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	<title>Bhog Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>मोकारी का गोबिंद भोग चावलः ‘रामलला को पवाएंगे तो हम धन्य हो जाएंगे’</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Jan 2024 11:08:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[Gobind Bhog Rice: भक्त अपने आराध्य के किसी तरह काम आ सके तो वो खुद धन्य समझता है। ऐसी ही कुछ मंशा है कैमूर जिले के मोकारी गांव के निवासियों की। दरअसल यहां उपजे गोविंद भोग चावल रामलला को भोग के रूप में अर्पित किए जाते हैं। अब यहां के लोगों को बेसब्री से इंतजार &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Gobind Bhog Rice:</strong> भक्त अपने आराध्य के किसी तरह काम आ सके तो वो खुद धन्य समझता है। ऐसी ही कुछ मंशा है कैमूर जिले के मोकारी गांव के निवासियों की। दरअसल यहां उपजे गोविंद भोग चावल रामलला को भोग के रूप में अर्पित किए जाते हैं। अब यहां के लोगों को बेसब्री से इंतजार है कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह में रामलला के भोग के लिए इस चावल का आर्डर आए. लोगों का कहना है कि यदि आर्डर आया तो हम फ्री में ही अपने लला के लिए चावल भिजवाएंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">क्या है गोबिंद भोग चावल की खासियत</h3>



<p class="wp-block-paragraph">जिले के भभुआ प्रखंड के मोकारी गांव का गोबिंद भोग चावल देश-विदेशों में मशहूर है। इस चावल की खासियत है कि जब इसे बनाया जाता है तो आसपास तक इसकी खुशबू बिखर जाती है। ऐसा मानना है कि गांव से सटे कैमूर पहाड़ी से जड़ी बूटी का मश्रित पानी गांव के खेतों में पहुंचता है। इससे चावल सुगन्धित और खुशबूदार होता है। जब से बिहार मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष किशोर कुणाल बने, तब से अयोध्या में श्रीरामचंद्र का भोग मोकारी गांव के गोबिंद भोग चावल से लगने लगा। सात वर्षों से गोबिंद भोग चावल अयोध्या जाता है। मोकारी गांव के पश्चिम सिवान में यह चावल उपजाया जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">‘श्रीराम को लगता है भोग, इससे बड़ी बात क्या होगी’</h3>



<p class="wp-block-paragraph">22 जनवरी को राम मंदिर में रामलला के श्रीविग्रह की प्राण प्रतिष्ठा है। इसमें कैमूर जिले के गोबिंद भोग चावल से रामलला का भोग लगेगा। जिससे गांव वालों की खुशी का ठिकाना नहीं है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इसका आर्डर मिलेगा. मोकारी गांव के किसान अर्जुन सिंह, लाल बच्चन सिंह, मोहम्मद सराफ्त बताते हैं कि मेरे गांव का गोबिंद भोग चावल देश-विदेशों में प्रसिद्ध है। अयोध्या में श्रीराम चद्र को पहला भोग मेरे गांव में उपजे गोबिंद भोग चावल से लगता है। इससे बड़ी बात क्यो होगी। हमलोग में खुशी का ठिकाना नहीं है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">आर्डर मिला तो फ्री में भेजेंगे चावल</h3>



<p class="wp-block-paragraph">जिस राइस मिल में गोबिंद भोग चावल तैयार होता है, उसके मालिक नारद सिंह का कहना है कि मैंने तीन वर्ष अयोध्या में गोबिंद भोग चावल भेजा था। इस बार अभी तक ऑर्डर नहीं मिला है। अगर ऑर्डर मिलेगा तो हम फ्री चावल भेजेंगे। मेरा सौभाग्य होगा कि मेरे राइस मिल से तैयार और मेरे गांव मे उपजा चावल का रामलला को भोग लगता है। गांव मे गोबिंद भोग चावल की खेती 600 से 1000 एकड़ में होती है। एक एकड़ में 12 क्विंटल चावल उपजता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रिपोर्टः प्रमोद कुमार, संवाददाता, कैमूर, बिहार</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://hindikhabar.com/state/jitanram-on-i-n-d-i-alliance-in-patna-bihar/">Bihar: दो-चार दिन में समाप्त हो जाएगा इंडी गठबंधन का अस्तित्व- जीतनराम मांझी</a></strong></p>



