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	<title>Ajit Doval Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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	<title>Ajit Doval Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>&#8216;इतिहास में कमजोर&#8217; कहकर असदुद्दीन ओवैसी ने अजित डोभाल पर साधा निशाना</title>
		<link>https://hindikhabar.com/asaduddin-owaisi-targets-ajit-doval-calling-him-weak-in-history/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ajay Yadav]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Jan 2026 06:17:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[“Weak in History”]]></category>
		<category><![CDATA[Ajit Doval]]></category>
		<category><![CDATA[Asaduddin Owaisi]]></category>
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		<category><![CDATA[indian politics]]></category>
		<category><![CDATA[National Security Advisor]]></category>
		<category><![CDATA[Political Statement]]></category>
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					<description><![CDATA[Asaduddin Owaisi : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के एक बयान पर निशाना साधा. उन्होंने युवाओं से ‘इतिहास का बदला’ लेने की बात को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को इतिहास की समझ नहीं है. असदुद्दीन ओवैसी महाराष्ट्र के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Asaduddin Owaisi :</strong> ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के एक बयान पर निशाना साधा. उन्होंने युवाओं से ‘इतिहास का बदला’ लेने की बात को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को इतिहास की समझ नहीं है.</p>



<p>असदुद्दीन ओवैसी महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में नगर निगम चुनावों के प्रचार के आखिरी दिन एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. यहां गुरुवार, 15 जनवरी को नगर निगम चुनाव के लिए वोट पड़ना है.</p>



<h3 class="wp-block-heading">15 जनवरी को नगर निगम चुनाव</h3>



<p>ओवैसी ने जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ( NSA) अजित डोभाल के उस दावे पर सवाल उठाया कि भारत ने दूसरे देशों पर कभी हमला नहीं किया. उन्होंने कहा कि चोल वंश के राजाओं ने आज के &#8220;श्रीलंका, मालदीव, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड&#8221; पर राज किया था. बता दें कि छत्रपति संभाजीनगर महाराष्ट्र के उन 29 शहरों और बड़े कस्बों में से एक है, जहां 15 जनवरी को नगर निगम चुनाव होने हैं.</p>



<h3 class="wp-block-heading">प्रगतिशील समाज होने का दावा</h3>



<p>नई दिल्ली में पिछले सप्ताह शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में अजीत डोभाल ने कहा था कि भारत को न सिर्फ अपनी सीमाओं पर, बल्कि आर्थिक रूप समेत हर तरह से खुद को मजबूत करना होगा, ताकि हमलों और गुलामी के इतिहास का बदला लिया जा सके. इस दौरान अजित डोभाल ने पूछा, &#8220;हम एक प्रगतिशील समाज हुआ करते थे. हमने दूसरी सभ्यताओं या उनके मंदिरों पर हमला नहीं किया, लेकिन हम सुरक्षा को लेकर खुद जागरूक नहीं थे, इसलिए इतिहास ने हमें एक सबक सिखाया. क्या हमने वह सबक सीखा?</p>



<h3 class="wp-block-heading">चोलों का श्रीलंका से थाईलैंड तक शासन</h3>



<p>अजित डोभाल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि NSA इतिहास में &#8220;कमजोर&#8221; मालूम पड़ते हैं. उन्होंने कहा, &#8220;डोभाल कहते हैं कि भारत ने कभी दूसरे देशों पर हमला नहीं किया, लेकिन वह शायद इतिहास में अच्छे नहीं हैं. भारत के चोलों ने श्रीलंका, मालदीव, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड जैसे देशों पर राज किया था.</p>



<h3 class="wp-block-heading">गांधी जी के हत्यारे का जिक्र</h3>



<p>ओवैसी ने &#8220;इतिहास का बदला&#8221; लेने वाले बयान पर NSA की कड़ी आलोचना की. उन्होंने सवाल किया कि अगर अतीत की घटनाओं का बदला लेने की बात होगी, तो फिर गांधी जी के हत्यारे और कौरवों के अत्याचारों का हिसाब कौन देगा. साथ ही उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस की भूमिका पर भी सवाल उठाया.</p>



<p>असदुद्दीन ओवैसी ने छत्रपति संभाजीनगर इलाके में बांग्लादेशियों की मौजूदगी से इनकार किया और दावा किया कि यहां कोई बांग्लादेशी प्रवासी मिलता है तो यह नरेंद्र मोदी सरकार की नाकामी होगी. ओवैसी ने यह भी कहा कि पुलिस, खुफिया विभाग और सीमा पर नियंत्रण होने के बावजूद वह (सरकार) बांग्लादेश सीमा पर दस किलोमीटर की बाड़ भी पूरी नहीं कर सकी है.</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें –&nbsp;</strong><a href="http://xn--%20%20%20%20%20-xp2a0p4fi6sh5c6d4cxd7ce7orb2qne4bo:%20%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%8F%E0%A4%B2%E0%A4%BE%20%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%20%E0%A4%94%E0%A4%B0%20%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%B2%20%E0%A4%AA%E0%A4%B0%20%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%20%E0%A4%95%E0%A4%BE%20%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%BE/">ट्रंप की पोस्ट से बवाल : वेनेजुएला की सत्ता और तेल पर अमेरिका का दावा</a></p>



