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	<title>AI Technology Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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	<description>Hindi Khabar: Latest News Breaking News, हिंदी खबर चैनल, Hindi Khabar Live,Hindi News</description>
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	<title>AI Technology Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>पंजाब पुलिस का AI तकनीकी शिकंजा, अपराध नियंत्रण होगा मजबूत, IIT रोपड़ के साथ साझेदारी</title>
		<link>https://hindikhabar.com/punjab-police-ai-crime-control-iit-ropar-partnership-strengthen-law-enforcement/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Apr 2026 12:55:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[AI Technology]]></category>
		<category><![CDATA[cm bhagwant mann]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[IIT Ropar]]></category>
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					<description><![CDATA[Punjab News : भगवंत मान सरकार ने संगठित अपराध पर अपनी कार्रवाई को और तेज करने के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रोपड़ के साथ साझेदारी कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पुलिसिंग सिस्टम लागू करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है l इस पहल का उद्देश्य अपराधियों का एक संरचित डेटाबेस तैयार करना और &#8230;]]></description>
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<p><strong>Punjab News : </strong>भगवंत मान सरकार ने संगठित अपराध पर अपनी कार्रवाई को और तेज करने के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रोपड़ के साथ साझेदारी कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पुलिसिंग सिस्टम लागू करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है l </p>



<p>इस पहल का उद्देश्य अपराधियों का एक संरचित डेटाबेस तैयार करना और ‘गैंग्सट्रां ते वार’ तथा ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ जैसे अभियानों को मजबूत करना है, ताकि पंजाब और राज्य के बाहर सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मोहाली में स्थापित डेटा इंटेलिजेंस और तकनीकी सहायता</h3>



<p>इस सहयोग के तहत, आईआईटी रोपड़ के साथ मिलकर राज्य सरकार एआई टूल्स का उपयोग करेगी; जिससे पंजाब पुलिस, अपराधियों के नेटवर्क को प्रभावी ढंग से मैप और टारगेट कर सकेगी। इस परियोजना के लिए डॉ. बी.आर. अम्बेडकर स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और आईआईटी रोपड़ के बीच समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ है। जहां एम्स मोहाली में स्थापित डेटा इंटेलिजेंस और तकनीकी सहायता, इकाई परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय करेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">डैशबोर्ड-आधारित मॉनिटरिंग सुविधाएं</h3>



<p>इस साझेदारी के तहत आईआईटी रोपड़ उन्नत सॉफ्टवेयर विकसित करेगा; जिसमें डेटा एनालिटिक्स, आवाज़ पहचान तकनीक (वॉइस रिकग्निशन) और डैशबोर्ड-आधारित मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं होंगी। इससे रियल-टाइम ट्रैकिंग और इंटेलिजेंस-आधारित पुलिसिंग संभव होगी, जिससे विदेशों से संचालित गैंगस्टर नेटवर्क पर भी कार्रवाई की जा सकेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">प्लेटफ़ॉर्म पर करवाया जाएगा उपलब्ध</h3>



<p>यह पहल पंजाब पुलिस को एक व्यापक और एकीकृत अपराधी डेटाबेस बनाने में सक्षम बनाएगी, जिसमें संरचित और असंरचित दोनों प्रकार के डेटा को जोड़ा जाएगा। इसमें स्कैन किए गए पीडीएफ और हस्तलिखित रिकॉर्ड को डिजिटाइज़ कर एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध करवाया जाएगा, जिससे विखंडित (बिखरी हुई) जानकारी को तुरंत एक्सेस किया जा सकेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">डैशबोर्ड के माध्यम से उपयोगी जानकारी</h3>



<p>भगवंत मान सरकार और आईआईटी रोपड़ मिलकर ,ट्रैकिंग और विश्लेषण के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे; जिससे बिखरे हुए डेटा को एआई टूल्स, प्रेडिक्टिव मॉडल्स और एनालिटिकल डैशबोर्ड के माध्यम से उपयोगी जानकारी में बदला जा सकेगा। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और अधिक प्रभावी होगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">एकीकरण न होने से जांच प्रक्रिया धीमी</h3>



