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	<title>rakhi 2022 date and time Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>भद्रा समाप्त होते ही 11 अगस्त को इस मुहूर्त में बांध सकते हैं राखी, जानें सही समय</title>
		<link>https://hindikhabar.com/as-soon-as-bhadra-ends-rakhi-can-be-tied-in-this-muhurta-on-august-11-know-the-right-time/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Aug 2022 09:27:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लाइफ़स्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[rakhi 2022 date and time]]></category>
		<category><![CDATA[Raksha Bandhan 2022]]></category>
		<category><![CDATA[Rakshabandhan]]></category>
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					<description><![CDATA[इस बार 11 और 12 अगस्त दो दिन पूर्णिमा पड़ने की वजह से लोगों के बीच रक्षाबंधन को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। वहीं इस पर देशभर के ज्योतिषियों का कहना है कि भद्रा समाप्त होने के बाद गुरूवार को ही शुभ योग भी बन रहा है इसलिए 11 अगस्त को रात में ही राखी &#8230;]]></description>
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<p>इस बार 11 और 12 अगस्त दो दिन पूर्णिमा पड़ने की वजह से लोगों के बीच रक्षाबंधन को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। वहीं इस पर देशभर के ज्योतिषियों का कहना है कि भद्रा समाप्त होने के बाद गुरूवार को ही शुभ योग भी बन रहा है इसलिए 11 अगस्त को रात में ही राखी बांधना सही रहेगा। वहीं बात की जाए 12 अगस्त की तो पूर्णिमा तिथि 7 बजकर 6 मिनट तक रहेगी तो कहीं कहीं पंचांग के भेद के कारण ये पूर्णिमा 8 बजे तक भी मानी जा रही है। ऐसे में 11 अगस्त को ही रक्षाबंधन मनाना शुभ माना जा रहा है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>11 अगस्त को इस समय बांधे भाई की कलाई पर राखी</strong><strong></strong></h3>



<p>11 अगस्त को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 1 घंटे 20 मिनट तक का रहेगा जो कि रात 8:25 से लगाकर 9:25 तक का रहेगा। वहीं ग्रहों की दुर्लभ के चलते शुभ योगों से पूरे दिन खरीदारी का शुभ मुहूर्त रहेगा। ज्योतिषाचार्य का कहना है कि 11 अगस्त गुरुवार को आयुष्मान, सौभाग्य और ध्वज योग रहेगा। साथ ही शंख, हंस और सत्कीर्ति नाम के राजयोग भी बन रहा है। गुरु-शनि वक्री होकर अपनी राशियों में रहेंगे। सितारों की ऐसी दुर्लभ स्थिति पिछले 200 सालों में पहली बार बन रही है। इस महासंयोग में रक्षाबंधन सुख-समृद्धि और आरोग्य देने वाला रहेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>क्या कहना है ज्योतिषियों का जानिए</strong><strong></strong></h3>



<p><strong>11 अगस्त</strong> को पूर्णिमा तिथि लगभग<strong> 9:35</strong> पर शुरू होगी जो अगले दिन सुबह तकरीबन <strong>7.16</strong> तक रहेगी। वहीं, गुरुवार को भद्रा सुबह <strong>10.38 </strong>पर शुरू होगी और रात<strong> 8.25 </strong>पर खत्म होगी। इसलिए काशी विद्वत परिषद के साथ ही उज्जैन, हरिद्वार, पुरी और तिरुपति के विद्वानों का कहना है कि भद्रा का वास चाहे आकाश में रहे या स्वर्ग में, जब तक भद्रा काल पूरी तरह खत्म न हो जाए तब तक रक्षा बंधन नहीं करना चाहिए। इसलिए सभी ज्योतिषाचार्यों का एकमत होकर कहना है कि 11 अगस्त, गुरुवार को रात 8.25 के बाद ही रक्षाबंधन मनाना एकदम उचित रहेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>11 की दिन में राखी बांधने से आखिर क्यों बचें</strong><strong></strong></h3>



<p>11 अगस्त को भद्रा पाताल में रहेगा जिसका धरती पर कोई अशुभ असर नहीं पड़ेगा इसलिए पूरे दिन रक्षाबंधन मना सकते हैं, लेकिन विद्वत परिषद का कहना है कि किसी भी ग्रंथ या पुराण में इस बात का जिक्र नहीं है। वहीं, ऋषियों ने पूरे ही भद्रा काल के दौरान रक्षाबंधन और होलिका दहन करने को अशुभ बताया है। इसलिए भद्रा के वास पर विचार ना करते हुए इसे पूरी तरह बीत जाने पर ही राखी बांधना चाहिए। वहीं, 12 तारीख को पूर्णिमा तिथि सुबह सिर्फ 2 घंटे तक ही होगी और प्रतिपदा के साथ रहेगी। इस योग में भी रक्षाबंधन करना निषेध है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>प्रदोष काल में रक्षाबंधन मनाना रहेगा शुभ</strong><strong></strong></h3>



<p>विद्वानों का कहना है कि रक्षाबंधन के समय को लेकर ग्रंथों में प्रदोष काल को सबसे अच्छा माना गया है। यानी सूर्यास्त के बाद करीब ढाई घंटे का समय बहुत ही शुभ होता है। दीपावली पर इसी काल में लक्ष्मी पूजा की जाती है। साथ ही होलिका और रावण दहन भी प्रदोष काल में करने का विधान है। ज्योतिष ग्रंथों में बताया है कि इस समय किए गए काम का शुभ प्रभाव लंबे समय तक रहता है।</p>
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		<title>Raksha Bandhan 2022 Date: जानिए राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त</title>
		<link>https://hindikhabar.com/raksha-bandhan-shubh-muhurat-and-bhadra-time/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Aug 2022 07:01:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[rakhi 2022 date and time]]></category>
		<category><![CDATA[rakhi kab hai]]></category>
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		<category><![CDATA[रक्षाबंधन]]></category>
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					<description><![CDATA[Raksha Bandhan Shubh Muhurat  And Bhadra Time : सावन पूर्णिमा तिथि और भद्रारहित काल पर हर वर्ष रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। लेकिन इस साल रक्षाबंधन की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कुछ पंडितों और ज्योतिष के जानकारो का कहना है कि इस बार रक्षाबंधन का त्योहार 11 अगस्त को मनाना शुभ &#8230;]]></description>
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<p><strong>Raksha Bandhan Shubh Muhurat  And Bhadra Time : </strong>सावन पूर्णिमा तिथि और भद्रारहित काल पर हर वर्ष रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। लेकिन इस साल रक्षाबंधन की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कुछ पंडितों और ज्योतिष के जानकारो का कहना है कि इस बार रक्षाबंधन का त्योहार 11 अगस्त को मनाना शुभ रहेगा, तो वहीं कुछ का कहना है कि राखी 12 अगस्त को मनाना श्रेष्ठ रहेगा। दरअसल जब कभी भी हिंदू धर्म में कोई व्रत या त्योहार की तिथि दो दिन पड़ती है तो इसको लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। </p>



<p>इस बार भी रक्षाबंधन पर पूर्णिमा तिथि दो दिन रहने के कारण लोगों के मन में संशय है कि राखी का त्योहार कब मनाएं। तिथि को लेकर पंडित और ज्योतिष के जानकार भी रक्षाबंधन की तारीख को लेकर अलग-अलग सलाह दे रहे हैं। तिथि के अलावा इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का भी साया है। 11 अगस्त को पूरे दिन भद्रा रहेगी। शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार हमेशा भद्रा रहित समय में मनाया जाना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं 11 और 12 अगस्त को क्या कहता है पंचांग और शास्त्रानुसार किसी दिन राखी का त्योहार मनाना उचित रहेगा ?</p>



<p><strong>11 अगस्त को पूरे दिन रहेगी भद्रा</strong><br>शास्त्रों के अनुसार दिन का कुछ समय शुभ कार्यों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। इसमें भद्राकाल और राहुकाल प्रमुख होता है। इस बार 11 अगस्त को सावन पूर्णिमा तिथि और श्रावण नक्षत्र के साथ पूरे दिन भद्राकाल रहेगा। 11 अगस्त को भद्रा का अशुभ समय रात 08 बजकर 53 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। </p>



