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	<title>UNSC Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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	<title>UNSC Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>पाकिस्तान UNSC का बना अध्यक्ष, भारत के लिए क्या है चुनौती?</title>
		<link>https://hindikhabar.com/pakistan-becomes-the-president-of-unsc-what-is-the-challenge-for-india/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Avinay Mishra]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Jul 2025 12:07:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[UNSC]]></category>
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					<description><![CDATA[UNSC : पाकिस्तान यूएन सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) का अध्यक्ष बन गया है. पूरे महीने पाकिस्तान अध्यक्ष रहेगा. यह दुनिया का सबसे मजबूत संगठन है. इसे इंटरनेशनल अंब्रेला भी कहा जा सकता है. ऐसे ताकतवर संगठन की अध्यक्षता पाकिस्तान के हाथ लग गई है. हालांकि यह अस्थाई तौर पर है. आपको बता दें कि यूएनएसी यूनाइटेड नेशन्स &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>UNSC : </strong>पाकिस्तान यूएन सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) का अध्यक्ष बन गया है. पूरे महीने पाकिस्तान अध्यक्ष रहेगा. यह दुनिया का सबसे मजबूत संगठन है. इसे इंटरनेशनल अंब्रेला भी कहा जा सकता है. ऐसे ताकतवर संगठन की अध्यक्षता पाकिस्तान के हाथ लग गई है. हालांकि यह अस्थाई तौर पर है.  </p>



<p>आपको बता दें कि यूएनएसी यूनाइटेड नेशन्स की ताकतवर संस्थान में से एक है. यूएनएससी का काम है कि इंटरनेशनल पीस पर काम करती है. इसके साथ ही दुनिया पर नजर रखने का काम भी करती है. यह सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा पक्की रहे. अगर कहीं युद्ध के आसार बनते हैं तो युद्ध शुरू हो जाता है. सैन्य कार्रवाई करने का विकल्प है. इसके साथ ही आर्थिक कूटनीतिक पाबंदी भी लगा सकती है.    </p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>रोटेशन पर इन सदस्यों को मौका मिलता </strong></h3>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="570" src="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2025/07/KKKLK-1024x570.jpg" alt="" class="wp-image-213006377727" srcset="https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2025/07/KKKLK-1024x570.jpg 1024w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2025/07/KKKLK-300x167.jpg 300w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2025/07/KKKLK-768x428.jpg 768w, https://hindikhabar.com/wp-content/uploads/2025/07/KKKLK.jpg 1200w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आपको बता दें कि काउंसिल में 15 सदस्य रह सकते हैं. इसकी मेंबरशिप की बात करें तो दो तरह की है. स्थाई मेंबरशिप होती, दूसरी अस्थाई मेंबरशिप होती है. स्थाई सदस्य की बात करें तो 5 सदस्य हैं. इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस और चीन शामिल है. 10 ऐसे देश हैं, जो सदस्य हैं. यह हर दो साल में बदलते हैं. रोटेशन पर इन सदस्यों को मौका मिलता है.  पाकिस्तान भी स्थाई और अस्थाई दोनों ही देशों की प्रेसिडेंसी इस महीने संभालेगा.</p>



<p>यह भी पढ़ें : <a href="http://गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत पर देशभर में आयोजन की अपील – संधवां बोले, पूरे विश्व में गूंजे मानवता का संदेश!">गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत पर देशभर में आयोजन की अपील – संधवां बोले, पूरे विश्व में गूंजे मानवता का संदेश!</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>&#8216;पहलगाम हमला बढ़ते तनाव की असली वजह&#8217; प्रेस ब्रीफिंग में बोले भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी</title>
		<link>https://hindikhabar.com/operation-sindoor-pahalgam-attack-is-the-real-reason-behind-rising-tension-said-indias-foreign-secretary-vikram-misri-in-a-press-briefing/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 May 2025 14:49:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi NCR]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[26/11]]></category>
		<category><![CDATA[Air Defense System]]></category>
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		<category><![CDATA[The Resistance Front]]></category>
		<category><![CDATA[UNSC]]></category>
		<category><![CDATA[Vikram Misri]]></category>
		<category><![CDATA[Wing Commander Vyomika Singh]]></category>
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					<description><![CDATA[Operation Sindoor : ऑपरेशन सिंदूर पर विदेश मंत्रालय ने आज (8 मई, 2025) दूसरी प्रेस ब्रीफिंग की। इस दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भारत की कार्रवाई की जानकारी दी। इस प्रेस ब्रीफिंग में विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी भी मौजूद रहीं। कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा हमने सैन्य ठिकानों को निशाना &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Operation Sindoor :</strong> ऑपरेशन सिंदूर पर विदेश मंत्रालय ने आज (8 मई, 2025) दूसरी प्रेस ब्रीफिंग की। इस दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भारत की कार्रवाई की जानकारी दी। इस प्रेस ब्रीफिंग में विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी भी मौजूद रहीं। कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा हमने सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया। हमने पहले ही पाकिस्तान को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि हमने पाकिस्तानी हमलों को नाकाम किया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">&#8216;हमने पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना नहीं बनाया&#8217;</h3>



<p>कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर पर प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारत ने अपनी प्रतिक्रिया को केंद्रित, मापा हुआ और गैर-बढ़ावा देने वाला बताया था। यहां विशेष रूप से उल्लेख किया गया था कि पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना नहीं बनाया गया था। यह भी दोहराया गया था कि भारत में सैन्य ठिकानों पर कोई भी हमला उचित जवाब को आमंत्रित करेगा। </p>



