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	<title>Wildlife Week Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>क्या भारत में शेर पाल सकते हैं? जानिए क्या कहता है नियम</title>
		<link>https://hindikhabar.com/you-need-to-do-this-if-you-want-to-keep-tiger-as-pet-at-your-home/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Mar 2022 05:40:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[International Tiger Day]]></category>
		<category><![CDATA[Tiger]]></category>
		<category><![CDATA[Tiger as Pet]]></category>
		<category><![CDATA[Wild Life Protection Act]]></category>
		<category><![CDATA[Wildlife Week]]></category>
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					<description><![CDATA[क्या भारत में शेर पाल सकते हैं? शेर पालना काफी जोखिम भरा काम है। शेर जंगल का राजा होता है। शेर या बाघ दोनों ही जानवर बहुत खतरनाक होते हैं। हालांकि धीरे-धीरे इन जंगली जानवरों की संख्या में गिरावट आ रही है। इसका मुख्य कारण है तस्करी और मांस के लिए शेर को मारना। शेर &#8230;]]></description>
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<p>क्या भारत में शेर पाल सकते हैं? शेर पालना काफी जोखिम भरा काम है। शेर जंगल का राजा होता है। शेर या बाघ दोनों ही जानवर बहुत खतरनाक होते हैं। हालांकि धीरे-धीरे इन जंगली जानवरों की संख्या में गिरावट आ रही है। इसका मुख्य कारण है तस्करी और मांस के लिए शेर को मारना।</p>



<p>शेर को पालना कोई आसान काम नहीं है। हम अपने घरों में कुत्ता-बिल्ली तो पाल लेते हैं लेकिन शेर या बाघ को घर में पालना किसी खतरे से कम नहीं। आपके साथ कभी भी और कुछ भी हो सकता है। आइए आज जानते हैं कि भारत में शेर पाल सकते हैं या नहीं? क्या कहता है भारत का कानून शेर पालने के संबंध में।</p>



<h3 class="wp-block-heading">क्या भारत में शेर पाल सकते हैं?</h3>



<p><a href="https://hindikhabar.com/news/national/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">भारत</a> में बाघ या शेर को बिना कानूनी मंजूरी के नहीं पाला जा सकता है। आपको इसके लिए वाइल्&#x200d;ड लाइफ प्रोटेक्&#x200d;शन एक्&#x200d;ट के तहत निजी तौर पर पालने के लिए रोक दिया गया है। फिर भी यदि आप बाघ या शेर पालना चाहते हैं तो राज्य के चीफ वाइल्&#x200d;डलाइफ वॉर्डेन से इसके लिए मंजूरी लेनी होगी।</p>



<p>बाघ या शेर को पालने से पहले आपको उसकी जरूरत और सुरक्षा के पूरे इंतजाम करने होंगे। यदि कोई दुर्घटना होती है तो आपको जिम्मेदारी लेनी होगी। अगर किसी वजह से बाघ बाहर निकल गया और उसने किसी की जान ले ली तो फिर आपको कानूनी कार्रवाई झेलने के लिए भी तैयार रहना होगा।</p>



<p>इसके वाबजूद आप बाघ या शेर को पालना चाहते हैं तो आपको चीफ वाइल्&#x200d;ड लाइफ वॉर्डेन के सामने ठोस वजह पेश करनी होगी कि आपको बाघ या शेर पालने की क्यों जरूरत है। अगर आप ठोस वजह पेश नहीं कर पाते हैं तो आपकी अपील को खारिज किया जा सकता है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">किन देशों में है शेर पालने की मंजूरी</h4>