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		<item>
		<title>NSA अजीत डोभाल का दुश्मनों पर कड़ा प्रहार, कहा- हमें अपनी हिस्ट्री का बदला लेना होगा</title>
		<link>https://hindikhabar.com/nsa-ajit-doval-attack-on-enemies-says-we-must-take-revenge-for-our-history/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Jan 2026 08:30:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Ajit Doval]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[NSA Ajit Doval]]></category>
		<category><![CDATA[viksit bharat]]></category>
		<category><![CDATA[Viksit Bharat Young Leaders Dialogue 2026]]></category>
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					<description><![CDATA[NSA Ajit Doval : NSA अजीत डोभाल ने विकसित भारत युवा नेता संवाद के उद्घाटन समारोह में दुश्मनों को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि आजाद भारत उतना स्वतंत्र नहीं था जितना अब नजर आता है, इसके लिए हमारे पूर्वजों ने अपनी जान की बाजी लगाई। हमारी सभ्यता को नष्ट करने की कोशिश हमारे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>NSA Ajit Doval :</strong> NSA अजीत डोभाल ने विकसित भारत युवा नेता संवाद के उद्घाटन समारोह में दुश्मनों को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि आजाद भारत उतना स्वतंत्र नहीं था जितना अब नजर आता है, इसके लिए हमारे पूर्वजों ने अपनी जान की बाजी लगाई।</p>



<h3 class="wp-block-heading">हमारी सभ्यता को नष्ट करने की कोशिश</h3>



<p>हमारे मंदिर लूटे गए और हम मूक दर्शक बने रहे, यह सब असहाय होकर देखा। उन्होंने कई तरह के अपमान सहे और असहायता के दौर का सामना किया। इस दौरान कई लोगों को फांसी दी गई, हमारे गांवों को जलाया गया और हमारी सभ्यता को नष्ट करने की कोशिश की गई।</p>



<h3 class="wp-block-heading">हम एक महान भारत बना सकें</h3>



<p>NSA अजीत डोभाल ने कहा, &#8220;यह इतिहास हमें एक चुनौती देता है कि आज भारत के हर युवा के अंदर बदलाव की आग होनी चाहिए। हालांकि प्रतिशोध आदर्श नहीं हो सकता, लेकिन यह एक शक्तिशाली शक्ति है।</p>



<p>हमें अपने इतिहास का बदला लेना होगा। हमें भारत को उस स्थान पर वापस ले जाना होगा, जहां हम अपने अधिकारों, सोच और मान्यताओं के आधार पर एक महान भारत बना सकें।&#8221;</p>



<h3 class="wp-block-heading">इतिहास ने हमें यह सिखाया कि…</h3>



<p>NSA डोभाल ने कहा कि हमारी सभ्यता बहुत विकसित थी, हमने कभी दूसरों के धर्मस्थलों को नुकसान नहीं पहुंचाया और न ही लूटपाट की। जब बाकी दुनिया पिछड़ी हुई थी, हम किसी पर हमला नहीं करते थे। लेकिन हम अपनी सुरक्षा को समझने में असफल रहे।</p>



<p>इतिहास ने हमें यह सिखाया कि जब भी हम लापरवाह हुए, हमें इसका नुकसान हुआ। अब सवाल यह है कि क्या हमने उस सीख को समझा और याद रखा है? अगर आने वाली पीढ़ियां यह भूल जाती हैं, तो यह भारत के लिए एक बड़ी त्रासदी होगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">हम जंग क्यों लड़ते हैं…</h3>



<p>उन्होंने कहा कि आप अपनी इच्छाशक्ति (Willpower) को बढ़ा सकते हैं, और यही इच्छाशक्ति आगे जाकर राष्ट्रीय शक्ति बन जाती है। उन्होंने कहा कि हम जंग क्यों लड़ते हैं? हम मनोरोगी नहीं हैं जिन्हें दुश्मन की लाशों या अंगों से संतुष्टि मिलती हो। </p>



<p>युद्ध का उद्देश्य किसी देश का मनोबल तोड़ना होता है, ताकि वह हमारी शर्तों पर सरेंडर कर दे और हम अपनी इच्छित उपलब्धि पा सकें।</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <a href="https://hindikhabar.com/pm-modi-didnt-call-so-trump-ego-hurt-major-revelation-emerged-regarding-trade-deal/">PM Modi ने नहीं किया Call तो ट्रंप का Ego Hurt, ट्रेड डील को लेकर हुआ बड़ा खुलासा</a></p>



