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73वें गणतंत्र के मौके पर निकाली गई परेड में Uttar Pradesh ने मारी बाजी, काशी विश्वनाथ धाम की दिखी झलक

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देश ने हाल ही में 73वें गणतंत्र दिवस (Republic Day) को मनाया है। गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर परेड के दौरान सभी राज्यों ने अपनी झांकी निकाली। जिसके द्वारा उन्होंने अपनी संस्कृति को दर्शाया। राज्यों में उत्तर प्रदेश की झांकी को पहला स्थान मिला तो वहीं पॉपुलर च्वाइस कैटेगरी (Popular Choice Category) में महाराष्ट्र पहले स्थान पर रहा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सीआईएसएफ को बेस्ट मार्चिंग दल (Best Marching Team) चुना गया। 

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उत्तरप्रदेश को मिला पहला स्थान

गणतंत्र दिवस पर उत्तरप्रदेश ने अपनी झांकी निकाली। जिसमें आध्यात्मिक नगरी वराणसी मुख्य केन्द्र रहा। साथ ही काशी विश्वनाथ धाम की शानदार झलक देखने को मिली। इस शानदार प्रस्तुति पर उत्तर प्रदेश ने पहला स्थान प्राप्त किया है।

काशी विश्वनाथ से लेकर बनारस के घाटों तक की शानदार प्रस्तुति

यूपी की झांकी की शुरुआत काशी विश्वनाथ मंदिर के एक मॉडल से हुई। उत्तरप्रदेश ने अपनी झांकी में वाराणसी को मुख्य केन्द्र में रखा। साथ ही बनारस से लेकर काशी विश्वनाथ धाम की झलक भी दर्शायी गई। आपको बता दें कि जैसे-जैसे झांकी आगे बढ़ती गई, उसके साथ बजते गीतों ने यह बयां किया कि इसने कैसे श्रध्दालुओं को मंदिर और गंगा के बीच सीधा सम्पर्क दिया है।

झांकी में काशी विश्वनाथ के तीनों द्वारों की झलक दिखाई दी। साथ ही बनारस का लोकप्रिय घाट भी दिखाई दिया जिनपर श्रध्दालु पूजा-पाठ करते दिखे। बताया जाता है कि होलकर की महारानी अहिल्याबाई होलकर ने 1780 के आस-पास इस मंदिर का निर्माण किया था।

12 राज्यों की झांकियों को किया गया था शामिल

गणतंत्र दिवस (Republic Day) परेड में 12 राज्यों की झांकियों को शामिल किया गया था। इसमें यूपी, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, गोवा, उत्तराखंड, पंजाब जैसे राज्य शामिल थे। इनमें सबसे ज्यादा तारीफ यूपी, महाराष्ट्र व जम्मू-कश्मीर की झांकी की हुई थी।

पश्चिम बंगाल की झांकी को नहीं किया गया शामिल

इस बार पश्चिम बंगाल की झांकी को परेड में शामिल नहीं किया गया था। बंगाल की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर झांकी प्रदर्शित करने की तैयारी थी। झांकी शामिल न करने के फैसले के बाद काफी विवाद भी हुआ था। यहां तक कि मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था।

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