<p>भारत में आपको भले ही बाघ पालने की अनुमति नहीं है लेकिन यदि आप थाइलैंड जैसे कुछ दक्षिणी-पूर्वी एशियाई देशों और कुछ अफ्रीकी देशों में हैं तो आप घर में निजी तौर पर बाघ पाल सकते हैं। भारत में भी 2015 में मध्यप्रदेश सरकार के पशुपालन मंत्री कुसुम मेहडेल ने राज्य के फॉरेस्ट मिनिस्टर से ऐसी ही मांग की थी। इसके लिए उन्होंने थाइलैंड जैसे देशों का हलावा दिया था। उनका कहना था कि ऐसा करने से इन जानवरों की आबादी में बढ़ोतरी हुई थी।</p>
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		<title>वन्य जीव सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर सरकार देगी कानपुर प्राणि उद्यान को सौगात, नए बाड़ों और तितली पार्क का होगा उद्घाटन</title>
		<link>https://hindikhabar.com/occasion-of-the-launch-of-wildlife-week-the-government-will-give-a-gift-to-kanpur-zoological-park-new-enclosures-and-butterfly-park-will-be-inaugurated/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 Oct 2021 05:46:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[BJP News Hindi]]></category>
		<category><![CDATA[Butterfly Park]]></category>
		<category><![CDATA[cm yogi]]></category>
		<category><![CDATA[Government]]></category>
		<category><![CDATA[Kanpur Zoological Park]]></category>
		<category><![CDATA[Wildlife Week]]></category>
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					<description><![CDATA[कानपुर:  उत्‍तर प्रदेश में पहली बार आयोजित हुए टूरिज्म कार्निवाल के बाद अब लोगों को वन्य जीव सप्ताह में यूपी के पर्यावरण प्रकृति के रंग देखने को मिलेंगे। प्रदेश सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में वन विभाग के जरिए लोगों को कई बड़ी सौगातें दी हैं। अलग अलग जनपदों में स्‍थापित प्राणि उद्यानों में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>कानपुर:</strong>  उत्&#x200d;तर प्रदेश में पहली बार आयोजित हुए टूरिज्म कार्निवाल के बाद अब लोगों को वन्य जीव सप्ताह में यूपी के पर्यावरण प्रकृति के रंग देखने को मिलेंगे। प्रदेश सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में वन विभाग के जरिए लोगों को कई बड़ी सौगातें दी हैं। अलग अलग जनपदों में स्&#x200d;थापित प्राणि उद्यानों में बाड़ों की संख्&#x200d;या को बढ़ाने संग वन्&#x200d;य जीव प्रेमियों के लिए सुविधाओं का विस्&#x200d;तार किया है। </p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>एक से सात अक्&#x200d;टूबर तक मनाया जाएगा वन्य जीव सप्ताह</strong><strong></strong></h4>



<p>वन्य जीव सप्ताह के शुभारंभ के अवसर पर कानपुर के प्राणि उद्यान को ढेर सारी सौगातें मिलेंगी। एक अक्&#x200d;टूबर को कानपुर प्राणि उद्यान में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिर्वतन विभाग के मंत्री दारा सिंह चौहान नए बाड़ों और तितली पार्क का उद्घाटन करेंगे।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>वन विभाग की ओर से विभिन्&#x200d;न कार्यक्रमों का होगा आयोजन&nbsp; </strong><strong></strong></h4>



<p>प्रदेश में वन विभाग की ओर से एक से सात अक्टूबर के बीच मनाए जाने वाले वन्य जीव सप्ताह में वन्य जीव से जुड़े कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री अगले वर्ष होने वाले 35 करोड़ पौधारोपण के लिए 100 करोड़ पौधों की नर्सरी का शुभारंभ करेंगे।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>लखनऊ प्राणि उद्यान में प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन</strong></h4>



<p>राजधानी लखनऊ के प्राणि उद्यान में वन जीव सप्&#x200d;ताह के मौके पर विभिन्&#x200d;न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। दो अक्&#x200d;टूबर को ऑनलाइन मोबीवॉक और तीन अक्&#x200d;टूबर को फोटोवॉक प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। <strong>रिपोर्ट- विक्रम सिंह राठौर</strong></p>
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