<p>राज्य सरकार ने आधुनिक पुलिसिंग में डेटा के महत्त्व को दर्शाते हुए कहा कि जहां संरचित डेटा का विश्लेषण आसान होता है; वहीं पुलिस रिकॉर्ड का बड़ा हिस्सा असंरचित रूप में होता है, जैसे हस्तलिखित रिपोर्ट और स्कैन किए गए दस्तावेज। इनका एकीकरण न होने से जांच प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। यह परियोजना असंरचित रिकॉर्डस को रूपांतरित कर उन्हें मौजूदा डाटासेट्स के साथ एकीकृत प्रणाली में समाहित करके इस चुनौती का समाधान करती है, जिससे जांच की दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">मशीन लर्निंग क्षमताओं को मिलेगी मजबूती</h3>



<p>एक वरिष्ठ पंजाब पुलिस अधिकारी ने कहा, “आईआईटी रोपड़ के साथ यह सहयोग पुलिस बल की एआई और मशीन लर्निंग क्षमताओं को मजबूत करेगा। पुलिस कर्मी अपराध के पैटर्न की पहचान के लिए बेहतर रूप से लैस होंगे, जो ‘गैंग्सट्रां ते वार’ अभियान को और प्रभावी बनाएगा और अपराधियों द्वारा तकनीक के दुरुपयोग को रोकेगा।”</p>



<h3 class="wp-block-heading">गैंगस्टर विदेशों से करते हैं ऑपरेट</h3>



<p>अधिकारी ने आगे कहा, “हमारा लक्ष्य अपराधियों से एक कदम आगे रहना और उनके नेटवर्क को निशाना बनाना है। गैंगस्टर विदेशों से ऑपरेट करते हैं और यहां के युवाओं को अपराध के लिए उकसाते हैं। यह सहयोग एआई के जरिए अपराधियों की ‘पहचान और रोकथाम’ को और मजबूत करेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सुव्यवस्थित डेटाबेस की तैयारी</h3>



<p>यह पंजाब पुलिस को एक सुव्यवस्थित डेटाबेस स्थापित करने में मदद करेगा, जिससे अपराधियों और गैंगस्टरों से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित रूप से संकलित किया जा सकेगा तथा एआई-आधारित उपकरणों की सहायता से उसका प्रभावी मूल्यांकन, पूछताछ और विश्लेषण किया जा सकेगा।” यह परियोजना संरचित और असंरचित डेटा स्रोतों के बीच की खाई को पाटने का भी लक्ष्य रखती है। इसके तहत एक ऐसी प्रणाली विकसित की जा रही है, जो असंरचित दस्तावेज़ों को अपने में शामिल कर उन्हें मौजूदा संरचित डाटासेट्स के साथ जोड़कर एकीकृत, सुव्यवस्थित डेटाबेस तैयार करेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पंजाब में सार्वजनिक सुरक्षा और मजबूत</h3>



<p>यह परियोजना अपराध की पहचान में तेज़ी लाने, आपराधिक नेटवर्क की निगरानी को मजबूत करने और डेटा-आधारित त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे पंजाब में सार्वजनिक सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।</p>



<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong> <em><a href="https://hindikhabar.com/lashkar-terrorist-aamir-hamza-shot-in-pakistan-hospitalized/">पाकिस्&#x200d;तान में लश्&#x200d;कर आतंकी आम&#x200d;िर हमजा पर फायरिंग, अस्पताल में भर्ती, डिटेल में पढ़ें</a></em></p>



