पूजा और कब खुलेगा व्रत</title>
		<link>https://hindikhabar.com/janmashtami-will-be-celebrated-today-find-out-the-puja-timings-and-when-the-fast-can-be-broken/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ajay Yadav]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Sep 2026 02:29:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[4 September Janmashtami]]></category>
		<category><![CDATA[HindiKhabar]]></category>
		<category><![CDATA[Janmashtami 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Janmashtami Shubh Yog]]></category>
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		<category><![CDATA[Krishna Janmashtami]]></category>
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					<description><![CDATA[Janmashtami 2026 : हिंदू धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बेहद खास माना जाता है. इस वर्ष जन्माष्टमी का त्योहार 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन मंदिरों से लेकर घरों तक लड्डू गोपाल की विशेष पूजा-अर्चना होगी. भक्त व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करेंगे और सुख-समृद्धि की कामना करेंगे. मान्यता है &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Janmashtami 2026 : </strong>हिंदू धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बेहद खास माना जाता है. इस वर्ष जन्माष्टमी का त्योहार 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन मंदिरों से लेकर घरों तक लड्डू गोपाल की विशेष पूजा-अर्चना होगी. भक्त व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करेंगे और सुख-समृद्धि की कामना करेंगे. मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र के दौरान हुआ था, इसलिए रात 12 बजे के आसपास जन्मोत्सव और विशेष पूजा की जाती है.</p>



<p class="wp-block-paragraph">भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 4 सितंबर की रात 2 बजकर 25 मिनट से शुरू होगी और 5 सितंबर की रात 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगी. इसी वजह से जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर को ही मान्य होगा. इस दिन अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा का योग भी रहेगा.</p>



<h3 class="wp-block-heading">मध्यरात्रि में होगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव</h3>



<p class="wp-block-paragraph">श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की पूजा का शुभ समय 4 सितंबर की रात 11:57 बजे से 5 सितंबर की रात 12:43 बजे तक रहेगा. वहीं निशीथ काल भी रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त रात 11:56 बजे से 12:44 बजे तक और अमृत काल रात 8:03 बजे से 9:33 बजे तक रहेगा. जन्माष्टमी पर मध्यरात्रि में करीब 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा की जाएगी.</p>



<h3 class="wp-block-heading">ऐसे करें जन्माष्टमी पूजा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">जन्माष्टमी के दिन पूजा स्थल पर साफ चौकी रखकर भगवान श्रीकृष्ण या लड्डू गोपाल की प्रतिमा स्थापित करें. पंचामृत और शुद्ध जल से उनका अभिषेक करें. इसके बाद नए वस्त्र पहनाकर सुंदर श्रृंगार करें. भगवान को मोर मुकुट और बांसुरी अर्पित करें और उन्हें झूला झुलाएं.</p>



<p class="wp-block-paragraph">पूजा के दौरान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग जरूर लगाएं. इसके साथ पंजीरी, फल और मिठाई भी चढ़ाई जा सकती है. बांसुरी को भगवान के पास रखना भी शुभ माना जाता है. अंत में श्रीकृष्ण की आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना करें.</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong>&nbsp;<a href="https://hindikhabar.com/janmashtami-special-panchamrit-bhog-recipe-for-lord-krishna-easy-method/">जन्माष्टमी पर कान्हा जी को लगाएं खास पंचामृत का भोग, जानें बनाने की आसान विधि</a></p>



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		<title>श्रीकृष्ण की प्रिय हैं ये 4 राशियां, जन्माष्टमी से शुरू होंगे अच्छे दिन, धन-समृद्धि के बनेंगे योग</title>
		<link>https://hindikhabar.com/these-4-zodiac-signs-are-dear-to-lord-krishna-good-days-will-begin-from-janmashtami-and-opportunities-for-wealth-and-prosperity-will-arise/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ajay Yadav]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Sep 2026 02:13:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[Cancer]]></category>
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					<description><![CDATA[Janmashtami 2026 : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार यह त्योहार भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भक्त भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और निशीथ &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Janmashtami 2026 : </strong>श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार यह त्योहार भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भक्त भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और निशीथ काल में विधि-विधान से जन्मोत्सव मनाते हैं. माखन-मिश्री और दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाने की भी परंपरा है.</p>



<p class="wp-block-paragraph">भगवान श्रीकृष्ण को प्रेम, करुणा, बुद्धिमत्ता और सही समय पर सही निर्णय लेने का प्रतीक माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं में कुछ राशियों को उनसे विशेष रूप से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि इन राशियों के जातकों पर कान्हा की कृपा रहे तो जीवन में आगे बढ़ने के रास्ते खुल सकते हैं.</p>



