दिल्ली में महिला पुलिसकर्मियों को मुख्य धारा में लाने के लिए हुई नई शुरूआत

Veera Dasta

नई दिल्ली: दिल्ली में महिला पुलिसकर्मियों को मुख्य धारा में लाने के लिए मध्य दिल्ली पुलिस ने एक अनोखी शुरूआत की है। अब तक पारंपरिक यानि ट्रेडिशनल पुलिसिंग के लिए केवल पुरूष पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती थी। लेकिन अब महिलाएं भी इस पहल से जुड़ेंगी। मध्य दिल्ली पुलिस ने जिले के सभी पुलिस थानो के निर्धारित बीट में महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करने का फैसला किया है। इनके लिए “प्रशाक्ति बीट स्टाफ” “वीरा दस्ते” और “पिंक बूथ” को शुरू किया गया है।

नारी शक्ति का प्रतिक- ‘वीरा दस्ता’

मध्य जिले के प्रत्येक पुलिस थाने में निर्धारित बीट्स को महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित किया जाएगा जिन्हें “शक्ति बीट्स” कहा जाता है। इसकी शुरूआत करोल बाग पुलिस थाने से की गई है। इसके तहत डकैती, स्नैचिंग आदि जैसे सड़क अपराध को रोकने के लिए वीरा दस्ते द्वारा क्यूआरटीएस, बाइक्स, ईआरवीएस और स्कूटी पर गहन गश्त की जाएगी।

‘वीरा दस्ता’

पिंक बूथ से लगेगा अपराधों पर लगाम

पुलिस के मुताबिक इसका मकसद महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध पर काबू पाने के साथ साथ महिलाओं में आत्म विश्वास पैदा करना भी है। इसके अलावा, नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए करोल बाग में सभी महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित एक पिंक बूथ भी शुरू किया गया है। यह बूथ महिलाओं/लड़कियों की वास्तविक शिकायतों को पूरा करेगा और उनकी शिकायतों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करेगा। बूथ व्यस्त बाजार क्षेत्रों में महिलाओं / लड़कियों के लिए एक सुरक्षित शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करने की कोशिश है। यह युवा महिलाओं और बच्चियों को उनके खिलाफ हिंसा के मामलों की रिपोर्ट करने के लिए भी प्रेरित करेंगे।

पिंक बूथ

नई पहल बढ़ाएगी महिलाओं में आत्मविश्वास

वीरा स्क्वाड और शक्ति बीट स्टाफ बनाने का उद्देश्य पारंपरिक पुलिसिंग भूमिकाओं में महिला पुलिसकर्मियों को मुख्य धारा में लाना है। अपराध की रोकथाम और जांच की पारंपरिक पुलिस भूमिकाएं पहले पुरुष पुलिसकर्मियों के लिए रिजर्व होती थी। आला अधिकारोयों का मानना है कि नई शुरूआत से पुलिसिंग के हर स्तर पर महिला अधिकारियों की भागीदारी बढ़ेगी। वे अपराध की रोकथाम, उसका पता लगाने और जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, जिसमें लूट, स्नैचिंग, पिक-पॉकेटिंग, सेंधमारी और संगठित अपराध आदि अपराध शामिल हैं।

कट्टर अपराध और सामुदायिक पुलिसिंग में बढ़ेगी भागीदारी

पहले महिला अधिकारियों को मुख्य रूप से महिलाओं और बच्चों के संवेदीकरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध से निपटने के लिए तैनात किया जाता था। लेकिन अब उपरोक्त एजेंडे के अलावा, उन्हें बीट्स में भी तैनात किया जाएगा और कट्टर अपराध और अपराधियों से निपटने के साथ-साथ सामुदायिक पुलिसिंग में उनकी भागीदारी बढ़ाई जाएगी। उपरोक्त परिवर्तन परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए, महिला कर्मचारियों को भी साइबर सेल और मध्य जिले के स्पेशल स्टाफ में तैनात किया गया है।

कॉपी: आलोक वर्मा

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