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		<item>
		<title>4000 करोड़ रुपए की लागत से होगी लिंक रोड की मरम्मत, सड़कों के निर्माण में AI तकनीक का होगा उपयोग</title>
		<link>https://hindikhabar.com/chandigarh-link-roads-will-be-repaired-at-a-cost-of-rs-4000-crore-ai-technology-will-be-used-in-road-construction/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Apr 2025 12:58:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Punjab]]></category>
		<category><![CDATA[AI Technology]]></category>
		<category><![CDATA[Chandigarh]]></category>
		<category><![CDATA[CM Bhagwant Singh Mann]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Khabar]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab CM]]></category>
		<category><![CDATA[Punjab News]]></category>
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					<description><![CDATA[Chandigarh : पंजाब वासियों के लिए एक और बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लिंक सड़कों की मरम्मत के लिए विशेष अभियान की शुरुआत को हरी झंडी दी है, जिसके तहत 4000 करोड़ रुपए की लागत से 20,000 किलोमीटर लिंक सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा। सीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Chandigarh :</strong> पंजाब वासियों के लिए एक और बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लिंक सड़कों की मरम्मत के लिए विशेष अभियान की शुरुआत को हरी झंडी दी है, जिसके तहत 4000 करोड़ रुपए की लागत से 20,000 किलोमीटर लिंक सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक</h3>



<p>आज अपनी सरकारी आवास पर बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान का मुख्य मकसद आम लोगों, खासकर ग्रामीण आबादी को सुविधा प्रदान करना है, क्योंकि शहर आने-जाने और सामानों की ढुलाई के लिए लिंक सड़कें बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि ये लिंक सड़कें राज्य की अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा हैं। भगवंत सिंह मान ने इन लिंक सड़कों के निर्माण की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इनमें से कई सड़कों की पिछले छह साल से अधिक समय से मरम्मत नहीं हुई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">प्राथमिकता के आधार पर हो सड़कों का निर्माण</h3>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सड़कों की मरम्मत के दौरान सबसे अधिक प्राथमिकता वाली सड़कों, प्राथमिकता के आधार पर और जरूरत आधारित सड़कों का क्रम बनाया जाए ताकि लोग इसका लाभ उठा सकें। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन सड़कों का निर्माण जरूरत और प्राथमिकता के आधार पर करने के लिए जमीनी सर्वेक्षण को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और मंडी बोर्ड के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इन सड़कों के निर्माण के लिए एक-एक पैसे का तर्कसंगत ढंग से उपयोग हो। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इन सड़कों की मरम्मत करने वाले ठेकेदार अगले पांच साल तक इनका रखरखाव भी करेंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-09-at-3.01.58-PM-1024x683.jpeg" alt="" class="wp-image-213006368803" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-09-at-3.01.58-PM-1024x683.jpeg 1024w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-09-at-3.01.58-PM-300x200.jpeg 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-09-at-3.01.58-PM-768x512.jpeg 768w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-09-at-3.01.58-PM-1536x1024.jpeg 1536w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/WhatsApp-Image-2025-04-09-at-3.01.58-PM-2048x1365.jpeg 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<h3 class="wp-block-heading">मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को दिए निर्देश</h3>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में सड़कों को चौड़ा करने, मजबूत करने और अपग्रेड करके लिंक सड़कों के बुनियादी ढांचे का कायाकल्प करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इस सड़क नेटवर्क के महत्व को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। भगवंत सिंह मान ने मंडी बोर्ड और लोक निर्माण विभाग को पूरे कार्य के मानक को बनाए रखने के साथ-साथ इस परियोजना के एक-एक पैसे का सुचारु ढंग से उपयोग करने को सुनिश्चित करने के लिए कहा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सड़कों के निर्माण में हो AI का उपयोग</h3>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ग्रामीण सड़कों के जरूरत आधारित निर्माण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कदम से राज्य के संसाधनों का उचित उपयोग होगा और ग्रामीण सड़कों पर गुणवत्तापूर्ण कार्य को सुनिश्चित किया जा सकेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस तकनीक से निर्माण कार्य में बड़ा बदलाव आएगा, जिससे लोगों के पैसे की बचत होगी। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए तीसरे पक्ष की जांच की संभावना तलाशी जानी चाहिए।</p>



<p>इस अवसर पर कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत और अन्य हस्तियां मौजूद थी।</p>



