Adani Group करेगा मुंबई में एशिया की सबसे बड़ी बस्ती ‘धारावी’ का रिडेवलेप, जानें क्या होंगे फायदे

देश का राजधानी मुबंई वैसे तो सपनों की नगरी कही जाती है लेकिन इस चमक धमक वाले मुबंई शहर में एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती ‘धारावी’ भी है। यहां की छोटी- छोटी झुग्गियों में 60 हजार से ज्यादा कुनबे बसते हैं। जहां लोगों को मुबंई नगरी चमक धमक दिखती है तो अगर असल संघर्ष की बात करें तो धारावी के लोगों का जीवन आज भी कई चुनौतियों से भरा हुआ है। दो समय की रोटी भी लोगों के लिए मिलना किसी खजाने से कम नहीं होता है लेकिन धारावी को लेकर खबर सामने आई है कि अब अडानी ग्रुप ने इस बस्ती को खरीद लिया है और अब उसका विकास भी उनकी कंपनी करेगी।

हालांकि आपको बता दें बस्ती के रिडेवलपमेंट से पहले अडानी की कंपनी को महाराष्ट्र सरकार को इसका पूरा ब्यौरा भेजना होगा जिसके बाद सरकार इस रिडेवलपमेंट की मंजूरी दे सके उसके बाद इसका काम शुरू किया जा सके। बता दें धारावी की ये बस्ती 620 के बड़े एकड़ में फैली हुई है। महाराष्ट्र सरकार का ये धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट 20 हजार करोड़ रुपये का है जिसे 7 सालों में पूरा किया जाना हैं। लेकिन अब सवाल ये है कि आखिर आडानी ग्रुप ने इस धारावी की तस्वीर को बदलने के इतना बड़ा प्रोजेक्ट क्यों लिया है इससे क्या फायदा होगा?

बनेंगे पक्के मकान और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स

इस स्लम एरिया के पुर्नविकास के तहत यहां रहने वाले लाखों लोगों के लिए पक्के मकान, बुनियादी सुविधाएं, साफ-सफाई और रहने के लिए बेहतर जगह मुहैया कराई जाएगी। इससे आने वाले वक्त में इसकी पहचान सबसे गंदी कंजस्टेड झुग्गी बस्ती की जगह सबसे विकसित जगह के तौर पर होगी। यहां बनी झुग्गी झोपड़ियों और तंग गलियों की जगह अच्छे मकान और खुली सड़कें होंगी, साथ ही कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी बनाए जाएंगे। इससे जमीन की कीमत भी बढ़ती चली जाएगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक धारावी झुग्गी बस्ती में 5 हजार से ज्यादा रजिस्टर्ड कारोबारी हैं, जो यहां खुद का बिजनेस करते हैं. यहां 15 हजार से ज्यादा कारखाने भी हैं, हालांकि जगह कम होने के चलते ये कारखाने बेहद छोटी-छोटी गलियों में ही सिमटे हुए हैं.

शौचालय की नहीं है सुविधा

मुंबई की इस झुग्गी बस्ती को जहां एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती कहा जाता है. वहीं ये गंदगी के मामले में भी ये सबसे आगे है. संकरी गलियों के चलते यहां साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है. जगह कम होने के चलते यहां एक ही मकान में पूरा परिवार रहता है. छोटी सी झुग्गियों में एक साथ कई लोग रहते हैं जहां शौचालय, किचन आदि की पर्याप्त सुविधा नहीं है.

काफी सालों से अटका हुआ है रिडेवलपमेंट का काम

धारावी झुग्गी-बस्ती के रिडेवलपमेंट का काम काफी सालों से अटका हुआ था बता दें कि पहली बार साल 1999 में महाराष्ट्र सरकार इसके रिडेवलपमेंट का प्रस्ताव लेकर आई थी. जिसके बाद साल 2003-2004 में सरकार ने इसका प्लान तैयार किया. सरकार ने कंपनियों के साथ मिलकर इसका रिडेवलपमेंट करने की योजना बनायी थी. अब अडानी ग्रुप ने इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे ऊंची बोली लगाकर इस प्रोजेक्ट को हासिल कर लिया है।

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