<p>उन्होंने कहा, 07-08 मई 2025 की रात को पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग करके अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नाल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज सहित उत्तरी और पश्चिमी भारत में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास किया। इन्हें इंटीग्रेटेड काउंटर यूएएस ग्रिड और वायुरक्षा प्रणालियों द्वारा निष्प्रभावी कर दिया गया। इन हमलों के मलबे अब कई स्थानों से बरामद किए जा रहे हैं जो पाकिस्तानी हमलों को साबित करते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पाकिस्तानी गोलीबारी में 16 निर्दोष लोगों की जान गई</h3>



<p>विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा पाकिस्तान ने LoC के कुपवाड़ा, बारामुल्ला, उरी, पुंछ, मेंढर और राजौरी सेक्टरों में मोर्टार और भारी कैलिबर आर्टिलरी का उपयोग करते हुए नियंत्रण रेखा पर अपनी अकारण गोलीबारी की तीव्रता बढ़ा दी है। पाकिस्तानी गोलीबारी के कारण 16 निर्दोष लोगों की जान चली गई है, जिनमें 3 महिलाएं और 5 बच्चे शामिल हैं। भारत को पाकिस्तान की ओर से मोर्टार और आर्टिलरी की गोलीबारी को रोकने के लिए जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ा। भारतीय सशस्त्र बल गैर-वृद्धि के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, बशर्ते कि इसका पाकिस्तानी सेना द्वारा सम्मान किया जाए।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पहलगाम में हुआ हमला तनाव बढ़ने की पहली वजह</h3>



<p>विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि सीमा पार से हमारे खिलाफ बहुत सी गलत सूचनाएं दी गई हैं, कुछ बातें ध्यान में रखने लायक हैं जैसे इसमें तनाव बढ़ने का जिक्र किया जा रहा है। लेकिन पहली बात ये है कि पहलगाम में हुआ हमला तनाव बढ़ने की पहली वजह है, भारतीय सेना ने कल उसका जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) समूह लश्कर-ए-तैयबा का जाना-माना मोर्चा है। जिसने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी, हम इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को सभी जानकारियां मुहैया करा रहे हैं। TRF के बारे में अपडेट लगातार दिए जा रहे हैं। विक्रम मिसरी ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि जब UNSC के बयान में TRF का नाम शामिल करने की बात आई, तो केवल पाकिस्तान ने इसका विरोध किया और नाम हटवाया। यह स्पष्ट संकेत है कि पाकिस्तान अब भी इन आतंकी समूहों को ढाल और समर्थन दे रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">&#8216;हमने आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया&#8217;</h3>



<p>विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दोहराया कि भारत की कार्रवाई केवल आतंक के ढांचों को ध्वस्त करने तक सीमित थी, हमने नागरिकों या सैन्य प्रतिष्ठानों पर नहीं, बल्कि सिर्फ आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सूचना मंत्री द्वारा यह कहना कि हमारे यहां कोई आतंकी नहीं हैं, पूरी तरह से झूठ और भ्रामक है। पाकिस्तान आज भी वैश्विक आतंकवाद का केंद्र है। ओसामा बिन लादेन वहीं मिला और पाकिस्तान ने उसे &#8216;शहीद&#8217; कहा था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की &#8216;संयुक्त जांच&#8217; की पेशकश एक बार फिर से समय खींचने की और खुद को बचाने की रणनीति है। भारत ने 26/11 और पठानकोट जैसे हमलों की जांच में सहयोग किया, लेकिन पाकिस्तान ने मामलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया।</p>



<p>यह भी पढ़ें :&nbsp;<a href="https://hindikhabar.com/chhattisgarh-anti-naxal-operation-major-action-against-naxalites-in-bijapur-chhattisgarh-22-killed-by-security-forces-search-operation-continues/">छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों पर बड़ी कार्रवाई, 22 को सुरक्षाबलों ने किया ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>भारत की मॉक ड्रिल से क्यों घबराया पाकिस्तान? रिटायर्ड ब्रिगेडियर ने बताई वजह</title>
		<link>https://hindikhabar.com/india-pakistan-tension-why-was-pakistan-scared-of-indias-mock-drill-retired-brigadier-explained-the-reason/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 May 2025 10:34:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
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					<description><![CDATA[India-Pakistan Tension : 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। भारत सरकार जहां आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठा रही है, वहीं पाकिस्तान में बेचैनी और घबराहट स्पष्ट दिखाई दे रही है। इसी क्रम में गृह मंत्रालय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>India-Pakistan Tension : </strong>22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। भारत सरकार जहां आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठा रही है, वहीं पाकिस्तान में बेचैनी और घबराहट स्पष्ट दिखाई दे रही है। इसी क्रम में गृह मंत्रालय ने 7 मई को सभी राज्यों को युद्ध जैसी आपात स्थितियों से निपटने हेतु मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश जारी किया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर विजय सागर ने युद्ध की जताई आशंका </h3>



<p>इस विषय पर थल सेना के सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर विजय सागर ने 6 मई को मीडिया से बातचीत में कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए युद्ध की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, &#8220;युद्ध की स्थिति में दोनों देशों द्वारा हवाई या मिसाइल हमलों जैसी आक्रामक कार्रवाइयां संभव हैं। ऐसे में नागरिक क्षेत्रों को भारी जान-माल की हानि से बचाने के लिए मॉक ड्रिल आवश्यक हैं। युद्ध के समय केवल सेना ही नहीं, आम जनता की भूमिका भी अहम होती है।&#8221;</p>



