स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को नहीं मिली मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत

नई दिल्ली। दिल्ली के स्वास्थय मंत्री सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहत नही मिली है। उच्च एवेन्यू की विशेष सीबीआई कोर्ट ने सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका खारिज कर दी है. बता दें कि सत्येंद्र जैन को ईडी ने 30 जून को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था. इससे पहले मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय यानि (ED) की टीम ने सत्येंद्र जैन से संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की. ED की टीम ने दिल्ली एनसीआर में सत्येंद्र जैन और उनके सहयोगियों से संबंधित कई जगह छापेमारी की. ईडी ने शुक्रवार को करीब 10 जगह रेड की थी. इनमें आवासीय के साथ ही व्यावसायिक लोकेशंस भी शामिल हैं।

कहा जा रहा है कि जिन ठिकानों पर उनमें एक नामी स्कूल के प्रमोटर्स भी शामिल हैं. सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था. सत्येंद्र जैन को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में 30 मई के दिन गिरफ्तार किया था. सत्येंद्र जैन ने जमानत याचिका दायर की है जिस पर दिल्ली की कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. गौरतलब है कि 57 साल के सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. ईडी की ओर से छापेमारी के दौरान करीब 2.85 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति और सोने के 133 सिक्के बरामद किए जाने का दावा किया था।

2017 में भी दर्ज हुआ था मनी लॉन्ड्रिंग केस

आपको बता दें कि साल 2017 में भी सत्येंद्र जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज हुआ था,सत्येंद्र जैन और उनके परिजनों के खिलाफ सीबीआई ने अगस्त 2017 में एफआईआर दर्ज भी की गई थी. उसके बाद सीबीआई ने दिसंबर 2018 में चार्जशीट दायर की थी. आरोप के मुताबिक हवाला के जरिये प्राप्त 4.81 करोड़ रुपये इस धनराशि का उपयोग लोन के भुगतान और दिल्ली के आसपास कृषि भूमि की खरीद में किया गया. जिन लोगों की संपत्ति ईडी ने अटैच की, वे सत्येंद्र जैन के परिवार से संबंधित लोग थे या फिर उनके सहयोगी।

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