Positive News: 45 की उम्र में महिला साइकिल से अकेले पहुंची गुजरात से अरूणाचल प्रदेश, जानें कैसे

कहते हैं महिला समाज में महिला के अंदर इतना आत्मवल होता है वो कुछ भी कर सकता है। इतना ही नहीं आपको बता दें कि आज एक महिला ने  ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिससे उससे उससे उसकी पूरे देश में चर्चा हो रही है। ये रिकार्ड 45 साल की महिला ने बनाया है। इस महिला अपनी मंजिल की शुरूआत गुजरात से की थी। इन्होंने महज 14 दिन में गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक का सफर साईकिल से तय किया वो भी बिल्कुल अकेले। इससे ये भी साफ होता है कि अगर आपकी इच्छाशक्ति मजबूत है तो आप दुनिया की हर एक मुकाम हासिल कर सकते हैं।

ये यात्रा एक अभियान के तहत है, इतना ही नहीं इस विषय में अभियान के मुख्य कर्ता धरता ने भी कुछ खास बातें बताईं। अभियान दल के प्रमुख घनश्याम रघुवंशी ने सोमवार को बताया कि पुणे निवासी प्रीति मस्के ने एक नवंबर को पाकिस्तान से सटी पश्चिमी सीमा के कोटेश्वर मंदिर से अपनी यात्रा शुरू की थी और गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश से होकर वह गुजरीं। 

Read Also : पंजाब पुलिस के जवानों ने विदेश में गाड़े झंडे, जानें

कहते हैं महिला समाज में महिला के अंदर इतना आत्मवल होता है वो कुछ भी कर सकता है। इतना ही नहीं आपको बता दें कि  आज एक महिला ने  ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिससे उससे उससे उसकी पूरे देश में चर्चा हो रही है। ये रिकार्ड 45 साल की महिला ने बनाया है। इस महिला अपनी मंजिल की शुरूआत गुजरात से की थी।

इन्होंने महज 14 दिन में गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक का सफर साईकिल से तय किया वो भी बिल्कुल अकेले। इससे ये भी साफ होता है कि अगर आपकी इच्छाशक्ति मजबूत है तो आप दुनिया की हर एक मुकाम हासिल कर सकते हैं।

संयोजक ने बताईं बड़ी बातें

ये यात्रा एक अभियान के तहत है, इतना ही नहीं इस विषय में अभियान के मुख्य कर्ता धरता ने भी कुछ खास बातें बताईं। अभियान दल के प्रमुख घनश्याम रघुवंशी ने सोमवार को बताया कि पुणे निवासी प्रीति मस्के ने एक नवंबर को पाकिस्तान से सटी पश्चिमी सीमा के कोटेश्वर मंदिर से अपनी यात्रा शुरू की थी और गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश से होकर वह गुजरीं। 

Share This News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *