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	<title>Qatar Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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	<description>Hindi Khabar: Latest News Breaking News, हिंदी खबर चैनल, Hindi Khabar Live,Hindi News</description>
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	<title>Qatar Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>Qatar: दोहा में पीएम मोदी का भारतीय प्रवासियों ने किया भव्य स्वागत, देखें तस्वीरें</title>
		<link>https://hindikhabar.com/qatar-indian-expatriates-gave-grand-welcome-to-pm-modi-in-doha-see/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anukampa]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Feb 2024 04:22:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[pm mod in Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar indian]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar news]]></category>
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					<description><![CDATA[Qatar: यूएई के दो दिवसीय दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कतर पहुंचे। कतर की राजधानी दोहा में प्रवासी भारतीयों से पीएम मोदी ने मुलाकात की। होटल के बाहर भारतीयों ने उनका स्वागत किया। साथ ही हाथों में तिंरगा लेकर आए लोगों ने भारत माता की जय और मोदी- मोदी के नारे लगाए।   पीएम &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Qatar</strong>: यूएई के दो दिवसीय दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कतर पहुंचे। कतर की राजधानी दोहा में प्रवासी भारतीयों से पीएम मोदी ने मुलाकात की। होटल के बाहर भारतीयों ने उनका स्वागत किया। साथ ही हाथों में तिंरगा लेकर आए लोगों ने भारत माता की जय और मोदी- मोदी के नारे लगाए।  </p>



<p>पीएम मोदी ने होटल के बाहर स्वागत के लिए जुटे लोगों से हाथ मिलाया। कुछ प्रवासी भारतीयों ने पीएम मोदी को किताबें भी भेंट कीं। इस दौरान लोगों ने पीएम मोदी से बातचीत की और उनके साथ तस्वीरें भी लीं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="674" height="379" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/image-16.png" alt="" class="wp-image-213006298594" style="width:606px;height:auto" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/image-16.png 674w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/image-16-300x169.png 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/image-16-150x84.png 150w" sizes="(max-width: 674px) 100vw, 674px" /></figure>



<p>पीएम मोदी ने दोहा में कतर के प्रधानमंत्री सह विदेश मंत्री एचएच मुहम्मद बिन अब्दुल रहमान के साथ बैठक कर द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने पर विस्तार से बात की।</p>



<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा, भारत कतर के साथ ऐतिहासिक और गहरे संबंधों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है। कतर के शीर्ष नेतृत्व के साथ व्यापक बातचीत की योजना है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" width="674" height="379" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/image-17.png" alt="" class="wp-image-213006298595" style="width:471px;height:auto" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/image-17.png 674w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/image-17-300x169.png 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2024/02/image-17-150x84.png 150w" sizes="(max-width: 674px) 100vw, 674px" /></figure>



<p>यूएई सरकार ने अबू धाबी में मंदिर बनाने के लिए 20,000 वर्ग मीटर जमीन दी थी। यूएई सरकार ने साल 2015 में उस वक्त ऐलान किया था, जब प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय दौरे पर वहां गए थे। संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबूधाबी में पहले हिंदू मंदिर का उद्धाटन किया गया। मंदिर निर्माण में इको-फ्रेंडली तरीके पर जोर दिया गया था।</p>



<p><strong>यह भी पढ़ें:-</strong><a href="https://hindikhabar.com/viral/viral-video-woman-walking-with-a-girl-on-the-road-with-a-leash-like-a-dog-in-mumbai-people-shocked-trending-news-in-hindi/">Viral Video: विदेश के बाद भारत भी आई यह बीमारी, पट्टा बांध कर सड़कों पर घूम रही महिला, लोगों ने किया ट्रोल</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>Qatar: कतर जेल से रिहा हुए 8 पूर्व भारतीय सैनिक, 7 की वतन वापसी</title>
		<link>https://hindikhabar.com/qatar-8-former-indian-soldiers-released-from-qatar-jail-7-return-to-their-country/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anukampa]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Feb 2024 04:35:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[eight Indian Navy ex-employees facing death penalty in Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[former indian soldier]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar 8 Indians Death Penalty]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar court decision on Indians]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar court verdict]]></category>
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					<description><![CDATA[Qatar: भारत को एक बड़ी जीत मिली है। दरअसल कतर में जिन आठ भारतीयों को फांसी की सजा सुनाई गई थी।  अब उन्हें रिहा कर दिया है। ये सभा कर्माचारी जासूसी के आरोपों का सामना कर रहे थे। भारत के अनुरोध से मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया गया। Qatar: यह है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Qatar</strong>: भारत को एक बड़ी जीत मिली है। दरअसल कतर में जिन आठ भारतीयों को फांसी की सजा सुनाई गई थी।  अब उन्हें रिहा कर दिया है। ये सभा कर्माचारी जासूसी के आरोपों का सामना कर रहे थे। भारत के अनुरोध से मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया गया।</p>



