कविता कृष्णन ने हिंदुत्व की तुलना तालिबान से की, कहा- अफगानिस्तानी मुस्लिमों की तरह हम भी हिंदुत्व के खिलाफ लड़ेंगे

वॉशिंगटन: भारत में आए दिन धर्म को लेकर टिप्पणी सुनने को मिलती रहती है। कट्टरपंथी नेताओं से लेकर धार्मिक उलेमाओं तक, ये सब धर्म के नाम पर देश के सामाजिक ताने-बाने से खिलवाड़ करते रहते हैं। इसी क्रम में ‘जन की बात’ के फांउडर प्रदीप भंडारी ने अपने प्रोग्राम ‘जनता का मुकदमा’ में हिंदू विरोधी साजिश का पर्दाफाश किया है।

प्रोग्राम के दौरान एक क्लिप के जरिए खुलासा किया गया है। इस क्लिप में कम्युनिस्ट और एआईपीडब्ल्यूए सचिव कविता कृष्णन हिंदू विरोधी बातें कहती नजर आती हैं ।

कविता कृष्णन ने क्लिप में बताया कि अमेरिका के एक सम्मेलन जिसका नाम ‘डिस्मेंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व’ है, वो इस सम्मेलन में स्पीकर के तौर जुड़ने वाली हैं। उन्होंने सम्मेलन के विषय में कहा कि ये सम्मेलन वैश्विक हिंदुत्व को खत्म करने के बारे में है।

आगे उन्होनें बताया कि जैसे अफगानिस्तान में तालिबानी लड़ाके मुस्लिमों को सता रहे हैं लेकिन फिर भी मुस्लिम उनके खिलाफ लड़ रहे हैं वैसे ही हम भी हिंदुत्व के खिलाफ लड़ाई लड़ेगें। मैं स्पष्ट करना चाहती हूँ कि सम्मेलन का आयोजन करने वाले भारतीय हैं और उनमें से ज्यादातर हिंदू हैं।

बता दें कविता कृष्णन की ये क्लिप ‘जन की बात’ के पत्रकार ऋषभ सिंह ने देश के सामने रखी है। कविता के इस बयान की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है।

हिंदी खबर को पत्रकार ऋषभ सिंह ने बताया कि ‘डिस्मेंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व’ सम्मेलन का आयोजन नही प्रायोजन किया गया है। इस क्लिप को देश के सामने लाने का मकसद ये था कि लोगों में एक समुदाय विशेष के डर की बात की जाती है लेकिन कुछ लोग अपने निजी फायदे के लिए हिंदूत्व को बदनाम करते हैं।

ऋषभ आगे कहते हैं, ‘भारत के सोशल फैबरिक में बहुत लचीलापन है इसलिए हमारा देश कभी भी तालिबान जैसा नही हो सकता’।

Share Via

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *