PM मोदी ने ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ का किया शुभारंभ, जानें इस मौके पर पीएम क्या बोेले?

National MSME Awards 2022

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने (National MSME Awards 2022) दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘राइजिंग एंड एक्सेलरेटिंग MSME परफॉर्मेंस (RAMP)’, ‘प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम’ और अन्य सुविधाओं का शुभारंभ किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे और केंद्रीय मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा भी मौजूद रहे। पीएम ने अपने संबोधन में कहा भारत का एक्सपोर्ट लगातार बढ़े, भारत के प्रॉडक्ट्स नए बाजारों में पहुंचें इसके लिए देश के MSME सेक्टर का सशक्त होना बहुत जरूरी है। हमारी सरकार, आपके इसी सामर्थ्य, इस सेक्टर की असीम संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रही है, नई नीतियां बना रही है।

देश के MSME सेक्टर का सशक्त होना बहुत जरूरी

पीएम मोदी बोले (National MSME Awards 2022) लोकल उत्पादों को हमने ग्लोबल बनाने का संकल्प लिया है। प्रयास ये है कि Make in India के लिए लोकल सप्लाई चेन बने, जो भारत की विदेशों पर निर्भरता कम कर सके। इसलिए एमएसएमई सेक्टर का विस्तार करने पर अभूतपूर्व बल दिया जा रहा है। MSME सेक्टर को मजबूती देने के लिए पिछले आठ साल में हमारी सरकार ने बजट में 650 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी की है। यानि हमारे लिए MSME का मतलब है- Maximum Support to Micro Small and Medium Enterprises.

लोकल उत्पादों को हमने ग्लोबल बनाने का संकल्प लिया

आगे उन्होनें कहा (National MSME Awards 2022) भारत आज अगर 100 रुपये कमाता है तो उसमें 30 रूपये MSME सेक्टर से आते हैं। MSME सेक्टर को सशक्त करने का मतलब है, समाज को सशक्त करना। सबको विकास के लाभ का भागीदार बनाना। आज पूरी दुनिया भारत की अर्थव्यवस्था की गति को देखकर प्रभावित है और इस गति में बहुत बड़ी भूमिका हमारे MSME सेक्टर की है। इसलिए MSME आज Micro Economy की मजबूती के लिए भी जरूरी है। आज भारत जितना निर्यात कर रहा है, उसमें बहुत बड़ा हिस्सा MSME का है।

MSME आज Micro Economy की मजबूती के लिए भी जरूरी

PM ने कहा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (National MSME Awards 2022) की जरूरतों को ध्यान रखते हुए हमने ये सुनिश्चित किया की ये उद्यम आगे भी बढ़ें। अगर कोई उद्योग आगे बढ़ना चाहता है, विस्तार करना चाहता है, तो सरकार न केवल उसे सहयोग दे रही है, बल्कि नीतियों में जरूरी बदलाव भी कर रही है। 200 करोड़ रुपये तक की सरकारी खरीद में अब ग्लोबल टेंडर नहीं करना, हमारी सरकार का निर्णय है। इसमें एक तरह से आपका रिजर्वेशन है। आपको ऐसा कुछ करके दिखाना है कि सरकार को 500 करोड़ रुपये तक की सरकारी खरीद में ग्लोबल टेंडर में प्रतिबंध लगाना पड़ जाए।

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