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		<item>
		<title>चीनी विदेश मंत्री की भारत यात्रा: सीमा तनाव, आतंकवाद और सहयोग पर हुई चर्चा</title>
		<link>https://hindikhabar.com/china-foreign-minister-wang-yi-visits-india-jaishankar-meeting-border-talks/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 18 Aug 2025 14:30:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Ajit Doval]]></category>
		<category><![CDATA[Border tension]]></category>
		<category><![CDATA[Foreign Policy India China]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
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		<category><![CDATA[S Jaishankar]]></category>
		<category><![CDATA[SCO Summit 2025]]></category>
		<category><![CDATA[Terrorism Issue]]></category>
		<category><![CDATA[Wang Yi India Visit]]></category>
		<category><![CDATA[Wang Yi Jaishankar Meeting]]></category>
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					<description><![CDATA[Indo-China Meet : चीन के विदेश मंत्री वांग यी तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए हुए हैं. सोमवार को नई दिल्ली में भारत और चीन के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत हुई, जिसमें वांग यी ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की. इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों और सीमा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Indo-China Meet : </strong>चीन के विदेश मंत्री वांग यी तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए हुए हैं. सोमवार को नई दिल्ली में भारत और चीन के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत हुई, जिसमें वांग यी ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की. इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों और सीमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई.</p>



<p>वांग यी ने बैठक के दौरान कहा कि यह बेहद जरूरी है कि भारत-चीन सीमा पर तनाव में कमी लाई जाए और दोनों देशों के बीच संवाद बना रहे. उन्होंने माना कि बीते वर्षों में दोनों देशों ने कई जटिल हालात का सामना किया है, लेकिन यदि साथ मिलकर काम किया जाए, तो संबंधों को बेहतर दिशा दी जा सकती है.</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h3 class="wp-block-heading"><strong>आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, भारत की प्राथमिकता</strong></h3>



<p>विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री के साथ हुई बातचीत में स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई भारत की प्राथमिकताओं में से एक है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के किसी भी रूप को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और इसे लेकर भारत गंभीर है. जयशंकर ने उम्मीद जताई कि यह वार्ता भारत-चीन के बीच स्थिर, सहयोगात्मक और भविष्य उन्मुख संबंधों की ओर एक ठोस कदम होगी. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संवाद दोनों देशों के हितों की रक्षा करेंगे और आपसी चिंताओं का समाधान निकालने में मददगार साबित होंगे.</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h3 class="wp-block-heading"><strong>PM</strong><strong> मोदी और</strong><strong> </strong><strong>अजीत डोभाल के साथ भी होगी मुलाकात </strong><strong></strong></h3>



<p>इस दौरे की अहमियत इस वजह से भी बढ़ जाती है क्योंकि एक सप्ताह बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन SCO के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की यात्रा करने वाले हैं. वहां वे चीनी नेतृत्व के साथ उच्च स्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे. इससे पहले, वांग यी भारत में प्रधानमंत्री मोदी से 19 अगस्त को मुलाकात करेंगे. इसके अलावा, वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी चर्चा करेंगे.</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<h3 class="wp-block-heading"><strong>आपसी मतभेदों में कमी की उम्मीद</strong></h3>



<p>इस दौरे को लेकर चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि वांग यी की भारत यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास को मजबूत करना और व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाना है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को एक नई गति देगा और आपसी मतभेदों को कम करने की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाएगा.</p>



<hr class="wp-block-separator has-alpha-channel-opacity" />



<p><strong>यह भी पढ़ें :&nbsp;</strong><a href="https://hindikhabar.com/ganieve-kaur-challenges-vigilance-notice-high-court-majithia-case/">Punjab: गनीव कौर पहुंचीं हाई कोर्ट, विजिलेंस विभाग के नोटिस पर जताई आपत्ति</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>पीएम मोदी के NSA अजीत डोभाल की कितनी है सैलरी, कौन-कौन सी मिलती हैं सुविधाएं, जानें</title>
		<link>https://hindikhabar.com/national-security-advisor-of-india-what-is-the-salary-of-pm-modis-nsa-ajit-doval-and-what-facilities-he-gets-know-here/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Apr 2025 14:18:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[Ajit Doval]]></category>
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		<category><![CDATA[Ajit Doval salary details]]></category>
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		<category><![CDATA[India national security]]></category>
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		<category><![CDATA[Indian Security]]></category>
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		<category><![CDATA[PM Modi]]></category>
		<category><![CDATA[security expert]]></category>
		<category><![CDATA[VIP privileges]]></category>
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					<description><![CDATA[National Security Advisor of India : जब भी देश की सुरक्षा और रक्षा नीति की चर्चा होती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे भरोसेमंद नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) अजीत डोभाल का नाम सबसे पहले आता है। उन्हें देश की सुरक्षा के प्रमुख रणनीतिकार और प्रधानमंत्री के भरोसेमंद सलाहकारों में से एक माना जाता है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>National Security Advisor of India :</strong> जब भी देश की सुरक्षा और रक्षा नीति की चर्चा होती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे भरोसेमंद नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) अजीत डोभाल का नाम सबसे पहले आता है। उन्हें देश की सुरक्षा के प्रमुख रणनीतिकार और प्रधानमंत्री के भरोसेमंद सलाहकारों में से एक माना जाता है। अजीत डोभाल केवल अपनी कार्यक्षमता के लिए नहीं, बल्कि अपनी सैलरी और मिलने वाली सुविधाओं के कारण भी चर्चा में रहते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि NSA अजीत डोभाल को सरकार द्वारा कितनी सैलरी मिलती है और उन्हें कौन सी विशेष सुविधाएं दी जाती हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">अजीत डोभाल की बेसिक सैलरी</h3>



<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर के पद के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित बेसिक सैलरी 1 लाख 37 हजार 500 रुपये प्रति माह है। हालांकि, यह बेसिक सैलरी के अलावा कई अन्य भत्ते और सुविधाएं भी शामिल होती हैं, जिससे उनकी कुल सैलरी लगभग 2 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। यह सैलरी अजीत डोभाल के कार्यकाल, अनुभव और सरकार द्वारा दी गई जिम्मेदारियों के आधार पर तय की जाती है। अजीत डोभाल कई वर्षों से इस महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं और उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा, कूटनीति और विदेश नीति में एक अहम भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">अजीत डोभाल को मिलने वाली सुविधाएं</h3>



<p>NSA अजीत डोभाल को कई विशेष और वीवीआईपी स्तर की सुविधाएं प्राप्त हैं। इनमें शामिल हैं:</p>



<ol class="wp-block-list">
<li><strong>हाई-सिक्योरिटी बंगला</strong> – अजीत डोभाल को सरकार की ओर से एक अत्यधिक सुरक्षित बंगला प्रदान किया गया है, जिसमें हाई-सिक्योरिटी गार्ड्स तैनात रहते हैं।</li>



<li><strong>सुरक्षा</strong> – उन्हें और उनके परिवार को उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्रदान की जाती है।</li>



<li><strong>सरकारी वाहन</strong> – उन्हें वीवीआईपी सरकारी वाहन और चालक की सुविधा मिलती है।</li>



<li><strong>विदेश यात्राएं</strong> – अजीत डोभाल को सरकारी कार्यों के लिए विदेश यात्रा की सुविधा भी दी जाती है।</li>



<li><strong>अन्य भत्ते</strong> – इसके अलावा भी कई तरह के भत्ते और सुविधाएं उन्हें मिलती हैं, जो उनके उच्च पद की जिम्मेदारियों और कार्यों को ध्यान में रखते हुए प्रदान की जाती हैं।</li>
</ol>



<p>इन तमाम सुविधाओं के साथ अजीत डोभाल देश की सुरक्षा नीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सरकार की योजनाओं और रणनीतियों में अपनी विशेषज्ञता का योगदान देते हैं।</p>



<p>यह भी पढ़ें :&nbsp;<a href="https://hindikhabar.com/pamban-bridge-pm-modi-inaugurated-pamban-bridge-in-tamil-nadu-on-ram-navami-flagged-off-new-rail-service/">पीएम मोदी ने रामनवमी पर तमिलनाडु में पंबन ब्रिज का किया उद्घाटन, नई रेल सेवा को दिखाई हरी झंडी</a></p>



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]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिखर बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल</title>
		<link>https://hindikhabar.com/national-security-advisor-ajit-doval-at-the-summit/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Ashvin Mishra]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Aug 2023 05:01:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Ajit Doval]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006246305</guid>

					<description><![CDATA[रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर सऊदी अरब के जेद्दा में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और अन्य अधिकारियों का एक शिखर बैठक हुई. यह बैठक सऊदी अरब की मेजबानी में हुई और भारत की तरफ से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इसमें शामिल हुए। &#160;बैठक में राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर सऊदी अरब के जेद्दा में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और अन्य अधिकारियों का एक शिखर बैठक हुई. यह बैठक सऊदी अरब की मेजबानी में हुई और भारत की तरफ से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इसमें शामिल हुए।</p>



<p>&nbsp;बैठक में राष्&#x200d;ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्&#x200d;त करने तथा वैश्विक शान्ति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए भारत, दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्&#x200d;व के लगातार सम्&#x200d;पर्क में है. सउदी अरब के तटवर्ती शहर जेद्दा में आयोजित यूक्रेन शान्तिवार्ता में डोभाल ने मौजूदा संघर्ष से विश्&#x200d;व के समक्ष उत्&#x200d;पन्&#x200d;न परिस्थिति की चर्चा की।</p>