<h3 class="wp-block-heading">वृषभः धैर्य से बनती है मजबूत स्थिति</h3>



<p class="wp-block-paragraph">वृषभ राशि के लोग धैर्यवान और अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर माने जाते हैं. वे जल्दबाजी के बजाय सोच-विचार कर निर्णय लेना पसंद करते हैं. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार कृष्ण कृपा से इन्हें आर्थिक स्थिरता और सुख-सुविधाओं का लाभ मिल सकता है. जन्माष्टमी पर माखन-मिश्री चढ़ाकर मनोकामना के लिए प्रार्थना करना शुभ माना जाता है.</p>



<h3 class="wp-block-heading">कर्क: मुश्किल वक्त में मिलता है सहारा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कर्क राशि के जातक भावुक और परिवार के प्रति संवेदनशील होते हैं. मान्यता है कि कान्हा की कृपा से कठिन परिस्थितियों में सही रास्ता खोजने की शक्ति मिलती है. आर्थिक स्थिति में भी धीरे-धीरे सुधार के अवसर बन सकते हैं. इस दिन दूध से बनी मिठाई का भोग लगाकर जरूरतमंद की मदद करें.</p>



<h3 class="wp-block-heading">सिंहः आत्मविश्वास के साथ सफलता</h3>



<p class="wp-block-paragraph">सिंह राशि के लोगों में नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास मजबूत माना जाता है. नौकरी या कारोबार में सही रणनीति और निरंतर प्रयास इनके लिए फायदेमंद हो सकते हैं. सफलता के साथ अहंकार से बचना जरूरी माना गया है. जन्माष्टमी पर राधा रानी के साथ श्रीकृष्ण का पूजन करें और गाय को हरा चारा खिलाएं.</p>



<h3 class="wp-block-heading">तुलाः धन के साथ सम्मान भी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">तुला राशि के जातक संतुलन बनाकर निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं. ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक कृष्ण कृपा से आर्थिक उन्नति के साथ सम्मान मिलने के योग बन सकते हैं. जन्माष्टमी पर माखन-मिश्री का भोग लगाएं और &#8216;ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें.</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong>&nbsp;<a href="https://hindikhabar.com/janmashtami-special-panchamrit-bhog-recipe-for-lord-krishna-easy-method/">जन्माष्टमी पर कान्हा जी को लगाएं खास पंचामृत का भोग, जानें बनाने की आसान विधि</a></p>



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		<title>जन्माष्टमी पर कान्हा जी को लगाएं खास पंचामृत का भोग, जानें बनाने की आसान विधि</title>
		<link>https://hindikhabar.com/janmashtami-special-panchamrit-bhog-recipe-for-lord-krishna-easy-method/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 13:26:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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		<category><![CDATA[Janmashtami Bhog]]></category>
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		<category><![CDATA[Lord Krishna Prasad]]></category>
		<category><![CDATA[Panchamrit Recipe]]></category>
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					<description><![CDATA[Janmashtami Special : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे देश और बृज क्षेत्र में धूमधाम से मनाया जा रहा है। मथुरा, वृंदावन, द्वारका समेत देश-विदेश के मंदिरों में भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस खास अवसर पर कान्हा को कई तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है, जिसमें पंचामृत और &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Janmashtami Special :</strong> श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे देश और बृज क्षेत्र में धूमधाम से मनाया जा रहा है। मथुरा, वृंदावन, द्वारका समेत देश-विदेश के मंदिरों में भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस खास अवसर पर कान्हा को कई तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है, जिसमें पंचामृत और पंजीरी का विशेष महत्व होता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पंचामृत में शामिल होती हैं ये 5 चीजें</h3>



<p class="wp-block-paragraph">धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण को दूध, दही और माखन प्रिय हैं। जन्माष्टमी पर पंचामृत से भगवान का अभिषेक भी किया जाता है और भोग भी लगाया जाता है। पंचामृत बनाने के लिए मुख्य रूप से दही, दूध, शहद, गंगाजल और घी का इस्तेमाल किया जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पंचामृत बनाने की आसान विधि</h3>



<p class="wp-block-paragraph">सबसे पहले ताजे और बिना खट्टे दही को अच्छी तरह फेंट लें। अगर पंचामृत को थोड़ा पतला बनाना चाहते हैं तो इसमें जरूरत के अनुसार पानी मिला सकते हैं। इसके बाद इसमें दूध, शहद, घी और गंगाजल को धीरे-धीरे मिलाएं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मेवा और मिठास से बढ़ाएं स्वाद</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पंचामृत का स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें बारीक कटे हुए मेवे मिलाए जाते हैं। चिरौंजी और भुने हुए मखाने पंचामृत का स्वाद और बढ़ा देते हैं। इसमें स्वाद के अनुसार पिसी हुई चीनी या बूरा भी डाला जा सकता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">तुलसी और इलायची से आएगी खुशबू</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पंचामृत में तुलसी के पत्ते डालने की भी परंपरा है। इसके अलावा आधा चम्मच इलायची पाउडर मिलाने से इसकी खुशबू और स्वाद बेहतर हो जाता है। भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">केले और पंजीरी के साथ भी कर सकते हैं सेवन</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कई लोग पंचामृत में कटे हुए पके केले भी मिलाते हैं। इसे सीधे प्रसाद के रूप में खाया जा सकता है या फिर पंजीरी के साथ मिलाकर भी ग्रहण किया जाता है। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के भोग में पंचामृत और पंजीरी का विशेष स्थान माना जाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/krishna-janmashtami-preparations-vrat-puja-and-falahar-rules-details/">श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी शुरू, जानें व्रत, पूजा और फलाहार के जरूरी नियम</a></p>