<p><strong>11 अगस्त को धरती पर नहीं रहेगी भद्रा</strong><br>वैसे तो 11 अगस्त को पूर्णिमा तिथि के लगने के साथ ही भद्रा शुरू हो जाएगी, लेकिन भद्रा का वास पाताल लोक में रहेगा। मुहूर्त शास्त्र चिंतामणि के अनुसार जब भद्रा का वास पृथ्वीलोक पर होता है तो इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जा सकते हैं, लेकिन यही भद्रा जब पाताललोक में निवास करे तो इसका असर पृथ्वी वासियों के ऊपर नहीं होता है। भद्रा जिस लोक में निवास करती हैं उसका असर उसी लोक में रहता है। ऐसे में 11 अगस्त को भद्रा का निवास पृथ्वी पर नहीं है इसलिए रक्षाबंधन 11 अगस्त को मनाया जा सकता है।</p>



<p>पंचांग गणना के अनुसार चंद्रमा जब भी कर्क, सिंह, कुंभ और मीन राशि में भ्रमण करते हैं तब भद्रा का साया पृथ्वी पर होता है। वहीं चंद्रमा जब मेष,वृषभ और वृश्चिक राशि की यात्रा करते हैं तो भद्रा का वास स्वर्गलोक में रहता है। चंद्रमा जब कन्या, तुला ,धनु और मकर राशि में हों तो भद्रा का वास पाताल लोक में होता है। शास्त्रों के अनुसार भद्रा जब स्वर्ग या पाताल लोक में निवास करती हैं तब बुरा प्रभाव नहीं रहता है। ऐसे में 11 अगस्त को भद्रा का वास पाताल लोक में रहने के कारण इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाना चाहिए।</p>



<p><strong>12 अगस्त को क्यों न मनाएं रक्षाबंधन</strong><br>सावन पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन मनाए जाने की परंपरा है। 11 अगस्त को सुबह 10 बजकर 38 मिनट से पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी जो अगले दिन यानी 12 अगस्त को सुबह 07 बजकर 5 मिनट तक रहेगी, फिर इसके बाद भाद्रपद की प्रतिपदा तिथि आरंभ हो जाएगी। इसलिए 12 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने के पीछे खास तर्क नहीं है।</p>



<p><strong>11 अगस्त रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त- Raksha Bandhan Shubh Muhurat Timing 2022</strong></p>



<p>मुहूर्त गणना के अनुसार 11 अगस्त को सुबह 11 बजकर 37 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। 11 अगस्त,गुरुवार को दोपहर 02 बजकर 14 मिनट से 03 बजकर 07 मिनट पर विजय मुहूर्त रहेगा। इस तरह से भद्राकाल के रहते इस समय राखी बांधी जा सकती है।</p>



<p><strong>रक्षाबंधन पर भद्रा&nbsp;</strong><br>रक्षा बंधन भद्रा मुख: सुबह 06 बजकर 18 मिनट से 08:00 बजे तक<br>रक्षा बंधन भद्रा काल समाप्त: शाम 08 बजकर 51 मिनट पर</p>



<p><strong>चौघडिया शुभ मुहूर्त- 11 अगस्त 2022</strong><br>शुभ प्रात: &nbsp;&nbsp;06 -7.39<br>चर दिन: &nbsp;&nbsp;10.53- 12.31<br>लाभ दिन: &nbsp;12.31- 02.8<br>अमृत दिन: &nbsp;02.08- 03.46<br>शुभ सायं: &nbsp;&nbsp;05.23- 07.1<br>अमृत रात्रि: &nbsp;07.00-08.23<br>चर रात्रि: &nbsp;&nbsp;08.23-09.46<br>वृश्चिक लग्न दिन:01.33- 03.23</p>



<p><strong>रक्षाबंधन 2022 प्रदोष मुहूर्त</strong><br>प्रदोष मुहूर्त: 20:52:15 से 21:13:18</p>
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