<p> उन्&#x200d;होंने कहा कि भारत बातचीत और कूटनीति को ही स्&#x200d;थायी शान्ति का एकमात्र रास्&#x200d;ता मानता है. डोभाल ने कहा कि भारत के लिए यूक्रेन संकट के शान्तिपूर्ण समाधान से अधिक खुशी और संतोष की बात कोई और नहीं हो सकती. उन्&#x200d;होंने कहा कि भारत इस संघर्ष के व्&#x200d;यापक और स्&#x200d;थायी समाधान का इच्&#x200d;छुक है. यूक्रेन शान्तिवार्ता का मुख्&#x200d;य उद्देश्&#x200d;य यूक्रेन-रूस संघर्ष का एक ऐसा समाधान तलाशना है जो सभी संबंधित पक्षों को स्&#x200d;वीकार्य हो।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अजीत डोभाल ने ट्विटर पर शेयर किया भारतीय सैनिकों का वीडियो, लिखा &#8211; “ऐसे होते हैं सियाचिन के हालात&#8221;</title>
		<link>https://hindikhabar.com/ajit-doval-shared-the-video-of-indian-soldiers-on-twitter-wrote-this-is-how-the-situation-in-siachen-is/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Jul 2023 09:32:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Ajit Doval]]></category>
		<category><![CDATA[bravery]]></category>
		<category><![CDATA[BSF]]></category>
		<category><![CDATA[devotion]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Army]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Soliders]]></category>
		<category><![CDATA[Viral video]]></category>
		<category><![CDATA[सीआरपीएफ]]></category>
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					<description><![CDATA[जनवरी की ठण्ड में हम घर से बाहर नहीं निकलते और हमारे देश के जवान ऐसी बर्फीली ठण्ड में सरहदों पर देश की रक्षा करते हैं उन्हे पता भी नही होता कि वे कब देश के लिए मर मिटेंगे। ऐसे ही एक वीडियो ट्विटर पर वायरल हो रहा है। जिसे देखकर सभी की आंखें नम &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>जनवरी की ठण्ड में हम घर से बाहर नहीं निकलते और हमारे देश के जवान ऐसी बर्फीली ठण्ड में सरहदों पर देश की रक्षा करते हैं उन्हे पता भी नही होता कि वे कब देश के लिए मर मिटेंगे। ऐसे ही एक वीडियो ट्विटर पर वायरल हो रहा है। जिसे देखकर सभी की आंखें नम हो सकती हैं।</p>



<p>इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सियाचिन बार्डर पर भारतीय सैनिकों का शव बर्फ में दबा हुआ है। बता दें कि इस वीडियो को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार <a href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%85%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A4_%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B2#:~:text=%E0%A4%85%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%A4%20%E0%A4%A1%E0%A5%8B%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B2%20%E0%A4%95%E0%A4%BE%20%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%201945,%E0%A4%95%E0%A5%80%20%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80%20%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%20%E0%A4%B2%E0%A4%97%20%E0%A4%97%E0%A4%8F%E0%A5%A4" target="_blank" rel="noreferrer noopener">अजीत डोभाल</a> ने ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा “ऐसे होते हैं सियाचिन के हालात किंतु कुछ नेता और बॉलीवुड अभिनेता इनके शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा पर सवाल उठाते हैं,  नमन है भारतीय सेना के जांबाज सैनिकों को। जय हिन्द”</p>



<figure class="wp-block-embed is-type-rich is-provider-twitter wp-block-embed-twitter"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true"><p lang="hi" dir="ltr">ऐसे होते है सियाचिन के हालात किंतु कुछ नेता और बॉलीवुड अभिनेता इनके शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा पर सवाल  उठाते हैं , नमन है भारतीय सेना के जांबाज सैनिकों को । <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f64f.png" alt="🙏" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/2764.png" alt="❤" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /><img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f1ee-1f1f3.png" alt="🇮🇳" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" />जय हिन्द <a href="https://t.co/7tgilWuN4d">pic.twitter.com/7tgilWuN4d</a></p>&mdash; Ajit Doval ᴾᵃʳᵒᵈʸ<img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f1ee-1f1f3.png" alt="🇮🇳" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> (@IAjitDoval_IND) <a href="https://twitter.com/IAjitDoval_IND/status/1677713820591202304?ref_src=twsrc%5Etfw">July 8, 2023</a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
</div></figure>



<p>वीडियो को देखने के बाद लोग इस वीडियो पर ढेरों कमेंट कर रहे हैं। बता दें कि एक यूजर्स ने कमेंट पर लिखा हैं कि&nbsp; &#8220;कुछ नेता या पार्टियां ऐसी भी है जो इनको जहाज मोहैय्या नहीं करवाते हैं अपनी राजनीति के चक्कर में जंगल सफारी, &nbsp;फोटो शूट में बिजी रहते हैं और आज तक पुलवामा में इतना RDX &nbsp;आया कहां से या किसकी मदद से ये पता भी नहीं लगा पाते क्यों डोभाल सर आप भी मानते है या आपके साथ भी मजबूरी है।&#8221;</p>



