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	<title>inauguration of new Parliament Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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	<title>inauguration of new Parliament Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>&#8216;मुझे खुशी है, मैं वहां नहीं गया&#8217;, संसद के उद्घाटन पर NCP चीफ शरद पवार का बड़ा बयान</title>
		<link>https://hindikhabar.com/i-am-glad-i-did-not-go-there-ncp-chief-sharad-pawars-big-statement-on-the-inauguration-of-parliament/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 May 2023 12:19:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[IPL]]></category>
		<category><![CDATA[खेल]]></category>
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		<category><![CDATA[शरद पवार]]></category>
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					<description><![CDATA[देश में नए संसद भवन को लेकर लगातार घमासान जारी है। विपक्षी दलों के नेता केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार का भी रिएक्शन सामने आया है। शरद पवार ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि उन्होंने सुबह को &#8230;]]></description>
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<p>देश में नए संसद भवन को लेकर लगातार घमासान जारी है। विपक्षी दलों के नेता केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार का भी रिएक्शन सामने आया है।</p>



<p>शरद पवार ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि उन्होंने सुबह को नए संसद भवन के उद्घाटन का कार्यक्रम देखा, उन्हें खुशी है कि वे वहां नहीं थे। आपको बता दें कि देश के नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों, सासंदों पक्ष-विपक्ष के तमात राजनेताओं को न्योता दिया गया था। हालांकि विपक्ष ने उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए दूरी बनाई। एनसीपी चीफ भी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं।</p>



<p>शरद पवार ने कहा कि, &#8216;मैंने सुबह कार्यक्रम देखा। मुझे खुशी है कि मैं वहां नहीं गया। वहां जो कुछ हुआ उसे देखकर मैं चिंतित हूं कि क्या हम देश को पीछे ले जा रहे हैं? क्या यह आयोजन सीमित लोगों के लिए ही था?&#8217; पवार ने कहा कि वहां जो हो रहा है वह नेहरू की आधुनिक विज्ञान पर आधारित समाज बनाने की अवधारणा के बिल्कुल विपरीत है। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को आमंत्रित करना सरकार की जिम्मेदारी है। लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला तो मौजूद थे, लेकिन राज्यसभा के मुखिया जगदीप धनखड़ वहां नहीं थे। इसलिए ऐसा लगता है पूरा कार्यक्रम सीमित के लोगों के लिए था।</p>



<p>आपको बता दें कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत लगभग 3 साल में बनकर तैयार हुई नए संसद भवन की इमारत का उद्घाटन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधि विधान और पूजा अर्चना के साथ लोकतंत्र के इस नए मंदिर को देश को समर्पित किया।</p>
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		<title>New Parliament Inauguration: PM मोदी ने संबोधन में कहा- &#8216;जब भारत आगे बढ़ता है, तो विश्व आगे बढ़ता है&#8217;</title>
		<link>https://hindikhabar.com/new-parliament-inauguration-pm-modi-said-in-relation-when-india/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anukampa]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 May 2023 08:09:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[New Parliament Inauguration: प्रधानमंत्री मोदी ने आज रविवार 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन किया है। नए भवन में लोकसभा में 888 और राज्यसभा में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है। नए संसद भवन को लेकर पूरे भारत में राजनीति भी काफी हुई और हो रही है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों &#8230;]]></description>
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<p><strong>New Parliament Inauguration: </strong>प्रधानमंत्री मोदी ने आज रविवार 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन किया है। नए भवन में लोकसभा में 888 और राज्यसभा में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है। नए संसद भवन को लेकर पूरे भारत में राजनीति भी काफी हुई और हो रही है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने नई संसद के उद्घानट के मौके पर सम्मलित नहीं हुए।</p>



<p>पीएम मोदी ने नए संसद भवन में अपने पहले सबोंधन में कहा &#8216;यह नया भवन नूतन और पुरातन के सह-अस्तित्व का भी आदर्श है। साथियों नए रास्तों पर चलकर ही नए प्रतिमान गढ़े जाते हैं। आज नया भारत, नए लक्ष्य तय कर रहा है। नए रास्ते गढ़ रहा है। नया जोश है, नई उमंग है। नया सफर है, नई सोच है। दिशा नई है, संकल्प नया है। और आज फिर एक बार पूरा विश्व भारत को भारत के संकल्प की दृढ़ता को, भारतवासियों की प्रखरता को, भारत की जनशक्ति की जीजीविषा को आदर और उम्मीद के भाव से देख रहा है। जब भारत आगे बढ़ता है, तो विश्व आगे बढ़ता है। संसद का नया भवन भारत के विकास से विश्व के विकास का भी आह्वान करेगा।&#8217;</p>



<h3 class="wp-block-heading">इस भवन में विरासत भी है, वास्तु भी है-PM मोदी</h3>



<p>&#8216;एक ऐसा समय भी आया, जब हम दूसरे देशों को देखकर मुग्ध होने लगे। लेकिन 21वीं सदी का भारत अब गुलामी की उस सोच को पीछे छोड़ रहा है। आज भारत प्राचीन काल की उस कला के गौरवशाली गाथा को, अपनी ओर मोड़ रहा है और संसद की यह नई इमारत इस जीवंत प्रयास का प्रतीक बनी है। आज नए संसद भवन को देखकर हर भारतीय गौरव से भरा हुआ है। इस भवन में विरासत भी है, वास्तु भी है। इसमें कला भी है, कौशल भी है। </p>



<p>इसमें संस्कृति भी है और संविधान के स्वर भी हैं। आप देख रहे हैं कि लोकसभा का आंतरिक हिस्सा राष्ट्रीय पक्षी मोर पर आधारित है। राज्यसभा का आंतरिक हिस्सा राष्ट्रीय फूल कमल पर आधारित है। और संसद के प्रांगण में हमारा राष्ट्रीय वृक्ष बरगद भी है। हमारे देश के अलग-अलग हिस्सों की जो विविधता है, इस नए भवन ने उन सबको समाहित किया है। इसमें राजस्थान से लाए बलवा पत्थर लगाए गए हैं। ये जो लकड़ी का काम है, वह महाराष्ट्र से आई है। यूपी में भदोही के कारीगरों ने अपने हाथ से कालीनों को बुना है। एक तरह से इस भवन के कण-कण में हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना के दर्शन हुए हैं।&#8217;</p>



<p>ये भी पढ़े:<a href="https://hindikhabar.com/national/new-parliament-cm-shindes-displeasure-over-rjds-statement-saying-coffin-speak/">New Parliament: संसद भवन को ‘ताबूत’ कहने वाले RJD के बयान पर  CM  शिंदे ने जताई नाराजगी; बोले-</a></p>
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		<title>New Parliament: संसद भवन को &#8216;ताबूत&#8217; कहने वाले RJD के बयान पर  CM  शिंदे ने जताई नाराजगी; बोले-</title>
		<link>https://hindikhabar.com/new-parliament-cm-shindes-displeasure-over-rjds-statement-saying-coffin-speak/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anukampa]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 May 2023 07:39:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[New Parliament: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार 28 मई को देश के नए संसद भवन का उद्घाटन कर किया है। पीएम मोदी के साथ इस दौरान लोकसभा अध्य्क्ष ओम बिरला भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शिरकत की। रविवार सुबह विधिवत रुप से नई संसद का उद्घाटन किया गया। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>New Parliament:</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार 28 मई को देश के नए संसद भवन का उद्घाटन कर किया है। पीएम मोदी के साथ इस दौरान लोकसभा अध्य्क्ष ओम बिरला भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शिरकत की। रविवार सुबह विधिवत रुप से नई संसद का उद्घाटन किया गया।</p>



<p>वहीं विपक्ष&nbsp; लगातार इसका विरोध कर रहा है। कांग्रेस समेत 21 पार्टिया ऐसी है जो पीएम मोदी द्वारा नए संसद का उद्घाटन करने का विरोध करती है। वहीं इस बीच सुप्रीया सुले का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा विपक्ष के नेताओं को निमंत्रण नहीं दिया गया था, जिसपर अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पलटवार किया है।</p>



<p>सीएम शिंदे ने कहा, &#8216;संसद भवन लोकशाही का पवित्र मंदिर है। पीएम मोदी ने सभी को न्योता दिया था।&#8217; वहीं, RJD के विवादित ट्वीट पर भी सीएम शिंदे ने हमला किया है। दरअसल, आरजेडी ने एक विवादित ट्वीट करते हुए नई संसद की तुलना &#8216;ताबूत&#8217; से कर दी है, जिसके बाद से बीजेपी और समर्थित दल हमलावर हैं। इसी कड़ी में सीएम शिंदे ने कहा, &#8216;जो लोग संसद की तुलना ताबूत से कर रहे हैं उनको जनता जवाब देगी। उनको संसद भवन का नहीं जनता घर का रास्ता दिखाएगी।&#8217;</p>



<p>आपको बता दें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के इस ट्वीट पर कई नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है और सांसद से इस्तीफे की मांग तक कर दी है। वहीं, सुशील मोदी का कहना है कि इस विवादित बयान पर तो देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए।</p>



<p>ये भी पढ़े:<a href="https://hindikhabar.com/politics/rjds-controversial-tweet-comparing-the-new-parliament-building-with-a-coffin-said-these-things/">New Parliament: RJD का विवादित ट्वीट, नए संसद भवन की ताबूत से तुलना, कही ये बातें    </a></p>
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		<title>New Parliament: RJD का विवादित ट्वीट, नए संसद भवन की ताबूत से तुलना, कही ये बातें    </title>
		<link>https://hindikhabar.com/rjds-controversial-tweet-comparing-the-new-parliament-building-with-a-coffin-said-these-things/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anukampa]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 May 2023 06:11:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[नए संसद भवन का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री मोदी ने कर दिया है। नए संसद के उद्घाटन का कई विपक्षी दलों ने बहिष्कार कर दिया और कार्यक्रम में शिरकत नहीं की। बिहार के सत्ता पर काबिज आरजेडी (RJD ) भी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुई और नए संसद को लेकर विवादित ट्वीट किया हैं। जिसमें &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>नए संसद भवन का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री मोदी ने कर दिया है। नए संसद के उद्घाटन का कई विपक्षी दलों ने बहिष्कार कर दिया और कार्यक्रम में शिरकत नहीं की। बिहार के सत्ता पर काबिज आरजेडी (RJD ) भी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुई और नए संसद को लेकर विवादित ट्वीट किया हैं। जिसमें आरजेडी ने नए संसद भवन को लेकर तंज कसा है।</p>



<p>आरजेडी (RJD) ने ट्वीट कर नए संसद भवन की तुलना ताबूत से की है। आरजेडी ने ताबूत के साथ नए संसद भवन की एक फोटो शेयर करते हुए ट्वीट किया-  &#8221;ये क्या है?&#8221; वहीं जेडीयू ने कहा कि कलंक का इतिहास लिखा जा रहा है। RJD  के इस ट्वीट पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी ने कहा कि यह बेशर्मी की पराकाष्ठा है। बीजेपी ने आरजेडी सांसद से इस्तीफे की मांग की है।  </p>



<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">ये क्या है? <a href="https://t.co/9NF9iSqh4L">pic.twitter.com/9NF9iSqh4L</a></p>&mdash; Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) <a href="https://twitter.com/RJDforIndia/status/1662659949414203392?ref_src=twsrc%5Etfw">May 28, 2023</a></blockquote> 



<h3 class="wp-block-heading">RJD प्रवक्ता शक्ति यादव ने ट्वीट पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा</h3>



<p> आपको बता दें आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव ने ट्वीट पर स्पष्टीकरण देते हुए मीडिया से कहा, &#8221;हमने जो यह चिन्ह लगाया है वो इसलिए लगाया है कि राजनीति और लोकतंत्र का ताबूतीकरण नहीं करें। हमने शुरू से कहा है कि लोकतंत्र का मंदिर संवाद का है। संवादहीनता जिस तरह से देश में बढ़ा है। जिस तरह से अधिनायकवाद थोपने की कोशिश की जा रही है। संविघान का मजाक उड़ाया जा रहा है। हमने किसी मर्यादा और सीमा को लांघा नहीं है। लोकतंत्र के मंदिर के ताबूतीकरण पर सवाल लाजमी हैं। आज अगर प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रपति भी होतीं तो और अच्छे चित्र आते। लेकिन यह आत्ममुग्धता की दहलीज पर खड़े होकर जिस तरह का इवेंट किया जा रहा है और महिमा मंडन हो रहा है। यह किसी का इवेंट नहीं हो सकता है।</p>



<p>ये भी पढ़े:<a href="https://hindikhabar.com/big-news/new-parliament-building-pm-modi-prostrated-in-front-of-sengol-installed-scepter-with-om-birla/">New Parliament Building: सेंगोल के सामने दंडवत हुए पीएम मोदी, ओम बिरला संग स्थापित किया राजदंड</a></p>
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			</item>
		<item>
		<title>PM मोदी आज करेंगे नए संसद भवन का उद्घाटन, समारोह की तैयारियां पूरी</title>
		<link>https://hindikhabar.com/pm-modi-will-inaugurate-the-new-parliament-building-today-preparations-for-the-ceremony-completed/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 May 2023 03:19:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[inauguration of new Parliament]]></category>
		<category><![CDATA[New Parliament building]]></category>
		<category><![CDATA[New Parliament news]]></category>
		<category><![CDATA[pm modi news]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई विपक्षी दलों के बहिष्कार के बीच, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस नये संसद भवन का रविवार को उद्घाटन करेंगे। हालांकि, विपक्ष के 20 दलों का कहना है राष्ट्राध्यक्ष होने के नाते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नये संसद भवन का उद्घाटन करना चाहिए। शुक्रवार को, मोदी ने कहा था कि नया संसद भवन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई विपक्षी दलों के बहिष्कार के बीच, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस नये संसद भवन का रविवार को उद्घाटन करेंगे। हालांकि, विपक्ष के 20 दलों का कहना है राष्ट्राध्यक्ष होने के नाते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नये संसद भवन का उद्घाटन करना चाहिए।</p>



<p>शुक्रवार को, मोदी ने कहा था कि नया संसद भवन प्रत्येक भारतीय को गौरवान्वित करेगा। उन्होंने नये परिसर का वीडियो भी साझा किया था। नये संसद भवन में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की कालीन, त्रिपुरा के बांस से बने फर्श और राजस्थान के पत्थर की नक्काशी भारत की संस्कृतिक विविधता को दर्शाती है।</p>



<p>तमिलनाडु से संबंध रखने वाले और चांदी से निर्मित एवं सोने की परत वाले ऐतिहासिक राजदंड (सेंगोल) को लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास स्थापित किया जाएगा। अगस्त 1947 में सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के तौर पर प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को दिया गया यह रस्मी राजदंड इलाहाबाद संग्रहालय की नेहरू दीर्घा में रखा गया था। उद्घाटन समारोह का 20 विपक्षी दलों द्वारा बहिष्कार किए जाने के बीच, राजदंड को लेकर भी राजनीतिक विवाद छिड़ गया है।</p>



<p>कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शुक्रवार को दावा किया कि इस बारे में कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है, जिससे यह साबित होता हो कि लॉर्ड माउंटबेटन, सी राजगोपालाचारी और पंडित जवाहरलाल नेहरू ने ‘सेंगोल’ को ब्रिटिश हुकूमत द्वारा भारत को सत्ता हस्तांतरित किए जाने का प्रतीक बताया हो। ‘सेंगोल’ पर कांग्रेस के रुख को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने व्यवहार पर अच्छी तरह से विचार करने की आवश्यकता है।</p>



<p>उन्होंने पार्टी के इस दावे की निंदा की कि 1947 में ‘सेंगोल’ को ब्रिटेन द्वारा भारत को सत्ता सौंपे जाने का प्रतीक होने का कोई उदाहरण नहीं है। नये संसद भवन के उद्घाटन के अवसर पर, सरकार 75 रुपये का स्मारक सिक्का भी जारी करेगी। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले आर्थिक कार्य विभाग द्वारा बृहस्पतिवार को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, “नये संसद भवन के उद्घाटन के उपलक्ष्य में 75 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया जाएगा।</p>



