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	<title>qutub minar Articles, Hindi News (हिंदी न्यूज) Articles - Hindi Khabar</title>
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		<title>भारत-पाक तनाव के बीच दिल्ली में हाई अलर्ट, लाल किला-कुतुब मीनार समेत अहम इमारतों की सुरक्षा बढ़ी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Ajay Yadav]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 May 2025 05:25:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi NCR]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
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					<description><![CDATA[Delhi Alert News Today : दिल्ली पुलिस के मुताबिक आमतौर पर सुरक्षा हर रोज होती है, लेकिन भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर तनाव को देखते हुए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में भी फोर्स बढ़ाने का फैसला लिया गया है। भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को राजधानी में सुरक्षा बढ़ाने का &#8230;]]></description>
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<p><strong>Delhi Alert News Today : </strong>दिल्ली पुलिस के मुताबिक आमतौर पर सुरक्षा हर रोज होती है, लेकिन भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर तनाव को देखते हुए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में भी फोर्स बढ़ाने का फैसला लिया गया है।</p>



<p>भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को राजधानी में सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया। इस फैसले के तहत राष्ट्रीय राजधानी के ऐतिहासिक इमारतों जैसे लालकिला, कुतुब मीनार सहित अन्य भवनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सरकार ने सुरक्षा में बढाने का फैसला लिया</h3>



<p>दिल्ली में लोगों की सुरक्षा, सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों के दफ्तरों, ऐतिहासिक इमारतों सहित अन्य प्रतिष्ठानों की अहमियत को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा बढाने का फैसला लिया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">पुलिस बलों की तैनाती बढ़ा दी</h3>



<p>इस फैसले के तहत दिल्ली पुलिस ने लाल किला, कुतुब मीनार के पास पुलिस बलों की तैनाती बढ़ा दी है। ऐतिहासिक इमारतों के पास अधिक संख्या में भीड़ आती है, ऐसे में एहतियातन यह कदम उठाया गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">एयर स्ट्राइक की वजह से तनाव काफी बढ़ गया</h3>



<p>बीते तीन दिनों से भारत-पाकिस्तान के बीच भारी गोलीबारी और एयर स्ट्राइक की वजह से तनाव काफी बढ़ गया है। पाकिस्तान द्वारा ड्रोन का भी प्रयोग किया जा रहा है। इससे लोगों में खौफ का माहौल है। जम्मू में बृहस्पतिवार की रात पाकिस्तान की तरफ ड्रोन हमले की कोशिश के तत्काल बाद ब्लैकआउट लागू करना पड़ा।</p>



<h3 class="wp-block-heading">हमले की कोशिशों को विफल कर दिया</h3>



<p>बीएसएफ ने पाकिस्तानी सेना की तरफ से जारी हमले की कोशिशों को विफल कर दिया। भारतीय सेना भी पाकिस्तानी गोलीबारी का जवाब दे रही है। बता दें कि भारतीय सेना ने मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात पाकिस्तान के नौ आतंकवादी ठिकानों को एयर स्ट्राइक के जरिए नष्ट कर दिया था। उसके बाद से पाकिस्तानी सेना ने भी सीमावर्ती इलाकों में हमले तेज कर दिए हैं। भारतीय सेना भी पाकिस्तानी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रही है।<br><br>यह भी पढ़ें : <a href="https://hindikhabar.com/chhattisgarh-anti-naxal-operation-major-action-against-naxalites-in-bijapur-chhattisgarh-22-killed-by-security-forces-search-operation-continues/">छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों पर बड़ी कार्रवाई, 22 को सुरक्षाबलों ने किया ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी</a></p>