<h3 class="wp-block-heading">Qatar: यह है मामला</h3>



<p>कतर की अदालत ने जासूसी के आरोप में भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मचारियों को पिछले साल 27 अक्टूबर को मौत की सजा सुनाई थी। इस फैसले से भारत बेहद हैरान था। उसने इस निर्णय को चौंकाने वाला बताया था। हालांकि, भारत सरकार ने साफ कर दिया था कि वह इस मामले में सभी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है। हैरानी वाली बात ये थी कि कतर के साथ भारत के रिश्ते अच्छे माने जाते हैं। इसके बाद भी कतर ने आठ भारतीयों को मौत की सजा सुनाई थी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कतर में क्या कर रहे थे सैनिक</h3>



<p>आठों भारतीय निजी कंपनी दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीस एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज (Global Technologies and Consultancy Services) के लिए काम करते थे। भारतीय नागरिक पिछले कुछ सालों से कतर के नौसैनिकों को प्रशिक्षण दे रहे थे। कतरी अधिकारियों के साथ मिलकर ये कंपनी नौसैनिकों को ट्रेनिंग देने का काम कर रही थी। कंपनी का स्वामित्व रॉयल ओमान वायु सेना के सेवानिवृत्त स्क्वाड्रन लीडर खामिस अल-अजमी के पास है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कौन हैं ये आठ भारतीय?</h3>



<p>कतर की अदालत ने जिन आठ लोगों को सजा सुनाई थी वो भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी हैं।</p>



<p>1. कमांडर पूर्णेंदु तिवारी</p>



<p>2. कमांडर सुगुणाकर पकाला</p>



<p>3. कमांडर अमित नागपाल</p>



<p>4. कमांडर संजीव गुप्ता</p>



<p>5. कैप्टन नवतेज सिंह गिल</p>



<p>6. कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा</p>



<p>7. कैप्टन सौरभ वशिष्ठ</p>



<p>8. नाविक रागेश गोपाकुमार</p>



<p><strong>यह भी पढ़ें:-</strong><a href="https://hindikhabar.com/state/delhi-mismanagement-heaps-of-filth-people-helpless-dusu-responsible-news-in-hindi/">Delhi : बदइंतजामी, गंदगी का अंबार, लोग लाचार, डूसू जिम्मेदार</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>कतर की जेल में बंद भारत के पूर्व नौसैनिकों की सज़ा हुई कम, विदेश मंत्रालय का बयान</title>
		<link>https://hindikhabar.com/mea-on-qatar-sentence-on-ex-naval-officers-mea-statement-on-qatar-punishment-on-ex-naval-officers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Dec 2023 10:45:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[MEA on Qatar Sentence on Ex Naval Officers]]></category>
		<category><![CDATA[Ministry of External Affairs]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar]]></category>
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					<description><![CDATA[MEA on Qatar Sentence on Ex Naval Officers: कतर की जेल में बंद भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों की सज़ा-ए-मौत को भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद कतर की अदालत ने कम कर दिया है. मंत्रालय का बयान भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, “दहरा ग्लोबल केस मामले में आज कतर की अदालत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>MEA on Qatar Sentence on Ex Naval Officers:</strong> <strong>कतर की जेल में बंद भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों की सज़ा-ए-मौत को भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद कतर की अदालत ने कम कर दिया है.</strong></p>



<h2 class="wp-block-heading">मंत्रालय का बयान</h2>



<p>भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक <a href="https://www.mea.gov.in/press-releases.htm?dtl/37484/Verdict_in_the_Dahra_Global_case_in_Qatar"><strong>बयान जारी</strong></a> कर कहा, “दहरा ग्लोबल केस मामले में आज कतर की अदालत का आदेश आया है, जिसमें पूर्व नौसेनिकों की सज़ा को कम कर दिया गया है. हमें पूरे आदेश का इंतज़ार है. क़तर में हमारे राजदूत और अन्य अधिकारी सज़ा पाए लोगों के परिजनों के साथ आज अदालत में मौजूद थे.”</p>