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		<title>श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी शुरू, जानें व्रत, पूजा और फलाहार के जरूरी नियम</title>
		<link>https://hindikhabar.com/krishna-janmashtami-preparations-vrat-puja-and-falahar-rules-details/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 10:38:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[Janmashtami Date]]></category>
		<category><![CDATA[Janmashtami Vrat Rules]]></category>
		<category><![CDATA[Krishna Janmashtami 2026]]></category>
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					<description><![CDATA[Janmashtami 2026 : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस साल 4 सितंबर को मनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालु उपवास रखते हैं और रात में निशिता काल के दौरान विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि भगवान कृष्ण का जन्म मध्य रात्रि में हुआ था, इसलिए इसी समय पूजा और व्रत पारण &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Janmashtami 2026 :</strong> श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस साल 4 सितंबर को मनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालु उपवास रखते हैं और रात में निशिता काल के दौरान विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि भगवान कृष्ण का जन्म मध्य रात्रि में हुआ था, इसलिए इसी समय पूजा और व्रत पारण का विशेष महत्व माना जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सप्तमी तिथि से शुरू होती हैं व्रत की तैयारियां</h3>



<p class="wp-block-paragraph">जन्माष्टमी व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को सप्तमी तिथि से ही खानपान और आचरण में संयम बरतने की सलाह दी जाती है। इस दौरान सात्विक भोजन करने, लहसुन-प्याज, मांसाहार और मदिरा से दूरी बनाए रखने की परंपरा है। कई मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में कुछ सब्जियों का सेवन भी नहीं किया जाता।</p>



<h3 class="wp-block-heading">जन्माष्टमी पूजा की विधि</h3>



<p class="wp-block-paragraph">व्रत वाले दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। दिनभर भगवान कृष्ण के मंत्रों का जाप और स्मरण किया जाता है। शाम को दोबारा स्नान के बाद रात की पूजा की तैयारी की जाती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">निशिता काल में होती है विशेष पूजा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">भगवान श्रीकृष्ण के जन्म समय यानी मध्य रात्रि में निशिता काल के दौरान पूजा की जाती है। इस समय बाल गोपाल को पंचामृत से स्नान कराया जाता है, नए वस्त्र पहनाए जाते हैं और फूल, चंदन व माला से श्रृंगार किया जाता है। इसके बाद उन्हें पालने में झुलाने की परंपरा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">व्रत में क्या खा सकते हैं</h3>



<p class="wp-block-paragraph">फलाहार व्रत रखने वाले लोग केला, सेब, अनार जैसे फल खा सकते हैं। इसके अलावा दही, साबूदाना और कुट्टू के आटे से बने व्यंजन भी ग्रहण किए जाते हैं। व्रत के भोजन में सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है। गुड़, शहद और घी को भी बेहतर विकल्प माना जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">इन चीजों से करें परहेज</h3>



<p class="wp-block-paragraph">जन्माष्टमी व्रत में अन्न का सेवन नहीं किया जाता। इसके अलावा लहसुन-प्याज, मांसाहार और मदिरा से बचने की परंपरा है। कुछ मान्यताओं के अनुसार लौकी, मूली, गाजर और चुकंदर जैसी चीजों से भी परहेज किया जाता है। निर्जला व्रत रखने वालों को जल समेत किसी भी चीज का सेवन नहीं करना होता।</p>



<h3 class="wp-block-heading">व्रत पारण का समय</h3>



<p class="wp-block-paragraph">रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद पूजा संपन्न कर चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद व्रत का पारण किया जा सकता है। कुछ श्रद्धालु अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत खोलते हैं। निर्जला व्रत रखने वालों को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए व्रत करना चाहिए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>Disclaimer : </strong>यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हिंदी ख़बर इसकी पुष्टि नहीं करता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/ganesh-chaturthi-2026-date-shubh-muhurat-ganpati-sthapana-10-days-utsav/">Ganesh Chaturthi 2026 : इस दिन विराजेंगे गणपति बप्पा, जानें स्थापना का शुभ मुहूर्त, 10 दिन तक गूंजेगा ‘गणपति बप्पा मोरया’</a></p>



