Uttarakhand News: प्रदेश में बढ़ रहा मानव-वन्यजीव संघर्ष, हाईकोर्ट ने सरकार को दिए निर्देश

राज्य में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष और तेंदुओं के हमलों के बढ़ते मामलों को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार को एक विशेषज्ञ की अध्यक्षता में समिति बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने ये निर्देश पौड़ी गढ़वाल की सामाजिक कार्यकर्ता अनु पंत की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दी है। याचिका में कहा गया है कि प्रदेश के पर्वतीय जिलों में मानव-वन्य जीवों का संघर्ष बढ़ता ही जा रहा है। आए दिन इंसान जंगली जानवरों के शिकार हो रहे हैं। तेंदुओं के हमले बढ़ते जा रहे हैं।

लगभग हर साल औसतन 60 लोग तेंदुओं के हमले में मारे जाते हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार इससे पहाड़ों में पलायन भी बढ़ रहा है। पलायन आयोग ने भी माना है कि 2016 में छह प्रतिशत लोग पलायन को मजबूर हुए। याचिका में मांग की गई है कि एक कमेटी बनाई जाए जो इस मामले का अध्ययन कर समाधान निकाले। आवासीय क्षेत्रों व जंगलों के बीच में तारबाड़ लगाई जाए। कैमरा ट्रैपिंग के साथ ही तेंदुओं पर रेडियो कॉलर लगाए जाएं। सरकार एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी करे, जिससे आपात स्थिति से निपटने में सहयोग मिल सके। मानव-वन्य जीव संघर्ष से बचाव के लिए वन विभाग को निर्देशित किया जाए। याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ये निर्देश दिए।

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