<h2 class="wp-block-heading">MEA on Qatar Sentence: कांसुलर और कानूनी मदद पहुंचा रहे हैं</h2>



<p>बयान के अनुसार, “शुरू से ही हम उन लोगों के साथ खड़े हैं और हम उन्हें कांसुलर और क़ानूनी मदद पहुंचा रहे हैं. हम इस मामले को क़तरी प्रशासन के साथ भी उठाएंगे.”</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>क्या है पूरा मामला</strong></h2>



<p>पिछले साल सितंबर 2022 में क़तर सरकार ने 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को गिरफ़्तार किया था. मार्च में इन सभी पर जासूसी के आरोप तय किए गए थे. गिरफ़्तार किए गए आठों भारतीय नागरिक नौसेना के पूर्व अधिकारी हैं और क़तर की ज़ाहिरा अल आलमी नाम की कंपनी का साथ काम करते थे.</p>



<h2 class="wp-block-heading">कतर की नौसेना के लिए करती है ये कंपनी काम</h2>



<p>ये कंपनी सबमरीन प्रोग्राम में क़तर की नौसेना के लिए काम कर रही थी. इस प्रोग्राम का मक़सद रडार से बचने वाले हाईटेक इतालवी तकनीक पर आधारित सबमरीन हासिल करना था.</p>



<p>कंपनी में 75 भारतीय नागरिक कर्मचारी थे. इनमें से ज्यादातर भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी थे. मई में कंपनी ने कहा था कि वो 31 मई 2022 से कंपनी बंद करने जा रही है. जासूसी के आरोप में गिरफ़्तार आठ कर्मचारियों को पहले ही बर्ख़ास्त कर  वेतन का हिसाब-किताब भी कर दिया गया था.</p>



<h2 class="wp-block-heading">मई 2023 तक देश छोड़ने के दिए थे निर्देश</h2>



<p>बीते मई में क़तर ने कंपनी को बंद करने का आदेश दिया और इसके लगभग 70 कर्मचारियों को मई 2023 के अंत तक देश छोड़ने का निर्देश दिया.</p>



<p>भारतीय मीडिया और अन्य ग्लोबल मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़, इन पूर्व नौसैनिकों पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर अति उन्नत इतालवी पनडुब्बी को ख़रीदने से संबंधित क़तर के ख़ुफ़िया कार्यक्रम के बारे में इजरायल को जानकारी दी थी. यानी इन नौसैनिकों पर इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप भी लगाए गए हैं.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कतर की जेल में बंद नौसेना के पूर्व अधिकारियों को लेकर विदेश मंत्रालय ने क्या बताया</title>
		<link>https://hindikhabar.com/indo-qatar-relationship-ministry-of-finance-on-8-ex-naval-official-death-sentence-in-qatar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 21 Dec 2023 13:28:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[8 Ex Naval Officers]]></category>
		<category><![CDATA[Arindam Bagchi]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[MEA]]></category>
		<category><![CDATA[Ministry of External Affairs]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar]]></category>
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					<description><![CDATA[Indo Qatar Relationship: क़तर में आठ पूर्व भारतीयों नौसेनिकों को मौत की सज़ा के संदर्भ में पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ये मामला क़तर के कोर्ट ऑफ़ अपील में है. मामले में अब तक तीन सुनवाई हुई है. 3 दिसंबर को आठों लोगों से मिलने दिया गया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Indo Qatar Relationship: क़तर में आठ पूर्व भारतीयों नौसेनिकों को मौत की सज़ा के संदर्भ में पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ये मामला क़तर के कोर्ट ऑफ़ अपील में है. मामले में अब तक तीन सुनवाई हुई है.</strong></p>



<h2 class="wp-block-heading">3 दिसंबर को आठों लोगों से मिलने दिया गया था</h2>



<p>उन्होंने कहा, &#8220;दोहा में हमारे राजदूतों को तीन दिसंबर को इन आठों लोगों से मिलने का मौका मुहैया कराया गया. लेकिन इसके अलावा अभी साझा करने के लिए कुछ नहीं है. अभी मुझे पता नहीं है कि वहां कितने लोगों की सजा की माफी हुई और इसमें कोई भारतीय है भी या नहीं.&#8221;</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | On death penalty to 8 ex-Indian Navy personnel in Qatar, MEA Spokesperson Arindam Bagchi says, &quot;This case is now in the court of appeal. And, there have been 3 hearings in the Qatar Court of Appeal. Meanwhile, our ambassador in Doha got consular access to meet all 8 men… <a href="https://t.co/F6wfZqtiv5">pic.twitter.com/F6wfZqtiv5</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1737789825338724747?ref_src=twsrc%5Etfw">December 21, 2023</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<p>क़तर में भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों की मौत की सज़ा के चलते भारत के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. गौरतलब है कि जिन आठ लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई है, वे भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी हैं. इनमें कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कैप्टन वीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुग्नाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और सेलर रागेश शामिल हैं.</p>