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		<title>Janmastami 2021 Puja: जन्माष्टमी पर ऐसे करें श्रीकृष्ण की पूजा, लगाएं ये भोग</title>
		<link>https://hindikhabar.com/worship-shri-krishna-like-this-on-janmashtami-enjoy-this/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Aug 2021 07:39:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफ़स्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[Bhog]]></category>
		<category><![CDATA[Festival 2021]]></category>
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		<category><![CDATA[Janmasthmi Festival]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली। जन्माष्टमी हिंदुओं का महत्वपूर्ण त्योहार है। आज के दिन देश-विदेश में धूमधाम से श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। पूरे मंदिरों को सजाया गया है और लोग श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन है। आज यानि की 30 अगस्त को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार है। हिंदी पंचांग के मुताबिक जन्माष्टमी का पर्व &#8230;]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>नई दिल्ली।</strong> जन्माष्टमी हिंदुओं का महत्वपूर्ण त्योहार है। आज के दिन देश-विदेश में धूमधाम से श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। पूरे मंदिरों को सजाया गया है और लोग श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आज यानि की 30 अगस्त को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार है। हिंदी पंचांग के मुताबिक जन्माष्टमी का पर्व हर साल भादो मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण के बाल गोपाल स्वरुप की पूजा की जाती है। आज जन्माष्टमी के पर्व पर बेहद दुर्लभ योग बन रहे हैं। इस दुर्लभ योग में भगवान कृष्ण की पूजा करना बेहद शुभ और लाभकारी होगा।</p>



<h4 class="wp-block-heading">जानि<strong>ए जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के पूजा का विधान</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph">जन्माष्टमी का व्रत रखने वाले भक्त आज सुबह उठकर सूर्योदय के पहले स्नान आदि कर  साफ़  कपड़ा पहन लें।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अब सूर्योदय के समय सूर्य को नमस्कार कर पूर्व या उत्तर दिशा में मुंह कर बैठें। हाथ में जल, पुष्प और सुगंध लेकर भगवान श्री कृष्ण की विधि –विधान पूर्वक पूजा करने और व्रत रहने का संकल्प लें।</p>



<p class="wp-block-paragraph">संकल्प के साथ ही अब व्रत शुरू कर दें।</p>



<p class="wp-block-paragraph">शाम के समय काले तिल और जल डाल कर स्नान करें।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके बाद देवकीजी के लिए प्रसूति-गृह का निर्माण करें। इसके बाद श्रीकृष्ण मूर्ति या चित्र स्थापित करें।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अब घर के मंदिर में श्री कृष्ण भगवान या फिर ठाकुर जी की मूर्ति को पहले गंगा जल से स्नान कराएं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके बाद मूर्ति को दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और केसर के पंचामृत से स्नान कराएं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अब शुद्ध जल से स्नान कराएं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रात 12 बजे भोग लगाकर लड्डू गोपाल की पूजा अर्चना करें और फिर आरती करें। पूजा शुरु करने के पहले खीरा अवश्य काटें।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>इसके अलावा आप भगवान को उनका प्रिय भोग लगा सकते है जिससे वे प्रसन्न हो</strong></h4>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मखाना खी</strong>र- मखाना खीर बाकी खीर के जैसे ही बनती है इसमें ढ़ेर सारे ड्राई-फ्रूट्स डाले जाते है। इसे आप श्रीकृष्ण को भोग लगा सकते है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>धनिया पंजीरी-</strong> धनिया पंजीरी को घी में भून कर आप इसमें चीनी या कृष्ण का फेवरेट मिश्री मिला सकते है। अब आप इसे भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगा सकते है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>पंचामृत</strong>&#8211; इसे आप पांच चीजों के मिश्रण से बना सकते है। दूध, दही, मधू, ड्राई-फ्रूट्स, घी, चीनी, तुलसी पता। यह भगवान को काफी प्रिय है। कई जगहों पर तो कृष्ण की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराते है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अलावा आप श्रीकृष्ण को माखन, मिश्री, ड्राई-फ्रूट्स, मिठाईयां, रबड़ी, फल आदि चीजों का भोग लगा सकते है।</p>
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