<h3 class="wp-block-heading">पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुआ अलग-थलग</h3>



<p>संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की हालिया बैठक को लेकर ब्रिगेडियर सागर ने कहा कि भारत सरकार द्वारा पहलगाम हमले के बाद लिए गए पांच कड़े फैसलों से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। &#8220;पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ चुका है। उसकी गीदड़भभकियां अब प्रभावी नहीं हैं, और यह बात उसे भलीभांति समझ आ गई है&#8221;।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सिंधु जल संधि निलंबित होना पाकिस्तान के लिए कड़ा संदेश</h3>



<p>सिंधु जल संधि को निलंबित करने के भारत सरकार के निर्णय को लेकर उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान के लिए एक कड़ा संदेश है। &#8220;हम अब पानी रोकेंगे और सेना उन ठिकानों को निशाना बनाएगी जहाँ से भारत के खिलाफ षड्यंत्र रचे जाते हैं – चाहे वह आईएसआई हो या पाकिस्तानी सेना के उच्चाधिकारी। हमारी कार्रवाइयां चरणबद्ध और योजनाबद्ध होंगी।&#8221;</p>



<p>ब्रिगेडियर सागर के अनुसार, मौजूदा तनावपूर्ण वातावरण में भारत की जनता को सतर्क और तैयार रहने की आवश्यकता है, क्योंकि &#8220;रक्षा केवल सेना का दायित्व नहीं, यह राष्ट्रीय प्रयास है।&#8221;</p>



<p>यह भी पढ़ें :&nbsp;<a href="https://hindikhabar.com/road-accident-in-jammu-and-kashmir-major-road-accident-in-poonch-jammu-and-kashmir-a-bus-full-of-passengers-fell-into-a-deep-gorge-2-people-died-many-injured/">जम्मू-कश्मीर के पुंछ में बड़ा सड़क हादसा, यात्रियों से भरी बस गहरी खाई में गिरी, 2 लोगों की मौत, कई घायल</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>UNSC में पाकिस्तान की किरकिरी, पहलगाम हमले पर लश्कर-ए-तैयबा की भूमिका को लेकर उठा सवाल, चीन ने भी दिया धोखा</title>
		<link>https://hindikhabar.com/pahalgam-attack-pakistan-embarrassed-in-unsc-questions-raised-on-lashkar-e-taibas-role/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 06 May 2025 06:34:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi NCR]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[China]]></category>
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		<category><![CDATA[Indias Military Action]]></category>
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		<category><![CDATA[भारत-पाकिस्तान]]></category>
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					<description><![CDATA[Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सख्त सैन्य तैयारियों से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को विक्टिम दिखाने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भी अपनी फजीहत से नहीं बच पाया। पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर एक क्लोज डोर मीटिंग बुलाई थी, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सख्त सैन्य तैयारियों से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को विक्टिम दिखाने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भी अपनी फजीहत से नहीं बच पाया। पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर एक क्लोज डोर मीटिंग बुलाई थी, लेकिन वहां भी उसे मुंह की खानी पड़ी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">UNSC में पाकिस्तान की फजीहत </h3>



<p>UNSC की इस बैठक में पाकिस्तान की ओर से फैलाए जा रहे &#8220;False Flag&#8221; नैरेटिव को सिरे से खारिज कर दिया गया। बैठक के दौरान पाकिस्तान से सीधे सवाल पूछे गए कि लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों की भूमिका को वह क्यों नकारता है, जबकि पहलगाम हमले में इसी आतंकी संगठन का नाम सामने आया है।</p>



<p>बैठक के बाद पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने दावा किया था कि पाकिस्तान ने जो हासिल करना चाहा था, वह मिल गया है और जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर चर्चा हुई। लेकिन जैसे-जैसे असली तस्वीर सामने आई, पाकिस्तान के झूठ बेनकाब हो गए।</p>



<h3 class="wp-block-heading">अमेरिका, रूस, फ्रांस ने दागे सवाल </h3>



<p>UNSC के स्थायी सदस्य अमेरिका, फ्रांस, रूस और ब्रिटेन ने पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा किया और उसके दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पाकिस्तान को जिस चीन से समर्थन की उम्मीद थी, उसने भी इस बार दूरी बना ली और खुलकर साथ नहीं दिया।</p>



<p>पाकिस्तान इस समय UNSC का अस्थायी सदस्य है और उसी हैसियत से उसने यह मीटिंग बुलाई थी, लेकिन नतीजा उसके खिलाफ ही गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर पाकिस्तान की छवि आतंक के पनाहगार देश की तरह उभरी है, जबकि भारत को इस मसले पर वैश्विक समर्थन मिला है। </p>