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		<title>दिल्ली की 5 ऐसी ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा जो आपको जरूर करनी चाहिए</title>
		<link>https://hindikhabar.com/delhi-5-historical-places-of-delhi-that-you-must-visit/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Karan Panchal]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Jan 2025 15:53:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi NCR]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[Humayun's Tomb]]></category>
		<category><![CDATA[India Gate]]></category>
		<category><![CDATA[jama masjid]]></category>
		<category><![CDATA[qutub minar]]></category>
		<category><![CDATA[Red Fort]]></category>
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					<description><![CDATA[Delhi : दिल्ली, ऐतिहासिकता और आधुनिकता का अद्भुत संगम है। यह शहर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक महत्व के कारण न केवल भारतीय उपमहाद्वीप, बल्कि दुनिया भर में एक विशेष स्थान रखता है। दिल्ली का इतिहास सैकड़ों वर्षों पुराना है और इसने कई महान शासकों, साम्राज्यों और संस्कृतियों का विकास देखा है। मुग़ल साम्राज्य &#8230;]]></description>
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<p><strong>Delhi :</strong> दिल्ली, ऐतिहासिकता और आधुनिकता का अद्भुत संगम है। यह शहर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक महत्व के कारण न केवल भारतीय उपमहाद्वीप, बल्कि दुनिया भर में एक विशेष स्थान रखता है। दिल्ली का इतिहास सैकड़ों वर्षों पुराना है और इसने कई महान शासकों, साम्राज्यों और संस्कृतियों का विकास देखा है। मुग़ल साम्राज्य के समय में यहां बनी भव्य इमारतें, किले और मस्जिद आज भी अपनी आभा बिखेरती हैं और दिल्ली की ऐतिहासिक शान को दर्शाती हैं। तो आइए हम आपको कुछ ऐसे ही ऐतिहासिक इमारतों के बारे में बताते हैं जहां आपको जरुर घूमने जाना चाहिए।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>1. लाल किला</strong> (Red Fort)</h3>



<p>मुगल वास्तुकला द्वारा लाल बलुआ पत्थर से बना यह सुंदर किला, यात्रियों को आकर्षित करने वाला मुख्य स्थान है। यह बहुत-सी अलग-अलग तरह की जगह का संगम है। आपको इसमें संग्रहालय देखने को भी मिलेगा व पारंपरिक हस्तशिल्प और सजावटी सामान, कृत्रिम गहने आदि इसके मीना बाजार में जगमगाते हुए मिलेंगे। 1648 में शाहजहां के द्वारा आगरा से दिल्ली स्थानांतरित करवाए गए इस ऐतिहासिक लाल किले को कारीगरों ने इतनी महीनता से इसका हर कोना उकेरा है कि तारीफ किए बिना आपसे रहा नहीं जाएगा। यहां आकर आप दिल्ली के प्रमुख पर्यटन स्थल से फोटो लेकर एक सुंदर नजारा अपने कैमरे में कैद कर सकते हैं। शाम के वक्त यहां का लाईट व साउंड शो आपको बेहद पसंद आएगा। यह सबसे प्रसिद्ध दिल्ली पर्यटन स्थल है।</p>



<p>आपको बता दें कि यह किला 2007 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल बन गया और इसने दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित किया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>2. इंडिया गेट</strong></h3>



<p>प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की याद में बनाए गए इंडिया गेट, जिसे अखिल भारतीय युद्ध स्मारक कहा जाता है, इसका निर्माण 1921 में हुआ। इसे सर एडविन लुटियंस द्वारा डिजाइन किया गया था। इस स्मारकीय संरचना पर 13,300 से अधिक सैनिकों के नाम अंकित हैं। इसमें अमर जवान ज्योति भी है जिसे 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद बनाया गया था। इसका उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। आंखों को सुकून देने वाली इस संरचना की तुलना अक्सर फ्रांस के आर्क डी ट्रायम्फ, मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया और रोम के आर्क ऑफ कॉन्स्टेंटाइन से की जाती है। यहां पर हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर एक भव्य परेड आयोजित किया जाता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>3. कुतुब मीनार</strong></h3>



<p>दिल्ली सल्तनत के संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1192 में इस खूबसूरत इमारत का निर्माण शुरू किया था। बाद में उनके उत्तराधिकारियों ने भी इस मीनार का निर्माण करवाया। बता दें कि कुतुब मीनार दुनिया की सबसे ऊंची व्यक्तिगत संरचना है। यह आकर्षक संरचना लौह स्तंभ और अलाई दरवाजा से भी घिरी हुई है। जब आप पूरे परिसर में घूमेंगे, तो आप मुगल वास्तुकला के जटिल डिजाइनों से चकित हो जाएंगे। आस पास हरियाली व पिकनिक स्थल के तौर पर भी लोग इसे बेहद पसंद करते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>4. जामा मस्जिद</strong></h3>



