Bihar 10th Topper: कौन है बिहार की टॉपर रामायणी रॉय, किस तरह से दुनिया को दिखाना चाहती है देश की जमीनी हकीकत ?

रामायणी रॉय

रामायणी रॉय

बृहस्पतिवार को बिहार बोर्ड ने कक्षा 10वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया. जिसमें औरंगाबाद की छात्र रामायणी रॉय ने टॉप कर दिया. बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर ये नतीजे देखे जा सकते हैं. जैसे ही बोर्ड ने परीक्षा का परिणाम घोषित किया ठीक वैस ही 16 लाख छात्रों का इंतजार खत्म हो गया.

बिहार को टॉप करने वाली मेधावी छात्रा रामायणी रॉय ने बताया कि वह आगे चलकर पत्रकार बनना चाहती है और ग्राउंड रिपोर्टिंग करके देश की जमीनी हकीकत दिखाना चाहती है. जिससे देश से गरीबी और भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सके. पूरे देश को सच्चाई से रूबरू कराया जा सके. रामायणी रॉय का कहना है कि वह स्कूल के अलावा चार से पांच घंटे घर पर भी पढ़ती है. वह सुबह पांच बजे उठ जाती है और रात को जब तक नींद नहीं आती है पढ़ती रहती है. वह पढ़ाई करके एक ऐसी नौकरी करना चाहती है, जिससे देश से भ्रष्टाचार को खत्म करने में मदद कर सके.

RJD नेता की पौत्री है रामायणी

आपको बता दे कि, बिहार में मैट्रिक की परीक्षा में टॉप करने वाली रामायणी रॉय सियासी परिवार से संबंध रखती है. रामायणी रॉय RJD राजद नेता अयोध्या यादव की पौत्री है. इसके दादा अयोध्या यादव औरंगाबाद जिला के गोह विधानसभा क्षेत्र से चार बार चुनाव लड़ चुके हैं. जिसको लेकर अयोध्या यादव ने बातचीत में बताया कि वह साल 2000 में RJD के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं. तब उन्हें करीब 50 हजार वोट मिले थे. हालांकि वे चुनाव जीतने में कामयाब नहीं हो सके थे.

आगे अयोध्या यादव ने जानकारी देते हुए कहा कि इसके बाद उन्होंने साल 2005 में फिर किस्मत आजमाई और निर्दलीय चुनाव लड़ा लेकिन, इस बार भी किस्मत उनके साथ नहीं थी. अयोध्या यादव ने तीसरी बार साल 2005 में दूसरी बार अक्टूबर-नवंबर में समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ा और फिर हार गए.

इसके अलावा आपको बता दे कि रामायणी के पिता डॉक्टर जितेंद्र सिंह भोला पशु चिकित्सक हैं. फिलहाल बाराचट्टी में पदस्थापित हैं. डॉक्टर भोला सिंह अयोध्या यादव के बड़े पुत्र हैं. रामायणी की मां किरण देवी गांधी हाई स्कूल में विज्ञान की शिक्षिका हैं. रामायणी रॉय का पूरा परिवार शिक्षित है और अच्छे पदों पर कार्य कर रहा हैं.

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