<p>ये भी पढ़ें: <a href="https://hindikhabar.com/supriya-shrinate-today-russia-is-standing-with-india-it-is-the-gift-of-pandit-nehru-and-indira-gandhi/">‘आज रूस भारत के साथ खड़ा वो पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी की देन है’, सुप्रिया श्रीनेत ने बिना नाम लिए PM मोदी पर कसा तंज</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>पाकिस्तान ने शुरू किया UNSC में अस्थायी सदस्य के रूप में दो साल का कार्यकाल</title>
		<link>https://hindikhabar.com/pakistan-unsc-pakistan-begins-two-year-tenure-as-non-permanent-member-of-unsc/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jan 2025 10:53:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Pakistan]]></category>
		<category><![CDATA[UNSC]]></category>
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					<description><![CDATA[Pakistan UNSC : पाकिस्तान ने 1 जनवरी 2025 से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में गैर-स्थायी सदस्य के रूप में अपना दो साल का कार्यकाल शुरू कर दिया है। पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम ने कहा कि उनकी टीम दुनिया के सामने मौजूद अहम चुनौतियों का &#8220;सक्रिय और रचनात्मक&#8221; तरीके से समाधान करने में भूमिका निभाएगी। &#8230;]]></description>
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<p><strong>Pakistan UNSC : </strong>पाकिस्तान ने 1 जनवरी 2025 से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में गैर-स्थायी सदस्य के रूप में अपना दो साल का कार्यकाल शुरू कर दिया है। पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम ने कहा कि उनकी टीम दुनिया के सामने मौजूद अहम चुनौतियों का &#8220;सक्रिय और रचनात्मक&#8221; तरीके से समाधान करने में भूमिका निभाएगी। मुनीर अकरम ने पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एपीपी से बातचीत में कहा, &#8220;सुरक्षा परिषद में हमारी उपस्थिति को दुनिया महसूस करेगी।&#8221;</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>सुरक्षा परिषद में 8वीं बार सदस्य बना पाकिस्तान</strong></h3>



<p>पाकिस्तान ने 2025-26 के कार्यकाल के लिए एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 15 सदस्यीय टेबल पर अपनी जगह बना ली है। यह आठवां मौका है जब पाकिस्तान को इस वैश्विक निकाय का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। इससे पहले वह 2012-13, 2003-04, 1993-94, 1983-84, 1976-77, 1968-69 और 1952-53 में गैर-स्थायी सदस्य रह चुका है।</p>



<p>जून 2024 में पाकिस्तान को भारी बहुमत के साथ इस पद के लिए चुना गया था, जहां उसे संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्यों में से 182 वोट मिले। यह दो-तिहाई बहुमत (124 वोट) से कहीं अधिक था।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>पाकिस्तान</strong> <strong>आतंकवाद के समाधान के लिए सक्रिय</strong> भूमिका निभाएगा</h3>



<p>पाकिस्तान के राजदूत अकरम ने कहा, &#8220;हम ऐसे समय में परिषद में प्रवेश कर रहे हैं जब विश्व में भू-राजनीतिक अशांति, बड़ी शक्तियों के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा और यूरोप, मध्य पूर्व, अफ्रीका सहित अन्य क्षेत्रों में युद्ध की स्थिति बनी हुई है।&#8221;</p>



<p>उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान, जो जनसंख्या के लिहाज से दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश है, यूएन चार्टर के मुताबिक जंग रोकने, विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और आतंकवाद जैसी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>जापान की जगह पाकिस्तान</strong></h3>



<p>पाकिस्तान ने सुरक्षा परिषद में एशियाई सीट पर जापान की जगह ली है, जिसका कार्यकाल 31 दिसंबर 2024 को समाप्त हुआ। पाकिस्तान की यह भूमिका वैश्विक शांति स्थापना के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>नए सदस्य देशों की सूची</strong></h3>



<p>पाकिस्तान के साथ डेनमार्क, ग्रीस, पनामा और सोमालिया ने भी 2024 के महासभा चुनावों के दौरान सुरक्षा परिषद में गैर-स्थायी सदस्य के रूप में स्थान प्राप्त किया। इन देशों ने जापान, इक्वाडोर, माल्टा, मोजाम्बिक और स्विट्जरलैंड का स्थान लिया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>सुरक्षा परिषद के सदस्य</strong></h3>



<p>गैर-स्थायी सदस्यों के अलावा, सुरक्षा परिषद में पांच स्थायी सदस्य देश—अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस शामिल हैं। इनके साथ पिछले साल चुने गए अल्जीरिया, गुयाना, दक्षिण कोरिया, सिएरा लियोन और स्लोवेनिया भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।</p>



<p>यह भी पढ़ें :&nbsp;<a href="https://hindikhabar.com/jammu-kashmir-news-14-foreign-terrorists-killed-in-jammu-13-terrorist-networks-exposed-police-told-the-achievements-of-last-year/">जम्मू में 14 विदेशी आतंकवादी ढेर, 13 आतंकी नेटवर्क का खुलासा, पुलिस ने बताई पिछले साल की उपलब्धि</a></p>



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		<title>S Jaishankar: आजादी के बाद हम पर हमले हुए, तब  कहां थे दुनिया के उसूल</title>
		<link>https://hindikhabar.com/s-jaishankar-s-jaishankar-after-independence-we-were-attacked-where-were-the-principles-of-the-world-then/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 Mar 2024 10:30:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Elections 2024]]></category>
		<category><![CDATA[Government of India]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha elections]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha Elections 2024]]></category>
		<category><![CDATA[Russia-Ukraine War]]></category>
		<category><![CDATA[S Jaishankar]]></category>
		<category><![CDATA[S Jaishankar Japan Visit]]></category>
		<category><![CDATA[UNSC]]></category>
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					<description><![CDATA[S Jaishankar: भारत के विदेश मंत्री जयशंकर जापान के दौरे पर हैं। इस दौरान (S Jaishankar) एक जापानी पत्रकार ने विदेश मंत्री से पूछा- आप संप्रभुता के सम्मान की बात करते हैं। लेकिन भारत ने कभी भी यूक्रेन पर रूस के हमले की आलोचना नहीं की। क्या यह दोहरा रवैया नहीं है? You May Also &#8230;]]></description>
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<h4 class="wp-block-heading">S Jaishankar: </h4>



