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96 साल पुरानी विरासत, अंग्रेजी हुकूमत में बने पुराने संसद भवन का क्या होगा?

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राजधानी दिल्ली में नए संसद भवन की इमारत बनकर तैयार हो गई है। इसका निर्माण पुराने संसद भवन के ठीक बगल में किया गया है। आगामी 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। आपको बता दें कि वर्तमान की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए संसद का निर्माण कराया गया है। इसमें आधुनिकता और डिजीटल सुविधाओं की व्यव्सथा की गई है। ऐसे में एक सवाल है, जो सभी के मन में पैदा हो रहा है। वो ये कि अब संसद भवन की पुरानी इमारत का क्या होगा? आज से 96 साल पहले अंग्रेजी शासनकाल में बनाई गई इमारत को गिरा दिया जाएगा या फिर इसमें दूसरे कार्यों का संचालन किया जाएगा? आइए जानते हैं कि पुरानी संसद भवन की इमारत का क्या होगा?

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आपको बता दें कि संसद भवन की पुरानी इमारत अंग्रेजी हुकूमत के दौरान वर्ष 1927 में बनाई गई थी। उस दौरान इसके निर्माण में लगभग 83 लाख रूपए का खर्च आया था। यह 47,500 हजार वर्ग मीटर में बनी हुई है। इसका निर्माण वर्ताकार में करवाया गया। पुराने संसद भवन में लोकसभा के लिए 543 सीटें, जबकि राज्यसभा के लिए 250 सीटें हैं।

पुराने संसद भवन का क्या होगा?

संसद की पुरानी इमारत को ढहाया नहीं जाएगा बल्कि इसे संरक्षित किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार इसके पुरातात्विक महत्त्व को देखते हुए इसे संरक्षित रखने का विचार कर रही है। इस इमारत का इस्तेमाल संसद से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन के लिए किया जाएगा। संसद भवन के निर्माण के बाद अभी इस्तेमाल हो रहे संसद भवन को संग्रहालय के रूप में तब्दील किया जाएगा।

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