<h2 class="wp-block-heading">Indo Qatar Relationship: साल 2022 में किया गया था अरेस्ट</h2>



<p>ये सभी एक डिफेंस सर्विसेज कंपनी के लिए काम कर रहे थे. ये सभी लोग भारतीय नौसेना से रिटायर हो चुके हैं. क़तर में इन लोगों को पिछले साल (2022) 30 अगस्त को गिरफ़्तार किया गया था. तब से उन्हें तन्हाई कैद में रखा गया था. इन लोगों का मुकदमा इस साल 29 मार्च को शुरू हुआ था. </p>



<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://hindikhabar.com/international/ministry-of-external-affairs-spokesperson-arindam-bagchi-on-red-sea-and-maldiv-situations/">लाल सागर में जहाजों पर हमले और मालदीव को लेकर विदेश मंत्रालय ने कही ये बात</a></strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पूर्व नौसेना कर्मियों को कतर से वापस लाने के लिए होनी चाहिए हर कोशिश : अधीर रंजन</title>
		<link>https://hindikhabar.com/every-effort-should-be-made-to-bring-back-former-naval-personnel-from-qatar-adhir-ranjan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ankur Pratap Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 Dec 2023 12:32:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Adhir Ranjan]]></category>
		<category><![CDATA[Adhir Ranjan Chowdhury]]></category>
		<category><![CDATA[death punishment to navy officers]]></category>
		<category><![CDATA[ex navy officer]]></category>
		<category><![CDATA[India News In Hindi]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[winter session]]></category>
		<category><![CDATA[कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[बीजेपी]]></category>
		<category><![CDATA[बीजेपी सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[भारत सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[सरकार]]></category>
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					<description><![CDATA[New Delhi : लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने सरकार से मांग की है कि कतर की जेल में बंद नौसेना के पूर्व-कर्मियों को वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास होनी चाहिए। सनद रहे कि कतर की कोर्ट ने पिछले 26 अक्टूबर को भारतीय नौसेना के पूर्व कर्मियों को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>New</strong><strong> </strong><strong>Delhi :</strong> लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने सरकार से मांग की है कि कतर की जेल में बंद नौसेना के पूर्व-कर्मियों को वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास होनी चाहिए। सनद रहे कि कतर की कोर्ट ने पिछले 26 अक्टूबर को भारतीय नौसेना के पूर्व कर्मियों को मौत की सजा सुनाई थी। कतर ने आरोपों का खुलासा नहीं किया है। लेकिन, दावा किया जा रहा है कि जासूसी के आरोप में पूर्व नौसेना कर्मियों को यह सजा सुनाई गई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">अधीर रंजन ने लोकसभा में उठाया यह मुद्दा</h3>



<p>लोकसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने यह मुद्दा उठाया। चौधरी ने सरकार से मांग की कि पूर्व-नौसेना कर्मियों को वापस लाने के लिए सरकार को हरसंभव कोशिश करनी चाहिए। सनद रहे कि पूर्व-नौसेना कर्मियों की मौत की सजा के खिलाफ कतर की ऊपरी कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसे कतर की कोर्ट ने स्वीकार भी कर लिया है।</p>



<p>इसके अलावा पीएम मोदी ने हाल ही में जब दुबई में कॉप-28 सम्मेलन में शिरकत की तो सम्मेलन से इतर उन्होंने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमाद अल थानी से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में भी कतर में मौजूद भारतीय समुदाय के बारे में चर्चा की गई।</p>



<h3 class="wp-block-heading">भारत ने जताई थी इस फैसले पर हैरानी</h3>



<p>सनद रहे कि नौसेना के पूर्व-कर्मियों को पिछले 26 अक्तूबर को मौत की सजा सुनाई गई थी। भारत ने इस फैसले पर हैरानी जताई थी। हाल ही में नौसेना चीफ ने कहा कि भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए भारत सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। इन भारतीयों को कतर के सबमरीन प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी इस्राइल को मुहैया कराने के आरोप लगे हैं।</p>