<p>यह भी पढ़ें : <a href="https://hindikhabar.com/india-france-mega-deal-now-enemies-will-be-in-trouble-indiawill-buy26-rafale-marine-fighter-jets-from-france-a-mega-deal-of-rs-63000-crore-was-signed-between-the-two-countries/">अब दुश्मनों की खैर नहीं, 26 राफेल मरीन फाइटर जेट फ्रांस से खरीदेगा भारत, दोनों देशों के बीच हुई 63,000 करोड़ की मेगा डील</a></p>



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		<item>
		<title>ग्रामीण सड़कों की निगरानी के लिए AI तकनीक का होगा इस्तेमाल, नीतीश कैबिनेट ने लिया फैसला</title>
		<link>https://hindikhabar.com/patna-ai-technology-will-be-used-to-monitor-rural-roads-nitish-cabinet-decided/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 03 Feb 2025 11:56:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bihar]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[AI Technology]]></category>
		<category><![CDATA[CM Nitish Kumar]]></category>
		<category><![CDATA[Nitish Cabinet]]></category>
		<category><![CDATA[patna]]></category>
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					<description><![CDATA[Patna : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रदेशभर में अपनी ‘प्रगति यात्रा’ पर निकले हुए हैं। इस यात्रा के दौरान वह अलग-अलग जिलों में करोड़ों रुपये की योजनाओं और परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर रहे हैं। वहीं नीतीश कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। जिसमें बिहार के गांव-गांव में सड़कों का जाल बिछाने का बड़ा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Patna :</strong> बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रदेशभर में अपनी ‘प्रगति यात्रा’ पर निकले हुए हैं। इस यात्रा के दौरान वह अलग-अलग जिलों में करोड़ों रुपये की योजनाओं और परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन कर रहे हैं। वहीं नीतीश कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। जिसमें बिहार के गांव-गांव में सड़कों का जाल बिछाने का बड़ा कदम उठा रहे हैं। सरकार ने 25 हजार किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कों के निर्माण का लक्ष्य रखा है। </p>



<p>बता दें कि बिहार की सड़कें ब्रिटेन की तर्ज पर विकसित होंगी। इसके अनुसार 25 हजार किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इस निर्माण की डीपीआर तैयार हो चुकी है, और अब ग्रामीण कार्य विभाग ने 20 जिलों की सड़कों के निर्माण की मंजूरी लोक वित्त समिति से प्राप्त कर ली है। बाकी जिलों की मंजूरी जल्द ही मिल जाएगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">25 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान</h3>



<p>मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार के कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इन सड़कों के निर्माण के लिए टेंडरों की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन सड़कों का निर्माण अगले एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि करीब 25 हजार किलोमीटर सड़कों में से लगभग 13 हजार सड़कों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वे मरम्मत की अवधि से बाहर हो चुकी हैं। इन सड़कों के निर्माण पर लगभग 25 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कैबिनेट के मंजूरी के बाद टेंडर जारी होगा</h3>



<p>कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही सभी सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। यह काम चरणबद्ध तरीके से होगा, और अगले एक साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना पर 25 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।</p>



<h3 class="wp-block-heading">ग्रामीण <strong>सड़कों की निगरानी के लिए AI तकनीक का होगा इस्तेमाल</strong></h3>



<p>बिहार सरकार इस बार सिर्फ सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनके दीर्घकालिक रखरखाव और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग भी करने जा रही है। यह एक क्रांतिकारी पहल होगी, क्योंकि इससे सड़कों की हालत पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और जैसे ही किसी सड़क पर खराबी आने लगेगी, तुरंत उसे ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।</p>



<p>यह भी पढ़ें : <a href="https://hindikhabar.com/australian-cricket-awards-2025-adam-zampa-became-t20-cricketer-of-the-year-debutant-sam-constas-also-got-the-award/">एडम जम्पा बनें टी20 क्रिकेटर ऑफ द ईयर, डेब्यू करने वाले सैम कोंस्टस को भी मिला अवॉर्ड</a></p>