<p class="has-medium-font-size">भारत के विदेश मंत्री जयशंकर जापान के दौरे पर हैं। इस दौरान  <strong>(S Jaishankar)</strong> एक जापानी पत्रकार ने विदेश मंत्री से पूछा- आप संप्रभुता के सम्मान की बात करते हैं। लेकिन भारत ने कभी भी यूक्रेन पर रूस के हमले की आलोचना नहीं की। क्या यह दोहरा रवैया नहीं है?</p>



<p><strong>You May Also Like</strong></p>



<figure class="wp-block-embed is-type-video is-provider-youtube wp-block-embed-youtube wp-embed-aspect-16-9 wp-has-aspect-ratio"><div class="wp-block-embed__wrapper">
<iframe title="अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की नींव रखने वाली महिला l" width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/Pqy6Va77A0g?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" referrerpolicy="strict-origin-when-cross-origin" allowfullscreen></iframe>
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<p class="has-medium-font-size">इस पर जयशंकर ने कहा- आजादी के ठीक बाद भारत पर  <strong>(S Jaishankar)</strong> हमले हुए। हमारे बॉर्डर को कई बार बदला गया, लेकिन तब कोई भी किसी उसूलों या सिद्धांतों का हवाला देते हुए हमारे साथ नहीं आया। आज भी भारत के कुछ हिस्सों पर दूसरे देशों ने कब्जा कर रखा है, लेकिन इस मुद्दे पर किसी को सिद्धांत नहीं दिखते और वो भारत का साथ देने की बात नहीं कहते हैं।</p>



<p class="has-medium-font-size">जयशंकर ने आगे कहा- दुनिया को समझना बेहद मुश्किल है। यहां कई मान्यताएं और सिद्धांत हैं। वैश्विक राजनीति में अक्सर देश अपनी सुविधा के हिसाब से  <strong>(S Jaishankar)</strong> अपने लिए उसूलों को चुनते हैं। फिर वे बाकी देशों पर उसका पालन करने का दबाव बनाते हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading has-medium-font-size"><strong>जयशंकर बोले- आज जिन मूल्यों की बात हो रही वो 80 साल पहले गायब थे</strong></h4>



<p class="has-medium-font-size"><br>विदेश मंत्री ने कहा- आज भारत को कहा जाता है कि संप्रभुता जैसे मूल्यों की रक्षा होनी चाहिए, लेकिन आज से 80 साल पहले ये मूल्य कहीं नजर नहीं आते थे। कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने एक बार फिर UNSC में सुधार की मांग की।</p>



<p class="has-medium-font-size">उन्होंने कहा- आज ज्यादातर देश मानते हैं कि UNSC में बदलाव होने चाहिए। जब UN की स्थापना हुई थी, तब इसमें करीब 50 देश थे, जबकि आज 200 देश UN के सदस्य हैं। जब किसी संगठन में सदस्यों की संख्या 4 गुना बढ़ जाए तब उसका लीडर और काम करने का तरीका पुराना नहीं रखा जा सकता।</p>



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<p class="has-medium-font-size">चीन का नाम लिए बिना विदेश मंत्री ने कहा- जो देश UNSC में बदलाव नहीं चाहते हैं, वही इसे टालने की कोशिश कर रहे हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>रूस- यूक्रेन जंग को 2 साल हो गए</strong></h4>



<p class="has-medium-font-size"><br>फरवरी 2024 में रूस-यूक्रेन जंग को 2 साल पूरे हो गए। अमेरिका के मुताबिक जंग में अब तक रूस के 1 लाख 80 हजार और यूक्रेन के 70 हजार सैनिक मारे जा चुके हैं। यूक्रेन के 5 बड़े शहरों पर रूस का कब्जा है। दोनों देश समझौते को तैयार नहीं है।यूक्रेन का कहना है कि जब तक रूस उनके राज्यों से कब्जा नहीं हटा लेता है वो हमले जारी रखेंगे। जबकि रूस यूक्रेनी राज्यों से कब्जा नहीं छोड़ना चाहता।</p>



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<p class="has-medium-font-size">विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन पर बॉर्डर पर खूनखराबा और लिखित समझौतों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए हैं। जापान की राजधानी टोक्यो में गुरुवार को रायसीना राउंडटेबल में बोलते हुए जयशंकर ने कहा- 1975 से 2020 तक बॉर्डर पर शांति थी। 2020 (गलवान झड़प) में सब बदल गया।</p>



