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महुआ मोइत्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट का किया रुख, सरकारी आवास खाली करने के आदेश के खिलाफ दायर की याचिका

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New Delhi : टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा पर लगे ‘रिश्वत के बदले सवाल’ पूछने के आरोपों के कारण लोकसभा स्पीकर ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी। मोइत्रा को सांसद के तौर पर मिले आवास को 7 जनवरी तक खाली करने के आदेश दिए गए है। इस आदेश के खिलाफ महुआ मोइत्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। याचिका पर मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने की संभावना है। हाईकोर्ट में दायर याचिका में उन्होंने कहा कि संपदा निदेशालय का आदेश लोकसभा से उनके निष्कासन के बाद जारी किया गया है।

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याचिका में क्या कहा गया है?  

मोइत्रा की याचिका में कहा गया है कि आगामी आदेश वक्त से पहले दिया गया है क्योंकि याचिकाकर्ता के निष्कासन की वैधता भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सामने लंबित है। मोइत्रा द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि सरकारी आवास पर सही तरीके से कब्जा करने के याचिकाकर्ता के दावे पर जब विधिवत फैसला सुनाया जाता है, तभी संपत्ति कार्यालय/प्रतिवादी नंबर-1 के अधिकार क्षेत्र का सवाल उठता है।

मोइत्रा ने क्या कहा?  

मोइत्रा ने कहा कि वह 2019 के आम चुनावों में पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर निर्वाचन क्षेत्र से पहली बार लोकसभा के लिए चुनी गई और उनकी पार्टी ने उन्हें 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए भी वहां से अपना उम्मीदवार चुना है।

महुआ फिर से चुनाव लड़ेंगी  

याचिका में मोइत्रा ने कहा कि इसमें कहा गया है कि चूंकि लोकसभा से निष्कासन उन्हें चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य नहीं ठहराता, इसलिए वह फिर से चुनाव लड़ेंगी। उन्हें अपना समय और ऊर्जा अपने मतदाताओं पर केंद्रित करने की आवश्यकता होगी। साथ ही, उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि वह दिल्ली में अकेली रह रही हैं और उनके पास यहां कोई अन्य निवास स्थान या वैकल्पिक आवास नहीं है।

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