<p>सिक्के का वजन 35 ग्राम है और यह चार धातुओं से बना हुआ है।” सिक्के के एक तरफ अशोक स्तंभ का शेर अंकित है, जिसके नीचे ‘सत्यमेव जयते’ लिखा है। इसके बाईं ओर देवनागरी में ‘भारत’ और दाईं ओर अंग्रेजी में ‘इंडिया’ लिखा होने के साथ ही रुपये का प्रतीक चिन्ह भी अंकित है।</p>



<p>वहीं, सिक्के के दूसरी तरफ नए संसद भवन की तस्वीर है। इसके ऊपर देवनागरी में ‘संसद संकुल’ और नीचे अंग्रेजी में ‘पार्लियामेंट कॉम्प्लेक्स’ लिखा है। नीचे 2023 भी लिखा हुआ है। टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा निर्मित नये संसद भवन में भारत की लोकतांत्रिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक भव्य संविधान हॉल, संसद सदस्यों के लिए एक लाउंज, एक पुस्तकालय, कई समिति कक्ष, भोजन क्षेत्र और पर्याप्त पार्किंग स्थल मौजूद होगा।</p>



<p>त्रिभुजाकार वाले चार मंजिला संसद भवन का निर्मित क्षेत्र 64,500 वर्ग मीटर है। भवन के तीन मुख्य द्वार हैं- ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार और कर्म द्वार। इसमें वीआईपी (अति विशिष्ट व्यक्तियों), सांसदों और आगंतुकों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार हैं। नये संसद भवन के निर्माण में उपयोग की गई सामग्री देश के विभिन्न हिस्सों से लाई गई है। इसमें प्रयुक्त सागौन की लकड़ी महाराष्ट्र के नागपुर से लाई गई है, जबकि लाल और सफेद बलुआ पत्थर राजस्थान के सरमथुरा से लाया गया है।</p>



<p>राष्ट्रीय राजधानी में लाल किले और हुमायूं के मकबरे के लिए बलुआ पत्थर भी सरमथुरा से लाया गया था। हरा पत्थर उदयपुर से, तो अजमेर के पास लाखा से लाल ग्रेनाइट और सफेद संगमरमर अंबाजी राजस्थान से मंगवाया गया है। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘एक तरह से लोकतंत्र के मंदिर के निर्माण के लिए पूरा देश एक साथ आया है। इस प्रकार यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को दर्शाता है।’’</p>



<p>लोकसभा और राज्यसभा कक्षों में ‘फाल्स सीलिंग’ के लिए स्टील की संरचना केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव से मंगाई गई है, जबकि नये भवन के लिए फर्नीचर मुंबई में तैयार किया गया था। इमारत पर लगी पत्थर की ‘जाली’ राजस्थान के राजनगर और उत्तर प्रदेश के नोएडा से मंगवाई गई थी। अशोक चिह्न के लिए सामग्री महाराष्ट्र के औरंगाबाद और राजस्थान के जयपुर से लाई गई थी, जबकि संसद भवन के बाहरी हिस्सों में लगी सामग्री को मध्य प्रदेश के इंदौर से मंगाया गया था।</p>



<p>पत्थर की नक्काशी का काम आबू रोड और उदयपुर के मूर्तिकारों द्वारा किया गया था। वहीं, पत्थरों को कोटपूतली, राजस्थान से लाया गया था। नये संसद भवन में निर्माण गतिविधियों के लिए ठोस मिश्रण बनाने के वास्ते हरियाणा के चरखी दादरी में निर्मित रेत या ‘एम-रेत’ का इस्तेमाल किया गया। ‘एम रेत’ एक प्रकार की कृत्रिम रेत है, जिसे बड़े सख्त पत्थरों या ग्रेनाइट को बारीक कणों में तोड़कर बनाया जाता है और जो नदी की रेत से अलग होती है।</p>



<p>निर्माण में इस्तेमाल की गई ‘फ्लाई ऐश’ की ईंटें हरियाणा और उत्तर प्रदेश से मंगवाई गई थीं, जबकि पीतल के काम के लिए सामग्री और ‘पहले से तैयार सांचे’ गुजरात के अहमदाबाद से लाए गए थे। नये संसद भवन में, दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की संयुक्त बैठक में 1,280 सदस्य शामिल हो सकेंगे।</p>