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		<title>Ganesh Chaturthi 2026 : इस दिन विराजेंगे गणपति बप्पा, जानें स्थापना का शुभ मुहूर्त, 10 दिन तक गूंजेगा ‘गणपति बप्पा मोरया’</title>
		<link>https://hindikhabar.com/ganesh-chaturthi-2026-date-shubh-muhurat-ganpati-sthapana-10-days-utsav/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 13:35:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Anant Chaturdashi 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Ganesh Chaturthi 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Ganesh Utsav Date]]></category>
		<category><![CDATA[Ganpati Sthapana Muhurat]]></category>
		<category><![CDATA[Ganpati Visarjan 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
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					<description><![CDATA[Ganesh Chaturthi 2026 : भगवान गणेश को हिंदू धर्म में प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति पूजा के साथ करने की परंपरा है। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से गणेशोत्सव की शुरुआत होती है। साल 2026 में गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Ganesh Chaturthi 2026 :</strong> भगवान गणेश को हिंदू धर्म में प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति पूजा के साथ करने की परंपरा है। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से गणेशोत्सव की शुरुआत होती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">साल 2026 में गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। इसी दिन से 10 दिवसीय गणपति उत्सव शुरू होगा। देशभर में घरों और बड़े पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाएगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">गणेश चतुर्थी की तिथि और शुभ मुहूर्त</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 15 सितंबर को सुबह 7 बजकर 44 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। इसी दिन भक्त भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करेंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मूर्ति स्थापना का शुभ समय</h3>



<p class="wp-block-paragraph">धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणपति स्थापना के लिए मध्याह्न काल को सबसे शुभ माना जाता है। साल 2026 में गणेश प्रतिमा स्थापना का शुभ मुहूर्त 14 सितंबर को सुबह 11 बजकर 2 मिनट से दोपहर 1 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। इस दौरान भक्त गणपति बप्पा की स्थापना कर पूजा और आरती कर सकते हैं। यह शुभ अवधि करीब 2 घंटे 28 मिनट की होगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मोदक और लड्डू का लगाया जाता है भोग</h3>



<p class="wp-block-paragraph">गणेशोत्सव के दौरान भक्त भगवान गणेश को रोजाना भोग लगाते हैं और आरती करते हैं। मान्यता है कि गणपति बप्पा को मोदक और लड्डू विशेष रूप से प्रिय हैं। कई स्थानों पर गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और भव्य सजावट भी की जाती है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार एक, तीन, पांच, सात या दस दिनों तक गणपति को घर में विराजमान रखते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">अनंत चतुर्दशी पर होगा विसर्जन</h3>



<p class="wp-block-paragraph">10 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है। साल 2026 में अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को मनाई जाएगी। इसी दिन गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन के दौरान भक्त शोभायात्रा निकालकर गणपति बप्पा को विदाई देते हैं और अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>Disclaimer-</strong> इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। हिंदी ख़बर इसकी पुष्टि नहीं करता है।</p>



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		<title>1 सितंबर से मंदिरों में बदला नियम, मोबाइल ले गए तो करना होगा ये काम, जमा करने के लगेंगे इतने रूपए</title>
		<link>https://hindikhabar.com/1-september-new-temple-rules-mobile-phone-deposit-charge-rs-5/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 08:27:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[HRCE New Rules]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Madras High Court Order]]></category>
		<category><![CDATA[Mobile Ban In Temple]]></category>
		<category><![CDATA[Tamil Nadu Temple News]]></category>
		<category><![CDATA[Temple Guidelines 2026]]></category>
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					<description><![CDATA[Mobile Ban In Temple : मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार से नया नियम लागू हो गया है। राज्य के हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग (HR&#38;CE) ने मंदिरों के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लागू किया गया है। तमिलनाडु &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Mobile Ban In Temple :</strong> मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार से नया नियम लागू हो गया है। राज्य के हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग (HR&amp;CE) ने मंदिरों के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लागू किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">तमिलनाडु में मंदिर प्रशासन का कहना है कि मोबाइल फोन के जरिए फोटो खींचने, वीडियो बनाने, सेल्फी लेने और सोशल मीडिया रील्स शूट करने जैसी गतिविधियों से मंदिरों का शांत और आध्यात्मिक वातावरण प्रभावित हो रहा था।</p>