<p>एक अन्य यूजर्स ने जबाव देते हुए लिखा है कि &#8220;बात तो ठीक है। मगर सीआरपीएफ ने एयरकाफ्ट मांगे थे। आपने नहीं दिया, जवानों पर भीषण हमला हुआ 40 जवान शहीद हो गए और मोदी जी, शहीद जवानों के नाम पर वोट लगे! आपके पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक जी आरोप लगाते है, सरकार चुप है क्यों? मलिक जी को जेल में डालो या गलती स्वीकार करो।&#8221;</p>



<p>ये भी पढ़े: <a href="https://hindikhabar.com/national/rajnath-singhs-72nd-birthday-today-read-the-full-story-from-up-cm-to-defense-minister/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">राजनाथ सिंह का 72वां जन्मदिन आज, पढ़ें यूपी सीएम से लेकर रक्षा मंत्री बनने तक की पूरी कहानी</a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>PFI के ठिकानों पर NIA-ED की साझा रेड के बाद गृह मंत्री अमित शाह की अधिकारियों संग हाई लेवल बैठक</title>
		<link>https://hindikhabar.com/high-level-meeting-of-home-minister-amit-shah-with-officials-after-nia-eds-joint-raid-on-pfi-bases/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Sep 2022 07:19:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Ajit Doval]]></category>
		<category><![CDATA[Amit Shah]]></category>
		<category><![CDATA[ED]]></category>
		<category><![CDATA[Home Ministry]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[Islamic Terrorism]]></category>
		<category><![CDATA[NIA]]></category>
		<category><![CDATA[pfi]]></category>
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					<description><![CDATA[पीएफआई-एसडीपीआई का मुख्य नेतृत्व मुख्य रूप से प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) से है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में इस्लामिक खिलाफत की स्थापना करना था]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>एनआईए, ईडी और 13 राज्यों की पुलिस द्वारा पीएफआई-एसडीपीआई (PFI-SDPI) नेतृत्व और प्रतिष्ठान पर छापे मारने के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संबंधित प्रवर्तन और सुरक्षा प्रमुखों के साथ बैठक कर रहे हैं ताकि एकत्र किए गए सबूतों की समीक्षा की जा सके और भविष्य की कार्रवाई पर विचार किया जा सके। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी शामिल है।</p>
<p>पीएफआई-एसडीपीआई पर छापेमारी एनआईए और ईडी के परामर्श से खुफिया ब्यूरो द्वारा गहन जांच और डेटा संग्रह के आधार पर की गई है। इसमें शामिल सभी राज्य पुलिस रात भर कार्रवाई में रही और पीएफआई की स्थिति पर एक मजबूत निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया जाएगा। किसी को याद होगा कि उदयपुर और अमरावती में बेगुनाहों के सिर काटने में शामिल हत्यारों का संबंध पीएफआई से था।</p>
<p>देश भर में दर्जनों गिरफ्तारियां की गई हैं, जिनमें सबसे अधिक केरल (22) के बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक (20 प्रत्येक), आंध्र प्रदेश (5), असम (9), दिल्ली (3), मध्य प्रदेश (4) । पुडुचेरी (3), तमिलनाडु (10), उत्तर प्रदेश (8) और राजस्थान (2) हैं।</p>
<p>आतंकी फंडिंग, प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने और प्रतिबंधित संगठनों में शामिल होने के लिए लोगों को कट्टरपंथी बनाने में शामिल व्यक्तियों के परिसरों पर तलाशी चल रही है।</p>
<p>पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और इसकी राजनीतिक शाखा सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) गृह मंत्रालय का फोकस रही है क्योंकि खुफिया इनपुट से संकेत मिला है कि कट्टरपंथी इस्लामी संगठन को पश्चिम एशियाई देशों, विशेष रूप से कतर, कुवैत ,तुर्की और सऊदी अरब द्वारा अवैध रूप से वित्त पोषित किया जा रहा था।।</p>
<p>इस फंड का इस्तेमाल न केवल देश भर में आतंकी गतिविधियों के लिए बल्कि युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए भी किया जा रहा था। संगठन के मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे एक अखिल-इस्लामी संगठन के साथ संबंध थे और भारत में इस्लाम का चेहरा बनने की योजना थी।</p>
<p>पीएफआई-एसडीपीआई का मुख्य नेतृत्व मुख्य रूप से प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) से है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में इस्लामिक खिलाफत की स्थापना करना था। हालांकि एक अति रूढ़िवादी सुन्नी संगठन, पीएफआई ने खुद को सूफियों, बरेलवी और देवबंदी सहित भारत के सभी मुसलमानों के अगुवा के रूप में पेश किया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अफगानिस्तान पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की दिल्ली में अहम बैठक, चीन ने शामिल होने से किया इनकार</title>
		<link>https://hindikhabar.com/important-meeting-of-national-security-advisors-on-afghanistan-in-delhi-china-refused-to-attend/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Nov 2021 11:39:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Ajit Doval]]></category>
		<category><![CDATA[China]]></category>
		<category><![CDATA[NSA Ajit Dobal]]></category>
		<category><![CDATA[Pakistan]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली: बुधवार से अफगानिस्तान के मुद्दे पर होने वाली दिल्ली रीजनल सेक्युरिटी डायलॉग की बैठक में चीन ने शामिल होने से मना कर दिया है। चीन ने बैठक में हिस्सा नहीं लेने की वजह पहले से तय कार्यक्रमों को बताया है। साथ ही कहा है कि वह अफगानिस्तान के मुद्दे पर भारत के साथ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>नई दिल्ली: बुधवार से अफगानिस्तान के मुद्दे पर होने वाली दिल्ली रीजनल सेक्युरिटी डायलॉग की बैठक में चीन ने शामिल होने से मना कर दिया है। चीन ने बैठक में हिस्सा नहीं लेने की वजह पहले से तय कार्यक्रमों को बताया है। साथ ही कहा है कि वह अफगानिस्तान के मुद्दे पर भारत के साथ डिप्लोमैटिक चैनलों के जरिए संपर्क में रहेगा।</strong></p>