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		<item>
		<title>ChatGPT CEO ने कही बड़ी बात, &#8220;2025 में लोगों की नौकरियां खा जाएगा AI?&#8221;</title>
		<link>https://hindikhabar.com/ai-technology-chatgpt-ceo-said-a-big-thing-will-ai-eat-peoples-jobs-in-2025/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Jan 2025 09:07:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[टेक]]></category>
		<category><![CDATA[AI Technology]]></category>
		<category><![CDATA[news in hindi]]></category>
		<category><![CDATA[Tech]]></category>
		<category><![CDATA[Tech News]]></category>
		<category><![CDATA[technology]]></category>
		<category><![CDATA[Technology Updates]]></category>
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					<description><![CDATA[AI technology: OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने AI के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। उनका मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी से बढ़ती क्षमताएं आने वाले समय में ग्लोबल वर्कफोर्स पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है। AI के विकास ने टेक्नोलॉजी की दुनिया को पूरी तरह से बदल दिया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>AI technology: </strong> OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने AI के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। उनका मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी से बढ़ती क्षमताएं आने वाले समय में ग्लोबल वर्कफोर्स पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है। AI के विकास ने टेक्नोलॉजी की दुनिया को पूरी तरह से बदल दिया है और कई कंपनियां अब अपने जनरेटिव AI टूल्स लॉन्च कर रही हैं। जनरेटिव AI इंसानों जैसी समझ और कार्यक्षमता रखता है, लेकिन इसके चलते कई क्षेत्रों में नौकरियां खत्म होने की आशंका भी जताई जा रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">AI एजेंट्स</h3>



<p>सैम ऑल्टमैन ने अपने हालिया ब्लॉग में कहा कि 2025 में कंपनियों के कार्यबल में AI एजेंट्स शामिल हो सकते हैं। उनका मानना है कि AI का तेजी से विकास और इसकी उन्नत तकनीक भविष्य में विभिन्न उद्योगों का अभिन्न हिस्सा बन जाएगी। चैटजीपीटी की लॉन्चिंग के बाद से AI ने अपनी क्षमताओं में आश्चर्यजनक वृद्धि दिखाई है। सैम का कहना है कि AI इंसानों के साथ मिलकर काम करेगा, जिससे ग्लोबल वर्कफोर्स पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव पड़ सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">नौकरियां खत्म होने की संभावना</h3>



<p>ऑल्टमैन ने यह भी बताया कि OpenAI अब AGI (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस) विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। AGI एक ऐसी तकनीक होगी जो दफ्तरों में उन्नत AI एजेंट्स के रूप में काम कर सकती है। हालांकि, इसमें नौकरियां खत्म होने की संभावना बनी रहेगी। लेकिन ऑल्टमैन ने स्पष्ट किया कि ChatGPT जैसे AI टूल्स इंसानों को रिप्लेस नहीं करेंगे, बल्कि उनके साथ मिलकर काम करेंगे।</p>



<p>यह बयान उन लोगों के लिए राहत की बात है जो AI के कारण नौकरियां खोने को लेकर चिंतित हैं। AI का उद्देश्य इंसानी क्षमताओं को बढ़ाना है, न कि उन्हें पूरी तरह से हटाना। भविष्य में AI की सही उपयोग इसे एक मूल्यवान तकनीक बन सकता है।</p>