<h3 class="wp-block-heading">प्रवेश द्वार पर जमा करना होगा मोबाइल</h3>



<p class="wp-block-paragraph">अब श्रद्धालु मंदिर परिसर में मोबाइल फोन लेकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसके लिए मंदिरों के प्रवेश द्वार पर विशेष काउंटर बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु अपना फोन सुरक्षित जमा कर सकेंगे। मोबाइल जमा करने के लिए प्रति फोन 5 रुपये शुल्क लिया जाएगा। फोन जमा करने के बाद श्रद्धालु को एक रसीद या टोकन दिया जाएगा, जिसे दर्शन के बाद दिखाकर मोबाइल वापस लिया जा सकेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">अथी वरदार मंदिर में शुरू हुई व्यवस्था</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कांचीपुरम के प्रसिद्ध देवराजस्वामी-अथी वरदार मंदिर में यह नियम मंगलवार सुबह 6 बजे से लागू किया गया। मोबाइल जमा करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए वहां कंप्यूटर ऑपरेटर और सहायक तैनात किए गए हैं। फोन जमा करते समय श्रद्धालु की फोटो, मोबाइल मॉडल और फोन नंबर का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। इसके बाद पावती जारी की जाती है और रिकॉर्ड मिलान के बाद मोबाइल वापस किया जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">हाई कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया फैसला</h3>



<p class="wp-block-paragraph">HR&amp;CE विभाग के मुताबिक, यह व्यवस्था मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच के 2 दिसंबर 2022 के आदेश के अनुसार लागू की गई है। यह आदेश तिरुचेंदूर स्थित अरुलमिगु सुब्रमणिया स्वामी मंदिर में मोबाइल फोन इस्तेमाल पर रोक लगाने से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया था। विभाग ने बताया कि इससे पहले भी मंदिरों में मोबाइल ले जाने पर रोक लगाने और सुरक्षित जमा करने की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए थे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मंदिरों में लगाए गए सूचना बोर्ड</h3>



<p class="wp-block-paragraph">तमिलनाडु सरकार और मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को नए नियम की जानकारी देने के लिए प्रवेश द्वार, पार्किंग और अन्य प्रमुख स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए हैं। इसके अलावा लाउडस्पीकर के जरिए भी श्रद्धालुओं को मोबाइल प्रतिबंध की जानकारी दी जाएगी। HR&amp;CE मंत्री रमेश ने विधानसभा में पहले ही घोषणा की थी कि 1 सितंबर से प्रमुख मंदिरों में यह नियम लागू किया जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">धार्मिक माहौल बनाए रखना उद्देश्य</h3>



<p class="wp-block-paragraph">मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य सिर्फ फोटो और वीडियो बनाने पर रोक लगाना नहीं है, बल्कि मंदिरों की पवित्रता और शांत वातावरण बनाए रखना है। सरकार का मानना है कि मोबाइल प्रतिबंध से दर्शन करने आने वाले अन्य श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा। इससे पहले मध्य प्रदेश के महाकाल मंदिर में भी मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लागू है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/pm-modi-message-to-shehbaz-sharif-sco-summit-terror-network-strategic-asset/">PM मोदी ने शहबाज शरीफ को सामने से धोया, कहा- आतंक के पूरे नेटवर्क को खत्म करो, आतंक किसी की रणनीतिक संपत्ति नहीं</a></p>



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		<item>
		<title>शनि के मेष राशि में गोचर तक इन 4 राशियों पर बरस सकती है शनिदेव की कृपा, धन-करियर में लाभ के योग</title>
		<link>https://hindikhabar.com/shani-gochar-aries-4-zodiac-signs-may-get-benefits-career-money-astrology-2027/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanti Kumari]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Sep 2026 06:09:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राशिफल]]></category>
		<category><![CDATA[Aquarius]]></category>
		<category><![CDATA[Astrology]]></category>
		<category><![CDATA[Capricorn]]></category>
		<category><![CDATA[Career Growth]]></category>
		<category><![CDATA[financial gains]]></category>
		<category><![CDATA[Saturn in Aries]]></category>
		<category><![CDATA[Saturn transit 2027]]></category>
		<category><![CDATA[Shani Dev]]></category>
		<category><![CDATA[Shani Gochar]]></category>
		<category><![CDATA[Taurus]]></category>
		<category><![CDATA[Virgo]]></category>
		<category><![CDATA[zodiac signs]]></category>
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					<description><![CDATA[Shani Mesh Rashi Gochar 2027: ज्योतिष शास्त्र में शनि को महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। उनकी गति अन्य ग्रहों की तुलना में धीमी होती है और वे करीब ढाई वर्ष में राशि परिवर्तन करते हैं। इसी कारण किसी राशि में शनि का प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। वर्तमान समय में शनि देव मीन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Shani Mesh Rashi Gochar 2027:</strong><strong> </strong>ज्योतिष शास्त्र में शनि को महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। उनकी गति अन्य ग्रहों की तुलना में धीमी होती है और वे करीब ढाई वर्ष में राशि परिवर्तन करते हैं। इसी कारण किसी राशि में शनि का प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। वर्तमान समय में शनि देव मीन राशि में स्थित हैं और ज्योतिषीय गणना के अनुसार 3 जून 2027 को वे मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश कर सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">गोचर से पहले कुछ राशियों को मिल सकता है लाभ</h3>