<p>पिछले हफ्ते पाकिस्तान ने भी इस बैठक में शामिल न होने के अपने फैसले से भारत को अवगत करा दिया था। बावजूद इसके, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के स्तर पर होने वाली इस बैठक में कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी भी शामिल होंगे। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के नेशनल सेक्युरिटी एडवाईजर अजीत डोभाल करेंगे।</p>



<p>राजधानी में होने वाली इस अहम बैठक में अफगानिस्तान में तालिबान शासन के बाद आतंकवाद, कट्टरपंथ और ड्रग्स के बढ़ते खतरों से निपटने में व्यावहारिक सहयोग के लिए चर्चा होगी। साथ ही अफगानिस्तान में चल रहे ‘अनिश्चितता’ के मुद्दे पर भी चर्चा होगी। बैठक में शामिल देश अफगानिस्तान को मानवीय सहायता पहुंचाने के मुद्दे पर भी बातचीत करेंगे। फिलहाल इस बैठक में तालिबान को मान्यता दिए जाने को लेकर किसी तरह की बातचीत नहीं होगी।</p>



<h4 class="wp-block-heading">बहुपक्षीय वार्ता के बाद द्वीपक्षीय वार्ता का दौर भी चलेगा जिसमें सुरक्षा मुद्दों पर आपसी सहयोग को लेकर बातचीत होगी।</h4>



<h4 class="wp-block-heading">बैठक में शामिल होने वाले प्रतिनीधिमंडल की मुलाकात प्रधानमंत्री से भी होने की संभावना है। इसके बाद कुछ सदस्यों के आगरा और अमृतसर भी जाने प्रोग्राम है।</h4>



<p>अफगानिस्तान के मुद्दे इससे पहले ईरान ने 2018 और 2019 में इस तरह की बैठक का आयोजन किया था. दिल्ली में होने वाली बैठक उसी कड़ी का हिस्सा है, भारत ने इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए पाकिस्तान और चीन को भी आमंत्रित किया था, लेकिन दोनों देशों ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया.</p>