<p>पुरानी दिल्ली की चहल-पहल के बीच स्थित जामा मस्जिद देखने लायक है। इसे &#8216;मस्जिद-ए-जहां-नुमा&#8217; के नाम से भी जाना जाता है, इसे शाहजहां ने ताजमहल और लाल किला बनवाने के बाद बनवाया था। उस समय, इसके निर्माण में लगभग 1 मिलियन रुपए, 5,000 कर्मचारी और छह साल (1650-1656) लगे थे। वहीं ईद के पवित्र त्यौहार पर मस्जिद में आज भी हर साल हजारों तीर्थयात्री आते हैं। 25 हजार लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक प्रांगण जामा मस्जिद को देश की सबसे बड़ी मस्जिद बनाता है। यहां पर प्रवेश करने के लिए आपको किसी टिकट की जरूरत नहीं है। यह एकदम मुफ्त है, पर अगर आप कैमरा अंदर ले जाना चाहते है तो आपको शुल्क अदा करना पड़ेगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>5. हुमायूं का मकबरा</strong> (Humayun&#8217;s Tomb)</h3>



<p>शताब्दियों बाद भी अपनी सुंदरता बरकरार रखे हुए इस स्थान को हुमायूं की पत्नी हाजी बेगम ने बनवाया था। लाल पत्थर व संगमरमर के संगम से बना यह मकबरा भी मुगल वास्तुकला का प्रशंसनीय उदाहरण है। फारसी वास्तुकार मीराक मिर्जा घियाथ द्वारा डिजाइन किए गए इस मकबरे का निर्माण फारसी प्रभावों के साथ एक विशिष्ट मुगल वास्तुकला को दर्शाता है। बता दें कि हुमायूं के मकबरे को वर्ष 1993 में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था। यमुना नदी के किनारे स्थित इस मकबरे में एक खूबसूरत मुगल उद्यान भी है, जहां पर्यटक जाकर यहां की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को जान सकते हैं।</p>



<p>यह भी पढ़ें :&nbsp;<a href="https://hindikhabar.com/raipur-encounter-continues-in-gariaband-14-naxalites-killed-8-naxalites-surrender-in-narayanpur/">गरियाबंद में मुठभेड़ जारी, 14 नक्सली ढेर, नारायणपुर में 8 नक्सलियों ने किया सरेंडर</a></p>



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		<title>ASI on Qutub Minar: कुतुब मीनार पर सुनवाई, इमाम का आरोप ASI ने नमाज भी बंद करवा दी</title>
		<link>https://hindikhabar.com/asi-on-qutub-minar-hearing-on-qutub-minar-imam-alleges-asi-also-stopped-namaz/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 May 2022 07:54:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Delhi NCR]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[qutub minar]]></category>
		<category><![CDATA[qutub minar controversy]]></category>
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					<description><![CDATA[भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने कुतुब मीनार (ASI on Qutub Minar) में पूजा के अधिकार वाली याचिका का विरोध किया है। साकेत कोर्ट में सोमवार को दाखिल किए हलफनामे में कहा कि कुतुब मीनार पूजा का स्थान नहीं है और इसकी मौजूदा स्थिति को बदला नहीं जा सकता। ]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>नई दिल्ली: </strong>आगरा में ताजमहल, वाराणसी में ज्ञानवापी केस खत्म होनें का नाम नही ले रहा था कि अब नई दिल्ली में कुतुब मीनार पर रार शुरु हो गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने कुतुब मीनार <strong>(ASI on Qutub Minar)</strong> में पूजा के अधिकार वाली याचिका का विरोध किया है। साकेत कोर्ट में सोमवार को दाखिल किए हलफनामे में कहा कि कुतुब मीनार पूजा का स्थान नहीं है और इसकी मौजूदा स्थिति को बदला नहीं जा सकता। इस मामले में दिल्ली के साकेत कोर्ट में आज सुनवाई होनी है। बता दें कि हिंदू पक्ष की दलील थी कि 27 मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई है, जिसके अवशेष वहां मौजूद हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>ASI ने हिंदू-जैन मंदिर बनाने का किया विरोध </strong></h3>