<p class="wp-block-paragraph">शनि के मेष राशि में प्रवेश तक का समय कुछ जातकों के लिए शुभ साबित होने की संभावना जताई जा रही है। इस अवधि में करियर में प्रगति, आर्थिक लाभ, निवेश से फायदा और रिश्तों में सकारात्मक बदलाव जैसे योग बन सकते हैं। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह समय विशेष रह सकता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">वृषभ राशि वालों को मिल सकती है सफलता</h3>



<p class="wp-block-paragraph">वृषभ राशि के जातकों के लिए आने वाला समय अनुकूल रहने की संभावना है। करियर से जुड़ी योजनाओं को गति मिल सकती है और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। आर्थिक मामलों में भी लाभ के संकेत हैं। परिवार में किसी नए सदस्य के आने से खुशियां बढ़ सकती हैं। वैवाहिक जीवन और रिश्तों के लिहाज से भी समय सकारात्मक रह सकता है। मेहनत के बल पर मान-सम्मान मिलने और किसी बड़ी इच्छा के पूरी होने के योग बन सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कन्या राशि के लिए नए अवसरों के संकेत</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कन्या राशि के जातकों को इस अवधि में कई नए मौके मिल सकते हैं। परिवार के साथ यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। नौकरी या करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलने के साथ आपकी मेहनत को पहचान भी मिल सकती है। व्यापार करने वालों के लिए नए संपर्क फायदेमंद साबित हो सकते हैं। वहीं, कला के क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपने काम के लिए प्रशंसा मिलने की संभावना है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मकर राशि को करियर और कारोबार में लाभ</h3>



<p class="wp-block-paragraph">मकर राशि के जातकों को करियर में मनचाही उपलब्धि मिलने के योग बन सकते हैं। मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा और धन लाभ के अवसर भी सामने आ सकते हैं। कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर प्राप्त होने की संभावना है। आय के नए साधन बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा और किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता हासिल हो सकती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कुंभ राशि को निवेश और रुके कामों में फायदा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कुंभ राशि वालों के लिए भी यह अवधि लाभकारी हो सकती है। निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। लंबे समय से अटके महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो सकते हैं। कारोबार से जुड़ी कोई रुकी हुई डील पूरी होने से आर्थिक स्थिति में सुधार आ सकता है। काम पूरे होने से मानसिक संतुष्टि मिलेगी और परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रह सकता है। भविष्य के लिए बनाई गई योजनाओं को भी गति मिलने के संकेत हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ये बातें सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं</h3>



<p class="wp-block-paragraph">यह खबर ज्योतिषीय मान्यताओं, पंचांग और धार्मिक परंपराओं में बताए गए ग्रहों के प्रभाव पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी को निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। किसी व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों का प्रभाव उसकी व्यक्तिगत कुंडली और अन्य ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। हिन्दी खबर इन दावों की सटीकता या पूर्णता की जिम्मेदारी नहीं लेता।</p>