<p>यह भी पढ़ें : <a href="https://hindikhabar.com/bihar-bpsc-mp-pappu-yadav-met-governor-on-bpsc-issue-took-a-jibe-at-prashant-kishore/">BPSC मुद्दे पर सांसद पप्पू यादव राज्यपाल से मिले, प्रशांत किशोर पर कसा तंज</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>AI: साइबर क्राइम के खिलाफ सुरत पुलिस की पहल, AI टेक्नोलॉजी से कर्मियों को किया जाएगा प्रशिक्षित</title>
		<link>https://hindikhabar.com/ai-surat-polices-initiative-against-cyber-crime-with-ai-technology/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anukampa]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 04 Feb 2024 10:18:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Gujarat]]></category>
		<category><![CDATA[टेक]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[AI Technology]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[cyber crime]]></category>
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					<description><![CDATA[आप एआई (AI)  के बारे में आए दिन कोई न कोई ख़बर देखते ही होगे। एआई के मदद से कई काम आसान हो जाते है। समय की बचत होती है। यानी देखा जाए तो एआई के कई फायदे हैं। वहीं एआई के कुछ नुकसान भी हैं। ऐसे में गुजरात की सूरत पुलिस ने साइबर अपराध &#8230;]]></description>
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<p>आप एआई (AI)  के बारे में आए दिन कोई न कोई ख़बर देखते ही होगे। एआई के मदद से कई काम आसान हो जाते है। समय की बचत होती है। यानी देखा जाए तो एआई के कई फायदे हैं। वहीं एआई के कुछ नुकसान भी हैं। ऐसे में गुजरात की सूरत पुलिस ने साइबर अपराध को कम करने के लिए एआई तकनीक की मदद से अपने कर्मियों को प्रशिक्षित करने का कदम उठाया है। इस पहल पर सूरत के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने बताया कि पीड़ितों के लिए एक चैटबॉट बनाया गया है, जिसके माध्यम से वह आसानी से संवाद कर पाएंगे।</p>



<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Gujarat: On Surat Police using AI technology to train its personnel to reduce cybercrime, Additional Police Commissioner of Surat Sharad Singhal says, &quot;&#8230; A chatbot has been created which will communicate with the victims in their chosen language&#8230; Victims of… <a href="https://t.co/6aTUqOnJBs">pic.twitter.com/6aTUqOnJBs</a></p>&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1754000505578340478?ref_src=twsrc%5Etfw">February 4, 2024</a></blockquote> 



<h3 class="wp-block-heading">AI: क्या बोले पुलिस आयुक्त </h3>



<p>अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने कहा, &#8216;एक चैटबॉट बनाया गया है जो पीड़ितों से उनकी चुनी हुई भाषा में संवाद करेगा। पीड़ित अपने निकटतम पुलिस स्टेशन का पता लगाने के लिए फाइंड माई पुलिस स्टेशन सुविधा का उपयोग कर  पाएंगे।&#8217; उन्होंने आगे बताया, &#8216;पब्लिक इंटरफेस एक हेल्पलाइन की तरह काम करेगा और समय की परवाह किए बिना ही पीड़ितों से संवाद करेगा। इससे प्रत्येक क्षेत्र में मामलों की संख्या का पता लगाने में मदद मिलेगा। इसी के साथ शहरों में साइबर अपराध मामलों की पहचान भी होगा।&#8217; अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि साइबर अपराधों के गिरोहों को पकड़ने के लिए अधिकारियों को एआई का उपयोग करके प्रशिक्षित भी किया जाएगा</p>



<p><strong>यह भी पढ़ें:-</strong><a href="https://hindikhabar.com/state/delhi-ncr/delhi-police-post-you-are-not-a-special-case-who-is-alive-again-delhi-polices-post-goes-viral-amid-trend/">Delhi Police Post: ‘तुम स्पेशल केस नहीं, जो दोबारा जिंदा…’ ट्रेंड के बीच दिल्ली पुलिस का पोस्ट वायरल</a></p>