<p><strong>यह भी पढ़ें &#8211;</strong> <a href="https://hindikhabar.com/international/saudi-arab-haj-minister-visits-india/">Saudi Arab के हज मंत्री भारत की यात्रा पर, एजेंडे में क्या है?</a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इंडियन नेवी के 8 पूर्व अफसरों से टला मौत का खतरा ?, कतर की अदालत ने लिया ये बड़ा फैसला&#8230;</title>
		<link>https://hindikhabar.com/death-threat-averted-from-8-former-indian-navy-officers-qatar-court-took-this-big-decision/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Nov 2023 07:52:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Navy Officer Death Penalty]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[Spying Case]]></category>
		<category><![CDATA[कतर]]></category>
		<category><![CDATA[जासूसी मामला]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय नौसेना अधिकारी को मौत की सज़ा]]></category>
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					<description><![CDATA[कतर की अदालत से मौत की सजा पाने वाले भारतीय नेवी के 8 पूर्व अफसरों को लेकर एक उम्मीद की किरण जगी है। सुत्रों की माने तो पूर्व अधिकारियों की सजा के खिलाफ दायर की गई भारत सरकार की याचिका को कतर की अदालत ने स्वीकार कर लिया है। यानी फिलहाल के लिए भारत के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>कतर की अदालत से मौत की सजा पाने वाले भारतीय नेवी के 8 पूर्व अफसरों को लेकर एक उम्मीद की किरण जगी है। सुत्रों की माने तो पूर्व अधिकारियों की सजा के खिलाफ दायर की गई भारत सरकार की याचिका को कतर की अदालत ने स्वीकार कर लिया है। यानी फिलहाल के लिए भारत के पूर्व 8 नेवी अफसरों से मौत का खतरा टल गया है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">भारत सरकार ने 15 दिन पहले करी थी अपील</h4>



<p>बता दें कि कतर में मौत की सजा पाने वाले भारत के 8 पूर्व नौसैनिकों को लेकर भारत सरकार ने कतर की अदालत में 15 दिन पहले अपील की थी जिसके बाद आखिरकार कतर की अदालत ने याचिका को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट अब अपने अंतिम फैसले से पहले इस पर फिर से विचार करेगा। जहां इस मामले पर जल्द ही सुनवाई शुरू की जाएगी। हालांकि अभी तक विदेश मंत्रालय की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि किए जाने का इंतजार है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">पूर्व नौसैनिकों पर लगा है जासूसी का आरोप</h4>



<p>खबरों की माने तो कतर की अदालत ने कथित जासूसी के आरोपों में भारत के आठ पूर्व नौसैनिकों को मौत की सजा सुनाई गई है। एक ब्रिटिश अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि इन पूर्व नेवी अफसरों ने कतर के सबमरीन प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी इजरायल सरकार से साझा की है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">26 अक्टूबर को सुनाई थी मौत की सजा </h4>



<p>आपको बता दें कि कतर की निचली अदालत ने पिछले महीने 26 अक्टूबर को इंडियन नेवी के 8 पूर्व अफसरों को मौत की सजा सुनाई थी। जिसके बाद भारत सरकार ने सजा के खिलाफ कतर की अदालत में अपील करने का फैसला किया था।</p>
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		<title>कतर में 8 पूर्व नौसैनिकों को मौत की सजा के खिलाफ भारत ने दाखिल की अपील</title>
		<link>https://hindikhabar.com/india-files-appeal-against-death-sentence-given-to-8-former-marines-in-qatar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ankur Pratap Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Nov 2023 12:55:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Arindam Bagchi]]></category>
		<category><![CDATA[BJP]]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
		<category><![CDATA[Ex Indian Navy Officers]]></category>
		<category><![CDATA[Ex Indian Navy Officers Case]]></category>
		<category><![CDATA[Ex Indian Navy Officers In Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[MEA]]></category>
		<category><![CDATA[MEA On Ex Indian Navy Officers Case]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[अरिंदम बागची]]></category>
		<category><![CDATA[कतर]]></category>
		<category><![CDATA[पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी]]></category>
		<category><![CDATA[पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी मामले पर विदेश मंत्रालय]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश मंत्रालय]]></category>
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					<description><![CDATA[New Delhi: कतर में हाल ही में 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को मौत की सजा सुनाई गई थी। जिसको लेकर भारत ने अपील दाखिल की है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि कतर में एक कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस होता है, जिन्होंने अलदहरा कंपनी के 8 कर्मियों को लेकर 26 &#8230;]]></description>
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<p><strong>New</strong><strong> </strong><strong>Delhi</strong><strong>:</strong> कतर में हाल ही में 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को मौत की सजा सुनाई गई थी। जिसको लेकर भारत ने अपील दाखिल की है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि कतर में एक कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस होता है, जिन्होंने अलदहरा कंपनी के 8 कर्मियों को लेकर 26 अक्टूबर को जजमेंट दिया था।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कतर अथॉरिटीज के साथ संपर्क साधे हुए हैं</h3>