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		<title>श्री श्री रविशंकर से मिले सीएम भगवंत मान, केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी रहे मौजूद</title>
		<link>https://hindikhabar.com/shri-shri-ravishankar-se-mile-cm-bhagwant-mann-kejriwal-aur-manish-sisodia-bhi-rahe-maujood/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shanti Kumari]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 06:01:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[aap]]></category>
		<category><![CDATA[Art of Living Ashram]]></category>
		<category><![CDATA[Arvind Kejriwal]]></category>
		<category><![CDATA[Bengaluru]]></category>
		<category><![CDATA[Bhagwant Mann]]></category>
		<category><![CDATA[Manish Sisodia]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab CM]]></category>
		<category><![CDATA[spiritual meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Sri Sri Ravi Shankar]]></category>
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					<description><![CDATA[Punjab News : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ बेंगलुरु स्थित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आश्रम का दौरा कर गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लिया। आश्रम के शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण में लीन होकर नेताओं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>Punjab News :</strong> पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ बेंगलुरु स्थित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आश्रम का दौरा कर गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लिया। आश्रम के शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण में लीन होकर नेताओं ने पंजाब और पूरे देश की तरक्की, खुशहाली तथा शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान भगवंत सिंह मान ने ध्यान भी लगाया और आध्यात्मिक शांति एवं आंतरिक सुकून का अनुभव किया।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>आश्रम में ध्यान लगाकर आध्यात्मिक शांति का किया अनुभव</strong><strong></strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">एक्स पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बेंगलुरु के ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आश्रम में मुझे अरविंद केजरीवाल जी और मनीष सिसोदिया जी के साथ गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मुझे श्रद्धालुओं के बड़े समूह को संबोधित करने का अवसर भी मिला और आश्रम के शांतिपूर्ण वातावरण में ध्यान लगाकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ।”</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-14-1024x683.png" alt="" class="wp-image-213006425344" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-14-1024x683.png 1024w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-14-300x200.png 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-14-768x512.png 768w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-14.png 1280w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>श्री श्री रविशंकर जी से मुलाकात को बताया अलौकिक अनुभव</strong><strong></strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी से मुलाकात मेरे लिए एक अलौकिक अनुभव था। श्रद्धालुओं के इस बड़े समूह को संबोधित करना और आश्रम के शांतिपूर्ण वातावरण में समय बिताना मेरे लिए बहुत गर्व की बात थी। इस अनुभव ने मुझे आध्यात्मिक शांति और आंतरिक सुकून से भर दिया है।”</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>पंजाब की सांस्कृतिक विरासत और देश में योगदान का किया जिक्र</strong><strong></strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">पंजाब की सांस्कृतिक विशिष्टता और देश में इसके योगदान के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का देश के इतिहास में हमेशा एक विशेष स्थान रहा है। “प्राचीन काल से ही पांच नदियों की धरती पंजाब को हमारे महान देश के ताज का हीरा होने और अपनी सदियों पुरानी परंपराओं का गौरवशाली ध्वजवाहक होने का गौरव प्राप्त है। इसके गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति और शानदार परंपराओं ने भारत के निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया है।”</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="683" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-20-1024x683.png" alt="" class="wp-image-213006425350" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-20-1024x683.png 1024w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-20-300x200.png 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-20-768x512.png 768w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-20.png 1280w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>पंजाब को बताया देश की </strong><strong>‘</strong><strong>खड़ग भुजा</strong><strong>’</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">पंजाब को “देश की खड़ग भुजा” बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के लोगों ने हर चुनौती का सामना करते हुए देश की सुरक्षा के लिए बार-बार आगे बढ़कर योगदान दिया है। इसके बहादुर लोगों ने हमेशा बाहरी और आंतरिक खतरों के खिलाफ देश की ढाल बनकर पहरा दिया है और इसी ने पंजाब के लोगों को जुझारू जज्बा प्रदान किया है। हजारों वर्षों में अनेक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद पंजाब की धरती ने अपना दृढ़ और निडर चरित्र बरकरार रखा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>सांप्रदायिक सद्भावना और धर्मनिरपेक्षता को बताया पंजाब की पहचान</strong><strong></strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के साहस और निडरता के साथ-साथ इसका धर्मनिरपेक्ष और सभी को साथ लेकर चलने वाला स्वभाव इसकी पहचान की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता है। “पंजाब की एक और विशेषता इसका पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष चरित्र है, जो इसकी आत्मा में समाया हुआ है और इसके सांस्कृतिक सिद्धांतों का अभिन्न अंग है। सांप्रदायिक सद्भावना, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान के मूल्य हमेशा पंजाब के सामाजिक ताने-बाने के केंद्र में रहे हैं।”</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="683" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-18-1024x683.png" alt="" class="wp-image-213006425348" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-18-1024x683.png 1024w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-18-300x200.png 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-18-768x512.png 768w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-18.png 1280w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>युवाओं में सामाजिक और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर</strong><strong></strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार न केवल विकास को गति देने के लिए, बल्कि समाज की नैतिक और सामाजिक नींव को, विशेष रूप से युवाओं में, मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। भगवंत सिंह मान ने कहा, “विकास के प्रमुख क्षेत्रों में सर्वांगीण प्रगति करने के अलावा हमारी सरकार का एक मिशन विशेष रूप से हमारे युवाओं में सामाजिक, नैतिक और राष्ट्रीय मूल्यों को और मजबूत करना है। युवा पंजाब और देश का भविष्य हैं और उन्हें सही मूल्यों से जोड़ना एक मजबूत समाज के निर्माण के लिए बेहद जरूरी है।”</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>श्री श्री रविशंकर जी के प्रयासों की सराहना</strong><strong></strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">युवा पीढ़ी को प्रेरित और मार्गदर्शन करने के लिए गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी आध्यात्मिक शिक्षाओं और बौद्धिक मार्गदर्शन ने समाज के हर वर्ग के लोगों को प्रेरित किया है। “गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी अपनी आध्यात्मिक शिक्षाओं और बौद्धिक मार्गदर्शन के माध्यम से युवाओं को प्रेरित कर इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि यह आध्यात्मिक व्यक्तित्व अपने ज्ञान, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से लोगों को राह दिखाते रहेंगे।”</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-19-1024x683.png" alt="" class="wp-image-213006425349" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-19-1024x683.png 1024w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-19-300x200.png 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-19-768x512.png 768w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2026/08/image-19.png 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>सामाजिक सद्भाव और वैश्विक भाईचारे को मजबूत करने पर जोर</strong><strong></strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">समाज को मजबूत करने वाले मूल्यों को और परिपक्व करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक प्रगतिशील और संगठित राष्ट्र के लिए सांप्रदायिक सद्भावना, अमन-शांति, सामाजिक समानता और वैश्विक भाईचारा बेहद जरूरी हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बेहद जरूरी है कि हम सांप्रदायिक सद्भावना, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, सामाजिक समानता और वैश्विक भाईचारे की भावना को और मजबूत करें। ये वे मूल्य हैं, जिन्होंने हमारे समाज को एक बड़े परिवार में पिरोया है और इनका संरक्षण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इन आदर्शों के साथ हम एक अधिक शांतिपूर्ण, सद्भावनापूर्ण और सभी को समाहित करने वाले समाज का निर्माण कर सकते हैं।”</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें &#8211; </strong><a href="https://hindikhabar.com/cm-bhagwant-mann-inaugurated-punjabs-first-sher-e-punjab-t20-league-stating-that-cricketing-talent-will-get-a-new-platform/" data-type="post" data-id="213006425333">CM भगवंत मान ने पंजाब की पहली शेर-ए-पंजाब टी-20 लीग का किया उद्घाटन, बोले- क्रिकेट प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच</a></p>



