What is Excise Policy: जानें क्या है दिल्ली सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी, जिसको लेकर सिसोदिया के घर पहुंची सीबीआई

What is Excise Policy

What is Excise Policy: शुक्रवार यानि आज दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodiya) के घर CBI का छापा (CBI Raid) पड़ा है। सिसोदिया ने शुक्रवार सुबह इस संबंध में ट्वीट कर जानकारी दी। सिसोदिया ने अपने ट्वीट में कहा, सीबीआई आई है। उनका स्वागत है। हम कट्टर ईमानदार हैं। लाखों बच्चों का भविष्य बना रहे हैं। सिसोदिया ने आगे लिखा, बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में जो अच्छा काम करता है उसे इसी तरह परेशान किया जाता है। इस मामले में बीजेपी और केजरीवाल सरकार आमने सामने आ गई है, ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर दिल्ली सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी क्या है?

जानें क्या है दिल्ली सरकार की नई एक्साइज पॉलिसी

नई आबकारी नीति (Excise Policy) में दिल्ली में शराब पीने की कानूनी उम्र को 25 साल से घटाकर 21 वर्ष कर दिया गया है। इस नई पॉलिसी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर संचालित इंडिपेंडेंट दुकानों और होटलों को 24 घंटे शराब बेचने की अनुमति है। नई पॉलिसी में दुकानों के साइज को भी बढ़ा दिया गया, पहले दुकान खोलने के लिए मिनिमम एरिया 150 स्क्वायर फिट हुआ करता था जिसे बढ़ाकर 500 स्कवायर फीट कर दिया गया। लाइसेंसधारक मोबाइल एप और वेबसाइट के जरिए ऑर्डर करते शराब की होम डिलीवरी की जा सकती है। किसी हॉस्टल, दफ्तर या संस्थान में शराब की डिलीवरी करने की इजाजत नहीं है। पहले दुकानों का काउंटर सड़क की तरफ हुआ करता था लेकिन नई नीति में इसमें बदलाव करके इस अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया।

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डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के खिलाफ क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि दिल्ली सरकार ने पिछले साल ही अपनी नई एक्साइज पॉलिसी लागू की थी। उपराज्यपाल ने जिस रिपोर्ट को आधार बनाया है, उसमें कहा गया है कि दिल्ली एक्साइज एक्ट और दिल्ली एक्साइज रूल्स का उल्लंघन किया गया। इसके अलावा शराब विक्रेताओं की लाइसेंस फीस भी माफ की गई। इससे सरकार को 144 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का नुकसान हुआ। रिपोर्ट में आबकारी मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा रहे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने वैधानिक प्रावधानों और आबकारी नीति का उल्लंघन किया। इन सभी गड़बड़ियों को देखते हुए ही सीबीआई जांच की सिफारिश करने का फैसला लिया गया।

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