<p>जजमेंट कॉन्फिडेंशियल है। और केवल लीगल टीम के साथ साझा किया गया है। वो अब अगले लीगल स्टेप के बारे में विचार कर रहे हैं। एक अपील फाइल की गई है। उनकी अपील फाइल हो गई है। हम भी कतर अथॉरिटीज के साथ इस मामले में संपर्क साधे हुए हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कॉन्सुलर एक्सेस मिला</h3>



<p>अरिंदम बागची ने कहा कि सात नवंबर को हमारी एंबेसी को एक और ‘राउंड ऑफ कांसुलर एक्सेस’ मिली। जिससे हम आठों लोगों से मिल पाये। हम उनके परिवार के सद्स्यों के साथ भी कॉन्टैक्ट में हैं। पिछले सप्ताह विदेश मंत्री ने उनके परिवार के सदस्यों से दिल्ली में मुलाकात की थी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">यह मामला बहुत ही संवेदनशील है</h3>



<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हम जितना हो सके, उतना लीगल और कांसुलर असिस्टेंस उनको देते रहेंगे। मैं ये कहना चाहूंगा कि यह मामला बहुत ही संवेदनशील है। तो आप अटकलबाजियों में बिल्कुल भी शामिल न हों। मैं यह फिर दोहराता हूं कि कानूनी और कांसुलर सहायता जो भी हम दे सकते हैं। हम देते रहेंगे।</p>



<p><strong>यह भी पढ़ें </strong>&#8211; <a href="https://hindikhabar.com/state/chhattisgarh/cg-shahs-target-on-congress-congress-opened-betting-on-the-name-of-mahadev/">CG Election 2023: अमित शाह का कांग्रेस पर निशाना  बोले-‘कांग्रेस ने ‘महादेव’ के नाम पर खोला सट्टा’</a></p>
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		<title>पूर्व भारतीय नौसैनिकों की रिहाई के लिए सरकार कर रही है कोशिश : एस जयशंकर</title>
		<link>https://hindikhabar.com/government-is-making-efforts-for-the-release-of-former-indian-marines-s-jaishankar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ankur Pratap Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Oct 2023 08:24:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Navy]]></category>
		<category><![CDATA[Indians Death Penalty Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar 8 Indians Death Penalty]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar Indians Death Penalty]]></category>
		<category><![CDATA[S Jaishankar]]></category>
		<category><![CDATA[कतर]]></category>
		<category><![CDATA[कतर की खबरें]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय नौसेना]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश मंत्री एस जयशंकर]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उन 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों के परिवार वालों से मुलाकात की है, जिन्हें कतर में मृत्यु की सजा सुनाई गई है। एस जयशंकर ने कहा कि उन्होंने 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों के परिवार वालों को आश्वासन दिया है कि सरकार उनकी रिहाई के लिए हर संभव कोशिश करेगी। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>नई दिल्ली</strong><strong>:</strong> विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उन 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों के परिवार वालों से मुलाकात की है, जिन्हें कतर में मृत्यु की सजा सुनाई गई है। एस जयशंकर ने कहा कि उन्होंने 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों के परिवार वालों को आश्वासन दिया है कि सरकार उनकी रिहाई के लिए हर संभव कोशिश करेगी। कतर में भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों के ऊपर जासूसी का आरोप लगाकर उन्हें पिछले वर्ष गिरफ्तार कर लिया गया था। और हाल ही में उन्हें कतर की एक अदालत ने मृत्यु की सजा सुनाई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सरकार इस मामले को सर्वोच्च महत्व दे रही है</h3>



<p>एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि कतर की जेल में बंद 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों के परिवार वालों से आज सुबह मुलाकात की। मैंने उनसे इस बात पर जोर दिया कि सरकार इस मामले को सर्वोच्च महत्व दे रही है। सरकार सभी परिवारों की चिंताओं और दर्द को पूरी तरह से समझती है। जयशंकर ने आगे कहा कि सरकार उनकी रिहाई के लिए लगातार कोशिश करना जारी रखेगी। हम इस संबंध में परिवार वालों से करीबी संबंध बनाए रखेंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">आखिर यह मामला है क्या?</h3>