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		<title>भारत में पहली बार लॉन्च किया गया AI Zini Clinic , चैट बॉट की मदद से पता कर पाएंगे कोई भी हेल्थ इशू, जानिए खासियत</title>
		<link>https://hindikhabar.com/ai-zini-clinic-launched-for-the-first-time-in-india-will-be-able-to-find-out-any-health-issue-with-the-help-of-chat-bot-know-the-specialty/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Aug 2022 10:45:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[टेक]]></category>
		<category><![CDATA[AI Technology]]></category>
		<category><![CDATA[Tech News]]></category>
		<category><![CDATA[technology]]></category>
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					<description><![CDATA[AI का इस्तेमाल आप लोगों ने ज्यादातर स्मार्टफोन और इलेक्ट्रोनिक प्रोडक्टस में सुना होगा। वहीं अब भारत ने AI वाला क्लिनिक भी लॉन्च कर दिया है। खास बात ये भी है कि इस क्लिनिक में AI चैट बॉट भी मिलेगा। यह चैट बॉट मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री को भी प्रॉसेस में लेता है। इस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>AI का इस्तेमाल आप लोगों ने ज्यादातर स्मार्टफोन और इलेक्ट्रोनिक प्रोडक्टस में सुना होगा। वहीं अब भारत ने AI वाला क्लिनिक भी लॉन्च कर दिया है। खास बात ये भी है कि इस क्लिनिक में AI चैट बॉट भी मिलेगा। यह चैट बॉट मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री को भी प्रॉसेस में लेता है। इस मशीन का नाम <strong>Zini AI Clinic</strong> रखा गया है। इस मशीन से डॉक्टरों को भी काफी फायदा मिलेगा इस मशीन के जरिए डॉक्टर्स भी मरीज की बीमारी का आसानी से पता लगा सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>भारत में लॉन्च किया गया पहला </strong><strong>AI Clinic</strong></h3>



<p>AI यानि की <strong>Artificial Intelligence</strong> तकनीक के बारे में आपने बहुत सुना होगा इसका इस्तेमाल ज्यादातर स्मार्टफोन और इलेक्ट्रोनिक प्रोडक्टस में किया जाता है लेकिन इस बार भारत ने चमत्कार करते हुए पहली बार <strong>AI Clinic Zini </strong>को लॉन्च किया है। आपको बता दें कि ये भारत का पहला <strong>एआई पावर्ड हेल्थ क्लिनिक</strong> है। इसके जरिए उन लोगों की खास मदद हो पाएगी जिनको समय से स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रहीं हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>कई और सेक्टर में भी होता है </strong><strong>AI </strong><strong>का इस्तेमाल</strong><strong></strong></h3>



<p>AI का इस्तेमाल केवल स्मार्टफोन और इलेक्ट्रोनिक प्रोडक्टस में ही नहीं कई और सेक्टर में भी किया जाता है। मेडिकल फील्ड में इसका इस्तेमाल खूब किया जाता है लेकिन एक आम आदमी को इस बात का ज्यादातर पता नहीं लग पाता है क्योंकि इसका इस्तेमाल ज्यादातर ऑपरेशन और अन्य मेडिकल जांच के लिए किया जाता है तो स्वाभाविक है कि एक आम आदमी को इसका पता नहीं होता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>चलिए बताते हैं आपको इस </strong><strong>AI Zini </strong><strong>की खासयित </strong><strong></strong></h3>



<p>इस AI Zini की खास बात ये है कि इसमें एक चैट बॉट दिया गया है जो कि ऑटोमेटिक मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री को भी प्रॉसेस में लेता है। इससे डॉक्टर्स मरीज की बीमारी को आसानी से पकड़ पाएंगें कंपनी की मानें तो इस चैटबॉट का इस्तेमाल भविष्य में&nbsp;आयुष्मान भारत और ई-संजीवन जैसी सरकारी योजनाओं में किया जा सकेगा।</p>
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		<title>इंसान जैसे अमेका रोबोट से क्या आप मिले? यह आपके सभी सवालों का जवाब देगी!</title>
		<link>https://hindikhabar.com/have-you-met-ameka-robot-it-will-answer-all-your-questions/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Jan 2022 03:15:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[टेक]]></category>
		<category><![CDATA[AI Technology]]></category>
		<category><![CDATA[Ameka Robot]]></category>
		<category><![CDATA[Artificial Intelligence]]></category>
		<category><![CDATA[CES 2022]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006141755</guid>