<p>ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बीच अब कुतुब मीनार Qutub Minar की खुदाई की जाएगी। जिसको लेकर संस्कृति मंत्रालय Ministry Of Culture ने निर्देश जारी कर दिए हैं। संस्कृति मंत्रालय का कहना है कि कुतुब मीनार में मूर्तियों की Iconography कराई जाए। एक रिपोर्ट के आधार पर कुतुब मीनार <strong>(ASI on Qutub Minar)</strong> परिसर में खुदाई का काम किया जाएगा। बता दे कि, रविवार को संस्कृति सचिव ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने के बाद यह फैसला लिया है। इसलिए कुतुब मीनार के दक्षिण में और मस्जिद से 15 मीटर दूरी पर खुदाई का काम शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा कुतुब मीनार ही नहीं, अनंगताल और लालकोट किले पर भी खुदाई का काम किया जाएगा।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>इमाम का आरोप ASI ने नमाज भी बंद करवा दी</strong></h3>



<p>साथ ही इससे पहले ही मीनार की मस्जिद के इमाम शेर मोहम्मद ने आरोप लगाया है कि ASI ने 13 मई से नमाज पढ़ना भी बंद करवा दिया है। मीनार के मेन गेट के दाईं ओर बनी मुगलकालीन छोटी मस्जिद में नमाज होती थी। 2016 में यहां दोबारा नमाज शुरू हुई थी। शुरुआत में यहां 4-5 लोग नमाज पढ़ते थे, लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या 40 से 50 तक पहुंच गई थी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>विवादों के बीच संस्कृति मंत्रालय का आदेश, कुतुब मीनार में खुदाई-मूर्तियों की होगी Iconography</title>
		<link>https://hindikhabar.com/delhi-the-order-of-the-culture-ministry-iconography-will-be-of-idols-in-qutub-minar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Aarti Agravat]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 May 2022 10:37:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ी ख़बर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[qutub minar]]></category>
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					<description><![CDATA[Gyanvapi Masjid Dispute: ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बीच अब कुतुब मीनार Qutub Minar की खुदाई की जाएगी. जिसको लेकर संस्कृति मंत्रालय Ministry Of Culture ने निर्देश जारी कर दिए हैं. संस्कृति मंत्रालय का कहना है कि, कुतुब मीनार में मूर्तियों की Iconography कराई जाए. ]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>Gyanvapi Masjid Dispute: ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बीच अब कुतुब मीनार Qutub Minar की खुदाई की जाएगी. जिसको लेकर संस्कृति मंत्रालय Ministry Of Culture ने निर्देश जारी कर दिए हैं. संस्कृति मंत्रालय का कहना है कि, कुतुब मीनार में मूर्तियों की Iconography कराई जाए. एक रिपोर्ट के आधार पर कुतुब मीनार परिसर में खुदाई का काम किया जाएगा. इसके बाद ASI संस्कृति मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.</p>



<h3 class="wp-block-heading">संस्कृति सचिव ने किया निरीक्षण</h3>



<p>बता दे कि, रविवार को संस्कृति सचिव ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने के बाद यह फैसला लिया है. इसलिए कुतुब मीनार के दक्षिण में और मस्जिद से 15 मीटर दूरी पर खुदाई का काम शुरू किया जा सकता है. इसके अलावा कुतुब मीनार ही नहीं, अनंगताल और लालकोट किले पर भी खुदाई का काम किया जाएगा. जिसकी रिपोर्ट संस्कृति मंत्रालय को सौंपी जाएगी.</p>



<h3 class="wp-block-heading">1991 से नहीं हुई खुदाई</h3>



<p>जानकारी के लिए बता दे कुतुब मीनार परिसर में खुदाई के निर्णय से पहले संस्कृति सचिव गोविंद मोहन ने 12 लोगों की ASI टीम के साथ निरीक्षण किया. इस टीम में 3 इतिहासकार, ASI के 4 अधिकारी और रिसर्चर मौजूद थे. इस मामले में ASI के अधिकारियों का कहना है कि कुतुबमीनार में 1991 के बाद से खुदाई का काम नहीं हुआ है. अब जल्दी ही खुदाई का काम शुरू किया जाएगा.</p>



<h3 class="wp-block-heading">कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग</h3>



<p>इतना ही नहीं, हिन्दू संगठनों ने कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग की है. कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग भी हाल ही में की गई थी. महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा विवाद को लेकर हिन्दू संगठनों ने कुतुब मीनार पर आकर पाठ किया था. जिसके बाद पुलिस ने कुछ लोगो को हिरासत में लिया था. अब हिन्दू संगठन कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग कर रहे हैं.</p>
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