<p>कतर की एक निजी कंपनी अल दहरा के साथ ये 8 पूर्व भारतीय नौसैनिक कार्य करते थे। कंपनी का कार्य कतर की नौसैनिकों को ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक में सहायता करना था। किंतु, पिछले वर्ष अगस्त में इन भारतीय नागरिकों को जासूसी के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। इन पूर्व भारतीय नौसैनिकों पर आरोप है कि इन्होंने इजरायल के लिए जासूसी की है। कुछ दिनों पहले ही कतर की एक कोर्ट ने 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को मृत्यु की सजा सुनाई है।</p>



<p><strong>यह भी पढ़े  :</strong>  <a href="https://hindikhabar.com/state/bihar/patna-bjp-leader-sushil-modis-taunt-on-nitish-kumar/">Patna: भाजपा नेता सुशील मोदी का नीतीश कुमार पर तंज</a></p>
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		<title>कतर नहीं दे सकेगा भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को मृत्युदंड़</title>
		<link>https://hindikhabar.com/qatar-will-not-be-able-to-give-death-penalty-to-8-former-indian-navy-officers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ankur Pratap Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Oct 2023 10:01:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[eight Indian Navy ex-employees facing death penalty in Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[eight Indians facing death penalty in Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[ex-Indian Navy employees in Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[India will save Indian ex Navy officials from death penalty in Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Navy]]></category>
		<category><![CDATA[indians in qatar]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar court decision on Indians]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar court verdict]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली: कतर की एक अदालत ने भारतीय नौसेना के 8 अधिकारियों को मृत्युदंड़ की सजा सुनाई है। जिसे लेकर भारत में चर्चा तेज हो गई है। इजरायल-हमास युद्ध के बीच कतर का यह निर्णय भारतीयों को हैरान करने वाला है। प्रश्न है कि क्या एक छोटा सा खाड़ी देश कतर भारतीय नौसेना के 8 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>नई दिल्ली</strong><strong>:</strong> कतर की एक अदालत ने भारतीय नौसेना के 8 अधिकारियों को मृत्युदंड़ की सजा सुनाई है। जिसे लेकर भारत में चर्चा तेज हो गई है। इजरायल-हमास युद्ध के बीच कतर का यह निर्णय भारतीयों को हैरान करने वाला है। प्रश्न है कि क्या एक छोटा सा खाड़ी देश कतर भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को फांसी के फंदे पर लटका देगा? आज विश्व भर में एक ताकतवर देश के तौर पर उभर चुके भारत के इन नौसेना अधिकारियों को ऐसी सजा दे पाना खाड़ी देश कतर के लिए उतना आसान नहीं है। जितनी आसानी से उसने सजा सुना दी है।</p>



<p>खासकर तब जब हमारे देश की सरकार ने ऐलान कर दिया है कि कतर की कोर्ट के इस निर्णय के विरुद्ध हर तरह के कानूनी विकल्प का उपयोग किया जाएगा। कतर के लिए इस आदेश का अमल करना क्यों नामुमकिन है?</p>



<h3 class="wp-block-heading">भारत सरकार के पास क्या हैं कानूनी विकल्प?</h3>



<p>कुछ समय पहले पाकिस्तान ने भी भारत के एक पूर्व नेवी ऑफिसर कुलभूषण जाधव को इसी तरह से फांसी की सजा सुनाई थी। किंतु, भारत ने इसके विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में अपील की थी और मौत की सजा पर रोक लग गई थी। यही विकल्प कतर के मामले में भी भारत के पास मौजूद है। इसके अलावा कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी आठ भारतीयों को माफी दे सकते हैं। यह भी आवश्यक है कि इसके लिए सही वक्त पर आवेदन करना होगा। वह वर्ष में 2 बार ऐसी सजा की माफी देते हैं। तो निश्चित तौर पर भारत अपील करने में देरी नहीं करेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">किन नौसैनिक अधिकारियों को मिली है सजा?</h3>



<p>कतर की अदालत ने जिन पूर्व अधिकारियों को सजा सुनाई है वे हैं कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेन्दु तिवारी, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश। इन अधिकारियों को कतर की एक खुफिया एजेंसी ने गिरफ्तार किया था। इन भारतीयों ने नौसेना में तकरीबन 20 वर्ष तक कार्य किया है। नेवी में ट्रेनर से लेकर अन्य महत्वपूर्ण पदों पर इन लोगों ने कार्य किया है। भारत का विदेश मंत्रालय इनके परिवारों के संपर्क में है। और यह साफ कर चुका है कि उन्हें भारत की ओर से हर प्रकार की कानूनी मदद दी जाएगी।</p>