					<description><![CDATA[तकनीक की दुनिया में हर दिन कुछ नया हो रहा है। दुनिया के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो (CES 2022) में कई यूनिक गैजेट्स पेश किए गए। इसमें एक चीज ऐसा था जो बिलकुल नया था। रोबोटिक दुनिया में यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। CES 2022 शो में एक ह्यूमन रोबोट भी शामिल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>तकनीक की दुनिया में हर दिन कुछ नया हो रहा है। दुनिया के सबसे बड़े कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो (CES 2022) में कई यूनिक गैजेट्स पेश किए गए। इसमें एक चीज ऐसा था जो बिलकुल नया था। रोबोटिक दुनिया में यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। CES 2022 शो में एक ह्यूमन रोबोट भी शामिल थी। यह रोबोट थी अमेका। जी हां अमेका रोबोट, यह एक खास रोबोट है।</p>



<p>यह ह्यूमन रोबोट बिलकुल हमारे और आपके जैसा ही था। इसका नाम अमेका (Ameca) है। इसे रोबोट का फ्यूचर फेस भी कहा जा रहा है। अमेका रोबोट को एक महिला का चेहरा दिया गया है। इसकी खास बात यह है कि यह किसी इंसान की तरह बात करती है। इसके चेहरे का एक्सप्रेशन भी इंसान की तरह ही है।</p>



<p>CES 2022 Show के दौरान इस रोबोट ने काफी सुर्खियाँ बटोरी। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो के दौरान अमेका रोबोट से बातचीत की कुछ झलक आपको दिखाने जा रहे हैं जिसमें यह रोबोट इंसानों से बात कर रही है, वह भी अपने चेहरे के एक्सप्रेशन के साथ।</p>



<h2 class="wp-block-heading">अमेका रोबोट से पूछे गए सवाल</h2>



<p><strong>रोबोट से सवाल:</strong> क्या तुम भगवान पर भरोसा करती हो?</p>



<p><strong>रोबोट का जवाब:</strong> मैं किसी भी चीज पर विश्वास नहीं करती।</p>



<p><strong>रोबोट से सवाल:</strong> तुम्हारा नाम क्या है?<br><strong>रोबोट का जवाब:</strong> मेरा नाम अमेका है। तुम्हारा नाम क्या है? (सामने वाले ने अपना नाम माइकल बताया, जिसे अमेका ने रिपीट किया)</p>



<p><strong>रोबोट से सवाल:</strong> क्या तुम मुझे देख रही हो?<br><strong>रोबोट का जवाब:</strong> हां।</p>



<p><strong>रोबोट से सवाल:</strong> मेरी जैकेट का रंग क्या है?<br><strong>रोबोट का जवाब:</strong> तुम्हारी जैकेट का रंग ब्लैक है।</p>



<p><strong>रोबोट से सवाल:</strong> मेरे बालों का रंग क्या है?<br><strong>रोबोट का जवाब:</strong> मैं एकदम ठीक से तो नहीं बता सकती, लेकिन मुझे लगता है ब्राउन। (ये सही जवाब था)</p>



<p><strong>रोबोट से सवाल: </strong>क्या मैंने घड़ी पहनी है?<br><strong>रोबोट का जवाब:</strong> हां, मेरा कैमरा एक घड़ी को देख सकता है।</p>



<p><strong>रोबोट से सवाल:</strong> तुम्हारे बालों का रंग क्या है?<br><strong>रोबोट का जवाब:</strong> मैं तुम्हें इसका जवाब नहीं दे सकती।</p>



<p>इस बातचीत के खत्म होने के बाद अमेका पूछती है कि क्या मैंने आपको इम्प्रेस किया।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कैसे काम करता है यह रोबोट</h2>



<p>अमेका रोबोट को बिलकुल इंसान की तरह दिखाने के लिए इसमें ह्यूमन लाइक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ-साथ ह्यूमन लाइक आर्टिफिशियल बॉडी (AI x AB) का इस्तेमाल किया गया है। अमेका पर पावरफुल ट्रिटियम रोबोट ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग सिस्टम का परीक्षण और विकास किया जा सकता है। अमेका को बनाने के लिए ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स हाईवेयर का इस्तेमाल किया गया है। इसे एडवांस्ड मेस्मर टेक्नोलॉजी पर तैयार किया गया है।</p>
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