Delhi-NCR Air Pollution: दिल्ली के साथ NCR क्षेत्र में भी लॉकडाउन लगाने की जरूरत- केजरीवाल सरकार

रिपोर्ट- पंकज चौधरी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण के मामले में ज़िम्मेदारी दूसरों पर थोपने को लेकर नाराज़गी जताई है। कोर्ट ने कहा कि हम चाहते हैं कि प्रदूषण कम हो, हमें राजनीति से कोई मतलब नहीं है। कोर्ट ने कहा कि , “ हम आप को फोर्स नहीं कर रहे लेकिन आप किसानों से बात करें की कम से कम एक हफ्ते तक पराली न जलाएं।”

सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकार दोनों को कहा है कल ( मंगलवार ) शाम तक ये बताए कि किन उद्योगों को बंद किया जाए , किन गाड़ियों को सड़कों पर चलने से रोका जाए और किस पावर प्लांट को बंद किया जाए ताकि प्रदूषण से निबटा जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि सरकार को वैकल्पिक पावर की व्यवस्था करनी चाहिए।

उधर केंद्र ने साफ़ कर दिया कि पराली उतना बड़ा मुद्दा नहीं है दिल्ली प्रदूषण के लिए। केन्द्र ने कहा कि दिल्ली प्रदूषण के लिए पराली का महज 10 फीसद योगदान है। बेवजह किसानों को निशाना बनाया जा रहा था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि , “ ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि न्यायालय को आपके ( सरकार ) लिए एजेंडा निर्धारित करने पड़ते हैं। इस तरह आपात्त बैठक बुलाना सही नहीं है। “

दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल करके बताया कि प्रदूषण को रोकने के लिए वे संपूर्ण लॉकडाउन जैसे कदम उठाने को पूरी तरह तैयार हैं। केजरीवाल सरकार ने बताया कि दिल्ली के साथ NCR क्षेत्र में भी लॉकडाउन लगाने की जरूरत है, तभी ऐसे कदमों का असर पड़ेगा। साथ में सरकार ने यह भी कहा है कि ऐसे कदमों से सिर्फ कुछ समय का असर पड़ेगा।

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर अरविंद केजरीवाल सरकार ने फैसला लिया है कि आज से 17 नवंबर तक स्कूल एक हफ्ते तक के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं दिल्ली के बाद हरियाणा सरकार ने भी गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में चल रहे स्कूलों को 17 नवंबर तक बंद करने का फैसला लिया है। इस सबंध में सरकार ने रविवार को आदेश दिया कि यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।

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