देश में 42 करोड़ 78 लाख से अधिक एंटी-कोविड टीके लगाऐ, कोरोना से अब तक 646 लोगों की मौत

नई दिल्ली: देश में चल रहे राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान(nationwide vaccination campaign) के दौरान अब तक देश भर में 42 करोड़ 78 लाख से अधिक एंटी-कोविड टीके (Anti-Covid Vaccines) लगाए जा चुके हैं। जिसके चलते संक्रमण मुक्‍त होने की दर 97 दशमलव तीन-पांच प्रतिशत हो गई है। बता दें कि पिछले 24 घंटों में 35 हजार से अधिक रोगी संक्रमण मुक्‍त हो चुके है। इलके अलावा 39 हजार से अधिक में संक्रमणों कि पुष्टि की गई हैं। फिलहाल अब तक तीन करोड पांच लाख से अधिक लोग कोरोना संक्रमण से उबर चुके हैं। इस समय 4 लाख 8 हजार 977 संक्रमितों का उपचार चल रहा है। 

जानकारी के अनुसार केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय (central health ministry) ने कहां है कि, “पिछले 24 घंटे के दौरान 42 लाख 78 हजार से अधिक टीके लगाए गए हैं।” इसी दौरान उपचार करा रहे लोगों की संख्‍या कुल संक्रमितों(infected) की संख्‍या का एक दशमलव तीन-एक प्रतिशत है। मालूम हो कि साप्‍ताहिक संक्रमण दर पांच प्रतिशत से नीचे बनी हुई है। अभी यह दो दशमलव दो-दो प्रतिशत है। देश में पिछले 24 घंटे के दौरान 646 लोगों की इस कोरोना महामारी से मौत हो गई है। साथ ही अब तक 4 लाख 20 हजार से अधिक लोग कोरोना संक्रमण से अपनी जान गंवा चुके हैं। परीक्षण क्षमता में बढ़ोतरी की गई है। अब तक 45 करोड 45 लाख नमूनों का परीक्षण हो चुका है। कल 16 लाख 31 हजार नमूनों की जांच की गई।

निजी टीकाकरण केंद्रों की ‘धीमी रफ्तार’ पर केंद्र ने जताई चिंता

गौरतलब है कि बिते बुधवार को केंद्र सरकार ने बताया है कि कुछ राज्यों में निजी केंद्रों द्वारा कोविड-19 रोधी टीके खरीदने और उन्हें लगाने की धीमी गति गंभीर चिंता का कारण है। इसने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दैनिक आधार पर स्थिति की समीक्षा करने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि टीकों की खुराक के लिए मांग पत्र वैक्सीन निर्माताओं को तुरंत भेजे जाएं।

बता दें कि स्थिति को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य(central health) सचिव राजेश भूषण(Secretary Rajesh Bhushan) ने बुधवार को 15 राज्यों और साथ में केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य सचिवों (health secretaries) और वरिष्ठ टीकाकरण अधिकारियों(senior vaccination officers) के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। जिसमें  टीकों के ऑर्डर व खुराक को प्राप्त करने तथा भुगतान में देरी समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई थी।

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