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		<title>भारत को UNSC की परमानेंट सदस्यता न होने पर भड़के एलॉन मस्क बोले- &#8216;यह बेतुका&#8230;&#8217;</title>
		<link>https://hindikhabar.com/elon-musk-angry-over-india-not-being-a-permanent-member-of-the-unsc-said/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anukampa]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jan 2024 09:54:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[CEO]]></category>
		<category><![CDATA[Elon musk]]></category>
		<category><![CDATA[elon musk affair]]></category>
		<category><![CDATA[UNSC]]></category>
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					<description><![CDATA[टेस्ला के CEO एलन मस्क ने संयुक्त राष्ट्र संघ की सिक्योरिटी काउंसिल यानी UNSC में भारत की परमानेंट सदस्यता नहीं होने को बेतुका बताया है। मस्क ने कहा कुछ देशों के पास ज्यादा ताकत है, जिसे वो छोड़ना नहीं चाहते हैं। दरअसल  UN चीफ एंटोनियो गुटरेस ने एक ट्वीट में ये बातें लिखीं। गुटरेस ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>टेस्ला के CEO एलन मस्क ने संयुक्त राष्ट्र संघ की सिक्योरिटी काउंसिल यानी UNSC में भारत की परमानेंट सदस्यता नहीं होने को बेतुका बताया है। मस्क ने कहा कुछ देशों के पास ज्यादा ताकत है, जिसे वो छोड़ना नहीं चाहते हैं।</p>



<p>दरअसल  UN चीफ एंटोनियो गुटरेस ने एक ट्वीट में ये बातें लिखीं। गुटरेस ने कहा था कि अफ्रीका का नेतृत्व करने के लिए UNSC में कोई भी नहीं है। वैश्विक संस्थाओं को समय के मुताबिक बदलना चाहिए। बजाय इसके कि वो 80 साल पहले की दुनिया की तरह चलें।</p>



<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">And what about India? <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f1ee-1f1f3.png" alt="🇮🇳" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /><br><br>Better yet is to dismantle the <a href="https://twitter.com/UN?ref_src=twsrc%5Etfw">@UN</a> and build something new with real leadership. <a href="https://t.co/EYpyooHaH4">https://t.co/EYpyooHaH4</a></p>&mdash; Michael Eisenberg (@mikeeisenberg) <a href="https://twitter.com/mikeeisenberg/status/1749071075533603243?ref_src=twsrc%5Etfw">January 21, 2024</a></blockquote> 



<p>जिसके बाद एलॉन मस्क ने कहा कि अब संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी संस्थाओं के पुनर्गठन की जरूरत है। समस्या ये है कि वैसे देश जिनके पास अधिक शक्ति है वे इसे अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहते हैं। दुनिया में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश होने के बावजूद UNSC में भारत का स्थायी सदस्य न होना बकवास है।&nbsp; साथ ही एलन मस्क ने अफ्रीका को भी सामूहिक रूप से जगह मिलने का समर्थन किया।</p>



<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong><a href="https://hindikhabar.com/national/india-alliance-delay-on-seat-sharing-is-a-threat-to-the-alliance-farooq-abdullah/">INDIA Alliance : सीट बंटवारे पर देरी गठबंधन के लिए खतरा : फारूक अब्दुल्ला</a></p>



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			</item>
		<item>
		<title>UNSC: भारत सहित कनाडाई प्रधानमंत्री ट्रूडो ने रूस पर साधा निशाना, पुतिन पर लगाए ये आरोप</title>
		<link>https://hindikhabar.com/unsc-canadian-prime-minister-trudeau-along-with-india-targeted-russia-made-these-allegations-against-putin/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 21 Sep 2023 03:27:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Prime Minister Trudea]]></category>
		<category><![CDATA[Russia]]></category>
		<category><![CDATA[UNSC]]></category>
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					<description><![CDATA[कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने घरेलू नीति की सफलता के लिए भारत के बाद अब रूस पर नजरें गड़ा दी हैं। ट्रूडो, जो पहले ही यूक्रेन के साथ युद्ध पर रूस को घेर चुके हैं, अब भोजन और ऊर्जा संकट के लिए देश को दोषी ठहरा रहे हैं। यूक्रेन मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने घरेलू नीति की सफलता के लिए भारत के बाद अब रूस पर नजरें गड़ा दी हैं। ट्रूडो, जो पहले ही यूक्रेन के साथ युद्ध पर रूस को घेर चुके हैं, अब भोजन और ऊर्जा संकट के लिए देश को दोषी ठहरा रहे हैं। यूक्रेन मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि रूस ने हाल ही में भोजन और ऊर्जा को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।</p>



<p>ट्रूडो ने अपने भाषण में कहा कि “रूस ने ऊर्जा और भोजन को हथियार बना लिया है, जिससे लाखों लोग कमी से पीड़ित हैं। खाद्य संकट के कारण भुखमरी की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं। ट्रूडो ने कहा कि कनाडा इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।&#8221; &nbsp;&#8221;उन लोगों की मदद करने के लिए समर्पित हूं जो पीड़ित हैं।&#8221; उन्होंने कहा कि हम नहीं मानते कि हमें यूक्रेन का समर्थन करने और वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों के मुद्दे के बीच चयन करने की आवश्यकता है। जिम्मेदार कदम यह है कि हम दोनों करने का निर्णय लेते हैं, और अपनी पूरी ताकत और वित्तीय प्रतिबद्धता के साथ ऐसा करते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>यूक्रेन के लिए युद्ध हमारी लड़ाई है: ट्रूडो</strong> </h3>



<p>प्रधानमंत्री ट्रूडो ने रूस से यूक्रेन से अपनी सेना तुरंत वापस बुलाने को कहा साथ ही यह भी कहा कि यूक्रेन में चल रही लड़ाई भी कनाडा की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि यह हमारी सामूहिक लड़ाई है और इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री ट्रूडो ने रूस को शांति की सलाह देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच शांति कानून के सम्मान पर आधारित होनी चाहिए। यह शांति मानवतावाद और साझा मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>ट्रूडो ने पुतिन पर साधा निशाना</strong></h3>