<p>विदेश मंत्रालय सूत्रों ने कहा कि वार्ता में शामिल हो रहे देशों की अफगानिस्तान की स्थिति पर समान चिंताएं हैं. मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “उच्चस्तरीय वार्ता में क्षेत्र में अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम से उत्पन्न सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की जाएगी. इसमें प्रासंगिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के उपायों पर विचार किया जाएगा और शांति, सुरक्षा तथा स्थिरता को बढ़ावा देने में अफगानिस्तान के लोगों का समर्थन किया जाएगा. भारत के पारंपरिक रूप से अफगानिस्तान के लोगों के साथ घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं. नई दिल्ली ने अफगानिस्तान के समक्ष उत्पन्न सुरक्षा और मानवीय चुनौतियों का समाधान करने के लिए एकीकृत अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का आह्वान किया है. यह बैठक उस दिशा में एक कदम है.”</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अमेरिका ने भारत को उसके एंटी-कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के लिए ढाई करोड़ डॉलर की अतिरिक्त सहायता की घोषणा की</title>
		<link>https://hindikhabar.com/covid-19-coronanewguidelines-prime-minister-narendra-modi-foreign-minister-antony-blinken/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Jul 2021 11:12:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Ajit Doval]]></category>
		<category><![CDATA[Antony Blinken]]></category>
		<category><![CDATA[Corona Positive]]></category>
		<category><![CDATA[Corona Virus]]></category>
		<category><![CDATA[COVID-19]]></category>
		<category><![CDATA[foreign Minister]]></category>
		<category><![CDATA[PM Modi]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली: अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) ने कल दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इसी बीच बातचीत के चलते प्रधानमंत्री ने बताया कि लोकतंत्र और स्वतंत्रता के मूल्यों के प्रति अमरीका और भारत की गहरी आस्था है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने बताया है कि &#8220;अमरीका में भारतवंशियों ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>नई दिल्ली: अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) ने कल दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इसी बीच बातचीत के चलते प्रधानमंत्री ने बताया कि लोकतंत्र और स्वतंत्रता के मूल्यों के प्रति अमरीका और भारत की गहरी आस्था है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने बताया है कि &#8220;अमरीका में भारतवंशियों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में बहुत योगदान दिया है। कोविड-19 से उत्पन्न चुनौतियों को देखते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था को उबारने और जलवायु परिवर्तन से निपटने में भारत-अमरीका रणनीतिक साझेदारी का आगामी वर्षों में और अधिक महत्व होगा।&#8221; साथ ही बैठक के दौरान विदेश मंत्री ब्लिंकन ने राष्ट्रपति जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की ओर से प्रधानमंत्री को शुभकामना संदेश दिया है।</p>



<p>मालूम हो कि विदेश मंत्री ब्लिंकन ने प्रधानमंत्री को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर (Dr. S Jaishankar) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit Doval) से हुई अपनी सकारात्मक बातचीत की जानकारी दी थी। दरअसल उन्&#x200d;होंने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार और निवेश, जलवायु परिवर्तन और विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। श्री ब्लिंकन ने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर भारत और अमरीका के बीच बढ़ते तालमेल और दोनों देशों द्वारा इसे ठोस और व्यावहारिक रूप देने की प्रतिबद्धता की सराहना की थी।</p>



<h4 class="wp-block-heading">  भारत के कोविडरोधी टीकाकरण कार्यक्रम  </h4>



<p>बता दें कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति बाइडेन और उपराष्ट्रपति हैरिस को शुभकामनाएं दी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने चार देशों के समूह-क्वाड को मजबूत करने औक साथ ही कोविड महामारी से निपटने और जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रयासों के लिए अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की सराहना की थी। जबकि अमरीका ने भारत के कोविडरोधी टीकाकरण कार्यक्रम के लिए और दो करोड़ 50 लाख डॉलर की सहायता देने की घोषणा करी थी। एक ट्वीट में श्री ब्लिंकन ने बताया था कि इससे भारत में टीका आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत कर लोगों का जीवन बचाने में मदद मिलेगी। इससे पहले, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने श्री एंटनी ब्लिंकन से बातचीत की थी।</p>



<h4 class="wp-block-heading"> कोविड महामारी से निपटने के लिए</h4>



<p>इसी दौरान डॉ. जयशंकर ने बताया कि भारत और अमरीका के बीच सामयिक दृष्टि से प्रासंगिक सभी क्षेत्रों में व्&#x200d;यापक सहयोग का उल्लेख किया है। विदेश मंत्री ने भारत और अमरीका के बीच कोविड महामारी से निपटने में सहयोग के बारे में भी जानकारी दी थी। उन्&#x200d;होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और समृद्धि तथा अफगानिस्&#x200d;तान में लोकतांत्रिक स्थिरता के लिए प्रयास करने सहित अऩ्य मुद्दों के लिए मिलकर काम करने पर बल दिया था। अमरीकी विदेश मंत्री ने कहा कि राष्&#x200d;ट्रपति जो बाइडेन अमरीका और भारत के बीच संबंध मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>



<p>इसके बाद डॉक्&#x200d;टर जयशंकर ने बातचीत के दौरान बताया कि अमरीकी विदेश मंत्री के साथ बैठक ऐसे महत्&#x200d;वपूर्ण समय में हुई है जब वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने की आवश्&#x200d;यकता है। डॉक्&#x200d;टर जयशंकर ने भारत में कोविडरोधी टीके के उत्पादन के लिए कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के वास्ते अमरीकी प्रशासन की सराहना की थी। उन्&#x200d;होंने कोविड की दूसरी लहर के दौरान अमरीका की ओर से भारत को दी गई सहायता के लिए आभार भी व्&#x200d;यक्&#x200d;त किया। क्वाड समूह की चीन की आलोचना के बारे में मीडिया के प्रश्न का उत्तर देते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि देशों के समूहों का मिलकर काम करना सामान्&#x200d;य बात है और ब्रिक्स इसका एक उदाहरण ही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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