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		<title>रोहतक में रामपाल दास के खिलाफ तीसरी लड़ाई, पाखंड खंडन सम्मेलन में गरजे आर्य समाज के विद्वान, बोले- अब होगा निर्णायक संघर्ष</title>
		<link>https://hindikhabar.com/rohtak-arya-samaj-pakhanda-khandan-sammelan-third-fight-against-rampal-das-decisive-struggle/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 30 Aug 2026 10:04:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Haryana]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[. Haryana Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[Arya Pratinidhi Sabha Haryana]]></category>
		<category><![CDATA[Arya Samaj News]]></category>
		<category><![CDATA[Dayanand Math Rohtak]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Rohtak Pakhanda Khandan Sammelan]]></category>
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					<description><![CDATA[Rohtak Pakhanda Khandan Sammelan : रोहतक स्थित दयानंद मठ में आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा की ओर से पाखंड खंडन सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कई राज्यों से आर्य समाज के प्रतिनिधि और विद्वान शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में फैल रहे पाखंड के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना बताया गया। विद्वानों ने रखे &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Rohtak Pakhanda Khandan Sammelan : </strong>रोहतक स्थित दयानंद मठ में आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा की ओर से पाखंड खंडन सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कई राज्यों से आर्य समाज के प्रतिनिधि और विद्वान शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में फैल रहे पाखंड के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना बताया गया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">विद्वानों ने रखे अपने विचार</h3>



<p class="wp-block-paragraph">सम्मेलन में वक्ताओं ने संत रामपाल दास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे। आर्य प्रतिनिधि सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज में धार्मिक आस्था के नाम पर होने वाले अंधविश्वास और गलत परंपराओं के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प भी जताया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">आर्य समाज ने संघर्ष जारी रखने की बात कही</h3>



<p class="wp-block-paragraph">आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के उपप्रधान उमेद सिंह ने कहा कि पाखंड के खिलाफ आर्य समाज ने अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में कई विद्वानों को आमंत्रित किया गया, जिन्होंने धार्मिक विषयों और सामाजिक जागरूकता से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पुराने विवादों का भी किया गया जिक्र</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने आर्य समाज और रामपाल दास से जुड़े पुराने विवादों का उल्लेख किया। 2006 में रामपाल के खिलाफ करौंथा में पहली लड़ाई लड़ी, जो आर्य समाज ने जीती थी। इसके बाद 2013 में बरवाला के अंदर रामपाल के 5 हजार लोग बंदूक लेकर बैठे थे। वो लड़ाई भी हमने जीती। अब रामपाल के खिलाफ तीसरी लड़ाई का आह्वान किया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने कहा कि समाज सुधार और वैचारिक लड़ाई के लिए आर्य समाज लगातार प्रयास करता रहेगा। वहीं मंच से सामाजिक जागरूकता और संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सम्मेलन में आगे की रणनीति पर चर्चा</h3>



<p class="wp-block-paragraph">सम्मेलन के अंत में पाखंड के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाने और भविष्य की रणनीति तैयार करने की बात कही गई। आयोजकों ने कहा कि समाज में शिक्षा, तर्क और जागरूकता के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास जारी रहेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/epfo-action-against-800-companies-pf-registration-employees-noida/">800 कंपनियों पर EPFO की नजर, कर्मचारियों का PF नहीं बनाया तो होगी बड़ी कार्रवाई</a></p>



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