<p>प्रधानमंत्री ट्रूडो ने अपने भाषण में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पुतिन ने यूक्रेन की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि इस हिंसा और मौतों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। प्रधान मंत्री ट्रूडो ने दावा किया कि रूस ने युद्ध को प्रोत्साहित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में अपने वीटो का इस्तेमाल किया। उन्होंने परोक्ष रूप से संयुक्त राष्ट्र पर निशाना साधते हुए कहा कि इसका गठन लोगों को युद्ध की सजा से बचाने के लिए किया गया है।</p>



<p>यह भी पढ़ेंः <a href="https://hindikhabar.com/national/british-mps-praised-group-of-20-in-indo-pacific-dialogue-called-relationship-with-india-important/">https://hindikhabar.com/national/british-mps-praised-group-of-20-in-indo-pacific-dialogue-called-relationship-with-india-important/</a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>रूस बना UNSC का प्रेसिडेंट, यूक्रेन बोला- यह अप्रैल फूल पर सबसे भद्दा मजाक</title>
		<link>https://hindikhabar.com/russia-became-the-president-of-unsc-ukraine-said-this-is-the-worst-joke-on-april-fool/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Apr 2023 11:51:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[APRILFOOL]]></category>
		<category><![CDATA[International News]]></category>
		<category><![CDATA[UKRAIN]]></category>
		<category><![CDATA[UNSC]]></category>
		<category><![CDATA[Zelensky]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://hindikhabar.com/?p=213006219047</guid>

					<description><![CDATA[रूस एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(UNSC) का अध्यक्ष बन गया है। रूस की प्रेसिडेंसी को लेकर यूक्रेन पिछले कुछ दिनों से लगातार विरोध करता आ रहा है। UNSC के सभी 15 सदस्यों के पास 1-1 महीने के लिए अध्यक्षता आती है। इसके तहत अब अप्रैल महीने के लिए रूस के पास UNSC की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>रूस एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(<a href="https://en.wikipedia.org/wiki/United_Nations_Security_Council" target="_blank" rel="noreferrer noopener">UNSC</a>) का अध्यक्ष बन गया है। रूस की प्रेसिडेंसी को लेकर यूक्रेन पिछले कुछ दिनों से लगातार विरोध करता आ रहा है। UNSC के सभी 15 सदस्यों के पास 1-1 महीने के लिए अध्यक्षता आती है। इसके तहत अब अप्रैल महीने के लिए रूस के पास UNSC की अध्यक्षता रहेगी। इससे पहले रूस पिछले साल फरवरी में UNSC का प्रेसिडेंट बना था। तभी उसने यूक्रेन के साथ जंग का ऐलान कर दिया था। यूक्रेन पर चल रहे काउंसिल के एक सेशन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने वहां स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन शुरू करने की घोषणा की थी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>जेलेंस्की ने कहा था UNSC </strong><strong>को भंग करें</strong><strong></strong></h3>



<p>वहीं रूस की अध्यक्षता पर यूक्रेन के विदेश मंत्री मायखाइलो पोडोलीक ने कहा- UNSC का काम दुनिया में शान्ति और सुरक्षा बनाए रखना है। ऐसे में रूस का प्रेसिडेंट होना अप्रैल फूल के दिन सबसे बुरा मजाक है। इससे साबित होता है कि UNSC के काम करने के ढंग में ही कुछ कमी है। पिछले साल यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने UNSC पर रूस को रोकने में नाकामयाब रहने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि काउंसिल को अपने वर्किंग सिस्टम में बदलाव करने की जरूरत है वरना इसे भंग कर दिया जाना चाहिए।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>अमेरिका बोला- हम कुछ नहीं कर सकते</strong><strong></strong></h3>



<p>यूक्रेन की तरफ से लगातार विरोध के बावजूद रूस की अध्यक्षता को लेकर अमेरिका ने हाथ पीछे कर लिए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरीन जीन ने कहा- रूस काउंसिल का स्ठायी सदस्य है। ऐसे में कोई भी इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन उनसे 1 महीने की अध्यक्षता नहीं छीन सकता है। ये नीयमों के खिलाफ होगा। हमें लगता है कि रूस इस पावर का इस्तेमाल गलत जानकारी फैलाने और यूक्रेन में अपनी हरकतों को सही ठहराने के लिए करेगा। लेकिन हम इसमें कुछ नहीं कर सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>क्या है UNSC?</strong></h3>



<p>संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 देश हैं। इनमें अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन स्थाई सदस्य देश हैं। वहीं 10 देशों को अस्थाई सदस्यता दी जाती है। गैर-स्थाई सदस्यों का कार्यकाल 2 साल के लिए होता है। इसकी सदस्यता को चुनाव के बाद बढ़ाया जाता है। इसके लिए UNSC हर साल पांच गैर-स्थाई सदस्यों के लिए चुनाव कराती है।</p>