<p><strong>यह भी पढ़े :</strong>   <a href="https://hindikhabar.com/state/madhya-pradesh/clash-over-cms-face-in-bjp-tomar-said-our-chief-minister-is-shivraj/">MP Election 2023: बीजेपी में सीएम चेहरे पर घमासान, तोमर बोले- ‘हमारे मुख्यमंत्री तो शिवराज’</a></p>
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		<title>Qatar ने भारतीय नौसेना के 8 पूर्व कर्मियों को सुनाई मौत की सजा, भारत ने कहा- कतर के फैसले से हम हैरान हैं!</title>
		<link>https://hindikhabar.com/qatar-sentenced-death-sentence-to-8-former-indian-navy-employees/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 27 Oct 2023 06:18:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Death Panalty]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Navy]]></category>
		<category><![CDATA[Qatar]]></category>
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					<description><![CDATA[कतर ने भारतीय नौसेना के 8 पूर्व कर्मियों को मौत की सजा सुनाई है. भारतीय नौ सेना के ये 8 पूर्व कर्मी कतर की जेल में बंद थे. इन सभी पर जासूसी करने का आरोप लगा है. ऐसे में विदेश मंत्रालय की ओर से बड़ा बयान है. Qatar के इस फैसले पर भारत का रुख &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>कतर ने भारतीय नौसेना के 8 पूर्व कर्मियों को मौत की सजा सुनाई है. भारतीय नौ सेना के ये 8 पूर्व कर्मी कतर की जेल में बंद थे. इन सभी पर जासूसी करने का आरोप लगा है. ऐसे में विदेश मंत्रालय की ओर से बड़ा बयान है.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>Qatar के इस फैसले पर भारत का रुख क्या ?</strong></h2>



<p>भारत ने कतर के फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि हम उन सभी लोगों के परिवार के सदस्यों से बातचीत कर रहे हैं. कतर में मौजूद भारतीय राजदूत भी उन सभी 8 पूर्व कर्मियों से मिलकर आए थे. भारत उन्हें क़ानूनी सहायता दिलाने में पूरी मदद करेगा. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि कतर के साथ उसके रिश्ते अच्छे हैं, ऐसे में 8 भारतीयों को मौत की सजा देना हैरानी भरा है.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>क्या है पूरा मामला ?</strong></h2>



<p>दरअसल, भारतीय नौ सेना के जिन 8 पूर्व कर्मचारियों को मौत की सजा सुनाई गई है वे सभी कतर की अल दहरा सिक्योरिटी कंपनी में कार्यरत थे. कुछ सालों से वे लोग कतर की नौ सेना में ट्रेनिंग दे रहे थे. पिछले साल 30 अगस्त 2022 को सभी पर जासूसी के आरोप लगे. उसके बाद इन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया और बीते दिन 26 अक्टूबर को कतर की कोर्ट ने सभी 8 कर्मियों को सजा-ए-मौत सुनाई है. भारत के विदश मंत्रालय ने इस मामले में अपना रुख साफ़ करते हुए कहा- हम लगातार सभी कर्मियों से सम्पर्क में है, उन्हें क़ानूनी सहायता दी जाएगी और कतर से इस संबंध में बात करेंगे. इन सभी 8 कर्मियों पर और क्या क्या आरोप है कतर ने इसका खुलासा अभी तक नहीं किया है.</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>कौन है नौ सेना के 8 जांबाज़ ?</strong></h2>



<p>8 भारतीयों के नाम हैं &#8211; कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन सौरभ, कमांडर पूर्णेन्दु तिवारी, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश. इन सभी ने 20 सालों तक भारतीय नौ सेना में काम किया था उसके बाद ये कतर की एक कम्पनी के साथ काम कर रहे थे. वहां इन्हें जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और अब मौत की सजा सुनाई गई है. भारत इस मामले में अपील करने का रुख अपनाएगा.</p>



<p>ये भी पढ़ें-  <a href="https://hindikhabar.com/entertainment/sunny-deol-will-play-the-role-of-hanuman-in-ramayana-will-charge-45-crores/">‘रामायण फिल्म’ में संकट मोचन बनकर गदर मचाएंगे सनी देओल, वसूलेंगे 45 करोड़ की मोटी रकम</a></p>
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