<p>संसद का मौजूदा भवन 96 साल पुराना है, जिसका निर्माण कार्य 1927 में पूरा हुआ था। तत्कालीन वाइसरॉय लॉर्ड इरविन ने 18 जनवरी 1927 को इसका उद्घाटन किया था। अभिलेखीय दस्तावेजों और पुरानी दुर्लभ तस्वीरों के मुताबिक, इस भव्य इमारत के उद्घाटन के लिए 18 जनवरी 1927 को एक भव्य आयोजन किया गया था। उस समय इसे ‘काउंसिल हाउस’ के रूप में जाना जाता था।</p>



<p>ये भी पढ़ें: <a href="https://hindikhabar.com/national/pm-modi-in-sydney-pm-modis-relationship-started-by-saying-namaste-india/">PM Modi in Sydney: नमस्ते इंडिया कहकर PM मोदी का संबोधन शुरु, बोले- 2014 में किया था वादा वो निभा दिया  </a></p>
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		<title>&#8216;सांसदों को भरोसे में नहीं लिया गया&#8230;&#8217;: नए संसद भवन के उद्घाटन पर NCP के शरद पवार</title>
		<link>https://hindikhabar.com/mps-were-not-taken-into-confidence-ncps-sharad-pawar-on-inauguration-of-new-parliament-building/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anukampa]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 May 2023 14:08:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने नए संसद भवन के उद्घाटन से दूर रहने के विपक्षी दलों के फैसले का शनिवार को बचाव करते हुए कहा कि इस पर सांसदों को भरोसे में नहीं लिया गया। जबकि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (28 मई) को नए संसद भवन का उद्घाटन करने वाले &#8230;]]></description>
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<p>राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने नए संसद भवन के उद्घाटन से दूर रहने के विपक्षी दलों के फैसले का शनिवार को बचाव करते हुए कहा कि इस पर सांसदों को भरोसे में नहीं लिया गया। जबकि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (28 मई) को नए संसद भवन का उद्घाटन करने वाले हैं, 20 से अधिक विपक्षी दलों ने समारोह को बहिष्कार कर दिया है। ये कहते हुए कि उद्घाटन राष्ट्रपति द्वारा होना चाहिए।</p>



<p>पुणे में संवाददाताओं से बात करते हुए, पवार ने कहा कि वह कई वर्षों से संसद सदस्य थे और औपनिवेशिक युग की मौजूदा इमारत अच्छी स्थिति में थी। पवार ने कहा कि उन्होंने अखबारों में पढ़ा है कि नए संसद भवन का निर्माण किया जा रहा है।</p>



<p>&#8220;अब जबकि निर्माण पूरा हो गया है, हमसे (संसद) भवन के उद्घाटन पर परामर्श नहीं किया गया था। नियमों के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति हर साल (संसद के) पहले सत्र को संबोधित करते हैं। इसलिए, यह स्पष्ट है कि राष्ट्रपति को ही नए भवन का उद्घाटन करना चाहिए। चूंकि किसी को भरोसे में नहीं लिया जा रहा है, वरिष्ठ विपक्षी नेताओं को लगा कि हमें दूर रहना चाहिए और मैं इससे सहमत हूं।&#8217;</p>



<p>विपक्षी दलों ने तर्क दिया है कि राष्ट्रपति मुर्मू को सम्मान करना चाहिए क्योंकि वह न केवल राज्य की प्रमुख हैं, बल्कि संसद का एक अभिन्न अंग भी हैं क्योंकि वह संस्था को बुलाती हैं, सत्रावसान करती हैं और संबोधित करती हैं। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के कालीन, त्रिपुरा के बांस के फर्श और राजस्थान के पत्थर की नक्काशी के साथ, नया संसद भवन सरकार के अनुसार भारत की विविध संस्कृति को दर्शाता है।</p>



<p>&#8216;सेंगोल&#8217;, तमिलनाडु का एक ऐतिहासिक राजदंड, जिसे पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अंग्रेजों से सत्ता हस्तांतरण का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्राप्त किया था और इलाहाबाद में एक संग्रहालय में रखा गया था।</p>



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