<p>ये भी पढ़े: <a href="https://hindikhabar.com/international/8-people-died-trying-to-enter-america-from-canada/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">कनाडा से अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे 8 लोगों की मौत</a></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत प्रतिबंधों से मानवीय सहायता प्रयासों को छूट देने पर यूएनएससी वोट से अनुपस्थित रहा</title>
		<link>https://hindikhabar.com/india-abstains-from-unsc-vote-on-exempting-aid-efforts-from-sanctions/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Dec 2022 06:59:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[Humanitarian Aid]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[Jamat Ud Dawa]]></category>
		<category><![CDATA[LeT]]></category>
		<category><![CDATA[Ruchira Kamboj]]></category>
		<category><![CDATA[UN Sanctions]]></category>
		<category><![CDATA[UNSC]]></category>
		<category><![CDATA[world]]></category>
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					<description><![CDATA[संयुक्त राष्ट्र की सभी प्रतिबंध व्यवस्थाओं में मानवीय छूट की स्थापना करने वाले एक प्रस्ताव पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भाग नहीं लिया है। यह दावा करते हुए कि काली सूची में डाले गए आतंकवादी समूहों, जिसमें उसके पड़ोस के लोग भी शामिल हैं, ने इस तरह की नक्काशी का पूरा फायदा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>संयुक्त राष्ट्र की सभी प्रतिबंध व्यवस्थाओं में मानवीय छूट की स्थापना करने वाले एक प्रस्ताव पर भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भाग नहीं लिया है। यह दावा करते हुए कि काली सूची में डाले गए आतंकवादी समूहों, जिसमें उसके पड़ोस के लोग भी शामिल हैं, ने इस तरह की नक्काशी का पूरा फायदा उठाया है और धन जुटाने और भर्ती करने में सक्षम रहे हैं।</p>
<p>15 देशों की परिषद, जिसकी अध्यक्षता वर्तमान में भारत कर रहा है, ने शुक्रवार को उस प्रस्ताव पर मतदान किया, जिसे अमेरिका और आयरलैंड ने प्रतिबंध लगाने के लिए पेश किया था। इसमें मानवीय प्रयासों को छूट दी गई थी, वाशिंगटन ने जोर देकर कहा कि संकल्प &#8220;अनगिनत जीवन बचाएगा।</p>
<p>भारत एकमात्र अनुपस्थित सदस्य देश था, जबकि परिषद के अन्य सभी 14 सदस्यों ने उस रेसोलुशन के पक्ष में मतदान किया, जिसमें यह निर्णय लिया गया था कि मानवीय सहायता की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए धन, अन्य वित्तीय संपत्तियों, आर्थिक संसाधनों, और वस्तुओं और सेवाओं के प्रावधान का प्रसंस्करण या भुगतान आवश्यक है। ये भी कहा गया कि ये अनुमत हैं और परिषद या इसकी प्रतिबंध समिति द्वारा लगाए गए संपत्ति फ्रीज का उल्लंघन नहीं हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet" data-width="550" data-dnt="true">
<p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/IndiainUNSC?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#IndiainUNSC</a></p>
<p>“Due diligence and extreme caution in the implementation of the resolution, therefore is an absolute must..”<a href="https://twitter.com/hashtag/India?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#India</a>’s <img src="https://s.w.org/images/core/emoji/17.0.2/72x72/1f1ee-1f1f3.png" alt="🇮🇳" class="wp-smiley" style="height: 1em; max-height: 1em;" /> Explanation of Vote by Ambassador <a href="https://twitter.com/ruchirakamboj?ref_src=twsrc%5Etfw">@RuchiraKamboj</a> at the <a href="https://twitter.com/hashtag/UNSC?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#UNSC</a> Resolution on Humanitarian Exemption for Sanctions Regimes today <a href="https://t.co/LkrYujV9S3">pic.twitter.com/LkrYujV9S3</a></p>
<p>&mdash; India at UN, NY (@IndiaUNNewYork) <a href="https://twitter.com/IndiaUNNewYork/status/1601434028296396800?ref_src=twsrc%5Etfw">December 10, 2022</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>यूएनएससी  की अध्यक्ष और संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने अपनी राष्ट्रीय क्षमता में मतदान की व्याख्या करते हुए कहा, “हमारी चिंताएं इस तरह के मानवीय उत्खनन का पूरा फायदा उठाने वाले आतंकवादी समूहों के सिद्ध उदाहरणों से उत्पन्न होती हैं और इससे 1267 प्रतिबंध समिति सहित प्रतिबंध व्यवस्थाओं का मज़ाक बनता है।”</p>
<p>कंबोज ने पाकिस्तान और उसकी सरजमीं पर मौजूद आतंकी संगठनों का भी परोक्ष रूप से जिक्र किया।</p>
<p>उन्होंने जमात-उद-उद के एक स्पष्ट संदर्भ में कहा, &#8220;हमारे पड़ोस में आतंकवादी समूहों के कई मामले भी सामने आए हैं, जिनमें इस परिषद द्वारा सूचीबद्ध आतंकवादी समूह भी शामिल हैं। इन्होंने इन प्रतिबंधों से बचने के लिए मानवीय संगठनों और नागरिक समाज समूहों के रूप में खुद को फिर से अवतार लिया।&#8221; जमात-उद-दावा (JuD), जो खुद को मानवीय दान कहता है, लेकिन व्यापक रूप से लश्कर-ए-तैयबा (LET) के लिए एक फ्रंट संगठन के रूप में देखा जाता है।</p>
<p>फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ), आतंकवादी संगठनों जेयूडी और लश्कर द्वारा संचालित एक धर्मार्थ संस्था, और अल रहमत ट्रस्ट, जो एक अन्य आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) द्वारा समर्थित है, भी पाकिस्तान में स्थित हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, &#8220;ये आतंकवादी संगठन धन जुटाने और सेनानियों की भर्ती के लिए मानवीय सहायता स्थान की छतरी का उपयोग करते हैं।&#8221;</p>
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